ससुरजी ने मुझे बाथरूम मे पकड़कर पेला | Sasur bahu chudai kahani
Sasur bahu chudai kahani:- हेलो दोस्तों मेरा नाम सुनीता है. मेरी उम्र 29 साल है. मेरी शादी अभी 4 साल पहले ही हुई है. मेरा फिगर 36-32-38 है. ये तो आप लोग समझ ही गए होंगे की लोग मेरी बड़ी चूचियों और मेरी मोटी गांड के लिए पागल रहते है. शादी से पहले मुझे चुदाई का बहुत सुख मिला है. जिसकी शुरुवात मेरे खुद के मामा जी ने की थी. तब से मै चुदाई का कोई मौका नहीं छोड़ती थी. मेरे हस्बैंड काफी हैंडसम है. जिन्हे मैंने देखते ही शादी के लिए हाँ बोल दिया था. शादी के बाद मेरे हस्बैंड ने मुझे चुदाई में भी खुश कर दिया. पापा जी का खुद का छोटा सा बिज़नस है. जिसे अब मेरे हस्बैंड सँभालते है. मेरी सास जो स्कूल में प्रिंसिपल है. ये कहानी पापा जी और मेरे बीच हुई सच्ची घटना है.
Sasur bahu chudai kahani hindi
शादी के बाद सब ठीक था मैंने कई बार पापा जी को मेरी चूचियों को घूरते देखा था. मै घर में हमेशा सूट या साड़ी ही पहनती थी. जब मै साड़ी पहनती थी तो पापा जी की नज़र मेरी कमर पर रहती थी. पापा जी जिनकी उम्र 54 साल है. दिखने में सिंपल से है. पतला सा बदन सर के आधे बाल गायब हो चुके है. पापा जी सीधे दिखते है मगर है नहीं. शादी के पहले ही साल में हस्बैंड ने मुझे प्रेग्नेंट कर दिया. मेरी सास और पापा जी मेरा बहुत ख्याल रखते थे. मुझे ज़्यादातर डॉक्टर के पास पापा जी ही ले जाते थे. हस्बैंड आपने काम मे बिजी होते या आउट ऑफ़ सिटी होते थे. पापा जी जब मुझे डॉक्टर के पास ले जाते. तब मुझे हमेशा गोल गप्पे खिलाते जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद है. कई बार कार में गियर बदलते टाइम वो मेरी जांघ पर हाथ लगा देते. मै पापा जी की नियत समझ गयी थी. क्युकी मैंने ऐसे कई मर्दो से चुदाई करवाई थी. जल्द ही वो समय भी आ गया. जब मैंने एक सुंदर से बेटे को जन्म दिया. घर में सब बहुत खुश थे. जल्द ही सब कुछ नार्मल हो गया.
मैंने शादी के बाद सिर्फ मामा जी से सेक्स किया था. वो भी तब जब मै मम्मी के साथ गाँव जाती थी. बच्चा होने के बाद मै हमेशा उसे सँभालने में बिजी रहती थी. रात के टाइम भी वो रोता रहता था. जिसके कारण मै और हस्बैंड ज्यादा चुदाई नहीं कर पाते थे. पापा जी हमेशा मेरे दूध को घूरते रहते थे. मै हमेशा थोड़े ढीले कपडे पहनती थी. ताकि मै आसानी से आपने बेटे को दूध पिला सकू. मेरे झूलते दूध पापा जी का लंड खड़ा कर देते थे. कई बार पापा जी तब ही कमरे में आते थे. जब मै आपने बेटे को दूध पिलाती थी. पापा जी की तड़प देखकर मुझे बहुत मज़ा आता था. सच कहु तो पापा जी का मुझे ऐसे देखना मेरी चूत को गीला कर देता था. मेरी चूत की भी तड़प बढ़ रही थी. हस्बैंड से भी पूरी चुदाई नहीं मिल पा रही थी. मैंने सोचा क्यों न पापा जी और अपना काम कर लिया जाये. मै और पापा जी आधे दिन अकेले ही रहते थे. मेरे लिए पापा को पटाना आसान था. पापा मेरे ऊपर पहले ही लट्टू थे. मगर शर्म के कारण कुछ कर नहीं पाते थे. Sasur bahu chudai kahani
Sasur bahu ki chudai kahani
मै चाहती थी सेक्स की शुरुआत मेरे ससुर की तरफ से हो. इसीलिए मैंने उन्हें और ज्यादा तड़पाना शुरू कर दिया. अगले दिन जब हस्बैंड और मम्मी जी जॉब पर चली गयी. तब मैंने अपनी ब्रा उतार दी और ब्लाउज पहन लिया. मैंने ग्रीन रंग की साड़ी और ब्लाउज पहना था. बच्चा होने के बाद मेरा नेट थोड़ा बहार आ गया था. मै जब ब्रा नहीं पहनती थी तब मेरा दूध निकलने से मेरा ब्लाउज गीला हो जाता था. पापा जी टीवी देख रहे थे. तभी मै उनके लिए नाश्ता लेके गयी. मेरा पूरा पेट खुला हुआ था और निकलता हुआ दूध मेरे ब्लाउज को गीला कर रहा था. ऐसा नज़ारा किसी के भी लंड को खड़ा कर सकता है. जब मै उनके सामने नाश्ता रख रही थी. तब पापा की नज़र मेरे ब्लाउज पर पड़ी जिसमें से मेरी क्लीवेज और मेरा गीला ब्लाउज दिख रहा था. पापा ने अपनी जबान होंटो पर फिराई और नाश्ता करने लगे. मै उनके सामने बैठके चाय पीने लगी. पापा की नज़र मेरे दूध पर थी और वो बार बार अपने लंड को मेरे सामने सहला रहे थे.
ससुर – बहु प्रेगनेंसी के बाद तुम्हारा पेट बहार आ गया है. तुम अपनी सास के साथ टहलने जाया करो.
मै – पापा मै भी यही सोच रही हूँ, अगर काम नहीं किया तो और ज्यादा मोटी हो जाउंगी.
ससुर – बहु तुम मोटी नहीं हो प्रेगनेंसी के बाद तो तुम्हारी सास भी बहुत मोटी हो गयी थी.
तभी मेरे बेटे के रोने की आवाज आने लगी.
ससुर – बहु लड्डू उठ गया है, उसे यही ले आओ.
मै – पापा बस थोड़ी देर में लेके आती हूँ.
मै अपने रूम में आ गयी. मैंने अपना ब्लाउज खोल दिया. मेरी दोनों चूचिया बहार आ गयी. मै जानती थी पापा मेरे रूम में जरूर आएंगे. इसीलिए मैंने अपना ब्लाउज खोल दिया था. मैंने दरवाजा भी पूरा बंद नहीं किया था. मै बेटे को दूध पिलाने लगी. थोड़ी ही देर बाद मैंने गेट की तरफ देखा तो पापा वहाँ से मुझे देख रहे थे. पापा जी का हाथ अपने लंड पर था. वो मेरी तरफ देखते हुए अपने लंड को सहला रहे थे. मैंने उनकी तड़प बढ़ाने के लिए एक हाथ अपनी साड़ी के अंदर डाल लिया और अपनी चूत रगड़ने लगी. कुछ ही देर में शायद उनका पानी गिर गया और वो चले गए. मैंने कई दिनों तक पापा जी को अपने जिस्म की गर्मी दिखाई. कभी अपने दूध दिखाती तो कभी अपनी गांड. Sasur bahu chudai kahani
Sasur bahu ko choda
एक दिन सुबह हस्बैंड और मम्मी जी जॉब पर जा चुके थे. तभी बहुत तेज बारिश आ गयी. मै जल्दी से ऊपर भागी और फैले कपडे उतारने लगी. कपडे उतारते हुए मै काफी गीली हो गयी थी. इसीलिए मै बारिश में नहाने लगी. मैंने पीले रंग की साड़ी और ब्लाउज पहना था. जो भीगने से ट्रांसपेरेंट हो गया था. मेरे दूध ब्लाउज में साफ़ दिख रहे थे. मैंने उस दिन पेंटी भी नहीं पहनी थी. इसीलिए मेरी गांड साड़ी में से साफ़ दिख रही थी. मैंने सोचा काश पापा जी भी यहाँ आ जाये. कुछ देर बारिश में नहाने के बाद मै सीढ़ियों के पास खड़ी हो गयी. मैंने वही अपनी साड़ी उतार दी और नीचे अपने कमरे में आ गयी. जैसे ही मै कमरे में घुसी मेरी नज़र पापा जी पर पड़ी. पापा जी मेरे बेटे के साथ खेल रहे थे. पापा जी ने जैसे ही मुझे देखा वो मुझे देखते ही रह गए. उनकी नज़र ऊपर से लेके नीचे तक मुझे आँखों से चोद रही थी. मैं जैसे ही अपने बाथरूम में जाने लगी.
पापा जी बोले – बहु तुम पूरी गीली हो, मै तुम्हे टॉवल देता हूँ! पहले पानी पोंछ लो फिर बाथरूम में जाना.
पापा जी मेरे लिए टॉवल लेके आये. मेरे बदन और बालो से गिरते पानी को पापा जी देख रहे रहे थे. मगर मेरी नज़र तो उनकी पेण्ट पर थी जिसमें से उनका लंड साफ़ दिख रहा था. पापा जी मुझे आँखों से चोद रहे थे मगर आगे नहीं बढ़ रहे थे. मुझे लगने लगा था पापा जी थोड़े फट्टू है. मगर मुझे क्या पता ये तूफ़ान से पहले की शांति है. मै बाथरूम में जैसे ही घुसी तभी पापा जी भी मेरे पीछे आ गए. उनकी आँखों में हवस साफ़ दिख रही थी. पापा जी मेरे पास आये और बिना कुछ बोले मेरा ब्लाउज ऊपर से पकड़ा और फाड़ दिया. पापा की इस हरकत से मै शॉक हो गयी मगर मै जानती थी आज मेरी चुदाई जरूर होगी. ब्लाउज के फटने से मेरी दोनों चूचियाँ बाहर आ गयी. पापा जी ने तुरंत मेरी चूचियों को पकड़ लिया. पापा जी मेरी चूचियों को दबाने लगे. मेरी चूचियों दबते ही दूध की धार निकली और पापा जी के चेहरे पर पड़ी. पापा जी मेरी चूचिया चूसने लगे. मै अपनी आँखे बंद किये उस पल का मज़ा ले रही थी. Sasur bahu chudai kahani
Bathroom me bahu ko choda sasur ne
पापा जी कभी मेरी चूचिया चूसते. कभी मेरे पेट को अपनी जबान से चाट लेते. पापाजी की जीभ मेरी नाभि में घूम रही थी. पापा जी का ऐसा फोरप्ले साबित कर रहा था की वो मंझे हुए खिलाडी है. पापा जी ने मुझे गोद में उठा लिया. वो मुझे बाथरूम से बैडरूम में ले गए. पापा जी ने मुझे बेड के पास खड़ा कर दिया. उन्होंने मेरा गीला पेटीकोट उतार दिया. मै पूरी नंगी उनके सामने खड़ी थी. पापा जी ने अपने भी सारे कपडे उतार दिए. अब हम दोनों नंगे थे. मेरी नज़र पापा जी के लंड पर थी. पापाजी का लंड पूरा टाइट खड़ा था. पापा जी ने मेरे बाल पकडे और अपने होंटो को मेरे होंटो में लगा दिया. पापा जी मेरे होंटो को चूस रहे थे. कभी काट रहे थे. ऐसा लग रहा था जैसे हॉलीवुड की मूवी का हीरो मेरे होंठ चूस रहा हो. पापा जी ने मुझे बेड पर गिरा दिया. मेरा बेटा भी साइड में लेटा हुआ था. पापा जी तुरंत मेरे ऊपर आ गए. उन्होंने मेरे टाँगे फैला दी और अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. मेरी चूत गीली होने के कारण उनका लंड आसानी से अंदर चला गया. पापा जी के लंड का एक मीठा सा अहसास मुझे हुआ. मैंने अपनी आँखे बंद कर ली. ताकि पापा जी चुदाई करते हुए शर्मिंदा न हो जाये.
जिस दिन का इंतज़ार में इतने दिनों से कर रही थी. आज वो दिन आ गया था. पापा जी का लंड मेरी चूत में अंदर बहार हो रहा था. पुरे कमरे में थप थप की आवाज गूंज रही थी. मै आँखे बंद किये पापा जी के हर धक्के का मज़ा ले रही थी. पापा जी तेज तेज धक्के मार रहे थे. उनका हाथ मेरी चूचियों को मसल रहा था. मेरी चूचियों से जो दूध निकल रहा था. पापा जी उसे चाट रहे थे. पापाजी की चुदाई से मै जल्दी ही चरम सुख पर पहुँच गयी. पापा जी अभी भी धक्के लगा रहे थे. मेरी चूत पहले से भी ज्यादा गीली हो गयी थी. पापा जी का लंड भी चूत में फड् फड़ा रहा था. कुछ ही देर में पापा जी ने मेरी चूत में अपना सारा पानी निकाल दिया. पापा जी का पानी निकलते ही वो मेरे चूचियों पर गिर गए. पापा जी का लंड कुछ ही देर में छोटा होके बहार आ गया. कुछ ही देर बाद पापा जी तुरंत उठे और अपने कपडे लेके कमरे से निकल गए. मै पापा जी का लंड चूसना चाहती थी. उनका लंड चाट के साफ़ करने चाहती थी. पर शायद हवस खत्म होते ही उन्हें पछतावा हो रहा था. इसीलिए वो कमरे से चले गए. Sasur bahu chudai kahani
ससुर बहू की चुदाई की कहानी
मै अपनी चूत से निकल रहे पापा जी के पानी को अपनी ऊँगली से लेके चाट रही थी. आज बहुत दिन बाद मेरी चूत की आग शांत हुई थी. मै कुछ देर ऐसी ही लेटी रही फिर कपडे पहनके काम में लग गयी. दोपहर में जब मै पापा जी के लिए खाना लेके गयी. तब वो मुझसे नज़र नहीं मिला रहे थे. पापा जी ने जल्दी से खाना खा लिया. मै अपने कमरे में आके मम्मी का वेट करने लगी. मै बेड पर लेटी हुई थी. मेरा बेटा सो रहा था. तभी पापा जी मेरे कमरे में आये.
ससुर – बहु मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.
मै – हाँ पापा जी बोलिये.
मैंने एक ढीली सी कुर्ती और लेग्गिंग्स पहनी थी. पापा जी मेरी बगल में बैठ गए. पापा जी कुछ बोल नहीं रही थे. बस सोच रहे थे की कैसे बात शुरू करू.
मै – पापा जी आपको जो बोलना है बोल दीजिये.
ससुर – कैसे बोलू बहु बस यही सोच रहा हूँ. पापा जी ने मेरा हाथ पकड़ा और बोले….
ससुर – बहु मुझे माफ़ कर दो. आज मैंने तुम्हारे साथ बहुत बुरा किया. मैंने जब तुम्हे ऐसे देखा तो मै खुद पर काबू नहीं रख पाया.
पापा जी मुझे सॉरी बोलके नीचे चले गए. मुझे लगा था पापा जी अब और भी ज्यादा चुदाई करेंगे. शायद उन्हें मेरे साथ चुदाई करके गलत लग रहा था. मुझे लगा शायद मुझे ही बेशरम बनना पड़ेगा. मै पापा जी के पीछे नीचे चली गयी. पापा जी सोफे पर बैठे टीवी देख रहे थे. मै उनके बिलकुल बगल में बैठ गयी.
मै – पापा जी आपको माफ़ी मांगने की जरुरत नहीं थी. हमारे बीच जो कुछ भी हुआ उसमें मेरी भी मर्ज़ी थी. अगर आपका बेटा मेरा ख्याल रखता तो शायद ये गलती नहीं होती.
ससुर – बहु ये तुम क्या कह रही हो. मेरा बेटा तुम्हारा ख्याल नहीं रखता है.
मै – पापा जब से लड्डू हुआ है. मै उसे सँभालने में बिजी रहती हूँ. इसीलिए वो भी मुझपे ध्यान नहीं देते है. सच कहु जो खुशी आपने मुझे दी है. उसके लिए मुझे आपको शुक्रिया कहना चाहिए.
मेरी बात सुनके पापा जी की आँखे चमकने लगी. ये बात बोल के मै किचन में चली गयी. आगे क्या हुआ वो आपको बताऊँगी अगले पार्ट मे।
Read more Sasur bahu sex stories
