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  • मै, अब्बू और भाई जान की रंडी बन गयी | Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani:- हेलो दोस्तों मेरा नाम खुशबू है। आज मै अपनी चुदाई की सच्ची कहानी लेकर आपके लिए हाजिर हुई हूँ। ये कहानी मेरे अब्बू और भाई से हुई चुदाई की है। आज मै अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच आपको बताने जा रहीं हूँ। तो अपने कमेंट ज़रूर कीजिएगा और बताइएगा क्या मैंने सही किया या गलत! तो चलिये अब अपनी कहानी शुरू करती हूँ।

    मै 22 साल की एक खूबसूरत लड़की हूँ। मै मुस्लिम फॅमिली से बिलोंग करती हूँ। मेरी हाइट 5 फ़ीट 4 इंच है। रंग एकदम दूध की तरह सफ़ेद है और मेरा शरीर बहुत ही जालिम है। मेरा मेज़रमेंट 36-32-38 है। आप लोग खुद ही अंदाज़ा लगा सकते हो की मै क्या चीज़ हूँ। मेरे अब्बू का नाम आसिफ है और मेरे भाईजान का नाम आलिम है। अम्मी का इंतकाल हो चूका है। हमारे घर में सिर्फ हम ही 3 लोग ही रहते है। मै कॉलेज में पढ़ती हूँ और अब्बू और भाईजान दुकान चलाते है। मेरे कॉलेज में मेरे कई दीवाने है जो मेरी छाती और गांड के दीवाने है। सब मुझपर ही नजर गड़ाए बैठे रहते है। मै भी अपनी खूबसूरती और शारीरिक बनावट पर बहुत इतराती हूँ। मै कॉलेज अक्सर जीन्स एंड टॉप ही पहन कर जाती हूँ। जीन्स टाइट ही हुआ करता है जिससे मेरी गांड एकदम शेप में दिखती है। मुझे ऐसे ही लड़को और प्रोफेसरो को ललचाने में मजा आने लगा।

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    इसी बीच मैंने एक अमीर शहज़ादे को अपने हुस्न के जाल में फंसा लिया। हम लगभग रोज कॉलेज बंक मार्कर कभी मॉल, तो कभी पार्क में जाते थे। वो मुझे वहां टच करता था और मै दिखावटी नाटक करके मना करती, पर मेरा भी मन करता था की वो मुझे टच करे। वो मेरे बूब्स दबाता, मुझे स्मूच करता, मेरी चूत को ऊपर से सहलाता पर हमने अभी तक सेक्स नहीं किया था। हम घंटो रात में फ़ोन पर बातें करते व्हाट्सप्प या फेसबुक पर। फ़ोन सेक्स भी करते इसी तरह बातें करते करते मै गरम हो जाती और अपनी चूत में ऊँगली करती। ऐसा कई दिनों तक चलता रहा। इधर मेरे घर में अम्मी के जाने के बाद अब्बू बिलकुल हताश से हो गए थे, मुझसे उनकी ऐसी हालत देखि नहीं जाती थी। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    एक दिन मै दिन में ही अपने बॉयफ्रेंड से सेक्स चैट कर रही थी। घर का मेन गेट खुला ही पड़ा था। मैंने ध्यान नहीं दिया था की अब्बू और भाईजान दुकान के जा चुके है। मै अपनी मस्ती में अपने बॉयफ्रेंड से सेक्सी बाते कर रही थी। मै पुरे मूड में थी और बाते करते करते मै बहुत गरम हो गई थी। मैंने अपना टॉप उतर दिया था और साथ ही साथ पैंटी को घुटनो तक कर दिया था। मैंने उस समय ब्लैक पैंटी एंड ब्लैक ब्रा पहनी थी। मै हमेशा G स्ट्रिंग पैंटी ही पहनती थी। मै अपने होश खोकर बेफिकर होकर चूत में ऊँगली और अपने बूब्स को ब्रा के ऊपर से दबा रही थी। मै एकदम होश में नहीं थी। तभी किसी कारण से अब्बू और भाईजान को दुकान बंद करनी पड़ी, शायद किसी सिक्योरिटी की रीज़न से। तो वो दोनों घर वापस आ गए। उन्होने देखा की घर का दरवाज़ा खुला है तो वो लोग बिना डोर बेल बजाये अंदर आ गए और मुझे पता ही नहीं चला। सबसे पहले मेरा रूम आता है, जिसे भी घर पर अपने रूम में जाना हो वो मेरे रूम के सामने से ही होकर जा सकता है।

    Abbu aur bhai se chudai story

    मेरे रूम का दरवाज़ा खुला था और मै आह आहहह ऊहह कर रही थी और चूत और बूब्स दबा रही थी। अब्बू और भाई मेरी आवाज़ सुनकर वही रुक गए और मेरे रूम के दरवाज़े के पास पहुँच गए। मै इन सब से अनजान अपनी मस्ती में थी। मुझे इस तरह सेमि न्यूड हालत में देखकर दोनों चकरा गए और एक दूसरे को देखने लगे। वो दोनों धीरे से अंदर आ गए और मेरे करीब आकर खड़े हो गए। मै उस समय दूसरी तरफ मुँह किये हुए थी। कुछ देर बाद मैंने करवट बदली तो मै घबरा गई। ये क्या मैंने देखा अब्बू और भाई मेरे सामने खड़े है। उनको देखकर मैंने तुरंत अपनी जीन्स को जैसे तैसे ऊपर चढ़ाया और अपनी टॉप खोजने लगी। मेरी टॉप तो जमीन पर पड़ी है, शायद मैंने ही जोश में आकर फेंका होगा। मै सिर्फ ब्रा में रह गई। मै शर्म से नज़रे झुका के बैठी थी। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    अब्बू- ये क्या कर रही थी बेटा? बताओ न खुशबू?

    भाईजान अपना हाथ अपनी पैंट के ऊपर सहलाने लगा और मुझे देखकर हंसने लगा और बोला।।

    भाई – तभी मै सोचु की इसकी चूचि और गांड इतनी भारी क्यों है। ये रोज बाहर जाकर चुदवाती है साली छिनाल।

    मै – नहीं मै ऐसी नहीं हूँ मैंने कभी सेक्स नहीं किया! अब्बू प्लीज मेरा भरोसा करो।

    अब्बू – अच्छा ठीक है बेटी मुझे तुझपर यकीन है! अच्छा अभी तुम क्या कर रही थी बताओ न बेटा।

    मै – जी अब्बू मै अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी।

    अब्बू – कबसे चल रहा है ये सब बेटा?

    मै – पिछले 6 महीनो से, लेकिन अब्बू बस हमने बाते की है कोई गलत काम नहीं किया।

    अब्बू – कैसा गलत काम बेटी बताओ न खुल कर अपने अब्बू से क्या शरमाना।

    मै – जी अब्बू वो हमने सेक्स नहीं किया कभी।

    Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    इसी बीच भाई बोला – मै नहीं मानता की इसने सेक्स नहीं किया होगा! साली की गांड तो देखो अब्बू! लगता है कितने ही लौडो से एक साथ चुद चुकी है। ये तो साली पूरी रंडी हो गई है अब्बू आप इसकी बात मत मानो। ये सब झूट बोल रही है।

    मै – सच में अब्बू मै सच कह रही हूँ मैंने कभी सेक्स नहीं किया आप मेरा यकीन करो प्लीज।

    अब्बू – अच्छा ठीक है मुझे तुमपर यकीन है कि तुम कोई गलत काम नहीं की होगी! पर क्या तुम्हारा मन करता है ये सब करने का?

    अब मै भी थोड़ी थोड़ी खुल कर बोलने लगी थी।

    मै – अब्बू करता है बहुत मन करता है पर मै आपकी इज़्ज़त को उछालना नहीं चाहती! इसलिए मैंने कोई गलत काम कभी नहीं किया।

    अब्बू – बेटा ये गलत काम थोड़ी ना होता है ये तो जरुरत है।

    मै – अगर जरुरत है तो अब्बू आप कैसे पूरी करते ही अब तो अम्मी भी नहीं है।

    अब्बू – हाँ बेटा तेरी अम्मी के जाने के बाद मै तड़प गया हूँ! क्या तुम मेरे साथ करोगी और अपने भाई के साथ?

    मै – पर अब्बू ये गलत है मै आपकी बेटी और भाई की बहन हूँ। ये कैसे हो सकता है अगर किसी को पता चला तो हमारी बहुत बदनामी होगी।

    भाई – कुछ नहीं होगा रंडी बहना कौन बोलेगा। हम तीन ही तो घर पर है रोज मजे करेंगे क्यों अब्बू।

    अब्बू – हाँ बेटा सही कहा तुमने खुशबू ज्यादा मत सोचो ये सब तो करना ही चाहिए नहीं तो ज़िन्दगी में क्या मजा।

    मै – पर अब्बू और भाई मुझे बहुत शरम आ रही है, मै कैसे हाँ कहूँ।

    अब्बू – तुमने मना नहीं किया बेटी इसका मतलब तुम करना चाहती हो बस बोल नहीं पा रही हो! सही कहा ना मैंने?

    मै – हाँ अब्बू आपने सही कहा! हाँ अब मुझे दुनिया की कोई चिंता नहीं! मै बस मजा लेना चाहती हूँ आपसे और भाईजान से।

    अब्बू – शाबाश मेरी रंडी बेटी ये हुई ना बात!

    भाई – अब्बू अब तो अपने घर पर ही मजे हो गए इतने दिनों से इसपर ध्यान ही नहीं गया था हमारा।

    अब्बू – अब तो ये बाप और भाई की रंडी बनेगी।

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    अब्बू ने कहा और मेरे पास आकर दोनों बैठ गए। मै बीच में थी एक साइड अब्बू और दूसरी साइड भाई बैठा था। दोनों अपने अपने हाथ से मेरी जांघों को सहला रहे थे। उन लोगो ने मेरे हाथ को ले जाकर अपने अपने लंड पैंट के ऊपर से सहलाने को दिए। मै हल्का हल्का दोनों का लंड छू रही थी और दबा रही थी। फिर अब्बू ने अपना दूसरा हाथ मेरी पीठ पर ले जाकर मेरी ब्रा के हुक को खोल दिया। फिर अब्बू ने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर मेरी ब्रा के हुक को खोल दिया। जिससे मेरी ब्रा लूस हो गई और वो आगे से गिरने लगी। ये देख भाई ने मेरी ब्रा को जाकर पकड़ लिया और उसे मेरे बदन से अलग कर दिया और उसने वो ब्रा फेंकने के बजाये अपनी गर्दन में लपेट ली। अब मै ऊपर से पूरी नंगी थी ऐसा मेरे साथ बचपन के बाद आज पहली बार था की में अपने बाप और भाई के सामने अपनी चूचि लटकाये बेशरम रंडी की तरह उनके लंडों को एक एक हाथ से पैंट के ऊपर से सहला रही थी।

    फिर अब्बू ने अपनी पैंट की हुक खोल दी जिससे उनकी पैंट सरसरा कर ज़मीन पर गिर गयी। ये देख भाई ने भी अपनी जीन्स उतार दी। अब वो दोनों सिर्फ अंडरवियर में रह गए। फिर उन लोगो ने बिना देर किये अपने अंडरवियर को भी उतार दिया अब वो दोनों बिलकुल नंगे मेरे सामने खड़े थे। उन लोगो को जरा भी शर्म नहीं आ रही थी पर मुझे थोड़ी थोड़ी आ रही थी। उन लोगो के लंड देख कर मै डर गई। मैंने सिर्फ फिल्मो में ही लंड देखे थे असल ज़िन्दगी में ये पहला अनुभव था। फिर अब्बू ने मुझे अपना लंड पकड़ा दिया और भाई ने भी। मै उन दोनों के लंड के बीच में बैठी थी और उनको मुठिया रही थी। उनके लंड मेरे हाथ में फूलने लगे फिर अब्बू ने मुझे अपना लंड चूसने को बोला। मै भी लंड चूसना चाहती थी कितनी बार फिल्मो में देखा था मैंने, सो मैंने तुरंत अब्बू का लंड मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी। ये देख भाई ने भी अपना लंड चूसने को बोला। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    मैंने बारी बारी से दोनों के लंड चूसे। दोनों अपनी सीमा तक पहुँच गए थे उनका लंड पूरा लोहे की रोड की तरह टाइट हो गया था, उनके लंड की नसे भी पूरी उभर आई थी। फिर उन लोगो ने मुझे उठाया और मेरी जीन्स उतार दी। अब मै सिर्फ जी-स्ट्रिंग पैंटी में आ गई। मै हमेशा ऐसी ही पैंटी पहनती हूँ इसमें गांड पूरी खुली रहती है बस चूत के पास का हिस्सा ढका होता है। वो दोनों मेरी पैंटी देखकर बहुत खुश हो गए और अब्बू बोले।

    अब्बू और भाई ने सील तोड़ी

    अब्बू – वाह रे मेरी रंडी बेटी क्या पैंटी है तेरी एक दम मस्त रंडी लग रही है! जी नहीं चाहता की तेरे बदन पर से ये पैंटी उतारू पर तेरी चुदाई जो करनी है सो उतारना ही पड़ेगा! लेकिन इससे पहले तेरे इस अवतार को कैमरा में रिकॉर्ड कर लेता हूँ।

    ये कहकर अब्बू और भाई ने मेरी कुछ सेक्सी पिक्स ली। फिर उन लोगो ने मेरी पैंटी को भी उतार दिया और मुझे जन्मजात नंगी कर दिया। फिर मुझे बेड पर पटक दिया और पैरो को फैला दिया। जिससे मेरी चूत उनके सामने बेपर्दा हो गई और वो दोनों आँख फाड़ फाड़कर देखने लगे।

    अब्बू – वाह मेरी रंडी बेटी क्या चूत है तेरी! आज मै और तेरा भाई तेरी ओपनिंग करेंगे और लास्ट तक नॉट आउट रहेंगे। तू मेरी बेटी है पर आज मै तुझे तेरा भाई या बहन गिफ्ट करूंगा! क्यों सही है ना?

    भाई बोला – हाँ अब्बू इसकी खुजली मिटानी होगी कितनी बार अपना मुठ बर्बाद किया है बाथरूम में, जो इस रंडी के हक़ का था। आज मेरे लंड का एक एक बूँद इसकी चूत भरेगा।

    ये कहकर दोनों एक साथ मेरी चूत चाटने लगे। मै तड़प रही थी जैसे बिन पानी के मछ्ली।

    आह्ह्ह्हह आह्हह्ह्ह्ह आहह्ह्ह्हूँगा आहह्ह्हह्हू सीईईईईई और मै इसी तरह सिसकारियाँ भरने लगी और इसी के साथ मै झड़ गई।

    अब्बू और भाई ने मेरा एक भी बूँद बर्बाद नहीं जाने दिया और पूरा पी लिया और अपने हाथो को मेरो होठो से चटवाया। मैंने ज़िन्दगी में पहली बार अपने रस को टेस्ट किया। फिर आ गई वो घड़ी जिसका मुझे पिछले कई सालो से इंतज़ार था। मेरी चुदाई की बेला आ गई थी और मै अपनी पहली चुदाई के लिए बिलकुल तैयार हो रखी थी। और ये सुनहरा मौका मेरे अब्बू को ही मिलना चाइये आखिर उन्होने ने ही मुझे इस रंगीन दुनिआ में लाया है। फिर अब्बू ने अपना लंड मेरे चूत पर टिकाया और भाई ने मेरी टांगो को पकड़ लिया। फिर अब्बू ने एक हल्का सा धक्का दिया। मुझे मीठा मीठा दर्द हुआ और लंड का सुपाड़ा मेरी चूत में चला गया। मुझे हल्का सा दर्द हुआ फिर अब्बू ने भाई को मेरे मुँह में अपना लंड डालने को बोला। मै नहीं समझ पाई की ऐसा क्यों किया उन्होने पर मैंने लंड मुँह में ले लिया। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    अब्बू और भाई ने चोदा कहानी

    फिर अब्बू ने एक जोरदार धक्का मारा जिससे पूरा बेड हिल गया। मेरी चूत एक दम साइलेंस हो गई ऐसा लगा की किसी ने मेरे कान पर कोई बम फोड़ दिया हो। एक दम सन्नाटा। मेरी जोरदार चीख निकलती अगर भाई का लंड मेरे मुँह में ना होता। तो अब मुझे ये समझ आया की अब्बू ने भाई को अपना लंड मेरे मुँह में डालने को क्यों बोला था। अब्बू कुछ पल के लिए रुक गए फिर उन्होने धक्के मारने शुरू किये। मेरी चूत से खून निकल रहा था ये मेरे कुंआरेपन के टूटने का सबूत था। अब मै अपनी चुदाई को एन्जॉय कर रही थी। मै दो बार आलरेडी झड़ चुकी थी पर अब्बू अभी भी कायम थे और मुझे रंडी कुतिया की तरह चोद रहे थे। इधर भाई मेरे शरीर से खेल रहा था, कभी निप्पल चूसता, कभी दबाता। उसका लंड चूस चूस कर मैंने एकदम लाल कर दिया था। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    फिर वो वहां से उठने लगा तो मैंने पूछा आप कहाँ जा रहे हो? तो बोला पेशाब करने जा रहा हूँ मेरी जान! फिर अब्बू ने क्या इशारा किया भाई को मेंमै नहीं समझ पाई। लेकिन भाई ने जाना कैंसिल कर दिया और वापस अपना लंड मेरे मुँह के पास ले आया। मै फिर से चूसने लगी। इधर अब्बू मेरी ताबडतोड़ चुदाई जारी रखे थे उसी बीच भाई ने अपना पेशाब मेरे मुँह में करना शुरू कर दिया। मुझे ये बड़ा अजीब लगा पर मुझे मज़बूरी में सारा पेशाब पीना पड़ा। इसके चलते मेरे गले में बहुत जलन हो रही थी। पर मेरी किसी को परवाह नहीं थी इसी बीच मैंने देखा अब्बू का लंड अकड़ने लगा है। शायद वो झड़ने वाले थे और वो एक जोरदार चीख मारके झड़ गए और सारा माल मेरी बच्चेदानी में डाल दिया।

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    फिर वो मेरे ऊपर से उतर गए और अपना लंड निकाल लिया। मैंने देखा की मेरी चूत से बहुत सारा पानी बह रहा है जो शायद अब्बू और मेरे दोनों का ही होगा। फिर अब्बू वहां से हट गए और उनकी जगह मेरे भाई ने ले ली फिर उसने भी मेरी ऐसी ही जोरदार चुदाई करके अपना सारा पानी मेरी चूत में डाल दिया। फिर अब्बू नीचे लेट गए और मुझे अपने लंड पर बैठने को बोला। मुझे लगा की मेरी चूत मरेंगे लेकिन उन्होने अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया। मै अपने पूरे वेट से बैठी थी इसलिए पूरा लंड एकदम से मेरी गांड में समां गया। मै लगभग रो दी लेकिन आज कोई आराम नहीं था। अब्बू मेरी गांड मार रहे थे और भाई मेरी चूत में ऊँगली कर रहा था। इसी बीच ऊँगली करने से मै फिर से झड़ गई। फिर अब्बू ने भाई को कुछ इशारा किया और भाई मुझे हलका धक्का देकर खुद मेरे ऊपर चढ़ गया और अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    मेरी दोनी तरफ से चुदाई होने लगी मै परम आनद को महसूस कर रही थी। और इसी तरह उन दोनों ने सारे दिन और सारी रात मेरी जमकर चुदाई की और मुझे एक बाजारू रंडी बना के रख दिया। मै बाज़ारू रंडी तब बनी जब अब्बू और भाई ने मुझे चोदने के बाद 1000 रूपए दिए। मुझे कुछ समझ नहीं आया ये पैसे किसलिए है पर मैंने रख लिए। शायद वो लोग खुश होकर दिए थे।

    अब वो लोग मेरी रोज बजाते है और मुझे प्रोफेशनल रंडी बना दिया है क्योकि उन लोगो ने अपने कई इम्पोर्टेन्ट क्लाइंट्स को भी मेरे पास भेजा है सेवा के लिए। ये सब बाद मै फिर कभी बताउंगी की कैसे मै एक प्रोफेशनल रंडी बनी।

    आपलोगो को मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताइयेगा।

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  • मेरे चोदू पति ने मुझे और माँ को चोदा Sasu maa ki chudai kahani

    Sasu maa ki chudai kahani:- हाय मेरे चुदक्कड़ दोस्तों! मै इन्दु एक बार फिर से आपके लिए एक गरमा गरम कहानी लेकर हाज़िर हुई हूँ. उम्मीद है आपको पसंद आएगी. ये कहानी एक चुदक्कड़ रईस परिवार की है जिसमे दामाद अपनी रांड पत्नी की हेल्प से अपनी सेक्सी सासु माँ को ही चोद देता है। तो चलिये शुरू करते है कहानी, दामादजी की बीवी की जुबानी।

    मेरा नाम नाम आरती है। उम्र 34 साल है और मै एक शादीशुदा औरत हूँ और पेशे से एक टीचर हूँ। मेरा रंग गोरा, जिस्म गदराया हुआ, कद 5 फ़ीट 2 इंच, चूचि का साइज 36 सी, गांड 38 इंच. मैं सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाती हूँ और मेरे पति हमारे शहर के सबसे बड़े बिज़नेसमैन हैं. मेरे पति महेश चन्द्र की उम्र 38 साल है और वह औरतों के अंडर गारमेंट्स का बिज़नेस करते हैं। यानि की औरतों की पैंटी और ब्रा का धंधा करते हैं. मेरी एक बेटी है मोनिका जो की 15 साल की है और मेरे ही स्कूल में पढ़ती है.

    Sasu maa ki chudai story

    मोनिका मेरे जैसी दिखती है बस थोड़ी स्लिम है. उसका रंग मेरी तरह गोरा है और चूचि का साइज 34 सी और चूतड़ भरे भरे हैं. वो अधिकतर स्कर्ट्स पहनती है और उसको अपने चूतड़ मटका कर चलने की आदत है. मेरे पति देव भी सेक्स के शौक़ीन हैं और अक्सर मुझे मेरे अपने दिल की तमन्ना पूछते हैं की मैं सेक्स में क्या चाहती हूँ. पहले तो मैं शर्मा जाती थी। लेकिन जब पति देव खुद बताने लगे की वो किसी दूसरी औरत को मेरी आँखों के सामने चोदना चाहते हैं तो मैं भी खुल कर बातें करने लग गयी.

    मैंने भी उनको बता दिया की मैं भी चाहती हूँ के मुझे कम से कम दो मर्द चोद डालें और वो भी आपके सामने और मेरे सामने आपकी गांड मार डालें.

    उस वक्त रात के 11 बजे हुए थे और महेश मुझ पर चढ़े हुए थे.

    महेश – आरती तू एक रंडी है दो दो मर्दों से चुदवाना चाहती है? मैं जानता था की मेरी सासु माँ उर्वशी एक रांड है और तू उस रंडी की बेटी है और रंडी की तरह चुदवाना चाहेगी!! तेरी माँ भी एक चालू औरत है. मैं कब से तेरी माँ को चोदना चाहता हूँ लेकिन वो मुझे अपना दामाद समझ कर बस “बेटा” बेटा” कहती रहती है. अब सुनो मैं तुम माँ बेटी दोनों को चोदना चाहता हूँ! मेरे मन की ख्वाहिश है की मैं उर्वशी अपनी सास को अपनी प्यारी पत्नी आरती के सामने चोदू और फिर वो मेरा लंड अपनी बेटी की चूत में डाले! काश भगवन मेरी ये इच्छा पूरी कर दे!!!!फिर तू जो कहेगी करूँगा साली गांड भी मारवानी पड़ी तो मारवा लूँगा!! मेरा वादा रहा तेरे साथ…तेरे लिए खुद दो मर्द ढूंढ कर लाऊंगा…तेरा दलाल बन जाऊंगा!!!!!!!!

    मैंने भी पति देव की हिम्मत को देख कर वादा किया की मैं भी अपनी माँ उस से चुदवा लूंगी.

    Sasu maa ko choda patni ke sath

    मेरे पति देव की बात सुन कर मेरी कामुकता की कोई सीमा न रही. ऐसे ख्याल मेरे मन की गहरायी में कई बार आये थे लेकिन मेरा मन उनकी असलियत को मानता ही नहीं था. कई बार मैंने मन की कल्पना में चाहा और देखा है की महेश मुझे और मम्मी को चोद रहा है. और शायद मेरे मन की गहरायी में ये तमन्ना भी थी की मैं अपनी मम्मी को चुदवाते हुए देखूं. कल्पना की इस तस्वीर में एक शख्स और भी था लेकिन उसकी शक्ल मेरा मन साफ़ तौर से नहीं देख पा रहा था. महेश की बातों ने मुझे इतना गरमा दिया की मैं नीचे पड़ी हुई अपनी गांड उठा उठा कर उसके धक्कों का जवाब देने लगी. पति देव भी ताबड़तोड़ धक्के मारने लगे. लग रहा था की वो कल्पना में अपनी बीवी को नहीं बल्कि सासु माँ को चोद रहे थे. Sasu maa ki chudai kahani

    उनकी चुदाई अब तूफानी हो चुकी थी.

    मै – चोद डाल मुझे बेटा चोद डाल अपनी मम्मी को…मुझे भी उसी तरह चोद जिस तरह मेरी बेटी को चोदता है बेटा….शाबाश बेटा तेरा लंड तेरी मम्मी की चूत को भर रहा है…डाल दे पूरा लंड मम्मी की चूत में महेश बेटा!!!

    मैं भी पति के सामने उसकी सासु माँ की एक्टिंग करते हुए चुदवा रही थी.

    महेश – ठीक है मम्मी….बहुत तरसा हूँ आपके लिए मम्मी….आपकी चूत चोदना मेरा मकसद है…जिस चूत से मेरी बीवी पैदा हुई है उस चूत को चोदना चाहता हूँ मेरी प्यारी मम्मी. अब रुक नहीं सकता मम्मी.. मेरा रस निकलने को है मैं झड़ रहा हूँ सासु माँ…मेरा बीज आपकी चूत में गिरने वाला है माँ!!!!!!!!

    इधर मैं झड़ रही थी और मैं चाहती थी की महेश इसी सोच में झड़े की वो मेरी माँ यानि अपनी सासु माँ की चूत में झड़ रहा हो.

    मै – हाआआआंनंन्न बेटा डाल दे अपना बीज मम्मी की बुर में…पेल अपनी मम्मी की चूत…चोद अपनी माँ को बेटा महेश…तेरी सास भी तेरी पत्नी हो गयी बेटा!!!

    महेश मुझे चोदता गया और अपना बीज मेरी चूत में गिराता चला गया. अब की बारी उसका झड़ना ख़त्म ही नहीं हो रहा था. कोई 10 मिनट के बाद हम बिस्तर पर आलिंगनबंध नंगे लेटे पड़े थे. हमारी सांस अब नार्मल हो चुकी थी और मेरी चूत से महेश का लंड रस बिस्तर पर टपक रहा था.

    मै – क्यों पति देव मेरी माँ को चोद कर मज़ा आया? तो आप बीवी को कम और सास को ज़्यादा चोदना चाहते थे? वाह राजा असल में बीवी और मन में सासु माँ? अगर आपके मन की यही इच्छा है तो वो भी पूरी करुँगी मेरे राजा. और ये भी देखना चाहती हूँ की मेरी माँ कितनी बड़ी चुदकड़ है जैसे की आप कह रहे हैं. और पापा के बाद उसको भी तो लंड नहीं मिल पा रहा. चलो माँ बेटी दोनों के साथ मज़े उठा लो. लेकिन सब से पहले आपकी सासु माँ को पटाने का तरीका ढूंढ़ना होगा जिस से उसको हमबिस्तर किया जा सके।

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    महेश खुश हो गये और उन्होंने मुझे चूम लिया डार्लिंग मुझे तुमसे यही उम्मीद थी. ऐसा करते हैं. मैं कल शिमला जा रहा हूँ दो दिन के लिए और वैसे भी दो दिन तुम्हारी भी छुट्टी है. हम अपने बंगले पर रहेंगे. मोनिका को सुधा के पास छोड़ देंगे. वो कुछ दिन अपनी बुआ के साथ बिता लेगी. मम्मी को साथ ले जाते हैं और हिमाचल की वादियों में उनको पटा लेंगे. बोलो क्या ख्याल है? Sasu maa ki chudai kahani

    मैंने हाथ नीचे ले जा कर पति देव के अंडकोष पकड़ते हुए कहा मेरे मालिक जो आप कहें मेरे लिए हुकम है. लगता है मम्मी को चोदने की प्लान पहले ही बनी हुई है. अब तो बस मम्मी की बेटी को बस तैयार किया जा रहा है. वैसे कल आपका जन्मदिन भी है. जन्मदिन पर अपनी माँ आपको तोहफे में दे दूँगी ठीक है?”

    महेश का लंड एक बार फिर खड़ा हो कर फुंकारने लगा।

    मै – शायद ये अब सासु माँ के लिए अकड़ रहा है. लगता है सासु माँ का इश्क आपके सर पर चढ़ चुका है. बोलो राजा इस बारी अपनी उर्वशी को कैसे चोदोगे?”

    महेश मुस्कुराता हुआ बेशर्मी से बोला मम्मी क्यों न इस बार आपको घोड़ी बनाया जाये?

    मैं बिना कुछ बोले घोड़ी बन गयी. पति देव ने मेरे चूतड़ को किस किया और फिर से मेरे ऊपर सवार हो गए. उस रात मुझे बहुत ज़ोर से चोदा महेश ने. शायद वो मन ही मन मेरी माँ को चोद रहे थे.

    दूसरे दिन मैंने माँ को फ़ोन किया

    मै – मम्मी मैं और महेश शिमला जा रहे है दो दिन के लिए. सोचा आप भी हमारे साथ चलें. आपका भी टाइम पास हो जायेगा. ये तो दिन भर काम करेंगे तो मुझे भी आपका साथ मिल जाएगा।

    मम्मी ने पहले तो जाने के लिए मना किया लेकिन मैंने उनको मना लिया और मैंने उनको बोल दिया की 1 घंटे में तैयार हो जाये.

    महेश ने मोनिका से कहा – मोनिका बेटी मैं और तुम्हारी मम्मी दो दिन के लिए बाहर जा रहे हैं. नानी माँ भी हमारे साथ जाएगी. तुम अपनी सुधा बुआ के साथ रह लेना.

    मोनिका – पापा मैं दिन भर तो बुआ के पास रहूंगी पर रात को पढ़ाई की वजह मुझे यहीं अपने घर में सोना है क्योंकी मेरा कंप्यूटर यहाँ है. शायद मेरी सहेलियाँ भी यहीं पढ़ने आ जाएँ प्लीज आप बुआ को बता देना!!

    महेश ने मोनिका को आलिंगन में ले कर प्यार किया और कहा जैसे मेरी बिटिया रानी खुश रहे. और ख़ुशी से झूमती हुई मेरी बेटी अपने पापा से लिपट गयी. मैं ये देखे बिना न रह पायी की मोनिका की उभरी हुई चूचि महेश के सीने से टकरा रही थी. बेटी कितनी जल्दी जवान होती हैं मैं हैरान थी. Sasu maa ki chudai kahani

    कहीं हमारी बेटी भी हमारे पीछे कोई गुल तो नहीं खिलाने वाली?

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    सवाल मेरे मन में कौंध गया. लेकिन मोनिका के चेहरे से सभी सवाल ख़तम हो गए. वो भोली भाली लड़की मुस्कुरा रही थी.

    मम्मी सफ़ेद साडी में बहुत सुन्दर लग रही थी. मेरी मम्मी 51 साल की बेहद सेक्सी दिखने वाली औरत है. बहुत गोरी है सर पर बालों की एक लट सफ़ेद हो रही है मम्मी की उठती हुई चूचि ब्लाउज में से झांकती हुई सफ़ेद पहाड़ियों में गहरी घाटी किसी भी मर्द को पागल बनाने के लिए काफी है. मम्मी ने जूड़ा किया हुआ था और जब वो चलती थी तो उनकी गांड दोनों तरफ मटक रही थी. मैंने महेश को आंख मारी और वो मम्मी की तरफ बढ़ा और उसने मम्मी को बाँहों में भर के गालों पर किस कर लिया. मम्मी की भरी भरी चूचि महेश के सीने में धंस गयी. मम्मी बेचैन होने लगी तो पति ने उनको छोड़ दिया और नाराज़ हो कर बोले..

    महेश – मम्मी आप अपने बेटे से नाराज़ हैं?”

    मम्मी ने हंस कर जवाब दिया नहीं बेटा माँ भी कभी अपने बेटे से नाराज़ होती है कभी?”

    महेश नाटक करता हुआ बोला तो फिर इतनी दिनो से मुझे मिलने क्यों नहीं आए? अब मैं आपको अपने पास ही रखने वाला हूँ. आरती, अब मम्मी मेरे पास आगे बैठेगी और तुम हम माँ बेटे के बीच नहीं आओगी समझी?”

    इससे पहले के मम्मी कुछ बोले महेश ने मम्मी की कमार में हाथ डाल कर उनको अपने साथ सटा लिया और अपनी बगल में बिठा लिया.

    मै – महेश यार मैं कब आप माँ बेटे के बीच आती हूँ? मैं तो खुद चाहती हूँ के आप एक दूसरे से प्यार से रहें. क्यों मम्मी?

    कार चल पड़ी. महेश जब भी कोई बहाना मिलता तो वो हंस कर मम्मी की जांघ पर हाथ मार देता और कभी उनके कंधे पर थपकी मार देता. मम्मी भी बार बार शर्म से लाल हो रही थी जैसे कोई 19 साल की लड़की किसी लडके के अश्लील जोक पर शर्मा रही हो. दोपहर को हम शिमला पहुँच गए. महेश ने कार पार्क की और हमसे बोले..

    आप ज़रा आराम करो मैं कुछ खाने पीने को आर्डर करके आता हूँ. अगर शावर लेना है तो ले लो. सफर की थकावट दूर हो जायेगी. मेरी तो कार ड्राइव करते करते गांड दुःख रही है. तेरा क्या हाल है आरती? महेश ने मम्मी के सामने मेरी गांड पर ज़ोरदार थपकी मारते हुए कहा। Sasu maa ki chudai kahani

    मै – अरे बहनचोद इतनी ज़ोर से मारते हैं किसीऔरत के चूतड़ पर?”

    मैंने भी अब कुछ बेशर्मी की भाषा बोलते हुए नाटक जारी रखा.

    महेश ने मुझे बाँहों में भर के किस करते हुए कहा ये गांड भी मेरी बीवी की है किसी गैर की नहीं इसको चाहे मैं मरुँ या फिर चोद….वो कहते कहते रुक गए.

    हमारी बेशर्मी को देख कर मम्मी का चेहरा लाल हो रहा था. मैं और मम्मी शावर लेने चली गयी. जब मम्मी अंदर थी तो मैं भी नंगी होकर बाथरूम में चली गयी.

    मम्मी मुझ से पर्दा करती हुई बोली आरती मैं नहा लू, तू फिर नहा लेना।

    लेकिन मैंने मम्मी के सीने से टॉवल हटाते हुए कहा मम्मी मैं आपकी बेटी हूँ मुझ से क्या पर्दा? माँ बेटी में कोई राज़ नहीं होता है क्या? मुझे आज भी याद है जब मुकेश अंकल और आप दोपहर के दिनों में छुप छुप कर प्यार करते थे!!! मम्मी मैंने क्या कभी पापा को कुछ बताया था? फिर आज अपनी बेटी से ये नाटक क्यों कर रही है. वाओ मम्मी आप का जिस्म तो आज भी उसी तरह कसा हुआ है. आपके मम्मे आज भी उसी तरह टाइट हैं. सच कहूं मम्मी आप तो पापा के बाद और भी निखर गयी हैं. आज हम तीनो खूब मौज करेंगे. महेश अभी बियर ले कर आता ही होगा. बियर पी कर क्या मस्ती करता है महेश!!!!!!!!

    मम्मी – ना बेटी ना मैं बियर नहीं पीती. बियर पी कर मैं पगला जाती हूँ बहक जाती हूँ. मैं नहीं चाहती की मैं अपने बेटे जैसे दामाद के सामने कोई उलटी पुलटी हरकत कर बैठूं. और बियर मेरी काम वासना को भी भड़काती है. मेरे बदन में एक खुजली सी होने लगती है. मुझे सच में मर्द की कमी बहुत महसूस होती है. यहाँ पर मेरी हालत बहुत ख़राब हो जाएगी. प्लीज मुझे बियर पीने को मज़बूर मत करना!!!!!

    मैं मुस्कुरा पड़ी! मम्मी घबराने की कोई बात नहीं है. आपकी हर प्रॉब्लम का हल है मेरे पास. अब हमको बस शावर ही लेना है. अरे मम्मी आप ने तो अपनी चूत पर शेव भी नहीं की है. क्या आपके यार झांटों वाली चूत पसंद करते हैं? महेश को तो चूत बिलकुल साफ़ ही पसंद है. आपकी चूचि कितनी मस्त है!! अगर मेरे पति को मौका मिल जाये तो सारा दिन आपकी चूचि ही चूसते रहे!!!” मैंने मम्मी की नंगी चूचि को कस के दबा दिया.

    सासु माँ की चुदाई की कहानी हिन्दी मे

    बेटी तुम बहुत बेशरम हो गयी हो. अपनी माँ से ऐसे बात करते हैं क्या? और तुम ने मुकेश भाई साहिब के साथ मुझे कब देखा?”

    मैं बस मुस्कुरा पड़ी और हम दोनों शावर के नीचे नहाने लगे. मैं नहा कर बाहर चली गयी तो मम्मी अपनी चूत पर शेव करने लगी. महेश जब लौटा तो उसने बहुत सी बियर की बॉटल्स खरीदी हुई थी, कुछ तंदूरी मुर्गे, सलाद, भुने हुए काजू सिगरेट्स आदि सामान के ऊपर कुछ कंडोम्स भी थे. तभी मम्मी टॉवल लपेट कर बाथरूम से बाहर निकली. वो कंडोम्स देख कर शर्मा गयी. महेश ने बियर के तीन गिलास बनाये तो मम्मी बोली..Sasu maa ki chudai kahani

    मम्मी – बेटा मैं नहीं पीती! मैंने आरती को बताया है क्यों आरती?

    मैंने हंस कर कहा मम्मी कहती है के बियर पी कर वो बहक जाती है और मैंने कहा है की यहाँ कौन सा कोई बाहर का आदमी है? अगर मम्मी बहक भी जाएगी तो हम संभाल लेंगे क्यों महेश?

    मैंने पूछा तो महेश ने मुझे बाँहों में भर कर चूमते हुए कहा डार्लिंग क्यों नहीं!

    उस वक्त मैं पिंक कलर की ट्रांसपेरेंट नाइटी पहने हुई थी और नीचे पूरी नंगी थी. जब मम्मी कपडे पहनने के लिए जाने लगी तो मैंने उसको रोक लिया।

    मै – मम्मी यहीं बैठो न हमारे पास. आज के दिन सब कुछ भूल जाओ की मैं आपकी बेटी हूँ और महेश आपका दामाद है. यही समझो की हम तीनो यार हैं और शिमला मज़े लूटने आये हैं. महेश भी आपको अपना यार ही समझेंगे।

    मम्मी कुछ शरमाते हुए मेरे पास बैठ गयी. महेश ने मुझे देखा तो मैंने आँख मार कर इशारा किया।

    महेश – मम्मी आप मेरे पास बैठ जाएँ, मैं अपने हाथ से आपको बियर पिलाता हूँ. तभी आपकी झिजक ख़तम होगी।

    कहते ही महेश ने मम्मी को अपनी गोदी में बिठा लिया और ग्लास मम्मी के होंठों से लगा दिया. मम्मी ने शर्म से ऑंखें बंद कर ली लेकिन बियर पी ली.

    मै – महेश तुम भी शावर ले लो न. तुमसे पसीने की स्मेल आ रही है. तब तक मैं मम्मी की शर्म ख़तम करती हूँ. देखूं तो सही के मेरी मम्मी कितनी बहकती है पी कर. और फिर तुम भी तो हो मम्मी को सँभालने के लिए. ज़रा अच्छी तरह से साफ़ करना अपना……

    मैंने जान बुझ कर बात अधूरी छोड़ दी.

    मम्मी का चेहरा लाल हो उठा और महेश बेशर्मी से हंस पड़ा और बाथरूम में चला गया. मैंने एक एक गिलास और भरा और मम्मी को दे दिया. Sasu maa ki chudai kahani

    मै – मम्मी आप साथ वाले रूम से कुछ सीडी ले आओ. टीवी देखते हुए लेते हैं बियर का मज़ा.

    साथ वाले रूम में हमने कुछ बहुत गरम ब्लू फिल्म्स की सीडी रखी हुई थी. मेरा प्लान मम्मी को ब्लू फिल्म दिखा कर अपने पति से चुदवाने का था. इससे मैं अपने पति की इच्छा पूरी कर दूँगी और फिर मम्मी को भी लंड का सवाद मिल जायेगा. महेश बाथरूम में नहाते हुए गा रहा था. जब मम्मी कुछ देर तक वापिस न लौटी तो मैंने देखा की मम्मी बाथरूम के अंदर झांक रही थी. जब वो वापिस आयी तो मम्मी का चेहरा लाल था. क्योंकि मम्मी ने अपने दामाद का लंड देखा?

    मै – मम्मी मैंने आपको देख लिया था झांकते हुए. घबराने की ज़रूरत नहीं है. मेरा सब कुछ आपका ही तो है!

    इतने में महेश आ गया. उसने भी केवल टॉवल ही लपेट रखा था कमर के इर्द गिर्द. हम तीनो बियर पीने लगे और चिकन खाने लगे. मम्मी ज़रा आराम से बैठी थी. मैंने उठ कर एक ब्लू फिल्म चालू कर दी जो की एक हिंदी की थी. इस फिल्म में एक अमीर परिवार की माँ अपने नौकर से चुदवा रही होती है और ऊपर से उसकी जवान बेटी आ जाती है और माँ बेटी को भी नौकर से चुदवाने को निमंत्रित करती है. फिल्म के शुरू होते ही महेश ने मुझे सोफे पर लिटा कर चूमना शुरू कर दिया. मम्मी की नज़र टीवी से हट नहीं रही थी और जब उसने सोफे पर देखा तो तब तक महेश मुझे नंगा कर चुका था और मेरी चूचि चूस रहा था. मम्मी की आँखों में भी लाल डोरे तैर रहे थे.

    सासु माँ को चोदा पत्नी के साथ

    मै – महेश अपनी सासु माँ का भी ख्याल रखो ज़रा. मम्मी बहुत अकेली है. मम्मी से प्यार करो महेश.

    महेश ने मुझे छोड़ दिया और मम्मी की तरफ बढ़ गया. मम्मी ने भी अपनी बाहें खोल कर महेश को आलिंगन में ले लिया. महेश और मम्मी अब समझ चुके थे की मुझे उन दोनों के मिलन से कोई दिक्कत नहीं है और मैं भी उनका मिलन चाहती हूँ. महेश ने मम्मी को बाँहों में भर के किस कर लिया तो मेरी मम्मी की कामुक सिसकी निकल गयी. मेरा पति और मेरी मम्मी आपस मे किस करने लगे जैसे वो पति पत्नी हों. उनके लिप्स “पुच” “पुच” करने लगे. टीवी स्क्रीन पर नौकर अपनी मालकिन को घोड़ी बना रहा था.

    मैं बोली महेश मम्मी को बिस्तर पर ले चलो. वहां आराम से प्यार करना मम्मी को!! मुझे तैयार करने दो अपनी प्यारी मम्मी को. कहीं अपने दामाद से शर्माती न रह जाये. तब तक तुम नए गिलास भरो और ज़रा सिगरेट सुलगाओ. तब तक मैं मम्मी के अंदर आग सुलगाती हूँ!!”

    महेश बियर के गिलास भरने चला गया. मैंने मम्मी को पलंग पर लिटा दिया और उनका टॉवल खींच दिया. रूम में लाइट्स न होने से अँधेरा था. जब मेरी माँ ने जांघें खोली तो मैं उसकी फूली हुई चूत देखकर मस्त हो गयी. मम्मी की गोरी चूत एक दम पेस्ट्री जैसी लग रही थी. मम्मी अभी अभी चूत की शेव कर चुकी थी. मम्मी की बड़ी बड़ी चूचि आज मेरे पति के लिए क़यामत साबित होने वाली थी. वो ही चूचि जिस को चूस कर मैं बड़ी हुई थी, मेरा पति भी उसका स्वाद चखने वाला था. मैं अपनी मम्मी के ऊपर चढ़ गयी और उसको किस करने लगी और उसकी चूचि मसलने लगी. v

    मम्मी – आरती क्या ये ठीक है?

    मैं अपने होंठ मम्मी के पेट से होते हुए नाभि तक ले जा कर बोली, अगर आनंद न आ रहा हो तो जो हम कर रहे हैं वो गलत है वरना सही. तेरी चूत को तेरे दामाद के लंड का इंतज़ार है या नहीं? और वो भी न जाने कब से अपनी सासु माँ को चोदने के सपने देखता आ रहा है. इससे पहले की आपका दामाद आपको लंड से चोदे अपनी बेटी को इस नमकीन चूत का रसपान करने दो मम्मी!!!!!!!!! इस चूत को पापा ने मुकेश अंकल ने और न जाने कितने आपके यारों ने चोदा है चूसा है…आज अपनी बेटी को भी इसका मौका दे दो प्लीज!!!

    कहते ही मैंने मम्मी की जांघों पर स्पर्श करते हुए उनकी चूत पर अपने होंठ रख दिये।

    मम्मी -Ooooooooooooohhhhhhhhhhhhhh…. उम्मममममममम…….आआआआआहहहहहहहहहहह…….aaaaarrrrrrgggggghhhh…..
    बेटी……..मर गयी…..ऊईईई….माँआआआआ!!!!!!!!!!

    मम्मी सिसक उठी। मम्मी की चूत का रस मेरी ज़ुबान पर लगा तो मैं गन गना उठी. मम्मी की जांघें मेरे सर पर कस गयी और मैंने उनकी चूत के होंठों को अलग कर के उसका रस पीना शुरू कर दिया. मम्मी की चूत बुरी तरह से उत्तेजित थी और मैं भी चूत के लिए दीवानी हुई जा रही थी. ऐसी गरम चूत मैं पहली बार चाट रही थी. मम्मी अब अपने चूतड़ उठाने लगी और मेरी ज़ुबान को अपनी चूत की जड़ तक लेने की कोशिश करने लगी. जब मैं सांस लेने के लिए चूत से ऊपर उठी तो देखा की महेश ने अपने लंड को मम्मी के मुख में धकेला हुआ था और मम्मी मज़े से अपने दामाद का लंड चूस रही थी.

    सासु माँ को दमादजी ने चोदा

    क्या नज़ारा था. एक तरफ बेटी माँ की चूत चाट रही थी और दूसरी तरफ सासु माँ अपने दामाद का लंड चूस रही थी. महेश ने मम्मी के बालों को पकड़ रखा था और लंड ज़बरदस्ती से उनके मुँह में ठोक रहा था.

    महेश – उर्वशी तुम भी अपनी बेटी की तरह चूसती हो लंड को बिलकुल एक रांड की तरह!!!! मम्मी मेरे अंडकोष भी चुसो…ऊऊओह्ह्ह्ह…..आआह्ह्ह्हह्ह……मम्मीयिययी!!

    मैंने देखा की अगर महेश ऐसे ही लंड चुसाता रहा तो जल्द ही झड़ जायेगा. इसलिए मै मम्मी के मुँह से उसका लंड अलग करते हुए बोली –

    मै – मादरचोद अब जल्दी से चोद डालो अपनी सासु माँ को!! साले अपनी माँ पेश कर रही हूँ तुझे. कितने मज़े से लंड चुसवा रहे हो मेरे सामने मेरी माँ से? कल को अगर तेरी बेटी को कोई तेरे सामने चोदेगा तो कैसा लगेगा?

    लेकिन महेश ने मेरे मुँह में एक सिगरेट ठूंसते हुए कहा अगर खुद ही पेश कर रही हो मम्मी को मेरे लिए तो रो क्यों रही हो? अब हम माँ बेटे को चुदाई का आनंद तो ले लेने दो. चुदवा लेना मेरी बेटी को भी जिससे भी चुदवाना है और तू भी चुदवा लेना अपने जमाई से. मुझे अब मम्मी से हटने को मत कहना. Sasu maa ki chudai kahani

    मम्मी आप बोलो किस पोजीशन में चोदूँ आपको?”

    मम्मी तो अब चुदासी हो चुकी थी. वो बोली मेरे प्यारे बेटे जैसे चोदना है चोद ले. मैं तो अब तेरे इस प्यारे लंड से चुदने को तरस रही हूँ. आरती बेटी मुझे अपने पति का लंड देकर बहुत एहसान किया है तुमने. बेटा तू बोल तुझे घोड़ी की सवारी पसंद है? मुझे तेरे सामने झुक कर चुदवाने में बहुत आनंद आएगा!!!

    महेश हंस पड़ा सच मम्मी? आपके चूतड़ बहुत मस्त हैं अगर चोदते हुए आपकी गांड के दर्शन होते रहें तो क्या बात है?

    मम्मी झट से अपने हाथ और घुटनो के बल हो गयी और मैंने पति देव के लंड को पकड़ कर अपनी मम्मी के नितम्भों को अलग करते हुए उनकी चूत के मुख पर रख दिया.

    मै – महेश मेरे राजा मेरे मालिक डाल दे अपना लंड उस चूत में जिसमें से तेरी पत्नी का जन्म हुआ था जो मैंने किया है किसी और पत्नी ने शायद न किया हो. देख अपनी सासु माँ की चूत!!! कैसे भीग चुकी है अपने जमाई राजा के लंड का सवागत करने के लिए!!! इस पर रहम मत करना! यही इच्छा है मम्मी की चूत की।

    महेश ने अपने कूल्हे आगे बढ़ा दिए और उनका लंड आसानी से मम्मी की भीगी हुई चूत में चला गया।

    मम्मी – ओओओओओओ…….आआआआआआहहहहह…….माँआआआ,,…………हाँननननन.
    बेटाआआआआआआ……………आरतीइइइइइइइइ……………मेरी माआआआ!!!!!!!!

    मम्मी के गले से एक लम्बी सिसकी छूट पड़ी क्यों की महेश ने एक ही झटके में पूरा 8 इंच का मोटा लंड मम्मी कि प्यासी चूत मे धकेल दिया. मेरी माँ एक कुतिया की तरह हांफ रही थी और उसकी मोटी चूचि सीने के नीचे झूल रही थी. मेरा जी करता था की मम्मी की चूचि को चूस लूँ। फिर एक नया विचार मेरे दिल में आया. मैंने मम्मी से अपनी चूत चुसवाने की सोची. खुद मम्मी के मुख के सामने मैं टाँगें फैला कर लेट गयी और अपनी चूत पर हाथ फेरने लगी. महेश ने माँ की बगल से हाथ डाल कर उनकी चूचि कस के पकड़ ली और उसको मसलने लगा. मैंने मम्मी को इशारा क्या तो उन्होंने अपनी ज़ुबान मेरे चूत पर रख दी और में मम्मी का सर अपनी चूत की तरफ खींच लिया. उर्वशी को महेश पीछे से चोद रहा था और पति के मै अपनी मम्मी से चूत चुसवा रही थी.

    मै – गररररगगगगठ….ऊऊओह्ह्ह्हह मम्मीयियय….हाँ ऐसे ही चुसो अपनी बेटी की चूत!!!!!!! माँआआआआआ………बहुत मज़ा आ रहा है……..महेश चोद मेरी माँ को……अपनी सासु को….माँ कैसा लगा अपने जमाई का लंड….मेरे महेश का लंड……मेरे पति का लंड????

    मम्मी वाकई मे चूत की चुसाई करना जानती थी. मेरे अंदर से निकलने वाला रस चाट रही थी और बार बार अपनी ज़ुबान से मेरे क्लिट को चूम लेती थी. मैं उत्तेजित हो कर अपनी उँगलियाँ मम्मी के बालों में डाल रही थी और मेरी गांड अपने आप ऊपर उठ रही थी. Sasu maa ki chudai kahani

    महेश – आरती बहुत टाइट है उर्वशी…मेरी माँ बहुत टाइट है तेरी चूत….बिलकुल कुंवारी लड़की जैसी है तेरी चूत मम्मी…..हम से कभी जुदा न होना…..मेरी बन कर रहना….हम तीनो कभी जुदा न होंगे!!!!!!! महेश ना जाने क्या क्या बोल रहा था.

    मम्मी की चूत में जब मेरे पति का लंड आ जा रहा था तो एक मधुर संगीत मेरे कानो में बज रहा था…..लंड चूत में जाते वक्त जो संगीत बनता है उससे बढ़के कोई संगीत नहीं होता. मम्मी अब अपनी गांड पीछे धकेल रही थी और महेश का लंड तेज़ रफ़्तार से मम्मी को चोद रहा था. महेश की स्पीड से लग रहा था की वो झड़ने के करीब आ चुका था. इधर मम्मी की ज़ुबान ने मेरा पानी निकाल दिया था और मैं मम्मी की ज़ुबान पर झड़ने लगी मेरी साँसें उखड रही थी.

    माआआआ…..मैं जा रहा हूँ….सासु माँ मैं झड़ रहा हूँ……आपकी चूत मेरा रस निकाल रही है…आआह्ह्ह्हह…भगवन…….मम्मी आपने मुझे स्वर्ग का मज़ा दे दिया है….मेरा लंड मस्त कर दिया आपने!

    Maine Sasu maa ki chudai ki kahani

    मम्मी के मुँह से कामुक सिसकारिआं निकल रही थी. शायद वो भी उसी वक्त झड़ रही थी. मम्मी ने मेरी चूत से मुँह अलग कर लिया और बोली..

    मम्मी – बेटा ज़ोर से….और ज़ोर से…चोद डाल मुझे….अपनी माँ को चोद बेटा…..आज तुमने बेटी के साथ माँ को भी निहाल कर दिया…..मैं भी झड़ रही हूँ….मम्मी झड़ रही है……बस अब बस ….मैं गयी……माआ!!!!!!!!!

    पति देव की ऑंखें कामुकता के कारन बंद थी लेकिन वो मम्मी को चोदे जा रहे थे. फिर उनका लावा छुट पड़ा. मेरी कल्पना की आँख अपनी माँ की चूत में गिरने वाले फौवारे को देख रही थी जब हाँफते हुए मेरे पति ने अपना बीज मम्मी की चूत में उड़ेलना शुरू कर दिया. 10-12 धक्के मारने के बाद महेश खलास हो गए. Sasu maa ki chudai kahani

    क्यों मम्मी कैसा रहा फर्स्ट राउंड चुदाई का? मैंने पूछा तो मम्मी बोली..

    मम्मी – बेटी मेरी तो जान ही निकाल डाली जमाई राजा ने. ऐसा लंड मैंने नहीं देखा पहले कभी. मेरी तो बस हो गयी. मुझे लगता है मैं सारा दिन उठ न पाऊँगी. बहुत दम है तेरे लंड में बेटा!!

    लेकिन महेश का इरादा कुछ और ही था. मम्मी मेरा 8 इंच का इन्जेक्शन आपको फिर से चुदवाने के लिए तैयार कर देगा. हमारी चुदाई में रुकावट नहीं पड़ेगी शिमला में हमारी चुदाई नॉन-स्टॉप चलेगी क्यों आरती?

    मैंने कहा बिलकुल मेरे राजा लेकिन पहले मुझे मम्मी की चूत से अपना रस चाट लेने दो। मैं मम्मी की चूत पर झुक गयी और महेश और मम्मी हंस पड़े….

    कहानी पसंद आए तो अपने विचार नीचे कमैंट्स में जरूर लिखे! जिससे हम आपके लिए एक से बढ़कर एक कामुक कहानिया पोस्ट कर सके!

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  • पापा ने खोली बबीता की कुंवारी चूत | Papa aur beti ki chudai ki kahani

    Papa aur beti ki chudai ki kahani:- हेलो फ्रेंड्स मैं बबिता हूँ हैदराबाद की रहने वाली हूँ और मेरी उम्र 25 साल है. मेरा सेक्सी फिगर 38-30-38 है मेरे बूब्स एक दम कड़क है। और जो भी लड़का मुझे देखता है उसका लंड एक दम से खड़ा हो जाता है। मेरे बूब्स के निप्पल्स का रंग गुलाबी है। दोस्तों मैं आपको बता दूँ की ये कहानी मेरी दीदी ने लिखी है जिसमे मेरी और पापा की चुदाई की कहानी है. तो अब बस आराम से बैठ कर एन्जॉय कीजिये. बात तब की है जब उस रात मैं अपने डैड से चुद गयी थी. उनको भी पता नहीं चला की वो किसे चोद रहे है। और मैं इतफ़ाक़ से अपने पापा से चुद गयी थी।

    Papa aur beti ki chudai kahani

    फिर मेरी दीदी ने मुझसे बात करि की तू उस रात किससे चुदवा रही थी।

    बबिता – दीदी मैं कहाँ आप ने किसी और को देखा होगा?

    दीदी – अब चुप कर तेरी चोरी पड़की गयी है मुझे सब पता है. उस रात तू मेरे डैड से चुदी है।

    ये सुनते ही उसने अपने मुँह पर हाथ रख लिया ओके दीदी अब मैं सच बताती हूँ मेरे और मेरे पापा के बीच सेक्स का रिश्ता करीब 1 साल से है ओके।

    दीदी – ओह नाइस यार बबिता वैसे तुमने सेक्स क्यों किया अपने पापा से?

    बबिता – दीदी वो पापा अकेले पड़ गए थे मैंने उनकी हेल्प करी और एक अच्छी बेटी अपने पापा की हर बात मानती है।

    दीदी – हाँ ये तो तू सही बोली तू, बेटी वो ही अच्छी है जो अपने पापा की हर बात माने। वैसे तूने अपने पापा के साथ सेक्स करके बहुत अच्छा काम किया है कसम से। क्योकि मैं भी अपना पापा के साथ करती हूँ।

    बबिता – नाइस दीदी बेटियां बाप की रानियाँ होती है।

    दीदी – हाँ होती है तू बता तेरा फर्स्ट टाइम कैसे हुआ था। और क्यों हुआ कोई मज़बूरी थी या शौक या फिर आदत थी बता?

    बबिता – दीदी वो पहले तो शौक शौक में किया पर फिर आदत पड़ गयी सेक्स करने की।

    दीदी – अच्छी बात है बबिता वैसे कहाँ पर किया था घर में या कहीं बाहर?

    Papa ne mujhe choda jab mummy beemar thi

    बबिता – वो अक्सर मेरी माँ बीमार रहने लग गयी थी। फिर उनको हॉस्पिटल में एडमिट किया हुआ था। डॉक्टर ने कहा था की माँ के पास सिर्फ एक ही पर्सन रुक सकता है। इसलिए माँ के पास दादी रुक गयी और मैं पहले से ही घर पर थी। फिर पापा घर आ गए क्योकि उन्हें ऑफिस में कोई जरुरी काम था। जैसे ही वो आये तो डाइनिंग टेबल पर खाना खाने बैठ गए। कुछ ही देर बाद मैं खाना देने के लिए उनके सामने झुकी। उस टाइम मैंने ब्रा नहीं डाली हुई थी इसलिए पापा को मेरे बूब्स के पिंक निप्पल्स दिख गए। और जब मैंने खड़ी हो कर देखा तो पापा मेरे बूब्स को देख रहे थे। फिर मैं पापा से बोली। Papa aur beti ki chudai ki kahani

    मैं – पापा क्या हुआ?

    पापा – कुछ नहीं बेटा ऐसे ही तू खाना दे और अपने रूम में जा कर सो जा।

    बबिता – ठीक है पापा मुझे शर्म आ रही थी। मैं पापा से अपनी ऑंखें चुरा रही थी मुझे अजीब सी फीलिंग आ रही थी। पहली बार किसी ने मुझे इस तरह देखा था।

    दीदी – लगता है तेरे पापा तेरे ऊपर फिदा हो गए थे।

    बबिता – हाँ दीदी फिर मैं अपने रूम में चली गयी कुछ देर बाद मैं पानी पीने के लिए उठी। और मैं किचन में जा रही थी तो पापा के बैडरूम में से आह आह की मुझे आवाजें सुनाई दी। मैंने देखा की पापा अपना लंड पकड़ कर हिला रहे थे मैंने पहली बार किसी मर्द का लंड देखा था। वो बहुत तगड़ा और चिकना लम्बा लंड एक मस्त गुलाबी टोपा वाला था। दीदी लंड पर से मेरी ऑंखें हट ही नहीं रही थी। जब से मैंने पापा का लंड देखा था मेरी चूत में खुजली होने लग गयी थी। अब मुझे कैसे भी करके अपने पापा का लंड लेना था। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था की मुझे क्या हो रहा है। मैं पापा के बारे में क्यों इतना गलत सोच रही हूँ। मैं पापा के सपने देखने लग गयी वो रोज मुझे सपने में आ कर चोदते थे। और मेरी चूत इससे गीली हो जाती थी। मुझे पता नहीं मेरे साथ क्या हो रहा था मेरे जिस्म में आग सी लग रही थी। मैं अक्सर गरम रहने लग गयी और अब मैं पोर्न मूवी भी देखने लग गयी। अकेले में मैं अपनी चूत में ऊँगली भी करती थी और अपने बूब्स को मसलती थी। Papa aur beti ki chudai ki kahani

    Papa ne beti ki chut fadi

    दीदी – तूने एक बार लंड देखा और तेरी ऐसी हालत हो गयी थी की तुझे अब चुदाई ही करवानी पड़ी।

    बबिता – दीदी वो मुझे भी मालूम नहीं था की मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है। मैं अपनी ऑंखें बंद करती तो मुझे पापा का लंड ही नजर आता था। फिर मैंने फ़ाइनल कर लिया की मैं अपने पापा से चुदाई करवाऊँगी।

    दीदी – फिर तूने कैसे पटाया अपने पापा को चुदाई के लिए?

    बबिता – दीदी मेरी चूत बहुत तड़प रही थी पापा के लंड के लिए। पर मुझे उनसे अब चुदना ही था पर मुझे डर भी बहुत लगता था। खैर फिर मैं पापा के बैडरूम वाले बाथरूम में नहाने चल गयी तभी पापा वहीं पर बैठे हुए थे। मैंने डरते हुए उन्हें आवाज लगायी और मैं बोली।

    मैं – पापा प्लीज मेरे रूम में से मेरे कपडे ला दो मैं वहीं पर भूल आयी हूँ।

    पापा मेरे कपडे ले आये और बोले – बेटा लो अपने कपडे। पापा की आवाज सुनते ही मैंने बाथरूम का दरवाजा थोड़ा सा खोल दिया। और उनके सामने मैं खड़ी थी जैसे ही पापा को मेरे बूब्स और चूत दिखी। तो पापा ने मुझे मेरे कपडे दिए और उनकी नजर एक दम से नीचे हो गयी। फिर मैंने दरवाजा बंद कर दिया और मैंने की होल में से देखा तो पापा वहीं पर खड़े थे। मैं समझ गयी की पापा को मेरी चूत पसंद आ गयी है। फिर मैंने दरवाजा खोला तो पापा वहां से हट गए थी मैं आयी तो पापा मुझे ही देख रहे थे। मैं भी जान बूझ कर उसके सामने अपने बालों को ठीक करने लग गयी थी। फिर मैं अपने बूब्स ऊपर करके पापा के पास चली गयी और फिर मैं अपने रूम में चली गयी। पापा की नजर मेरे ऊपर थी जिससे मैं गरम होने लग गयी थी। तो फिर मैंने अपनी सलवार उतार कर अपनी चूत में सबसे छोटी वाली ऊँगली डाल कर अंदर बाहर करने लग गयी। मैं आह आह कर रही थी तभी मुझे लगा की कोई नजर मुझे देख रही है। फिर जैसे ही मैंने देखा तो मेरे पापा वहीं पर खड़े थे मैं बहुत डर गयी थी। और मैं अपने आपको ठीक करने लग गयी और मैं अपनी सलवार का नाडा बांधने लग गयी। पर तभी पापा वहां से चले गए और मैं बहुत ज्यादा डर गयी थी। मैं सोचने लग गयी की अब पापा मेरे बारे में क्या सोचेगें। Papa aur beti ki chudai ki kahani

    पापा और बेटी की चुदाई की कहानी

    दीदी – क्या सोचेगें तेरे पापा भी तुझे चोदना चाहते थे बबिता तभी वो तुझे देख रहे थे।

    बबिता – हाँ दीदी ये मुझे भी ख्याल था पर मैं डर गयी थी अपने पापा से। फिर सुबह जब हम साथ में ब्रेकफास्ट कर रहे थे तब मैं पापा से नजरें उठा कर देख भी नहीं पा रही थी। मुझे कुछ अजीब सी फीलिंग हो रही थी मुझे पता था की पापा मुझे चोदना चाहते है। पर वो मुझे कह नहीं पा रहे थे।

    फिर दिन को मैं स्कूल से वापिस घर आयी तो पापा हॉल में बैठे अपनी की ज़िप खोल कर अपना लंड हिला रहे थे। पापा नींद में थे और मैं अब खुद को रोक नहीं पायी। फिर मैं खुद अपने हाथो से पापा के लंड को हिलाने लग गयी मैंने लंड को मुट्ठी में भर लिया। जब मैंने नीचे किया तो उनका टोपा चमकने लग गया जिसे देख कर मैं पागल हो गयी। फिर मैंने तभी उसके लंड को अपने मुँह में भर लिया और मैं उसे चूसने लग गयी। पापा नींद में ही आह आह करने लग गए और कुछ ही देर में लंड से सफ़ेद सा पानी निकलने लग गया। तभी मैंने एक दम से लंड को छोड़ दिया और मैं साइड में हो गयी। फिर पापा की आंख खुल गयी और उन्होंने मुझे और खुद को देखा और पापा बोले। Papa aur beti ki chudai ki kahani

    पापा – सॉरी बेटा।

    मेरे पापा ने मेरी सील तोड़ी

    फिर मैं अपने रूम में चली गयी मम्मी अपने बेड पर थी वो बीमार थी। और फिर रात के 12 बजे के आस पास मुझे नींद नहीं आ रही थी। पापा मेरे पास मेरे रूम में आये और वो मेरे गाल पर हाथ फेरने लग गए फिर उन्होंने मेरे बूब्स पर हाथ रखा। तब मेरा फिगर 32-26-32 था वो मेरी सलवार के ऊपर से ही मेरी चूत को सहला रहे थे। मेरी चूत एक दम चिकनी थी मैं अब सोने का नाटक कर रही थी। पापा को लगा की मैं सो रही हूँ। मैं अभी तक कुछ नहीं बोली जिससे पापा की हिम्मत और बढ़ गयी। फिर उन्होंने मेरी सलवार का नाडा खोल दिया मुझे इस हालत में देख कर वो बोले वाओ और फिर उन्होंने मुझे एक किस कर ली। फिर वो अपनी जीब से मेरी चूत को चाटने लग गए।साथ ही वो मेरे बूब्स को मसल रहे थे कुछ ही देर में मेरी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया। फिर पापा ने मेरी चूत का सारा पानी चाट लिया पापा ने फिर से मेरी सलवार का नाडा बंद दिया।और वो मुझे लिप्स किस करके चले गए मेरा दिल तो कर रहा था की अभी मैं पापा को बाँहों में भर लूँ पर मुझे अभी भी डर लग रहा था।

    फिर अक्सर रात को पापा मेरे साथ ऐसा करते वो कभी कभी मेरी चूत को चाटते तो कभी अपने लंड का टोपा मेरी गुलाबी चूत के लिप्स पर रगड़ते। मैं हमेशा ही सोने का नाटक करती थी। पापा को लगता था की मैं सो रही हूँ पर मुझे मालूम नहीं रात को क्या क्या होता है। Papa aur beti ki chudai ki kahani

    दीदी – फिर सेक्स कब किया बबिता तूने अपने पापा से?

    बबिता – दीदी बात ये थी की मुझे डर लगता था अपने पापा से की कहीं वो मुझे डांट ना दे। फिर मैंने रात को पापा के खाने में 2 नींद की गोलिया डाल दी। क्योकि मैंने अब ठान लिया था की आज तो मुझे कुछ करना ही है। इसलिए मैं भी पूरी तैयार थी मैंने आज ब्लू जीन्स और पिंक टॉप डाला हुआ था।

    पापा घर आये और मुझे देख कर वो बोले – बेटा आज बहुत अच्छी लगी रही हो कहीं जाने की तैयारी है क्या?

    बबिता – नहीं पापा बस ऐसे ही मुझे अच्छा लगता है।

    पापा – चलो खाना दो तेरी मम्मी ने खाना खाया?

    बबिता – हाँ पापा मम्मी ने खाना खा लिया है और वो सो गयी है। वैसे भी मम्मी की वजह से वो बहुत उदास रहते थे। इससे मेरे पापा की लाइफ एक दम बोर हो गयी थी।

    दीदी – हाँ बबिता मेरे साथ भी ये ही हुआ था। मेरी माँ अक्सर घर देर से आती थी इससे मेरे पापा बहुत उदास रहने लग गए थे। फिर मैं अपने पापा का सहारा बनी जैसे तू बनी है।

    बबिता – जी हाँ दीदी फिर पापा ने खाना खाया और उनको गोलियों का नशा होने लग गया। फिर पापा अपने बैडरूम में चले गए और मैं भी उनके पीछे पीछे चली गयी। मैं उनके रूम में दरवाजे पर खड़ी थी।

    पापा – डार्लिंग वहां खड़ा कड़ी हो आ जाओ मेरी बाहों में जानू मैं कब से तड़प रहा हूँ।

    Papa se chudai ki kahani

    अब पापा मुझे मम्मी समझ रहे थे वो मेरी मम्मी को जान्नु बोलते है। और उन्हें अब गोली का असर हो रहा था फिर मैं उनके पास गयी और मैं उनकी बाँहों में लिपट गयी। पापा मेरी कमर और मेरी गांड पर हाथ फेर रहे थे मुझे अब बहुत मजा आ रहा था। वो मेरे चूतड़ों को मसल रहे थे और मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ रहे थे। वो मेरे गालों को चूम रहे थे फिर उन्होंने मुझे ऊपर किया। और उन्होंने मेरी जीन्स का बटन खोल कर मेरी जीन्स को उतार कर साइड में फेंक दिया। साथ ही उन्होंने मेरी पैंटी को उतार दिया। और खुद भी उन्होंने अपने सारे कपडे निकाल दिए अब पापा मेरी चूत को चूमने लग गए। थोड़ी देर बाद पापा ने लंड चूत से लगा दिया थोड़ी देर धीरे धीरे उन्होंने लंड को मेरी चूत पर रगड़ा।मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लग गयी थी मैं आह आह कर रही थी। फिर पापा सीधे हो गए और मैं उनके ऊपर आ कर लंड को अपनी चूत के लिप्स में फँसाने लग गयी। फिर मैं आगे पीछे होने लग गयी और पापा का लंड मेरी चूत में जाने लग गया। मेरी चूत गीली हो गयी थी और लंड का टोपा इससे अंदर घुस गया था। अभी लंड 2 इंच ही अंदर गया था और मेरे मुँह से आह आह से भरी सिसकारियां निकलने लग गयी। पर मुझे मजा आ रहा था फिर 10 मिनट बाद पापा के लंड का पानी निकल गया। पापा ने अपना गरम गरम माल मेरी चूत में भर दिया उस पानी से मैं एक दम से शांत हो गयी। फिर पापा और मैं वहीं पर ऐसे ही सो गए। सुबह जब पापा उठे तो मैं सोने का नाटक कर रही थी। पापा झट से उठे और अपने कपडे डालने लग गए फिर मैंने अपनी एक आंख खोली और मैं बोली। मैं – पापा क्या बात रात तो आप मुझे बड़े मजे में चोद रहे थे। और अब आपको बहुत शर्म आ रही है। मुझे पहले पापा से बहुत डर लगता था पर पापा से एक बार सेक्स करने के बाद मेरा सारा डर ख़तम हो गया था। मैं पापा के साथ खुलकर बोलने लग गयी। फिर मैंने पापा को हग किया और मैं उन्हें किस करने लग गयी। पापा खुश हो गए और फिर हम एक साथ नीचे आये और ब्रेकफास्ट किया। उसके बाद पापा अपने ऑफिस चले गए और मैं अपने कॉलेज में चली गयी।

    दीदी – फिर कब पूरी चुदाई हुई तुम्हारी और वैसे तेरे पापा का लंड साइज क्या है?

    बबिता – दीदी पापा का लंड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। फिर रात के खाने के बाद फिर मैं अपने रूम में चली गयी और थोड़ी देर बाद पापा अंदर आये।फिर वो मेरे साथ मेरे बेड पर लेट गए और लाइट ऑफ कर दी। मैं दूसरी तरफ मुँह करके सो गयी। मुझे पापा का लंड अपनी गांड में महसूस हो रहा था फिर पापा ने मेरी सलवार का नाडा खोल दिया।और अपने पैर से उन्होंने मेरी सलवार को नीचे कर दिया। फिर वो मेरी गांड पर हाथ फेरने लग गए और फिर उन्होंने मेरी पैंटी भी उतार दी। अब वो मेरी चूत में अपनी ऊँगली अंदर बाहर करने लग गयी। मैं आह अहह ओह्ह कर रही थी फिर पापा ने अपनी स्पीड तेज़ कर दी। फिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ किया और वो मुझे किस करने लग गए। काफी देर किसिंग के बाद उन्होंने मेरी ब्रा और टॉप को उतार दिया। फिर उन्होंने अपने कपडे भी उतार दिए अब हम दोनों नंगे थे। वो मेरे ऊपर आ गए और अपना लंड मेरी चूत पर उन्होंने सेट कर दिया। और फिर उन्होंने धक्के मारने शुरू कर दिये। Papa aur beti ki chudai ki kahani

    Papa ne mujhe khub choda

    उनका लंड बड़ा था और मेरी चूत का होल काफी छोटा था। उनका लंड बहुत मुश्किल से 2 इंच ही अंदर गया था। तभी मुझे मीठा मीठा दर्द होने लग गया फिर पापा ने एक जोर से धक्का मारा और लंड 2 इंच और अंदर चला गया मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लग गयी। पापा ने मेरे मुँह पर अपना एक हाथ रख दिया जिससे मैं आवाज नहीं कर सकती थी। फिर पापा ने धक्के मारने शुरू कर दिए और उन्होंने अपना 8 इंच का लंड मेरी चूत में डाल दिया। मैं अह्ह्ह आह भी नहीं कर पा रही थी मेरी आँखों से आंसू निकल रहे थे। जो साफ़ बता रहे थे की मुझे कितना दर्द हो रहा था। पापा बस मुझे चोदे जा रहे थे जब उनका पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया। तब उन्होंने अपना हाथ मेरे मुँह से हटाया। मेरी चीख निकल गयी और

    मैं बोली – पापा इसे बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है आह अहह ओह्ह्ह उफ़ पापा आह प्लीज निकालो।

    पर पापा बिना रुके धक्के मार रहे थे और

    वो बोले – बेटा रुक जाओ थोड़ी देर बाद ये दर्द मजे में बदल जायेगा।

    फिर थोड़ी देर बाद मुझे सच में मजा आने लग गया और फिर मैं बोली।

    मैं – आह आह हाँ पापा अब मुझे मजा आ रहा है। प्लीज और जोर से मेरी चूत को चोदो ना हाँ आह आह और जोर से पापा प्लीज अपना सारा जोर लगा दो।

    पापा फुल जोश में मेरी चुदाई कर रहे थे और वो मेरे बूब्स को दबा रहे थे। मुझे पापा के लंड का जादू अच्छा लग रहा था फिर 30 मिनट बाद मुझे अपनी चूत में पापा के लंड का पानी महसूस हुआ। फिर हम दोनों शांत हो गए थे थोड़ी देर बाद मैं उठ कर बाथरूम में गयी। मैंने देखा की मेरी टांगों में खून लगा हुआ था। और मेरी चूत खून से भरी हुई थी मेरी चूत में से खून नीचे टपक रहा था। मैं खून देख कर डर गयी फिर मैंने चूत को पानी से साफ़ किया और मैं वापिस से बेड पर आयी और मैंने लाइट्स ऑन कर दी। तो मैंने देखा की बेड पर खून ही खून लगा हुआ है। फिर पापा ने मुझे बताया की पहली चुदाई में खून निकलता ही है। और ये सब नार्मल है कोई डरने वाली बात नहीं है। फिर मैंने बिस्तर साफ़ किया और मैं नहाने बाथरूम में चली गयी।

    उस रात के बाद हर संडे मेरी चुदाई पापा से होती है। तो दोस्तों आपको मेरी कहानी कैसी लगी प्लीज मुझे कमेंट करके जरूर बताना!

  • नेहा आंटी की चूत का मज़ा | Neha Aunty ki Chudai ki Kahani in Hindi

    Neha Aunty ki Chudai ki Kahani in Hindi:- हेलो दोस्तों मैं सोनू शर्मा 22 साल का हु दिल्ली मैं रह रहा हु. मैंने काफी सारी स्टोरी पढ़ी है और मेरी यह पहली स्टोरी है कैसे मैंने अपने पड़ोस में रहने वाले आंटी को गरम करके चोदा. चलिए शुरू करते है.

    अब आंटी के बारे में बता दू आपको, उनका नाम नेहा है (नाम चेंज) उम्र 32 और उनका फिगर 34-32-36 के आस पास होगा। रंग उनका पूरा गोरा है. यह घटना जनवरी 2022 की है जब मै सुबह सुबह 6 बजे अपने छत पे वाक कर रहा था. तब मेरी नज़र नेहा आंटी के बाथरूम में पड़ी. मैंने देखा की नेहा आंटी अपने कपडे उतार रही थी और इधर मेरे लंड की हालत खराब हो रही थी. मै उनको देख था रहा फिर वो नंगी हो कर नहाने लगी. बता नहीं सकता दोस्तों क्या माल लग रही नेहा आंटी. फिर पूरा दिन मेरे दिमाग में नेहा आंटी का नंगा बदन मेरे सामने आ रहा था. वही सोच कर मैंने उनके नाम की मुठ मारी. लकिन अंदर की आग शांत नहीं हुई.

    Desi aunty ki chudai देसी आंटी की चुदाई

    फिर मैंने सोच लिया था जो भी हो जाए नेहा आंटी को चोद कर ही रहुगा. मेरे पास उनका व्हाट्सप्प नंबर भी था लकिन उनसे बात नहीं की थी कभी. उसी रात को 11 बजे मैंने उनको व्हाट्सप्प पे मैसेज किया. Neha Aunty ki Chudai ki Kahani in Hindi

    मै – हेलो!

    नेहा आंटी – (11:20 पे मैसेज आया) हेलो.

    मै – कैसी हो आंटी जी आप? खाना हो गया आपका?

    नेहा आंटी – बढ़िया है खाना हो गया तू बता?

    मै – जी मै भी ठीक हु.

    बस रात मै इधर उधर की हुई फिर.

    नेहा आंटी – चल ठीक है मुझे नींद आ रही है बाद मै बात करते है गुड नाईट.

    मै – गुड नाईट (और साथ मै मैंने हार्ट वाला इमोजी भी सेंड किया.)

    Sexy aunty ki chudai सेक्सी आंटी की चुदाई

    फिर मै सुबह जल्दी उठा और छत पे वाक करने चला गया. आंटी भी आयी हुई थी वाक करने के लिए. हम दोनों के आलावा कोई नहीं था छत पर. वो साइड मे वाक कर रही थी और मै दूसरी साइड पर. जब भी वो मेरे सामने आती तोह मै अपना लंड मसलता और वो नेहा आंटी ने भी देख लिया था लकिन कुछ बोली नहीं. उसके बाद रात मे नेहा आंटी का खुद सामने से मैसेज आया. Neha Aunty ki Chudai ki Kahani in Hindi

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    नेहा आंटी – हेलो.

    मै – हेलो.

    नेहा आंटी – क्या कर रहा है?

    मै – आपको याद.

    नेहा आंटी – किस ख़ुशी मे मुझे याद किया जा रहा है बता?

    मै – क्यों याद नहीं कर सकते क्या किसी को?

    नेहा आंटी – नहीं नहीं कर सकता है लकिन कोई रात मे बिना वजह तो याद नही करता है?

    मै – लकिन मै करता हु.

    नेहा आंटी – तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?

    मै – नहीं इतना अच्छा नसीब कहा.

    नेहा आंटी – अच्छा इसलिए सुबह मुझे देख कर बार बार अपना लंड खुजला रहा था तू.

    मै (यह सुन कर मै थोड़ा सा शॉक हो गया है और डर भी लग रहा था साला कही फंस न जाऊ)

    मै – वो तोह बस ऐसे ही.

    नेहा आंटी – अच्छा सुन मुझे कल तेरी हेल्प चाहिए थी थोड़ा सा सामान इधर उधर करना है थोड़ा सा सुबह 5 बजे आना मेरे घर पर.

    मै – (मन ही मन मे खुश होते हुए) ओके आंटी.

    नेहा आंटी – ओके गुड नाईट.

    मै – गुड नाईट.

    Hot aunty ki chudai हॉट आंटी की चुदाई

    रात मे मुझे नींद नहीं आ रही थी क्युकी लंड पूरा टाइट हो गया था. जैसे ही सुबह हुई तो मैं अंकल की बाइक देखने के लिए निचे चला गया रात मे उनकी बाइक थी. इसका मतलब यह था की अंकल मॉर्निंग ड्यूटी गए हुए है. मौका भी अच्छा था नेहा आंटी को चोदने का. मैंने उनका गेट नॉक किया। जैसे ही नेहा आंटी ने गेट खोला तो वो क्या लग रही थी! वो शॉर्ट्स और टाइट टी शर्ट पहने हुए थी. मै तो उनको देखता ही रह गया. Neha Aunty ki Chudai ki Kahani in Hindi

    नेहा आंटी बोली क्या देख रहा है अंदर आजा.

    मै – आज आप काफी अच्छी लग रही हो.

    नेहा आंटी – थैंक यू.

    मै – क्या करना आंटी जी अभी?

    नेहा आंटी – वो टेबल और अलमारी एक साइड रखनी है.

    Aunty ki chudai ki kahani आंटी की चुदाई की कहानी

    मै – (मेरा लंड पूरा खड़ा हो चूका था और शांत ही नहीं हो रहा था और जान बूझ कर मैंने अंडरवियर भी नहीं डाली थी. इसलिए पूरा खड़ा लंड दिख रहा था जो नेहा आंटी ने भी नोटिस कर लिया था)

    मै – ओके करते है.

    मैं उनकी गांड को ही देख रहा था.

    फिर हमने सामान सेट किया.

    नेहा आंटी – ऊपर से कुछ निकाल रही थी लकिन उनका हाथ नहीं पहुँच रहा था. मै आंटी क पीछे गया और पीछे से उनकी गांड पर अपना लंड टच करवा रहा था. वो कुछ नहीं बोली इसका मतलब ग्रीन सिग्नल है नेहा आंटी का. फिर मैंने सामान निकाला और उनको दिया तो वो बोली टीवी चालू कर, मै तब तक चाय बना के लाती हु. लेकिन अब मेरे से कण्ट्रोल बिलकुल नहीं हो रहा था. मै भी किचन मै चला गया और उनके पास गया और हिम्मत करके नेहा आंटी को पीछे से पकड़ लिया और नैक पे किस किया और प्यार से उनके कान मै फुक मारी. वो डर गयी थी और मुझे गालिया दे रही थी. फिर मैंने नेहा आंटी का फेस सामने किया और लिप्स पे किस किया. Neha Aunty ki Chudai ki Kahani in Hindi

    Aunty ki chudai story आंटी की चुदाई स्टोरी

    2 मिनट बाद वो खुद मेरा साथ दे रही थी. हमने 10 मिनट तक ऐसे ही किचन मे किस किया उसके बाद मैं उनको हॉल मे लेकर आया. नेहा आंटी अब पूरी गरम हो चुकी थी. मैंने फिर से उनको किस करना शुरू कर कर दिया और साथ मे उनकी चूत भी मसल रहा था और बूब्स भी प्रेस कर रहा रहा. एकदम से वो बोली की दूसरे रूम का गेट लॉक कर दो (उनका 4 साल का बच्चा सो रहा था अंदर). मै रूम लॉक करके आया तब तक आंटी ने अपने पुरे कपडे उतार दिए थे. टाइम न वेस्ट करते हुए मैंने भी अपने कपडे जल्दी से उतारे और उसके पास गया.

    नेहा आंटी के बूब्स मै बहुत प्यार से चूसने लगा और बीच बीच मै काट भी रहा था. फिर मैंने नेहा आंटी की चूत देखि पिंक कलर की टाइट एकदम मस्त खुशबू आ रही थी. मैंने उनकी चूत चाटना शुरू किया. 15 मिनट चूत चाटने के बाद नेहा आंटी एक बार डिस्चार्ज हो गयी थी. उसके बाद मैंने अपना लंड सामने रखा और आंटी ने लॉलीपॉप की तरह उसको चूसा. फिर बोली डाल दे बेबी अब सबर नहीं हो रहा है. मैंने लंड पे और चूत पे थोड़ी सी थूक लगायी और एक झटके से अंदर डाल दिया। Neha Aunty ki Chudai ki Kahani in Hindi

    नेहा आंटी चिल्ला के मुझे गाली दी भोसड़ीवाले आराम से कर!

    लेकिन मैंने उनकी एक नहीं सुनी और उनको जोर जोर से चोदा 25 मिनट तक जिसमे वो 2 बार डिस्चार्ज हुई.

    मै – (मेरा निकलने वाला था) तो मैंने पूछा कहाँ निकालूँ बहन की लौड़ी बोलो?

    !नेहा आंटी बोली अंदर ही निकाल दे…

    मै – ओके.

    नेहा आंटी – मज़ा आ गया यार मेरा पति भी ऐसा नहीं चोदता है मुझे जैसे आज तूने चोदा आई लव यू मेरी जान.

    मै – मुझे भी काफी मज़ा आया आपके साथ.

    मैं थक चूका था काफी और वही पे हम दोनों को नींद लग गयी. नेक्स्ट पार्ट मे बताउगा की कैसे मैंने नेहा आंटी की गांड मारी.

  • दोस्त की पत्नी को अपनी बीवी बनाया | Dost ki biwi ko choda story

    Dost ki biwi ko choda story:- हेलो दोस्तों मेरा नाम इरफ़ान शेख है. मै आज आपके सामने अपनी एक रियल कहानी बताने जा रहा हूँ. मै अपनी ख़ुशी आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ और आप सब मेरे और मेरे परिवार के लिए दुआ करना. मैं सेक्स कहानी पूरी शुरू से बताता हूँ कैसे सब हुआ. आज मै 31 साल का हूँ और ये कहानी 4 साल पहले स्टार्ट हुई थी.

    मै साँवले रंग का जवान लड़का हूँ. मेरी हाइट और बॉडी अच्छी है. मै ज़्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूँ और कॉलेज ड्रॉप आउट हूँ क्युकी मुझे पढ़ना अच्छा नहीं लगता था और मै नौकरी नहीं बल्कि खुद का कुछ करना चाहता था. मैंने पैसे के लिए अलग-अलग काम किये और फिर फाइनली लोन लेकर मैंने मुंबई में अपना एक क्लॉथ स्टोर खोल लिया. मेरा परिवार नार्मल सा मिडिल क्लास परिवार था और मुझे खुद अपने पैरो पे खड़ा होना था. तो मैंने सब कुछ अपने से किया. मै मुंबई से हूँ और मेरा मार्किट में खुद का एक क्लॉथ स्टोर है. शुरू-शुरू में मुझे बिज़नेस में काफी प्रॉब्लम होती थी. मेरे बगल में एक विजय शाह भैया का क्लॉथ स्टोर था. फिर उन्होंने मुझे बिज़नेस के लिए काफी कुछ समझाया. वो गुजराती थे तो उनको धंधे की काफी समझ थी.

    Dost ki Biwi ki chudai ki kahani

    विजय भैया की उम्र उस समय 39 थी और मेरी 26 थी. मै उन्हें विजय भाई कहता था और वो भी मुझे भाई ही बोलते थे. हम दोनों में काफी अच्छी दोस्ती हो गयी थी. विजय भाई की मदद से हम दोनों का स्टोर अच्छा चलता था. मै उनसे बिज़नेस में काफी कुछ सीखता था और उनकी मदद भी कर देता था. हम दोनों अच्छे दोस्त बन गए थे. मै उनकी काफी रेस्पेक्ट करता था क्युकी वो मुझसे उम्र में काफी बड़े थे. विजय भाई ईद के टाइम मुझसे शीर खोरमा भी मंगवाते थे. हम एक-दुसरे के फेस्टिवल को मस्ती से सेलिब्रेट करते थे. फिर एक दिन विजय भाई ने नवरात्री में मुझे अपने घर दावत दी. मै उनके घर गया तो काफी अच्छा घर था उनका. 2 बीएचके घर था उनका और घर में लोग सिर्फ 3 थे. विजय भाई खुद उनकी बूढ़ी माँ और उनकी पत्नी ही थे बस घर में. Dost ki biwi ko choda story

    मैंने माता जी को नमस्कार किया और भाभी को हेलो बोला. फिर मैंने नवरात्री के लड्डू खाये और खूब एन्जॉय किया. भाभी भी काफी फ्रैंक थी. हम सब ने मिल कर बाते की और फिर मै वापस अपने घर चला गया. विजय भाई की पत्नी मुझे बहुत प्यारी लगी. एक-दम सुन्दर चेहरा गोरा बदन मस्त फिगर था उनका और साड़ी में वो मस्त सुन्दर लग रही थी. दूसरे दिन मैंने विजय भाई को नवरात्री की दावत के लिए थैंक्स किया और हम कुछ बाते करने लगे.

    मै – विजय भाई कल की नवरात्री का खाना मस्त था, शुक्रिया दावत के लिए.

    विजय भाई – मोस्ट वेलकम इरफ़ान.

    मै: भाई आपके घर में बस इतने ही लोग रहते है?

    विजय भाई: हां इरफ़ान पापा का डेथ कुछ साल पहले ही हुई है और मै अकेला बच्चा हूँ अपने पेरेंट्स का. अब माँ है और मेरी नेहा(नेहा दीक्षित वाइफ ऑफ़ विजय भाई)।

    मै: बच्चे नहीं है आपके?

    विजय भाई: हां यार यही अफ़सोस है. शादी के 10 साल हो गए है और अब तक बच्चा नहीं हुआ. इसी वजह से माँ बार-बार नेहा को कोसती है जब की कमी मेरे में है.

    मै: कमी मतलब क्या? आपके स्पर्म काउंट में प्रॉब्लम है? मै एक हकीम को जानता हु उससे इलाज करवाएंगे तो शायद कुछ हो सकता है.

    विजय भाई: हां यार स्पर्म काउंट की ही प्रॉब्लम है और अब पूरा सामान भी टाइट नहीं होता. क्या सच में हकीम कुछ कर सकता है?

    मै: हां कोशिश करके देखते है.

    मै: अच्छा आपकी अरेंज मैरिज है क्या?

    विजय भाई: नहीं यार प्यार करके शादी की थी और बड़ी मुश्किल से शादी हुई थी. तुझे अरेंज्ड मैरिज क्यों लगा?

    मै: वो भाभी बहुत सुन्दर है ना हाहाहा.

    विजय भाई: अरे यार मै भी तो हैंडसम हूँ, बस अब थोड़ा मोटा हो गया हूँ. बड़े पापड बेलने पड़े यार इससे शादी करने के लिए.

    मै: मतलब क्या हुआ? थोड़ी अपनी लव स्टोरी बताये?

    Dost ki biwi ko choda

    विजय भाई: ये उस वक़्त कॉलेज में पढ़ती थी और इसकी उम्र 20 होगी. मेरी उम्र 28 थी मगर मै काफी हैंडसम था. मै अपने पापा के साथ दुकान में बैठता था और ये मेरी दुकान में अपनी फ्रेंड्स के साथ कपडे लेने आती थी. विजय भाई: मेरा दिल इसपे आ गया था. ये बहुत मस्त थी शुरू में. पतली थी मगर सुन्दर थी. मै इसको अच्छा डिस्काउंट देता था और अच्छे से बाते करता था. शुरू-शुरू में ये नार्मल बाते करती और मुझे विश्वास नहीं होता था की मै इसको पटा सकता था क्युकी कॉलेज की लड़की एक काम करने वाले से कैसे पटती. ऊपर से मै उम्र में इससे कुछ 9 साल बड़ा था. मगर मै हमेशा इससे खुश होक अच्छी अच्छी बाते करता था. फिर इसके दिल में भी मेरे लिए कुछ हुआ. मै इसके कॉलेज में भी कुछ हेल्प करता था क्युकी मै भी उसी कॉलेज से पढ़ा था तो मेरी अच्छी पहचान थी. फिर मेरी इससे दोस्ती बनने लगी और फिर कब प्यार हो गया पता ही नहीं चला. फिर मैंने इसको प्रोपोज़ किया तो इसने टाइम माँगा. उसके बाद ये मान गयी मगर इसके फॅमिली वाले नहीं माने क्युकी नेहा मराठी ब्राह्मण है और हम गुजराती बनिए. हमने कोशिश भी की उन्हें समझाने की मगर नहीं माने. फिर हमने भाग के शादी कर ली. इससे नेहा की फॅमिली नाराज़ हो गयी और उन्होंने इससे रिश्ता ख़तम कर दिया. मगर मैंने नेहा को हमेशा खुश रखा और अब हम साथ खुश है. बस एक बच्चे की कमी है जो नेहा भी चाहती है. Dost ki biwi ko choda story

    मै: गज़ब लव स्टोरी है आपकी तो विजय भाई. मै आपको हकीम से मिलाता हूँ. उम्मीद है की ये ख़ुशी भी आप दोनों को मिले और हमेशा साथ रहे आप दोनों.

    विजय भाई और मेरे में अच्छी दोस्ती रही. हम दोनों एक-दुसरे के घर आते-जाते रहते थे. हम दोनों मिल कर भाइयो की तरह रहते थे. सब ठीक चल रहा था और मै हकीम से विजय भाई का इलाज भी करा रहा था. मगर एक इंसिडेंट ने सब बदल दिया. मेरी दुआ की विजय भाई और भाभी हमेशा साथ रहे ये मेरी गन्दी नज़र बन गयी. फिर एक दिन विजय भाई अपनी बाइक पे दुकान से घर जा रहे थे और उनका रात को ट्रक से एक्सीडेंट हो गया. विजय भाई मेहनती गुजराती आदमी थे. वो रात 11 बजे तक दुकान खोल कर रखते थे क्युकी उनकी दुकान काफी फेमस थी और मुंबई जैसी सिटी में लोग रात तक शॉपिंग करते है. मै उनसे अलग था. मै लाइफ को एन्जॉय करता था और जल्दी दुकान करीब 9 बजे तक बंद कर देता था और रात को दोस्तों के साथ घूमने चला जाता था.

    जब एक्सीडेंट हुआ तो नेहा भाभी का मुझे फ़ोन आया. वो बेचारी बहुत डरी हुई थी. मै भागता हुआ हॉस्पिटल गया. हमने बहुत कोशिश की मगर हम विजय भाई को बचा नहीं पाए. भाभी तो मानो रोने से खुद को रोक नहीं पा रही थी. नेहा भाभी बेचारी सिर्फ 30 की होगी और वो विधवा हो गयी. भाभी की तबियत खराब हो गयी थी और वो शॉक में थी. वो कुछ कह नहीं रही थी. फिर मैंने विजय भाई के दोस्तों के साथ मिल कर उनका क्रिया क्रम किया. मुझे बहुत दुःख हुआ था क्युकी ऐसे अचानक विजय भाई की डेथ हो गयी थी. भाभी तो मानो टूट सी गयी थी. मै भाभी के घर जाता और उन्हें समझाने की कोशिश करता. भाभी के घर वाले भी आये थे उन्हें वापस लेने मगर विजय भाई की माँ ने उन्हें गुस्से में भगा दिया. उन्होंने उनसे कहा-

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    विजय भाई की माँ: मेरे बेटे के डेथ पर तुम लोग आये भी नहीं तो अब क्या लेने आये हो. दफा हो जाओ यहाँ से.

    मै भाभी को समझाता था- मै: भाभी जो होना था वो हो गया अब आगे की सोचो. आप अपनी लाइफ ना खराब करे और अपनी सासु माँ का सोचे. अब आपके सिवा इनका कोई नहीं है. मुझे लगता है की अब आपको विजय भाई की दुकान चालानी चाहिए. Dost ki biwi ko choda story

    भाभी ने पहले जब मना कर दिया तो मैंने उन्हें समझाया-

    मै: फिर माँ का ख़याल कौन रखेगा? दुकान तो किसी को चलानी ही होगी तो आप ही चलाओ. आज-कल महिला पुरुष से कम नहीं है.

    भाभी अब समय के साथ ठीक हो रही थी. उन्हें भी मालूम था की जो चला गया अब उसपे रोने से वो वापस तो नहीं आएगा. और फिर भाभी दुकान चलाने के लिए मान गयी. विजय भाई का एक हेल्पर था और मैंने मिल कर भाभी को सब बिज़नेस समझा दिया. शुरू-शुरू में मै उनकी सब हेल्प करता था जिससे मेरे और भाभी में और दोस्ती बनने लगी. फिर समय के साथ सब ठीक होने लगा. अब विजय भाई की माँ भी भाभी की रेस्पेक्ट करती थी क्युकी दुकान वही चलाती थी और मैंने दुकान भी भाभी के नाम पे ही करा दी थी. इससे उनकी सासु माँ, भाभी को कुछ नहीं बोलती थी. अब मुझे दुकान में और मज़ा आता था क्युकी मेरे बगल की दुकान में भाभी बैठती थी. हम दोनों को विजय भाई का दुःख था और याद भी आते थे मगर सब कुछ धीरे-धीरे नार्मल हो रहा था.

    मै भाभी के और करीब होने लगा था और मुझे अब भाभी से बाते करना अच्छा लगता था. मै भी उनको हंसी-मज़ाक में बिजी रखता था क्युकी उनको विजय भाई के दुःख से दूर करना ज़रूरी था. आखिर कब तक वो विजय भाई की याद में रोती रहती. इससे उनका भी तबियत खराब होती और जो चला गया है उसके लिए अपनी लाइफ तो नहीं ख़तम कर सकते ना. इन्ही बातो पे भाभी से एक दिन मेरी बात हुई.

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    मै: भाभी आप कब तक ऐसे रहेगी? पहले आप चूड़ी और मंगल-सूत्र में कितनी अच्छी दिखती थी. अब नार्मल और बेरंग होके रहती हो. मेरे ख़याल से अब आपको विजय भाई के जाने से अपनी लाइफ नहीं खराब करनी चाहिए. जो हुआ उसको हम नहीं रोक सकते थे. मगर आप अभी सिर्फ 30 की है तो ऐसे जीना न छोड़ो. Dost ki biwi ko choda story

    भाभी: इरफ़ान जो कुछ हुआ वो सब भूलना इतना आसान नहीं है. और मुझे भी मालूम है की अब मै कुछ नहीं कर सकती. अब उनकी याद में ही जीना होगा मुझे.

    मै: भाभी ऐसा नहीं है. बहुत लेडीज इस उम्र में विधवा हुई है मगर उन्होंने जीना नहीं छोड़ा. आप भी जीना ना छोड़े. मेरे ख़याल से आपको बाहर की ठंडी हवा की ज़रुरत है. एक काम करते है आज दुकान जल्दी बंद करके जुहू-बीच चलते है. वहाँ पानी-पूरी और भी बहुत कुछ खाएंगे और मस्ती करेंगे. क्या बोलती हो भाभी.

    भाभी: हां सही कह रहे हो. ऐसे अकेले खाली दिमाग में वही सब पुरानी बाते याद आएँगी. बेहतर होगा की थोड़ा बाहर की ठंडी हवा खा आये. चलो चलते है आज.

    फिर हम बाहर घूमने गए. रात के 8 बजे थे और वहाँ काफी लोग थे. हम कुछ देर घूमे और फिर भाभी चली गयी क्युकी वो घर जा कर अपनी सासु माँ के लिए खाना बनाती थी. फिर हम हफ्ते में 2 दिन बाहर साथ में घुमते थे. भाभी के साथ रहने से मेरे दिल में उनके लिए प्यार बनने लगा और मुझे वो अच्छी लगने लगी. मुझे नहीं मालूम था की उनके दिल में मेरे लिए क्या था. हम जब घूमने जाते थे तो नार्मल फ्रेंड्स की तरह रहते थे. हम घुमते थे मगर एक-दुसरे के हाथ पकड़ कर नहीं घुमते थे जैसे कपल रहते है. मेरा दिल करता था की भाभी को कपल की तरह लेकर घूमू जिस तरह मै दुसरे कपल्स को घुमते हुए देखता था. भाभी सलवार या साड़ी में रहती थी और मै जीन्स और टी-शर्ट में. भाभी से मिलने के बाद से मै और बेहतर दिखने की कोशिश करता था। हम बाहर घूमने बीच साइड बैठते थे. तब बहुत से कपल हाथ में हाथ डाल कर चलते थे, मस्ती करते थे और कुछ तो किस भी करते थे. भाभी उनको देखती थी. मै भी उनको देखता था मगर कुछ कहता नहीं था. मेरे दिल में सच में भाभी के लिए प्यार आ गया था.

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    भाभी मुझसे नार्मल ही बिहेव करती थी मगर मुझसे रहा नहीं जा रहा था. फिर मैंने सोचा की अब कुछ भी हो जाए मै अपने दिल की बात उन्हें बता देता हूँ. उसके बाद जो होगा देख लेंगे. फिर एक दिन हम बीच साइड बैठे थे. Dost ki biwi ko choda story

    तभी मै बोला- मै: भाभी अब तो विजय भाई की डेथ को 1 साल हो गया है. अब भी आपको उनकी याद आती है?

    भाभी: हां याद तो आती है. मैंने कुछ खोया है तो याद तो आएगी ही. मगर हां अब याद थोड़ी कम हुई है पहले से. अब थोड़ा बाहर बिजी रहने से दिल थोड़ा खुश हो जाता है.

    मै: अच्छा भाभी आपकी तो उम्र अभी कम है तो क्या ऐसे ही रहेंगी? मतलब कुछ आगे का सोचा है आपने?

    भाभी: हां उम्र तो कम है मगर अब क्या कर सकती हूँ? अब तो ऐसे ही रहना होगा.

    मै: यहाँ देखो भाभी सब एक साथ कैसे खुश है. कुछ यंग कपल्स है तो कुछ 40 वाले भी है. मेरे ख़याल से प्यार की कोई उम्र नहीं होती है और प्यार हमेशा किया जा सकता है.

    भाभी: कहना क्या चाहते हो तुम?

    मै: भाभी एक दिल की बात कहना चाहता हूँ. अगर आपको अच्छा ना लगे तो बुरा मत मानना. मुझे आप से प्यार हो गया है.

    भाभी: क्या! मर्दो की यही प्रॉब्लम है. थोड़ा उनके साथ रहो तो वो प्यार करने लगते है. मेरे ख़याल से हमारा दोस्त ही रहना सही होगा.

    मै: इंसान जिसके साथ रहता है हंसी-मज़ाक करता है प्यार भी तो उसी से होता है. तो इसमें मेरी क्या गलती है? मै बस आपका व्यू पॉइंट जानना चाहता हूँ.

    भाभी: देखो मै तो तुम्हे सिर्फ दोस्त की तरह मान रही हूँ और वैसे भी हमारा आगे बढ़ना सही नहीं होगा. मै एक विधवा हूँ और तुम मेरे पति के दोस्त रहे हो. ऊपर से तुम्हारा धर्म भी अलग है. लोग बहुत कुछ कहेंगे.

    मै: लोगो को तो बस बोलना ही आता है. उनका छोड़ो और प्यार में धर्म नहीं आता. बस मेरे दिल में जो था मैंने कह दिया. बाकी आपकी मर्ज़ी. मैंने आपकी ख़ुशी के लिए कहा था क्युकी आपके पास बहुत ज़िन्दगी है अभी और ऐसे अकेले जीने का क्या फ़ायदा. प्यार उससे ही होता है जिसको आप अच्छे से जानते हो. और हम दोनों तो एक-दुसरे को अच्छे से जानते ही है. बाकी आपकी मर्ज़ी. Dost ki biwi ko choda story

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    भाभी: देखो मै तुम्हारी फीलिंग समझ सकती हूँ. ये नेचुरल है की लोग एक साथ रहने से प्यार डेवलप कर जाते है. मगर मेरे ख़याल से हमारा दोस्ती तक ही रहना सही होगा. वरना समाज बहुत गलत समझेगा.

    मै: समाज क्या सोचता है हमें उससे क्या. उनके ताने तो प्यार करके शादी में भी रहते है. मगर आप ने विजय भाई से प्यार किया ना. हमें कानून हक़ देता है की हम अपनी मर्ज़ी से प्यार कर सके. आप एक इंडिपेंडेंट लेडी है. आप समाज का ना सोचे और अपना फैंसला खुद ले. कोई जल्दी नहीं है आप सोच कर मुझे बताये.

    भाभी: बात सही है तुम्हारी मगर मेरे ख़याल से इस रास्ते में अगर हम चले तो बड़ी मुश्किल आएगी.

    मै: मुश्किल तो हर रास्ते में है. अच्छा क्या सच में आप हमेशा अकेले रहना चाहती है? क्या आपका दिल नहीं करता फिर से नए तरीके से ज़िन्दगी जीने का?

    भाभी: मन करना और उसको पूरा करने में फर्क है. मन तो हमें बहुत कुछ करने का होता है मगर कुछ चीज़े ना की जाए तो अच्छा होता है.

    मै: फिर आप समाज का सोच रही है. समाज तो हमें अपनी मर्ज़ी से कभी जीने नहीं देगा. विजय भाई को भी ख़ुशी मिलेगी की उनकी नेहा फिरसे वही पुरानी ख़ुशी वाली लाइफ जियेगी और ये भी की उनका दोस्त ही उनकी पत्नी का ख़याल रखता है. मेरे ख़याल से आपको इसपे सोच कर फैंसला लेना चाहिए.

    भाभी: कही तुम मेरी मदद और मेरा अब तक सहारा बनने का फ़ायदा तो नहीं ले रहे? तुम सोच रहे होंगे की इतनी मदद की है तो भाभी को तो मानना होगा?

    मै: नहीं भाभी ऐसा कुछ नहीं है. मैंने मदद इस कारण से नहीं की थी. प्यार तो अब हुआ है आपसे और आपके साथ थोड़ा टाइम बिताने पे हुआ है. प्यार नैचुरली होता है तो बस हो गया. मैंने अपने दिल की बात कह दी है बाकी आपकी मर्ज़ी है. आपका जो भी फैंसला होगा उसको मै मानूंगा और आपका साथ हमेशा दूंगा.

    भाभी: अच्छा अब तुम इमोशनल कर रहे हो. अब हमें चलना चाहिए चलो.

    मै: चलिए जैसी आपकी मर्ज़ी. बस इसपे सोचना और आपका जो भी फैंसला हो मुझे बता देना.

    फिर हम वहाँ से चले गए….अब अगले पार्ट में देखेंगे की भाभी का क्या फैंसला होता है. थैंक्स फॉर रीडिंग.

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  • नेट फ्रेंड निकला सगा भाई | Bahan ko Bhai ne choda sex story

    Bahan ko Bhai ne choda story:- हाय दोस्तों! मेरा नाम ज्योति है और मै अमृतसर से हूँ और बी कॉम थर्ड ईयर में पढ़ रही हूँ। मेरी हाइट 5 फुट है, रंग साफ़ है मेरे बूब्स का साइज़ 36 सी और वह एक दम टाइट टाइट है और निप्पल ब्राउन कलर के है। मेरी कमर पतली है 28 साइज़ की और मेरी हिप का साइज 38 है। मेरी गांड बाहर की तरफ निकली हुई है मै चलती हूँ तो मेरी गांड रबड़ की तरह हिलती है। मुझे टाइट टाइट कपड़े पहनने का बहुत शौक है जिसमे से मेरा फिगर साफ़ दिखाई देता है। हम घर में चार लोग रहते है हम काफी रिच है मेरे मॉम और डैड दोनों गवर्नमेंट जॉब करते है।

    Bhai ne choda kahani

    मेरा एक भाई है जो मुझसे 2 साल छोटा है उसका नाम सोनू है बहुत ही गोरा और लम्बा है। सोनू और मेरा अलग अलग रूम है। हमारे घर में एक कंप्यूटर है जो सोनू के रूम में है और एक लैपटॉप है जो मेरे रूम में है। सोनू के कंप्यूटर में नेट लगा हुआ है लेकिन मेरे लैपटाप पर नेट नहीं लगा हुआ। मैंने घर वालो से नेट लगवाने की बात की लेकिन उन्होंने मना ये कहकर मना कर दिया की तुम बिगड़ जाओगी। लेकिन उन्हे ये तो पता ही नहीं था की मै स्कूल टाइम से ही बिगड़ चुकी हूँ। मेरे स्कूल टाइम में ही दो दो बॉयफ्रेंड रह चुके थे। जिसमे से मै एक बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स कर चुकी थी लेकिन उसका और मेरा ब्रेकअप हो चुका था।

    ये सब तो चलता ही रहा एक दिन घर वालो को पता चल गया की मेरा अफेयर चल रहा था। उसके बाद मेरी सारी आज़ादी छिन गयी थी। मै अब सारा दिन घर ही रहती थी। फिर मैंने एक नया मोबाइल ले लिया घरवालों से छुप कर! मैंने मोबाइल से लैपटॉप को कनेक्ट करके इंटरनेट चलाना शुरू किया।

    Net Friend Bahan ko bhai ne choda kahani

    रात का टाइम था मैंने Skype में ID बनाई और फ्रेंड्स को सर्च करना स्टार्ट कर दिया। मैंने अपने ही शहर का “नेट फ्रेंड” सर्च किया और मुझे अपने ही कॉलोनी के बहुत से फ्रेंड मिले जिनमे से मुझे एक फ्रेंड अच्छा लगा क्युकी उसने मेरे फेवरेट हीरो इमरान खान की डीपी लगाई हुई थी। उसने अपना नाम हार्ट रोबर लिख रखा था जो मुझे पसन्द आया और मैंने उसे रिक्वेस्ट सेंड की। 15 मिनट तक मै Skype चलाती रही उसके बाद मुझे एक नोटिस आया की उसने मेरी request एक्सेप्ट कर ली है और चैट बॉक्स पर उससे चैट स्टार्ट हो गयी। Bahan ko Bhai ne choda story

    हार्ट रोबर – हाय!

    मै – हाय हाउ आर यू?

    हार्ट रोबर – आई एम फाइन डिअर!! हाउ आर यूं?

    मै – आई एम आल्सो फाइन!!

    हार्ट रोबर – कैन वी बी फ्रेंड्स?

    मै – या ऑफकोर्स!

    हार्ट रोबर – व्हेयर आर यू फ्रोम?

    मै – अमृतसर एंड यू?

    हार्ट रोबर – अमृतसर टू!!

    मै – अमृतसर में कहा रहते हो?

    हार्ट रोबर – सेक्टर 5

    मै भी यही रहती इसलिए

    मै – मै भी यही रहती हूँ।

    हार्ट रोबर – क्या करते हो?

    मै – बी कॉम थर्ड ईयर एंड यू?

    हार्ट रोबर – मै भी थर्ड ईयर!

    हमने इसी तरह से रात 2 बजे तक बात की उसके बाद हमने एक दूसरे को गुड नाइट की।
    मै सुबह 11 बजे उठी मेरे कॉलेज की छुट्टियाँ चल रही है सुबह मे माँ और डैड दोनों ब्रेकफास्ट बना कर चले जाते है। मै उठी ब्रेकफास्ट किया और सारा दिन बोर हो कर निकल गया। उसके बाद रात हुई मैंने उसे 11 बजे का टाइम दे रखा था। तो मै टाइम के मुताबिक डिनर कर के अपने रूम में आई और देखा की कोई नहीं है तो मैंने मोबाइल निकाला और लैपटाप के साथ कनेक्ट कर दिया।

    Bhai ne bahan ko choda raat me

    मैंने देखा की वो भी ऑनलाइन है उसने मुझे अपना नाम सनी बता रखा था।
    मै – हाय सॉरी यार लेट होने के लिए!!

    हार्ट रोबर – कुछ नहीं होता यार और सुनाओ क्या चल रहा है आजकल?

    मै – कुछ नहीं बोर हो रही हूँ!

    हार्ट रोबर – कोई बॉयफ्रेंड नहीं है तुम्हारा?

    मै – नहीं मै सिंगल हूँ और तुम?

    हार्ट रोबर – मै भी सिंगल हूँ मै एक गर्लफ्रेंड की तलाश में हूँ!

    मै – अच्छा जी तो कैसे लड़की चाहिए तुम्हे?

    हार्ट रोबर – मुझे अच्छी सुंदर और सेक्सी लड़की चाहिए जो मिनी से भी मिनी स्कर्ट्स पहनती हो! एंड तुम्हे कैसा लड़का चाहिए?

    मै – मुझे मस्त लड़का चाहिए! जो रिच हो, स्मार्ट हो और डैशिंग हो! जो मुझे पागलो की तरह प्यार दे!

    हार्ट रोबर – बस मै भी कुछ कम नहीं!!

    में – अच्छा जी!

    हार्ट रोबर – मेरे बारे में क्या ख्याल है जानू? मै तुम्हे जान से प्यारी रखूँगा!

    मै – अच्छा जी! लेट्स सी!

    मै उसकी गर्लफ्रेंड बनने के लिए राजी हो गयी उसने मुझे अपनी एक फेक पिक दिखाई जिस्मे एक मॉडल था। हम यूं ही बात करते रहे, 3 बज गए और हम सो गए।

    अगली रात को हम फिर से चैट कर रहे थे तो उसने मुझसे सेक्स चैट करनी शुरू की।

    हार्ट रोबर – तुम्हारे बूब्स का क्या साइज है?

    मै – 36 है

    हार्ट रोबर – वाओ एंड तुम्हारी हिप्स?

    मै – 38

    हार्ट रोबर – नाइस!

    मै – तुम्हारे पेनिस का क्या साइज है?

    हार्ट रोबर – 7 इंच!

    हार्ट रोबर – मै तुम्हारे बूब्स को देखना चाहता हूँ!

    मैंने पहले मना किया, लेकिन उसके लाख कहने के बाद मैंने अपनी टी शर्ट उतारी और अपने बूब्स कैमरे के सामने सेट किए। ऐसे सिर्फ मेरे बूब्स ही नज़र आ रहे थे। Bahan ko Bhai ne choda story

    हार्ट रोबर – वाओ क्या बूब्स है! डार्लिंग! मेरा तो देख कर खड़ा हो गया!

    मै – खड़ा हो गया है तो दिखाओ मै भी तुम्हारे पेनिस को देखना चाहती हूँ।

    नेट फ्रेंड बहन को भाई ने चोदा सेक्स स्टोरी

    हार्ट रोबर ने अपना कैमरा ऑन किया और मैंने उसका पेनिस देखा। क्या कमाल का लंड था मै तो हैरान ही हो गयी थी देख कर। उसकी मुझे वाइट कलर की टी शर्ट दिखी जिसपर नोडी बना हुआ था और ब्लू कलर की लोअर। वो मेरे बूब्स देख रहा था और मै उसका लंड देख रही थी। वो मुठ मार रहा था और मै अपनी चूत में उंगलिया कर रही थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर उसने अपना माल छोड़ दिया और मै भी झड़ गयी। फिर हमने एक दूसरे को गुड नाइट बोल दिया। कसम से उस दिन मुझे बहुत ही मज़ा आया था! लेकिन मुझे उस लड़के के कपडे जाने पहचाने लग रहे थे! फिर मै सो गयी।

    अगली सुबह डैड जॉब पर गए लेकिन माँ नहीं गयी। उन्होंने आवाज लगाई ब्रेकफास्ट के लिए तो मै भूख के मारे दौड़ती हुई नीचे आ गयी। और मेरा भाई सोनू भी आ गया। मैंने देखा की सोनू ने भी वही टीशर्ट और लोअर पहना था। मै सब समझ गयी की ये हार्ट रोबर और कोई नहीं मेरा सगा भाई सोनू है। Bahan ko Bhai ne choda story

    ओह माय गॉड ये मैंने क्या कर दिया!! मुझे ये सोच कर हैरानी होने लगी की उसने मेरे बूब्स और चूत देख ली और मैंने उसका लंड देख लिया।

    उस दिन रात को मै ऑनलाइन हुई और

    मैंने कहा की तुम फेक अगर नहीं हो तो अपने कैमरे में अपना मुँह दिखाओ!

    तो उसने मुझसे सॉरी बोला ओर कहा की मै वो नहीं हूँ जो तुम समझ रही हो! मेरा नाम सोनू है!

    मैंने कहा की इट्स ओके तुमने सच बोल दिया यही काफी है!

    तो उसने कहा की मै भी आपको देखना चाहता हूँ! तो मैंने कहा नहीं! तो उसने कहा की तुम्हे मेरी कसम!

    तो मैंने कैमरा ओपन किया और अपना फेस दिखा दिया और कहा की मै तुम्हारी बहन ज्योति हूँ।

    वो शॉक हुआ और उसने कहा की ज्योति ये सब कैसे और तेरे पास इंटरनेट कैसे आया?

    तो मैंने कहा की सॉरी भाई मैंने मोबाइल से कनेक्ट किया था!

    मैंने उससे कई बार सॉरी मांगी! वो मान गया और

    उसने कहा की तुम्हारे निप्पल बहुत मस्त है!

    मैंने कहा की कैसी बाते कर रहे हो भाई!

    तो उसने कहा की अब हमने तो एक दूसरे को देख ही लिया है तो शर्माना किस बात पर! तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनी रहो!

    तो मै खुश हो गयी और कहा की तुम्हारा पेनिस भी कम नहीं है भाई!

    तो सोनू ने कहा की मेरा मन कुछ करने को कर रहा है ज्योति!

    तो मैंने कहा की कर लो!

    वो खुश हो गया और बोला की अपनी पिछले वाली विंडो ओपन करो!

    मैंने कहा ठीक है!

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    वो अपने रूम को लॉक करके पीछे वाली विंडो से निकल मेरी विंडो से आकर मेरे रूम में आ गया। मैंने भी अपना रूम लॉक कर दिया वो मेरे पास आया और बोला मुझे नहीं पता था की मेरी बहन इतनी बड़ी हो चुकी है। मैंने कहा की मुझे भी नहीं पता था की मेरे भाई का इतना बड़ा हो गया है। वो हंसने लगा और उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मुझे किस करने लगा। मै भी उसका पूरा साथ दे रही थी! मैंने टी शर्ट और खुला लोअर डाल रखा था। उसने मेरी टी शर्ट में हाथ दे दिया और बोला की क्या बात है ज्योति! किसी और ने पहले कभी तुम्हारे बूब्स को दबाया है? मुझे झूठ बोलना पड़ा और मैंने कहा नहीं सोनू! तुम ही हो पहले खुशनसीब! और उसने जोश में मेरी टी शर्ट उतार दी और मेरे बूब्स को अपने मुँह में ले लिया। उसने मेरे ब्राउन निप्पल को दबा दिया! मेरे मुंह से आह्ह्ह्ह!! की आवाज निकल गयी। Bahan ko Bhai ne choda story

    उसने कहा की आराम से नहीं तो कोई आ जायेगा!

    मैंने ओके बोला!

    और मै अपना हाथ उसके लंड के ऊपर सहलाने लगी। वो मेरे बूब्स को दबा रहा था और मुझे लिप किस कर रहा था। मैंने उसका लंड बाहर निकाला ओर उसपे अपना हाथ फेरने लगी। उसने अपने सारे कपडे उतार दिए। फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरे बूब्स को चूस चूस कर उसने बबल गम बना दिए थे। फिर उसने मेरा लोअर उतार दिया पैंटी समेत! मैंने कल ही अपनी चूत शेव की थी जिससे मेरी चूत बहुत ही साफ़ लग रही थी फिर उसने मेरी चूत में अपनी एक ऊगली दे दी। जिससे मेरे शरीर में लहरें दौड़ उठी और वो मेरी चूत को चाटने लगा। वो कभी ऊगली अंदर डालता और कभी चाटता। इधर मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था! फिर मेरी चूत से पानी निकल गया ओर वो पी गया। फिर उसने अपना लंड मेरी चूत में रखा ओर चोदना शुरु कर दिया। हम दोनों बेड पर थे और वो मुझे चोद रहा था।

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    वो बहुत तेज तेज झटके मार रहा था। मै भी उछल उछलकर मरवा रही थी। थोड़ी देर बाद उसने मुझे उल्टी लेटने को कहा और मेरी चूत के नीचे तकिया दे दिया। जिससे मेरी गांड और भी उठ गयी फिर उसने टिशू लिया ओर मेरी चूत के पानी को साफ़ किया। फिर उसने अपना लंड मेरी चूत पीछे से डाल दिया।

    ऊई माँ आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह क्या मजा आया था क्या बताऊ यार मेरे तो सिसकारियों से कमरा गूंज गया था।

    मजे से मै फ़क मी! फ़क मी! बोल रही थी और वो आराम से झटके लगा रहा था। उसने अपने झटकों की स्पीड तेज की और जोश में आगे पीछे करने लगा। मै भी आगे पीछे हो कर उसका साथ दे रही थी। अचानक से वो झड़ने को हो गया और उसने कहा – ज्योति मै झड़ने वाला हूँ तो मैंने कहा मेरे मुंह के अंदर में ही छोडना भाई! मै फटाफट से उठी और अपना मुँह उसके लंड के आगे कर लिया और सफ़ेद पिचकारियाँ मेरे मुँह के आस पास गिरने लगी।

    मै उसका सारा पानी पी गयी और हम दोनों ऐसे ही बिना कपड़ो के लेटे रहे। फिर अचानक उसे याद आया की उसे अपने रूम में जाना चाहिए! तो उसने अपने कपडे पहने और विंडो के थ्रू अपने रूम में चला गया। उसके बाद वो रोज़ रात को विंडो से आकर मेरी चुदाई करता और मुझे उससे चुदवाने की आदत हो हुई थी। उसके लंड के बिना मै खुश नहीं रह सकती थी। हम दिन में 2 या 3 बार सेक्स करते।

    तो दोस्तों कैसे लगी मेरी सेक्स भरी स्टोरी। अच्छी लगी हो तो नीचे कमेंट करो न यार.

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  • अम्मी की टाइट चूत का उद्घाटन | Ammi ki chudai ki kahani part-1

    Ammi ki chudai ki kahani:- हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम जीशान है और मै नार्मल लुक्स वाला बंदा हूँ। ये कहानी मेरी लाइफ की सच्ची कहानी है जो मेरे और मेरी अम्मी के बीच में हुई चुदाई की कहानी है। वैसे तो मेरा लंड नार्मल ही है लेकिन जब भी किसी को चोदता हूँ तो उसका पूरा पानी निकाल देता हु। अब ज्यादा बोर न करते हुए मै सीधा स्टोरी पे आता हूँ।

    ये बात लास्ट मंथ की है मै घर पे बैठा टीवी देख रहा था बाहर मौसम मस्त हो रखा था। मुझे अम्मी ने आवाज़ लगाई किचन से। सॉरी मै अम्मी के बारे में बताना तो भूल ही गया। अम्मी का नाम सबा है हलकी सी मोटी है लेकिन जहा से चर्बी टाइट और शेप में होनी चाहिए वहाँ से पूरी मेन्टेन है। मेरा मतलब है अम्मी के बूब्स और गांड टाइट है और पूरी राउंड शेप में है। अम्मी घर पे बिना दुपट्टे के ही रहती है जिससे उनकी क्लीवेज क्लियर दिखती है। घर पे ज्यादातर हम दोनों ही होते है क्योकि अब्बू बाहर जॉब करते है। तो वो मंथ में 1-2 बार ही आते है। जब अम्मी ने मुझे आवाज़ लगायी तो मै किचन में गया। तो वो किचन में ऊपर की शैल पर से डिब्बा उतार रही थी। पसीने से उनका कुरता उनके फिगर पे चिपक रहा था और ऊपर से हाथ ऊंचा करने की वजह से पूरी शेप क्लियर दिख रही थी। कुरता ऊँचा होने की वजह से उनकी नंगी कमर मस्त लग रही थी पसीने की बूंदो से भीगी हुई।

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    उन्होंने मुझे बोला की मेरा हाथ ठीक से नहीं जा रहा है स्टूल लेकर आओ। मै गया और जान कर के स्टूल के पाए थोड़े कमजोर करके लाया। जब ऐसा सीन देखने को मिलेगा तो हर किसी की नियत तो ख़राब हो ही जाती है सो मैंने भी ट्राई मारने की सोची।

    मै- लो अम्मी ये स्टूल।

    अम्मी- ला इधर रखो इसे मै इस पर खड़ी होती हूँ तुम ध्यान से पकड़ना इसे कही मै गिर न जाऊ।

    मैंने ओके बोला और वो चढ़ गयी।

    जब उनके दोनों हाथ ऊपर थे तो मैंने थोड़ा स्टूल हिला दिया। जिससे उनका बैलेंस बिगड़ा और वो चिल्लाते हुए गिरने लगी। मैंने झट से उनकी कमर अपने दोनों हाथो से पकड़ी। तो मेरे हाथ सीधे उनके बूब्स के नीचे लगे कुर्ते के अंदर थे। तब मैंने पाया की वो घर पे बिना ब्रा के रहती है। थोड़ी देर तो मैंने उन्हें ऐसे ही पकडे रखा फिर जब थोड़ा होश आया तो उन्हें आहिस्ते से नीचे उतारा। उस दिन मैंने पहली बार उनके बदन की गर्मी और खुशबू को महसूस किया। उनकी सांसे भी तेज हो रखी थी जिससे उनके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे। मैंने उन्हें नीचे उतारा और पूछा की कही लगी तो नहीं। Ammi ki chudai ki kahani

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    अम्मी- मुझे लग रहा है जैसे कमर में लचक आ गयी है मै अपनी कमर हिला नहीं पा रही हूँ।

    मै- तो आप चलो मै हलकी सी मालिश कर देता हूँ।

    अम्मी- नहीं तू परेशान ना हो मै देख लुंगी।

    मैंने ओके बोला और उन्हें छोड़ दिया मगर जैसे ही वो एक कदम चली कमर में लचक के कारन दर्द के मारे आआह्ह्ह्हह्ह निकल गयी।

    मै- आप को ज्यादा तकलीफ है मै कर देता हु मालिश।

    अम्मी- ठीक है चलो मेरे बैडरूम में वहाँ कर देना।

    मै अम्मी को गोद में उठाकर उनके बैडरूम में लेकर गया और उन्हें बेड पे लिटाया। लिटाते टाइम उनके लिप्स मेरे लिप्स के बेहद करीब थे तब मुझे उनकी गरम सांस महसूस हुई। मैंने उन्हें उल्टा लेटने को बोला वो कुरता ऊपर करकर उलटी लेट गयी। उनकी गोरी गोरी कमर पे मैंने जैसे ही आयल के साथ हाथ फेरा तो उनकी हलकी सी सिसकारी निकल गयी। मै ये तो समझ चुका था की तड़प तो है बस ये कन्फर्म करना बाकि था की क्या ये अपने बेटे के साथ खली हो जाएँगी या पति का ही वेट करेंगी?अब मै उनके कूल्हों के दोनों तरफ पैर करके इस तरह से बैठा जैसे घोड़ी पर बैठते है। मै अपना हाथ उनकी सलवार के पास से शुरू करते हुए उनके कुर्ते के अंदर से होते हुए उनके शोल्डर तक ले रहा था। Ammi ki chudai ki kahani

    मै- अम्मी आप ये कुरता उतार दीजिये वरना आयल से ये पूरा ख़राब हो जायेगा।

    अम्मी- नहीं रहने दो मै तुम्हारे सामने बिना कुर्ते के नहीं आ सकती।

    मै- मुझसे क्या शर्म अपने भी तो मुझे बिना कपड़ो के कितनी बार देखा है और मै कोनसा किसी को बताऊंगा की मैंने आपको बिना कपड़ो के देखा है।

    अम्मी- फिर भी मुझे शर्म आती है।

    मै- अच्छा तो मै आंखे बंद कर लेता हूँ आप तब उतार देना।

    अम्मी- फिर तुम मेरी मालिश कैसे करोगे।

    थोड़ा सोचने के बाद अच्छा चलो मै उतार देती हूँ बट प्रॉमिस करो किसी को कुछ पता नहीं चलेगा न?

    मै- प्रॉमिस।

    अम्मी की चुदाई की सेक्सी स्टोरी

    इतने में ही वो मेरे सामने पीठ करके कुरता उतार देती है। मैंने पहली बार किसी औरत की नंगी पीठ देखि थी। तो मेरा लंड तो झट से फुंकार मार के खड़ा हो गया और शॉर्ट्स में तम्बू बना दिया।

    मै- चलो अम्मी लेट जाओ काम बाकि है अभी तो।

    अम्मी- चल अच्छे से करो वैसे मजा तो आ रहा है।

    मैंने फिर उसी पोजीशन में आकर उनकी मालिश शुरू की और धीरे धीरे अपने लंड को उनके कूल्हों पे रगड़ना शुरू किया। मै ये सब इतने आराम से कर रहा था जिससे उन्हें मुझ पे कोई शक न हो। Ammi ki chudai ki kahani

    उधर अम्मी की आआह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हहम्म्मम्म ऊऊह्ह्ह्ह की सिसकारी अब थोड़ी तेज होने लग गयी थी।मुझे समझ तो आ गया था की ये गरम होने लगी है बट मेरे साथ होगा या नहीं इसका कन्फर्म करना बाकि था। सो मैंने नेक्स्ट मूव चला अपना। मै अब अपना हाथ उनकी पजामी में डाल कर उनकी गांड के ऊपर भी मालिश करने लगा। उन्होंने चड्डी भी नहीं पहनी थी। मैंने बिना उनसे पूछे उनकी पजामी गांड से नीचे सरका दी। वो एकदम से पीछे मुड़ी और मुझे देखने लगी मेरी तो गांड फट गयी। लेकिन उनकी आँखों में हवस दिख रही थी। तो मैंने उन्हें आगे धक्का देकर फिर लेटा दिया और उनकी पजामी निकाल दी पूरी। अब वो पीछे से पूरी नंगी दिख रही थी मुझे। उनकी गोल मटोल टाइट गांड किसी बुड्ढे का लोड़ा भी खड़ा कर दे फिर मै तो जवान मेरा तो रॉकेट बना बैठा था। मै उनकी गांड ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा उनकी सिसकारियां और बढ़ गयी

    आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह्ह्हह्हह्हआआआ ह्म्मम्ह्ह्ह्हम्मम्मम्म…

    मेरी सेक्सी अम्मी चुद गयी

    मैंने उन्हें सीधा किया तो जो नज़ारा था वो दिख कर मेरे होश उड़ गए। बड़े बड़े बूब्स के ऊपर ब्राउन निप्पल एकदम कड़क और उससे भी शानदार शेव्ड चूत। चूत देखने से पता लग चूका था की गर्मी कितनी होगी उनकी चूत से धीरे धीरे पानी निकल रहा था।

    अम्मी- क्या कर रहे हो ये?

    मै- अच्छा जी इतनी देर से तो बड़े मजे लिए जा रहे थे।

    अम्मी- कोई बेटा अपनी अम्मी को ऐसे करता है क्या?

    मै- तो फिर कैसे करता है?

    अम्मी ने अपने दोनों पैरों से मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से मेरा लंड दबा दिया।

    सबा- अम्मी की तड़प शांत करता है। आजा बेटा तेरे अब्बू के बिना मेरी चूत जल रही है।

    मै- (नखरे दिखाते हुए) तो जलने दो मुझे तो आपको नंगा देखना था बस।

    अम्मी – मादरचोद नाटक कर रहा है क्या?!

    मै उनके मुँह से गली सुनकर शोक्ड था।

    मै- आप गाली बकते हो?

    सबा- तेरे अब्बू और मैंने बहुत अय्याशी मारी हुई है। वो तो अब वो बाहर काम करते है इसलिए और तू भी अब यही रहता है इसलिए होता नहीं है कुछ भी। मै तो किचन में ही समझ गयी थी जब तू मुझे घूर रहा था की मेरे बच्चे को मेरा जिस्म चाहिए।

    इतना बोल कर उन्होंने मुझे आंख मार दी।अब नेक्स्ट पार्ट में बताऊंगा की कैसे क्या क्या हुआ और कैसे मेरी खला की भी चूत अम्मी ने मुझे दिलवा दी

  • लॉकडाउन मे शिवानी भाभी की चुदाई | Shivani bhabhi ki chudai ki kahani Part-2

    Shivani bhabhi ki chudai ki kahani part-1 yahan padhe => शिवानी भाभी की चुदाई पार्ट -1

    विक्की शिवानी की बगलो को चाट रहा था शिवानी की बगल एक दम चिकनी है और एक भी बाल नहीं होता में अक्सर चूमता था और वो बहक जाती थी. शिवानी से भी काबू न हुआ और उसकी साड़ी तो पहले ही खींच तान में निकाल चुकी थी. शिवानी के बूब्स को चूसते हुए विक्की ने उसका पेटीकोट भी उतर दिए और अब शिवानी सिर्फ ब्लैक पेंटि में थी उसकी काली ब्रा विक्की पहली ही खींच के नीचे उसके पेट तक कर चूका था. मेरी बीवी अपनी आंखे बंद रख कर मज़े से विक्की के बाल पकड़ कर अपने बूब्स चुसवा रही थी. विक्की कुत्ते के जैसे उसके 34 साइज़ बूब्स को मसल रहा था. उसका एक हाथ बूब्स से फिसल कर उसके पेट को सहलाता हुआ उसकी पेंटि पर टिक गया. अपने केबिन में ये सब देखते हुए मेरा बुरा हाल हो गया था. मै अपनी चेयर पे बैठ गया और अपनी बीवी को लुटते हुए देख रहा था.

    Desi bhabhi ki chudai kahani शिवानी भाभी की चुदाई

    विक्की ने एक हाथ से शिवानी के बालो को पकड़ के खींचा और दूसरा हाथ उसकी पेंटि में डाल कर मसलने लगा. शिवानी जो हर बात मुझसे मनवाती थी और बिस्तर में ज़रा भी मेरी मर्ज़ी नहीं करने देती थी। उसके सामने रंडी की तरह मचल रही थी. मै टूट गया पर उन दोनों की हवस देख मेरा भी लंड खड़ा हो रखा था जो में सहलाने लगा. विक्की ने उसके बाल खींचते हुए उसके होठो को काटा और शिवानी ने मुँह खोल दिया शायद विक्की की उंगलिओ ने उसको सिसकिया लेने पर मजबूर करदिया था. हिडन कैमरा में लगे माइक से अब मुझको उनकी सिसकियों की आवाज़ आ रही थी. शिवानी: उम्म्म अह्ह्ह्ह मसलो अच्छे से. उफ्फ्फ नहीं वहाँ नहीं आह. शिवानी को तड़पता देख मै और विक्की दोनों गरम हो चुके थे। शायद विक्की ने शिवानी के पीछे भी उगली डाल दी थी. शिवानी अब पूरी गरम हो चुकी थी और पूरा बदन हिला रही थी. Shivani bhabhi ki chudai kahani

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    उसने विक्की की टी शर्ट उतार दी और उसको चूमने लगी. शिवानी होश खो चुकी थी. विक्की ने उसका सर पकड़ कर नीचे झुकाया और एक इशारे में मेरी भोली बीवी एक रंडी की तरह फर्श पर घुटने पे बैठ गयी और विक्की का लोअर उतरने लगी. विक्की ने अंडरवियर नहीं पहना था और लोअर उतारते ही उसका लंड बाहर आ गया जो की मेरे लंड की तरह पूरा तना हुआ था. शिवानी घबरा के थोड़ा पीछे हुई पर अपने दोनों छोटे छोटे हाथो से उसको पकड़ कर मसल रही थी. वीडियो देख समझ गया था की शिवानी समझ नहीं पा रही की वो अब क्या करे. क्युकी उसने मेरे लाख कहने पर भी मेरे लंड को चूसना तो दूर चूमा भी नहीं था. विक्की ने उसकी मनोदशा को इग्नोर करते हुए उसके मुँह पे अपने मोठे लंड को रगड़ा. ये देख मुहसे रहा नहीं गया और में मुठ मारने लगा. विक्की ने उसके बाल पकड़ के पीछे कर दिए और उसके मुँह में पूरा लंड घुसाने लगा. शिवानी से बर्दाश्त न हुआ और वो उलटने लगी. पर विक्की ने अपना लंड बाहर खींच लिया. फिर वो सिर्फ अपने लंड का टोपा उसके मुँह में डाल चुसवाने लगा. Shivani bhabhi ki chudai ki kahani

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    वो खड़ा हो गया और शिवानी उसके नीचे आगयी और उसकी थाइस को सहलाते हुए उसका लंड चूस रही थी. फिर शिवानी का मेने नया रूप देखा. उसने विक्की का लंड ऊपर किया और उसके बिलकुल नीचे जाकर उसकी गोटियों को चाटने और चूसने लगी. शायद ये फरमाइश विक्की की ही होगी. उससे भी ये बर्दाश्त न हुआ और उसके पैर उखड़ने लगे. उसने शिवानी को खड़ा किया और उसकी फेंटी जो पूरी गीली हो चुकी थी वो भी उतार दी. उन दोनों के बीच कुछ बात हुयी और फिर उसने मेरी बीवी को बेड पे लिटा दिया और उसका सर थोड़ा नीचे लटक रहा था. फिर वो अपने मोटे लंड से शिवानी के मुँह को चोदने लगा. शिवानी जो मेरे लंड को चूमती भी नहीं वो लेट के उसका पूरा लंड मुँह में ले रही थी. उसका लंड कम से कम 7 इंच का होगा और वो पूरा उसके गले तक उतर रहा था. और विक्की शिवानी के हिलते हुए बूब्स को चुटकी काट रहा था. मेने तभी जान बूझकर कर शिवानी को फ़ोन मिलाया. Shivani bhabhi ki chudai ki kahani

    मोबाइल की घंटी बजती रही पर फोन पिक नही हुआ. मेने फिर फ़ोन मिलाया. शिवानी ने डर कर चूसना छोड़ दिया पर विक्की ने उसका फ़ोन पहले ही छीन लिया जैसा की मैं कैमरा में देख पा रहा था. शिवानी फ़ोन उछल कर लेने की कोशिश कर रही थी पर विक्की लंबा था उसने अपना हाथ ऊपर कर लिया. मेने तीसरी बार जब कॉल किया तो विक्की ने फ़ोन उठा लिया.

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    विक्की: हेलो मेरे भाई कैसा है?

    में: विक्की? तू शिवानी का फ़ोन लेके क्या कर रहा है?

    (विक्की ने शिवानी को शांत रहने का इशारा किया) और उसको नीचे बैठा कर फिर लंड चुसवाने लगा.

    विक्की: अरे शिवानी फ़ोन चार्जिंग पे लगा नहाने गयी है भाई.

    में: तू क्या कर रहा है? (उसको टटोलने के लिए).

    विक्की: मै.. उम् मै एक्सरसाइज. (और दोनों मुँह दबा के हसने लगे.).

    शिवानी उसके लंड से ऊपर उठकर उसके मसल्स वाले पेट को चाटते हुए उसकी छाती को चुम रही थी. और फिर वह उसको हग कर ली और विक्की के कान में फुसफुसाई “फ़क मी.”

    विक्की ने शिवानी को कमर से पकड़ा और उसको बच्चे की तरह उठा कर सोफे पर लिटा दिया. विक्की ने अपने हाथ पे थूका और शिवानी की चूत को मसल दिया. में कैमरा पे साफ देख सकता था की शिवानी बुरी तरह मचल गयी. विक्की मेरी बीवी के ऊपर लेट गया और उसके दोनों हाथ सर के ऊपर पकड़ लिए अपने एक हाथ से. और दूसरे हाथ से अपना मोटा लंड उसकी चूत में घुसा दिया. शिवानी ने अपनी टांगे चौड़ी करके उसको अपने और अंदर घुसाने का रास्ता दिखा दी. विक्की कस कर उसके बूब्स को मसलते हुए शिवानी को चोद रहा था. Shivani bhabhi ki chudai ki kahani

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    शिवानी: अह्ह्ह उम् अह्ह्ह्हह थोड़ा धीरे बोल रही थी.

    विक्की जैसे लड़कीबाज को इतनी प्यारी नखरे वाली लड़की मिल गयी वो कहाँ मानने वाला था. वो शिवानी के हाथ दबा कर लम्बे लम्बे शॉट्स मार रहा था. शिवानी हद्द से ज़्यादा गरम हो चुकी थी. में जनता हु क्युकी उसने विक्की के बालो को खीचना शुरू कर दिया था. और फिर शिवानी ने वो किया जो उसने बिस्तर में मेरे साथ कभी नहीं किया था. उसने अपनी दोनों टांगे विक्की की कमर के पीछे लॉक कर ली और अब उसको शॉट्स मारने में सहारा दे रही थी. Shivani bhabhi ki chudai kahani

    शिवानी: अह्ह्ह तेज़ कर और ज़ोर से उम् (अपने लिप्स काटते हुए) कस के करो अहह..

    विक्की: बोल तू मेरी रखैल है बोल तू मेरी रखैल है!

    शिवानी: नो प्लीज…

    विक्की ने अपना लंड चूत से बाहर निकाल लिया और शिवानी के गुलाबी होठो को चूसने लगा. बोल तू मेरी रखैल है वरना लंड नहीं मिलेगा.

    शिवानी: प्लीज डालो न. मेरा हुआ ही नहीं.

    विक्की: पहले बोलो मेरी रंडी हो.

    शिवानी: ने उसके दोनों गाल पकडे और होठो को किस करते हुए बोली “जो चाहे वो बना लो पर मुझे अभी कस के चोदो न.

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    विक्की के चेहरे पे जीत की मुस्कान आ गयी और उसने फिर से शिवानी को चोदना शुरू कर दिया. वो शिवानी की दोनों टांगे उठा कर उसको चोद रहा था. शिवानी के लेफ्ट पैर में सोने की पाजेब चमक रही थी जो की मेने उसको उसके बर्थड़े पर गिफ्ट की थी. विक्की अपनी हवस में आकर शिवानी के पैरो को भी चाट रहा था. उसको हर वो ट्रिक पता थी जो किसी लड़की को उसका दीवाना बना सकती है. Shivani bhabhi ki chudai kahani

    शिवानी: ahhhhhhhhhhh..

    शिवानी ने एक लम्बी चीख मारी और कस के सोफे को पकड़ ली. शायद वो झड़ चुकी थी. पर विक्की न जाने कौन सी गोली खा कर आया था. उसका लंड 20 मिनट की चुदाई के बाद भी कसा हुआ था. शिवानी थक गयी थी. पर विक्की ने उसका हाथ पकड़ कर उसको अब हमारे कारपेट पे घोड़ी बना लिया. शिवानी विक्की से बिलकुल नहीं हिचकिचाई और उसकी सारी बातें मान रह थी. वो तुरंत घोड़ी बन गयी और विक्की अब उसके पीछे आ गया. उसने पहले अपनी जीभ से उसकी चूत चाटी और फिर शिवानी की गोल गांड को खोल के अपनी जीभ से तड़पाने लगा.

    शिवानी: ऊऊउ डालो न.

    विक्की: ने पीछे से अपना लंड उसकी चूत पे टिकाया और कस के धक्का मारा.

    शिवानी: ahhhhhhhhhhhhhhhhh

    Shivani का फेस अब मेरे हिडन कैमरा के ठीक सामने था. में देख सकता था वो कितने मज़े से पराये लंड का सुख ले रही है और पसीने से उसका पूरा माथा भरा था. विक्की उसकी गांड को मसल रहा था और खींच कर अपने लंड पर ऊपर निचे कर रहा था. शिवानी की चूत इस पोसिशन में बहुत टाइट हो जाती है क्युकी शायद एक ही बार हमने ये स्टाइल ट्राइ किया था. शिवानी साइड टेबल पकड़ कर आगे पीछे हो हो कर विक्की को चोद रही थी. विक्की अब थक गया था और बस शिवानी में अपना घुसा के अपना पानी निकालना चाहता था. शिवानी रंडी की तरह धक्के मार के विक्की को चोद रही थी. Shivani bhabhi ki chudai ki kahani

    विक्की: अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरा निकलने वाला है.

    शिवानी ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और विक्की उसकी पीठ पकड़ कर निढाल हो गया. दोनों एक दूसरे को देख मुस्कुराये और बिना कपड़ो के ही लेट गए. शिवानी की गैर मर्द से चुदाई देख मेरा भी अब पानी छूट चुका था. और मैंने अपना लंड साफ किया और इन दोनों को मज़ा चखाने का इरादा बनाया.

  • दोस्त की बहन आफ़रीन की सील तोड़ी | Dost ki bahan ko choda story

    Dost ki bahan ko choda story:- हेलो दोस्तों! कैसे हो आप सब? आज मै आपके लिए एक और सेक्सी चुदाई की कहानी लेकर आया हूँ। ये स्टोरी मेरे दोस्त और उसकी बहन की चुदाई की है। आपको इस कहानी मे बताऊँगा कि कैसे मैंने अपने दोस्त की बहन की चुदाई की और उसकी सील तोड़कर उसको कली से फूल बनाया । तो दोस्तों चलो कहानी पर चलते है।

    ज़िंदगी मे क्या चाहिए अगर अच्छे दोस्त आपकी लाइफ मे है. ऐसे ही अच्छे फ्रेंड्स बन गए थे मेरी भी लाइफ मे। मेरी लाइफ सही जा रही थी, एक ऐसी जिंदगी जिससे मैं काफी हद तक सेटीस्फाइड था। मैं अपने दोस्तों और दोस्ती की बहुत कदर करता जिससे मेरे दोस्त मुझपे बहुत भरोसा करते. लेकिन अभी कुछ दिनों पहले ऐसा टाइम आया की मैं शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूँ आपसे सुझाव भी चाहता हूँ की क्या जो हुआ और जो हो रहा है उसे कंटिन्यू करू या मैं गलत कर रहा हूँ.

    मेरा एक खास दोस्त था उसका नाम था आसिफ! वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त था और हम दोनों के घर भी पास में थे, तो आना जाना लगा रहता था। जैसे जैसे टाइम निकला उसके घर वाले अच्छे से जानने लगे। अंकल, आंटी और उसकी सिस्टर भी। मै भी उसकी फॅमिली में एक फॅमिली मेंबर की तरह हो गया था. स्टोरी की शुरुआत हुई जुलाई 2015 से जब आसिफ को डेंगू हो गया था। मै हॉस्पिटल गया और पता चला उसकी प्लेटलेट्स बहुत कम हो गयी है, मेरा और उसका ब्लड ग्रुप और सेम है तो मैंने उसे प्लेटलेट्स डोनेट करी. तब अंकल बोले… Dost ki bahan ko choda story

    अंकल – बेटा कल आफरीन का एडमिशन होना है, मैं तो यहाँ हॉस्पिटल में आसिफ के पास रहूँगा, अगर तुम टाइम निकाल के इसका एडमिशन करने इसके साथ चले जाओ तो मेहरबानी होगी.

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    मैं – आप किसी बात कर रहे है अंकल इसमें महेरबानी की क्या बात है मैं चला जाऊंगा.

    नेक्स्ट डे सुबह मुझे आफरीन की कॉल आयी..

    आफरीन – हेलो.

    मैं – हेलो कौन?

    आफरीन – आफरीन बोल रही हूँ आप तैयार हो गए क्या?

    मैं – बस आधे घंटे में आ रहा हूँ.

    आफरीन – बाइक से चलोगे या स्कूटी से?

    मैं – स्कूटी से.

    1 घंटे के बाद मैं उसके पास उनके घर पर पहुंचा, दोनों बहने थी, बस क्या लग रही थी दोनों बहने, जबकि अभी तक मैंने उन्हें ऐसी नजरो से नहीं देखा था. आफरीन के बारे में आपको बता दूँ तो हाइट उसकी 5 फुट 2 इंच होगी, रंग बिलकुल गोरा, आँखे ब्रोनिश वाइट, राउंड फेस, बड़ी बड़ी आँखे पतले से होंठ, लेकिन थी वो पतली सी फिगर 32 यही रहा होगा मेरे अंदाजे से..

    आफरीन – जल्दी आ गए.

    मैं – थोड़ा लेट हो गया, शाहीन अकेली रहेगी घर?

    शाहीन – नहीं मुमानी आ रही है.

    मैं – ओके.

    फिर हम कॉलेज के लिए निकल गए स्कूटी पर थे, मै शांत था तो उसने पूछा.

    आफरीन – अच्छा आप बताओ कॉलेज लाइफ अच्छी होती है या स्कूल?

    मैं – स्कूल लाइफ, तुमने एन्जॉय की स्कूल लाइफ?

    आफरीन – कहाँ बस स्कूल से घर और घर से स्कूल.

    मैं – मस्ती तो स्कूल में होती है, तुम्हे कहा करनी थी.

    आफरीन – कभी बंक भी नहीं किया फ्रेंड्स के साथ मन होता था बहार घूमने का.

    मैं – चलो कोई ना, ये तो अब भी कर लोगी.

    आफरीन – वैसे आप कैसी मस्ती करते थे?

    मैं – बहुत मस्ती की हमने तुम्हे नहीं बता सकता.

    आफरीन – ऐसा क्या किया था?

    मैं – छोडो रहने दो.

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    फिर हम शांत हो गए! कॉलेज पहुँच के एडमिशन कराया। मुझे उसके साथ चलते हुए अजीब सा लग रहा था। बाकि कॉलेज में आये लोग हमे कपल की तरह देख रहे थे. लगभग शाम हो गयी थी उसके एडमिशन का प्रोसेस पूरा करते करते और भूख बहुत जोर से लगी थी. Dost ki bahan ko choda story

    मैं – भूख लगी है?

    आफरीन – हाँ बहुत भूख लगी है.

    मैं – चलो खाना खाते है.

    इस बार वो पूरी तरह कम्फर्टेबल होकर स्कूटी पर बैठी थी मेरे बैक को पकड़ के। लेकिन मैंने उसके पीछे बैठे होने का कोई फायदा नहीं उठाया.

    आफरीन – अच्छा एक सवाल पूछूं? बुरा ना मानो तो?

    मैं – हाँ बिलकुल!!!

    आफरीन – आपकी गर्लफ्रेंड है कोई?

    मै – नहीं.

    वो थोड़ा आगे की तरफ हो गयी थी जिससे उसके शरीर के अंग मेरी कमर को छू रहे थे.

    आफरीन – झूट बोल रहे हो आप.

    मैं – मैं क्यों झूठ बोलूंगा बताओ?

    आफरीन – आसिफ भाई की है कोई?

    मैं – नहीं उसकी भी नहीं है.

    आफरीन – ओके.

    मैं – ऐसे सवाल एक दम से कैसे उठे तुम्हारे दिमाग में?

    आफरीन – आप कैसे कह सकते हो की एक दम से आये, ऐसा भी तो हो सकता है काफी टाइम से हो पूछने का टाइम आज मिला तो आज पूछ लिया.

    मैं – हाँ ये तो है.

    इतने में हम रेस्टोरेंट पहुँच गए और वहाँ खाना खाया और मैंने घर के लिए चलने को कहा तो वो बोली..

    आफरीन – थोड़ा टाइम रुक नहीं सकते?

    मै – हाँ क्यों नहीं. थोड़ी देर ऐसे ही बात करते हुए फिर वो बोली..

    आफरीन – मैं कुछ कहु तुम बुरा तो नहीं मानोगे न?

    मैं – कहो जो कहना है फ्री होके.

    आफरीन – काफी टाइम से कहना चाहती हूँ लेकिन मौका नहीं मिला.

    मैं – ऐसा क्या कहना है तुम्हे?

    आफरीन – तुम डरा रहे हो मुझे.

    मैं – अच्छा कहो जो कहना है मैं कुछ नहीं कहूंगा तुम्हे.

    आफरीन – वो मैं अम्मम्म..

    मैं – हम्म्म..

    आफरीन – मैं तुम्हे पसंद करती हूँ.

    Dost ki bahan ki seal todi

    मेरे पास बोलने को कुछ नहीं था, मैंने इतना सोचा नहीं था की ऐसा भी हो सकता है ऊपर से दोस्त की बहन थी। मैं वैसे बुरी नजर से उसे देख नहीं सकता था। ऐसा नहीं के मैं दूध का धुला हूँ। कई बार मैंने उसे वैसी नजरो से देखा लेकिन दोस्ती आड़े आयी हमेशा, तो ज्यादा सोचा नहीं और ना चाहते हुए भी मुझे उसे ना बोलना था। अच्छी लड़की हाथ में आकर निकल रही थी. Dost ki bahan ko choda story

    मैं – देखो तुम मेरे दोस्त की बहन हो तो भी तुम्हे अपनी..

    आफरीन – प्लीज आगे कुछ मत बोलना आपको नहीं करना तो ठीक है लेकिन मुझे अपनी बहन तो मत बोलना। कम से कम इतना तो कर ही सकते हो मेरे लिए.

    इतना सब उसने रियूड होकर कहा था। उसकी आवाज में नाराजगी साफ़ समझ आ रही थी.

    मैं – आफरीन देखो ऐसा नहीं की तुम मुझे पसंद नहीं हो, तुम्हारे जैसी लड़की को कौन होगा जो अपनी गर्लफ्रेंड नहीं बनाना चाहेगा। मेरी तो किस्मत ही ख़राब है की तुम मेरे दोस्त की बहन हो नहीं तो शायद मेरी गर्लफ्रेंड होती.

    आफरीन – घर पर किसी को पता नहीं चलेगा.

    मैं – मैं अपने दोस्त को धोखा नहीं दे सकता यार समझ.

    आफरीन – ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी.

    फिर मैंने उसे घर छोड़ दिया और रात भर सो नहीं सका ये सोच कर। फिर मेरी और मेरे दोस्त की फॅमिली के ऊपर दुखो का पहाड़ टूटा, मेरा दोस्त जो मेरे लिए बहुत कुछ था दुनिया छोड़ के चला गया था। इतनी सी उम्र में. डेंगू में हुई मौत में उसका नाम भी जुड़ गया था कुछ दिन ऐसे ही बीत गए। मैं सदमे से निकला उसके घर जाना भी चूत गया था. इस साल मार्च में आफरीन मिली.

    आफरीन – भाई क्या गए आपने तो घर आना ही छोड़ दिया। चलो घर चलो अम्मी अब्बू कितना याद करते है तुम्हे अपने बेटे से ज्यादा तुम्हे याद करते है.

    मैं – ठीक है आऊंगा टाइम निकाल के.

    आफरीन – टाइम निकाल के नहीं अभी के अभी चलो.

    वो मानी नहीं मुझे जिद करके घर ले गयी.

    आफरीन के पापा – बेटा तुम तो भूल ही गए हमे.

    मैं – नहीं अंकल ऐसी बात नहीं है बस कॉलेज में बिजी हूँ काफी.

    आफरीन के पापा – बेटा 10-15 मिनट के लिए ही आ जाया कर.

    आफरीन – अब्बू इनसे बोलो हर वीक यहाँ आया करेंगे.

    अंकल – हाँ बेटा.

    मैं – कोशिश करूँगा की हर वीक आ सकू.

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    उसके बाद वहाँ मैंने पर वीक जाना शुरू किया और कई बार वीक में दो बार भी चला जाता था. अंकल कम मिलते घर पर। एक बार सिर्फ आफरीन और आंटी ही घर पर थी। आफरीन मेरे साथ बात करते हुए एक दम उदास हो गयी..

    मैं – क्या हुआ?

    आफरीन – कुछ नहीं.

    मैं – उदास क्यों हो मुझसे तो शेयर कर सकती हो.

    आफरीन – चाहती तो थी की सब टाइम शेयर करू लेकिन तुमने ही मना कर दिया.

    मैं – अब तो कोई मिल गया होगा.

    आफरीन – नहीं.

    मैं – उदास ना हो.

    आफरीन – इस उदासी की वजह आप हो.

    यहाँ उसने मुझे इतना इमोशनल कर दिया की मुझे ना चाहते हुए भी हाँ बोलना पड़ा.

    मैं – ठीक है जैसा तुम चाहती हो मै तैयार हूँ.

    किस चीज के लिए तैयार हो? ये आवाज आंटी की थी, मै बिलकुल घबरा गया था.

    मैं – कुछ नहीं आंटी बस स्कूटी सिखाने को बोल रही थी.

    आंटी – मैं सब जानती हूँ बेटा. मेरे पास कहने को कुछ नहीं था.

    आंटी – काफी टाइम से आफरीन उदास थी, कभी खाना ठीक से नहीं खाती। कभी किसी से बात नहीं करती। कल जब मैंने जोर देकर पूछा तब इसने पूरी बात बताई। मैं थोड़ी ओपन माइंडेड हूँ इसलिए कुछ नहीं कहूँगी। इस उम्र मे ही ऐसा होता है, अगर इसके अब्बू को ये पता चला तो सब कुछ खत्म समझो. Dost ki bahan ko choda story

    मैं – आंटी मैं नहीं चाहता की ऐसा हो, मैंने काफी समझाया इसको लेकिन ये समझने को तैयार ही नहीं है.

    आंटी – जो करना है करो मै इन सब से अनजान रहना चाहती हूँ। बस मुझे पता नहीं चलना चाहिए जो भी तुम करोगे.

    इतना कह कर आंटी चली गयी और आफरीन मुझसे गले लग के रोने लगी। मै अब बेहद लाचार था कुछ भी समझ के परे था। आफरीन को चुप कराया.

    मैं – बताओ तुम क्या चाहती हो?

    आफरीन – आपको पता है.

    मैं – ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी.

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    अब हमरा रिलेशन शुरू हुआ इस बीच मैं उनके घर भी जाता, खूब हंसी मजाक चलता. जब हम मिलते तो सब कुछ चलता, जैसे गालो को किस करना, थोड़ा बहुत इधर उधर टच करना. एक दिन मैं उसके घर गया तो वो अकेली थी घर पर! मैंने पूछा बाकि कहा है. तो वो बोली अम्मी की तबियत ख़राब है दूसरे रूम में लेटी है और बाकी अपने काम पर.

    मैं – देखु तो सही आंटी कैसी है.

    आफरीन – नहीं रात भर से सोई नहीं अभी 1 घंटा हुआ होगा सोये हुए.

    मैं – ओके मतलब तुम और मैं और तन्हाई..

    आफरीन – चुप करो.

    आफरीन खड़ी हुई थी तो मै मैंने उसको पकड़ के दीवार से सटा लिया और एक पल उसे देखा और उसकी गर्दन को किस करनी शुरू की और कभी उसके क्लीवेज को किस करता तो कभी गर्दन की दूसरी तरफ। फिर हट के उसे देखा तो वो भी गर्म हो गयी थी। उसके आँखे बता रही थी। मैंने जैसे ही उसे किस करने आगे बढ़ा उसने आँखे बंद कर ली। फिर हमारे होंठ एक दूसरे से इस कदर मिले जैसे के बरसो के प्यासे हो। जैसे मानो बंजर धरती पर कई बरसो बाद बरसात हुई हो। ये किस करीब 8-10 मिनट चली. 10 मिनट किसी को किस करना मुश्किल होता है होंठ दर्द करने लगते है। जैसे ही मैंने उसका टॉप उतारने की कोशिश करि तो उसने मेरा हाथ पकड़ा और मेरी तरफ देखने लगी। उसकी आँखे जैसे मुझे पूछ रही हो की क्या ये सही है।

    मैंने सिर्फ गर्दन हिलाई और उसने अपने हाथ को नीचे कर लिया. अगले पल मैंने उसका टॉप उतार दिया उसका पेट क्या गोरा था एक तो पहले से ही वो गोरी और ऊपर से पेट और ज्यादा गोरा। उसने लाइट ब्लू कलर की ब्रा पहनी हुई थी जिसमे उसके खड़े हुए बूब्स मुझे कण्ट्रोल से बाहर कर रहे थे। वैसे भी अब कण्ट्रोल तो करना ही नहीं था. जैसे ही मैंने उसके बूब्स को हाथ मे लिया उसके मुँह से सिसकारी निकली आह्ह्हआआ। उसकी सांसे तेज़ हो रही थी और आँखे बंद थी। मै उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबा रहा था। उस पल मै आनंद के सागर मे गोते लगा रहा था। हर गुज़रता पल असीम सुख की अनुभूति करा रहा था और आने वाले पल मे मज़ा दुगना होने वाला था. फिर मैंने उसकी ब्रा उतार दी। क़यामत मानो साक्षात मेरे सामने थी। उफ्फ्फ क्या बूब्स थे, ऐसा लगता ही नहीं था उसे देख कर के इतने मस्त बूब्स होंगे उसके। वो पतली सी थी और उसके निप्पल का कलर भी लाइट पिंक था और बाकि पूरे सफ़ेद. Dost ki bahan ko choda story

    मैंने उसके बूब्स को डायरेक्ट मुँह मे ले लिया जैसे ही मैंने बूब्स को मुँह मे लिया, अगले ही पल उसने अपने दोनों हाथो में मेरे सर को जोर से पकड़ लिया था। उसकी कही बात के मुताबित, पहली बार था उसके लिए ये सब करना। उसके साथ मुझे भी ऐसा ही लग रहा था मानो जैसे मैं पहली बार सेक्स कर रहा हूँ। वही पहले वाला मजा. मैंने उसके बूब्स खूब दबाये और चूसे बारी बारी कर के। उसके बूब्स बिलकुल लाल हो गए थे लकिन फिर भी मन नहीं भरा था। हमारे पास जयादा टाइम नहीं था तो आगे बढ़ना पड़ा। अब मै किस करते हुए नीचे की तरफ बढ़ा। उसकी सिसकिरिया चालू थी। उसकी सिसकिरिया मेरा जोश दुगना कर रही थी जैसे आग मे पेट्रोल. मैं उसके लोअर तक पहुँच गया था। वो मचल रही थी। फिर मैंने एक दम से लोवर को झटके से नीचे कर दिया तो उसने एक दम से लोवर पकड़ लिया और ऊपर खींच लिया.

    मै – क्या हुआ.

    आफ़रीन – प्लीज आहिस्ता आहिस्ता करो फर्स्ट टाइम है मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा. अजीब सा फील ही रहा है.

    उसकी आवाज मे चढ़ा वासना का नशा साफ़ महसूस किया जा सकता था।

    मै – बेबी सब के साथ होता है थोड़ा कोऑपरेट करो.

    आफरीन – और कितना करू.

    सही बात थी उसकी भी काफी हद तक कोऑपरेट कर रही थी. खैर मै आगे बढ़ा और उसका लोवर भी उतार दिया उसकी पतली पतली सी टांगे गोरी थी काफी। मुझे अब इस बात का डर था की वो मेरा ले भी पायेगी या नहीं। सच मे उसका ये पहली बार था क्यूंकि उसने मेरा लंड नहीं पकड़ा था अभी तक. मैंने अपना शॉर्ट्स नीचे किया और जो मेरा नाग था काफी देर से अंदर मचल रहा था, मैंने बाहर निकाल लिया और उसका हाथ पकड़ के अपने लंड पर रखा तो उसने तुरत पीछे खींच लिया। जैसे उसे करंट मार दिया हो मेरे लंड ने। मेरा लंड देखकर वह घबरा गयी.

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    आफरीन- इतना बड़ा!

    मै – कुछ नहीं होगा मेरी जान सहलाओ इसे.

    आफरीन – मर जाउंगी मै मेरी इत्ती सी ऊँगली चूत मे नहीं जाती तो ये इत्ता बड़ा कैसे जायेगा.

    मैं – भरोसा करती हो मुझपे.

    आफरीन- आप पर है लकिन इस पर नहीं है.

    मैं – मेरा ही है ये भी.

    आफरीन- मुझे डर लग रहा.

    मैं – डरो मत मै हूँ ना अब सहलाओ इसे। पकड़ के ऊपर नीचे करो.

    खैर उसने मेरा लंड सहलाना शुरू किया बड़ा मजा आ रहा था.

    मैं – अब मुँह में लो इसे.

    आफरीन – मुँह मे जायेगा ही नहीं इत्ता बड़ा है.

    मैं – ट्राई करो पूरा अंदर भी चला जायेगा.

    उसने लंड के आगे वाले पार्ट को किस करि उफ्फ्फ उसके नरम होंटो के स्पर्श ने तो मुझे अंदर तक हिला दिया। धीरे धीरे मैंने लंड को अंदर डाला वो ठीक से चूस नहीं कर पा रही थी फर्स्ट टाइम होने की वजह से। फिर भी मजा अपने चरम सीमा पर था. लेकिन ये मजा ज्यादा देर नहीं चला और उसका दाँत मेरे लंड के नीचे और पीछे वाले हिस्से मे लगा। आह्हः सारा मजा किरकिरा हो गया. Dost ki bahan ko choda story

    अब बारी थी चुदाई की मैंने उसे बेड पे डॉगी पोजीशन मे खड़ा किया। इतने मै आफरीन बोली..

    आफरीन – कंडोम यूस नहीं करोगे क्या?

    मैं – नहीं.

    आफरीन – कुछ हुआ तो.

    मैं – डोंट वरी बेबी आई गिव यू आई पिल.

    आफरीन – ठीक है जैसा आप चाहो आराम से करना.

    मैं – ओके.

    मैंने फिर उसे डॉगी पोजीशन मे खड़ा किया और लंड को सेट किया चूत पे। उसकी चूत हद से ज्यादा टाइट थी, तो मैंने ऊँगली को थूक लगाया और एक दम से उसकी चूत मे घुसा दी..

    आफरीन – आह ऊई माँ मर गयी प्लीज इसे बहार निकालो.

    मैं – बहुत टाइट है इसे थोड़ा खोल तो लू. आफरीन जान थोड़ा तो सहना होगा.

    फिर मैंने उसकी एक न सुनी और ऊँगली एक एक बाद एक 3 घुसेड़ दी। जब तक चूत थोड़ी ढीली नहीं हुई निकाली ही नहीं। फिर अपना लंड सेट किया और धक्का मारा लेकिन लंड फिसल गया. मैंने फिर लंड सेट किया, उसकी कमर को पकड़ा और फिर जोर का धक्का मारा। अबकी बार लंड 4-5 इंच अंदर तक उसकी चूत मे घुस गया। उसने जोर की चीख मारी…

    अल्लाह ऊई मै मर गयी।

    मैंने तुरंत उसका मुँह पकड़ के उसे चुप किया और शांत रहने को कहा। थोड़ी देर रुकने के बाद मै बोला थोड़ा दर्द सहन नहीं कर सकती हो क्या.

    आफरीन – मै मर जाउंगी प्लीज इसे निकाल लो.

    मैं – अभी मजा आना बाकि है बेबी बस थोड़ा सबर करो अभी आधा लंड अंदर गया है.

    आफरीन – आधा प्लीज इतने से कर लो और मत घुसाना बहुत दर्द हो रहा है मर जाउंगी.

    मैंने फिर हलके हलके झटके मारने शुरू करे। हर झटके से उसके मुँह से दर्द भरी आअह्ह्ह निकलती। अब मै हलके हलके लंड को और अंदर घुसाता गया। मेरे लंड मे भी जलन होने लगी थी क्यूंकी उसकी चूत बहुत टाइट थी. खैर दर्द को अब वो सहन कर रही थी। मै उसे चोदता रहा। अब ये मेरे ऊपर डिपेंड कर रहा था कि मै कितनी देर मे झाड़ू, क्यूंकि सुबह मै मुठ मार चुका था.

    आफरीन – कितनी देर और करोगे?

    मैं – थोड़ी देर और.

    आफरीन- मुझसे बर्दाश नहीं हो रहा अब.

    मैं – कोशिश करता हूँ स्पीड तेज कर रहा हूँ संभाल लेना.

    मैंने स्पीड तेज कर दी 1 मिनट मे ही चुदाई ने फुल स्पीड पकड़ ली लेकिन ये मेरे लिए ज्यादा दर्द भरा था। लंड जोर से जलन कर रहा था खासकर वहाँ जहा उसका दाँत लगा था। फिर भी मै धक्के मारता रहा और उसकी दर्द भरी सिसकिरिया निकलती रही और थोड़ी देर बाद मैंने लंड निकल के उसके बूब्स पर झाड़ दिया. लंड अब भी उसके खून मे थोड़ा सा सना हुआ बहार आया और मेरे पानी मे भी मिक्स हो गया था. फिर उसने खुद को साफ़ किया और कपडे पहने। मैंने टाइम देखा तो लगभग 2 घंटे बीत गए थे.

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  • माँ और मौसी को चोदकर फिल्म बनाई | Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    Maa Beta Mausi ki chudai kahani:- दोस्तों ये कहानी जो मै आपको पढ़ने को मिलने वाली है इसमे माँ बेटे की चुदाई और मौसी की चुदाई की मनोरंजक कहानी है। तो दोस्तों अगर आपको माँ बेटे और मौसी की सेक्स कहानी मे मज़ा आता है तो कहानी को आखिर तक ज़रूर पढ़ना। चलो अब देर ना करते हुए स्टार्ट करते है।

    मैं आज से एक हफ्ता पहले हॉस्टल से घर वापिस गया तो मेरी जिंदगी ही बदल गयी. मैं अपनी पढ़ाई खत्म कर चुका था और अपनी बहन और माँ के पास जा रहा था. मैंने फोटोग्राफी का कोर्स पूरा कर लिया था. मैं अपनी माँ गिरजा का 19 साल का बेटा हूँ और मेरी माँ 41 साल की है. मेरी बहन नीरजा 21 साल की है और उसने अभी शादी नहीं की है. मेरे पिताजी की मौत हो चुकी है और उनके इन्शुरेन्स के पैसे से हम तीनों का गुज़ारा हो रहा है.

    Maa Beta Mausi ki chudai kahani hindi me

    पढ़ाई के दौरान मेरा संपर्क एक आदमी से हुआ था जो की ब्लू फ़िल्मस का बिज़नेस करता है और मुझसे अच्छे भाव में अच्छी ब्लू फ़िल्म्स खरीदने के लिए तैयार था. उसने मुझे बोला था की ग्रुप सेक्स की फ़िल्म्स बहूत बिकती हैं. लेकिन मेरी प्रॉब्लम ये थी की ब्लू फिल्म्स के लिए सेक्सी एक्ट्रेस कहाँ से लाऊं. मैंने ये बात अपने मौसेरे भाई आलोक से बताई तो वो बोला..

    आलोक – साले निखिल! मौसी या अपनी बहन नीरजा की किसी सहेली को राज़ी कर लेना और अगर लड़का न मिले तो मुझे रोल दे देना. तू ही कहता था की तेरी बहन बहुत सेक्सी है. उसकी सहेली भी कम नहीं होगी. तेरी फिल्म बन जाएगी और मुझे तेरी बहन की सेक्सी सहेली चोदने को मिल जाएगी. क्यों क्या ख्याल है? Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    तो मैं हंस कर रह गया था! लेकिन मैं उसके आईडिया को याद रखता. अब मैं आप लोगों को अपनी बहन और माँ के बारे बता देता हूँ. मेरी माँ गिरजा 5 फ़ीट 5 इंच की है और उसका वज़न 52 किलो है. रंग गोरा कूल्हे भारी, पेट स्लिम, चूचि उभरी हुई. माँ के बाल काले और लम्बे हैं और वो जूड़ा करती है. गिरजा अधिकतर चूड़ीदार पजामा और कमीज़ पहनती है. उसकी कमीज़ काफी टाइट होती है जिस कारण उसके चूतड़ का उभार नज़र पड़ता है. मैं कई बार सोचता हूं की पिताजी के बाद गिरजा को लंड की कमी सताती होगी और वो न जाने कैसे अपनी चूत को ठंडा करती होगी. लेकिन मैंने इसके बारे अधिक ध्यान नहीं दिया क्यों की गिरजा मेरी माँ थी. लेकिन अब जब मैं ब्लू फिल्म का बिज़नेस करने वाला हूँ तो मुझे अपनी माँ भी एक ब्लू फिल्म की एक्ट्रेस ही नज़र आने लगी है.

    Maa aur mausi ko chodkar film banayi

    नीरजा, मेरी बहन, 5 फ़ीट 6 इंच की सेक्सी लड़की है और छोटी स्कर्ट्स और टाइट टॉप्स पहनती है या फिर बहुत टाइट जीन्स पहनती है. मेरी बहन की गाँड गिरजा से थोड़ी कम भारी है और चूचि कुछ छोटी लेकिन बहुत मस्त है. नीरजा की चूचि कोई 34 साइज की होगी. हॉस्टल में कई बार मुझे अपनी बहन की याद आ जाती थी तो मेरा लंड खड़ा हो जाता और मैं मुठ मार लिया करता था. मैं अपने मन में ब्लू फिल्म के बिज़नेस की प्लानिंग कर सपने देखता हुआ घर जा रहा था. मेरे बैग में मेकअप का सामान अलग अलग किस्म की विग्स कुछ प्लास्टिक लंड (दिलदो) भरे हुए थे. मैं लड़कियों को अलग शक्ल में अपनी ब्लू फिल्म में शामिल कर सकता था.

    जब मैं घर पहुंचा तो दरवाजा गिरजा ने खोला. वो मुझे गले से लगाती हुई मुझ से लिपट गयी और प्यार से मुझे चूमने लगी।

    माँ – निखिल बेटा तुझे देखने को तो मेरी ऑंखें तरस गई. अब अपनी माँ को छोड़ कर कहीं मत जाना मेरे लाल!

    गिरजा उस वक्त पजामे के ऊपर एक टाइट टीशर्ट पहने हुई थी और उसने नीचे से ब्रा नहीं पहना हुआ था. मेरी प्यारी माँ की मांसल चूचि मेरे सीने में धंस रही थी। जिस कारण मेरा लंड पैंट में तंबू बनाने लगा था. मैं जान बूझकर अपने हाथ गिरजा के चूतड़ पर फेरने लगा. माँ को शायद मेरे लंड का उभार अपने पेट पर महसूस हुआ, इसीलिए वो मुझ से अलग होती हुई बोली।

    माँ – बेटा तू तो पूरा मर्द बन गया है! कितना बड़ा हो गया है तेर…तू!

    मैं भी झेंप कर अपनी माँ से अलग हो गया.

    माँ – तू अपना सामान अपने रूम में रख कर आ जा मेरे रूम में. तेरी ममता मौसी भी आयी हुई है, हम वहीँ पर चाय पिएंगे।

    ममता मौसी माँ से 2 साल छोटी थी. अलोक ममता का ही बेटा था. मैंने सामान रखा और माँ गिरजा के रूम में चला गया. ममता का पति हरी राम एक शराबी आदमी है लेकिन ममता मौसी एक पटाखा औरत है. गोरी चिट्ठी मांसल जिस्म की मलिका, काले घने बाल, मस्त भरी भरी चूचि, नशीली आंखें और बहुत मटकदार चूतड़. मैंने सुना था की सेक्स की भूखी औरत है ममता मौसी. ममता मौसी मुझे प्यार से गले लगा कर मिली. Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    मै – मौसी आप तो पहले से भी अधिक सेक्सी लग रही हो, क्या बात है? लगता है मौसा बहुत ख्याल रखते हैं आपका!!

    मैंने जान बूझ कर मौसी की चूचि पर हाथ फेरते हुए कहा.

    मौसी – तेरे मौसा अगर कुछ करने लायक होते तो बात ही क्या थी, वो तो बस शराब पी कर काम ख़राब करने वाले हैं. अब तो मेरे घर का गुज़ारा ही बहुत मुश्किल से होता है. पैसे की बहुत तंगी है. अगर कोई काम मिले तो मुझे दिला दो. सच बेटा कुछ भी करने को तैयार हूं।

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    मैंने एक बार फिर मौसी की मस्त चूचि को स्पर्श करते हुए कहा..

    मै – मौसी मेरी फिल्म में काम करोगी? लेकिन मेरी फिल्म कुछ एडल्ट टाइप की होगी। अगर आप जैसी कोई और भी सेक्सी औरत हो तो और भी अच्छा होगा. पैसे बहुत मिलेंगे. सच कहूं तो मेरी फिल्म असल में ब्लू फिल्म होगी. अगर मंज़ूर है तो बता देना।

    मौसी मुस्कुरा कर बोली निखिल बेटा मेरी बदनामी होगी, अगर किसी को पता चला की मैं ऐसी फिल्म में काम करती हूँ. और इस के इलावा कौन सा मर्द काम करेगा इस फिल्म में? अगर मैं राज़ी हो भी गयी तो?

    मैंने अब मौसी की चूचि को कस कर मसल दिया और बोला..

    मै – मौसी तुम चिंता मत करो! कोई आपको पहचान ना सकेगा. मैं आपकी शक्ल बदल दूंगा और वैसे भी ये फिल्म इंडिया में नहीं बिकेगी. हाँ इस फिल्म में, मैं और शायद एक और लड़का काम करेगा. मुझे और भी लड़कियां चाहिए इस काम के लिए। मौसी खुश हो गयी. तभी माँ कमरे में दाखिल हुयी.

    माँ – क्या चल रहा है तुम दोनों के बीच बेटा? तुम ने तो ममता को खुश कर दिया इतनी जल्दी. बहुत उदास थी बेचारी. एक तो पैसे की कमी और दूसरा पति शराबी. बिना पति के ज़िंदगी कैसी होती है तुम क्या जानो निखिल बेटा! अलोक को भी तो जॉब नहीं मिल रही. Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    मौसी ने माँ गिरजा को आँख मारते हुए कहा… मौसी – गिरजा मेरी जान तेरा बेटा तो मेरे लिए वरदान बन कर आया है. इसने मुझे अपनी फिल्म मे रोल दे दिया है और जिस तरह की फिल्म है उसमे मज़े के मज़े और पैसे के पैसे. गिरजा तेरा बेटा तो ब्लू फिल्म बना रहा है जिस में खुद भी काम करेगा. मज़े की बात तो ये है की इस की बिक्री इंडिया में नहीं होने वाली. मैं तो कहती हूँ की गिरजा भी इस फिल्म में काम करे. निखिल बेटा घर का पैसा घर में रहेगा और तेरी माँ की चूत भी शांत हो जाएगी. कब तक हम एक दूसरे की चूत को ऊँगली से शांत करती रहेंगी? मैं और गिरजा दोनों लंड की प्यासी औरतें हैं बेटा. तुम अगर चाहो तो आज ही फिल्म शुरू कर देना क्यों गिरजा?

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    ममता मौसी की बात सुन कर मेरा लंड खड़ा हो गया. माँ के सामने मौसी ऐसी बात कर रही थी की गिरजा शर्म से पानी पानी हो रही थी. तभी ममता मौसी ने उठ कर मेरी पैंट की ज़िप खोल डाली और मेरा लंड बाहर निकाल लिया. गिरजा देख तेरा बेटा कितना जवान हो गया है बाप रे बाप इसका हथियार कम से कम 9 इंच का है. ज़रा छूकर के तो देख गिरजा!

    माँ गुस्से में बोली – ममता!!!! कुछ शर्म करो! निखिल मेरा बेटा है बेशरम!

    लेकिन मैंने देखा की माँ की नज़र मेरे लंड पर टिकी हुई थी. माँ का दुपट्टा सरक गया और उसकी सुडोल चूचि नज़र आने लगी. मैंने माँ की आँखों में देखा तो मुझे वासना की झलक साफ़ दिखाई पड़ी. तो मतलब साफ़ था. आज ही मै, माँ और मौसी को लेकर पहली ब्लू फिल्म बना डालूंगा! मैंने ममता को किस कर लिया और वे मुझ से लिपटने लगी. वासना में जलती हुई मेरी माँ अब हमारे पास आ बैठी और ममता से बोली

    माँ – ये ठीक नहीं है ममता. निखिल बेटा क्या ये सच है की हमको कोई पहचान नहीं सकेगा?

    मैंने माँ को अपनी गोद में खींच लिया और उसकी चूचि को भींच कर बोला..

    मै – सच बोलता हूँ माँ किसी को पता न चलेगा. तुम मेरा यकीन करो, मेरे पास मेकअप का सामान है जिससे मैं तुम लोगों की शक्ल बदल दूंगा और आपको तो नीरजा भी पहचान न पायेगी।

    गिरजा मेरी बात सुन कर मस्त हो गयी और ममता मेरे लंड को सहलाने लगी. लेकिन मैं बिना कुछ किये झड़ना नहीं चाहता था.

    मै – माँ तुम दोनों मेरे कमरे में आओ और मैं आपका मेकअप कर देता हूँ और अलोक को फ़ोन भी कर लेता हूँ. वो भी मेरे साथ ब्लू फ़िल्म में काम करेगा। Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    पहले तो ममता ने ना नुकर की लेकिन फिर दोनो औरतें तैयार हो गयी. अपने कमरे में जा कर मैंने कहा मौसी अब जल्दी से कपडे उतार दो और मुझे अपने नंगे जिस्म के दीदार करवा दो. दोनों धीरे धीरे कपड़े उतारने लगी. मेरी माँ का मांसल जिस्म नंगा हो कर मेरी नज़रों के सामने आ गया. जब माँ ने अपनी पैंटी उतरी तो उसकी फैली हुई चूत पर छोटे छोटे बाल थे. चूत के होंठ उभरे हुए थे. ब्रा हटने पर माँ की मस्त चूचि उछल कर बाहर आयी तो मेरा लंड भी उछल पड़ा.

    Maa Beta aur Mausi ki chudai ki kahani

    मै – गिरजा अभी कैमरा सेट करता हूँ. तब तक तुम दोनों आराम से नंगी हो जाओ. मेरे बैग में कुछ कपडे हैं आपको जो पसंद हो पहन लेना. याद रहे फिल्म शूट करने से पहले मैं आपको विग्स पहनाऊंगा और कुछ मेकअप करूँगा.

    मैं अभी आया कहते हुए मैं अपने रूम में गया और ड्रेसेस वाला बैग माँ और मौसी को दे दिया. दोनों मादरजात नंगी औरतें बहुत सेक्सी लग रही थी. मेरा दिल कर रहा था की अभी चोद डालूं दोनों को लेकिन फिल्म बनाना बहुत ज़रूरी था. फिर मैंने अलोक को फ़ोन किया और बोला..

    मै – अलोक मेरे यार दो मस्त रंडियाँ मिल गयी है और फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाला हूँ. तुम एक घंटे में यहाँ पहुँच जाना और आज ही अपनी फिल्म का उद्घाटन करना है हमको.

    अलोक बोला – वाह मेरे यार मैं आ रहा हूँ।

    मैंने बैग से एक बोतल व्हिस्की की निकाली और फ्रिज से आइस और सोडा लेकर माँ के रूम में गया. मैंने तीन गिलास भरे और दोनों को एक एक गिलास पकड़ा दिया।

    मै – गिरजा तुम दो गिलास पी लो फिर किसी किस्म की मुश्किल न होगी. कोई मानसिक झेंप है तो हट जाएगी. अलोक आ रहा है. अलोक को फिल्म में लेने से कोई पैसा बाहर न जायेगा. मै कैमरा घर के हर कार्नर में फिट कर के आता हूँ. तुम शराब का मज़ा लो। Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    मैंने एक कैमरा घर के गेट के अंदर लगा लिया ताकी घर में आता हुआ हर कोई नज़र आये और अगर उसको फिल्म में लेना हो तो ले सकूँ. दूसरा कैमरा बरामदे में, तीसरा बैडरूम में, जिसमें दो डबल बेड्स लगे हुए हैं। चौथा माँ के रूम में और पाँचवां ड्रॉइंग रूम में लगा दिया और रिकॉर्डर्स ऑन कर दिए. मैं खुद माँ के रूम में चला गया. मौसी की चूत तो शेव की हुई थी और चमक रही थी लेकिन गिरजा कि चूत पर कुछ बाल थे.

    मै – मौसी आप गिरजा की चूत को शेव करना. माँ आप टाँगें फैला कर रखो और मौसी आपकी चूत को मसलना शुरू कर देंगी जिससे आपकी चूत में उत्तेजना बढ़ेगी. फिल्म में मैं आप दोनो को छुप के देखुंगा और आप मुझे पकड़ लेंगी और मुझे चुदाई के लिए आमंत्रित करेंगी। लेकिन आप ये विग पहन लो मैने गिरजा को एक छोटे बालों वाली विग पहना दी और मौसी को एक कर्ली बालों वाली विग पहना दी. खुद मैं ड्राइंग रूम में चला गया. मै अपने गिलास से चुस्की लेता हुआ शराब पी रहा था और सोच रहा था कि दोनो रंडियाँ क्या कर रही होंगी. तभी मुझे गिरजा की सिसकारी सुनाई पड़ी..

    आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बस करो ममता उफ्फ्फ ऊऊह्ह्ह्हह्ह धीरे करो ऊई!!

    Maa Beta aur Mausi ki sex story hindi

    ग्लास नीचे रख कर मैं उनके रूम की तरफ बढ़ा. देखा की मौसी माँ की चूत पर झाग लगा रही हैं और माँ मस्ती में सिसकारी ले रही है. माँ के चेहरे के भाव और सिसकारी इस तरह से कामुकता से भरी हुई थी की किसी भी ब्लू फिल्म की हीरोइन को मात दे रही थी. ये रिज़ल्ट शायद इस लिए स्वाभाविक था क्योंके माँ बहुत चुदासी हालत में थी. अपनी माँ और ममता मौसी को इस कामुक अवस्था में देख कर मैंने ज़िप का होल खोल कर लंड बाहर निकाल लिया और हिलाने लगा. मेरी आँखों में वासना की चमक आ गयी थी. उधर मौसी ने रेजर से माँ की चूत को शेव करना शुरू कर दिया. कैमरा सब कुछ क़ैद कर कर रहा था. तभी गिरजा की नज़र मेरे ऊपर गयी और वो चौंक पड़ी. फिल्म में भी मैं उसका बेटा ही बना हुआ था.

    माँ – हे भगवान न बेटा तुम ये क्या कर रहे हो? ममता देखो निखिल क्या कर रहा है? इसका कितना बड़ा है!!

    ममता ने मेरी तरफ देखा तो बोली कोई बात नहीं जो हम दोनों को चाहिए तेरे बेटे के पास है, निखिल बेटा अपनी मौसी और माँ को चोदना चाहोगे? हम दोनों लंड की भूखी हैं! आओ बेटा हमको अपने लंड से चोदकर ठंडी कर दो!

    मैं कमरे में दाखिल हुआ. मेरी नज़र अपनी माँ की फैली हुई टांगों के बीच उसकी ताज़ी शेव की हुई चूत पर टिकी हुई थी. माँ की आँखें वासना से बंद हो चुकी थी. मैं दोनों औरतों के पास गया तो ममता ने मेरा लंड पकड़ लिया. मौसी के मुलायम हाथ के स्पर्श से मेरे जिस्म में करेंट सा लगा. गिरजा ये सब देख कर प्यासी नज़र से अपने बेटे को देख रही थी. मैंने गिरजा की चूचि को भींच लिया और बोला। Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    मै – माँ तुम भी अपने बेटे का लंड पकड़ना चाहती हो?

    माँ ने वासना में अपना सर हिला दिया.

    मै – माँ अपने बेटे के लंड से चुदवाना चाहती हो?”

    उसने फिर से हाँ में सर हिला दिया.

    ममता ने मेरा सुपाड़ा चाटना शुरू कर दिया था. मैंने माँ का सर पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और उसके होंठ अपने लंड से चिपका दिए।

    मै – तो फिर चूस लो इसको गिरजा और बना डालो अपने बेटे को मादरचोद!!

    मौसी और माँ दोनो बारी बारी से मेरा लंड चूसने लगी. एक लंड चूसती तो दूसरी मेरे अंडकोश चाट लेती. मेरा लंड उनके थूक से भीग चुका था.

    माँ बेटा और मौसी की चुदाई की कहानी

    ममता मौसी – बेटा अब देर मत करो! चोद लो हम दोनों को! ऐसा लंड हमने पहले नहीं देखा कितना मोटा है!!!

    मैं दोनों से अलग होता हुआ बोला तो चलो बेडरूम में. मेरा लंड भी आप जैसी औरतों को चोदने के लिए तड़प रहा है.

    हम तीनो बैडरूम में चले गए और मैं, माँ और मौसी को चूमने लगा. फिर गिरजा के ऊपर चढ़ कर उसकी चूचि चूसने लगा, फिर मौसी मेरा लंड चूसने लगी. मैं इसी एंगल से दोनों औरतों को पेश कर रहा था की उनके नंगे जिस्म मेरी फिल्म को उत्तेजना पुराण बना दें. माँ का हाथ अब अपनी चूत पर रेंग रहा था. अचानक माँ ने मेरा लंड ममता मौसी के मुख से खींच लीया और बोली..

    माँ – चोद मुझे अब बेटा! इस चूत की आग बुझा दे! मेरी चुदाई कर के अपनी मौसी को भी शांत कर देना।

    मैं भी गरम हो चुका था. मैं मौसी से बोला – मौसी आप माँ की चूत को चाटना शुरू करो. मैं अभी आ कर इसको चोदता हूँ!

    मैं ये कह कर बाहर निकला. डोर पर अलोक खड़ा था. मुझे देख कर मुस्कुरा पड़ा मेरा भाई. मुस्कुराता भी क्यों न मैं उसको उसकी सगी माँ और मौसी चोदने का मौका देने वाला था.

    मै – अलोक मादरचोद इतनी देर लगा दी क्या बात है. अब अंदर चल जल्दी से और चुदाई शुरू कर मैं अभी आता हूँ. और बता दूँ किसी से शर्माना नहीं. वो तैयार हैं सब कुछ करने के लिए. तुम जी भरके मज़े लेना!

    मैं अपने रूम में जा कर देखने लगा की फिल्म ठीक से बन रही है या नहीं. मैंने कैमरा में देखा तो बहुत मज़ा आया. माँ ममता की टांगों को फैला कर उसकी चूत चाट रही थी. उनकी सिसकारिओं से लगता था की कोई बहुत बढ़िया विदेशी ब्लू फिल्म चल रही हो. उनको देख कर मेरा लंड बेकाबू हो गया और मैं उसको ऊपर नीचे करने लगा. तभी अलोक पलंग के नज़दीक जा खड़ा हुआ और वो पहले तो चौंक पड़ा जब उसने अपनी माँ को नंगा देखा। लेकिन फिर गिरजा की चूचि पर हाथ फेरने लगा. जब मैं वापिस आया तो ममता से लिपट गया और उसको चूमने लगा. गिरजा और अलोक चुम्बन ले रहे थे.

    मै – माँ अलोक को भी नंगा कर दो ना! बहुत चाहता है तुझे ये साला! मौसी तुम भी चुदाई के लिए तैयार हो जाओ. आज गिरजा और ममता दोनों साथ साथ चुदेंगी! मौसी मैं तुझे घोड़ि बनाना चाहता हूँ। Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    ममता मेरी बात सुन कर घोड़ी बन गयी. जब उसने अपने चूतड़ ऊपर उठाये तो उसकी गांड का ब्राउन छेड़ मुझे दिखायी पड़ा. वासना के नशे में मैंने उसकी गांड को चुम लिया और मौसी सिसकारी भर उठी।

    मौसी – बस बेटा बस और मत तड़पाओ अपनी चुदासी मौसी को चोद भी लो.

    मैंने उसके चूतड़ पर हाथ फेरा और पीछे से अपना लंड मौसी की चूत पर टिका दिया. मैंने अपनी कमर को आगे बढ़ा कर धक्का मार दिया. मौसी के मुख से हलकी चीख निकल गयी जब मेरा लंड दनदनाता हुआ उनकी चूत में चला गया. गिरजा अलोक का लंड चूस रही थी. लेकिन मेरी चुदाई देख कर बोली.

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    माँ – अलोक साले अपने भाई से कुछ सीख. देख कैसे चोद रहा है अपनी मौसी को? अब तू भी चोद डाल मुझे! शाबाश मेरे यार!

    मेरे बिलकुल बराबर मे गिरजा भी घोड़ी बन गयी और अलोक उसको चोदने लगा. वक्त के साथ चुदाई की रफ़्तार तेज़ होती गयी. मेरी माँ किसी थकी हुई कुतिया की तरह हाँफ रही थी. अलोक पुरे ज़ोर से मेरी माँ को चोद रहा था और मैं अपनी मौसी की चूत में लंड पेल रहा था. मेरे अंडकोष मौसी की गांड से टकरा रहे थे. कमरे में चुदाई का संगीत गूँज रहा था. अलोक ने माँ की बगल में हाथ डाल कर उसकी चूचि पकड़ी हुई थी और उसको ज़ोर से भींच रहा था.

    गिरजा – ऊऊऊऊ बेटीचोद मुझे ज़ोर से चोद मादरचोद तेरा लंड मेरी चूत की गहरायी तक घुस चुका है आआह्ह्ह्ह..मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा है बहुत सुख दे रहा है तेरा लंड बेटा..शाबाश चोद मुझे!

    अपनी माँ और मौसेरा भाई को देख कर मेरा जोश भी दुगना हो गया और मैं भी मौसी को बेरहमी से चोदने लगा. ममता की सांस भी तेज़ी से चलने लगी और मैं उसकी पीठ पर किस करने लगा।

    मौसी – आअह्ह्ह्हह्हह बेटा ज़ोर से चुम ले अपनी मौसी को चोद ले हरामी! डाल दे पूरा लंड मेरी चूत में! हाय मार दिया मुझे! बेटा जोर से चोद…आआआहहहहसहबाश निखिल!

    मैं मौसी की गांड को थाम कर जोर जोर से चोदने लगा. मेरी बगल में गिरजा को मेरा यार चोद चोद कर निहाल कर रहा था. हम चारों पसीना पसीना हो रहे थे और मुझे मालूम था की फिल्म बहुत अच्छी बन रही है. लंड दोनों की चूत में “फचक फचक” की आवाज़ करते हुए चुदाई कर रहे थे. अलोक अब गिरजा के चूतड़ पर चपत मारने लगा. वो जैसे जैसे गरम होता गया मेरी माँ की गांड को और ज़ोर से पीटने लगा. गिरजा के छुतड़ लाल हो गए थे. मैंने भी उसको देख कर मौसी की गांड पर हाथ मारना शुरू कर दिया. मुझे लगा की फिल्म में ऐसा सीन बहुत पसंद किया जायेगा.

    कोई 10 मिनट के बाद अलोक बोला- निखिल मेरे यार क्यों न पार्टनर बदल लिए जाएं. तुम अपनी माँ का टेस्ट देख लो और मैं अपनी माँ का मुझे अपनी माँ भी बहुत मस्त माल लग रही है! Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    मुझे अपने यार का ख्याल अच्छा लगा और मैंने मौसी की चूत से लंड बाहर खींच लिया और उसके नंगे जिस्म से अलग हो गया. अलोक ने गिरजा को छोड़ दिया और फिर मैं अपनी माँ को किस करने लगा. अलोक ने ममता के मुँह में अपना लंड डाल दिया और बोला।

    आलोक – माँ चूस मेरा लंड तुझे इस पर अपनी बहन की चूत के रस का स्वाद आएगा! चख कर देख गिरजा मौसी की चूत कितनी नमकीन है!

    ममता मौसी उसी वक्त झुककर अपने बेटे का लंड चूसने लगी. मैं अपनी माँ को अपने ऊपर चढ़कर चोदना चाहता था. इस पोजीशन मे मुझे माँ की चूचि साफ़ दिखायी पड़ेगी और उसको चूसने का आनंद भी मिल जायेगा.

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    मैंने गिरजा की चूत को मसल कर कहा माँ मैं अपना लंड उस चूत में घुसते देखना चाहता हूँ जहाँ से मैं पैदा हुआ था! तेरे दूध देखना चाहता हूँ जिनको चूस कर मैं बड़ा हुआ हूँ! तुझे उस लंड की सवारी करते देखना चाहता हूँ जो तेरी कोख से निकला है! गिरजा मेरी रानी! मेरी माँ! अपने बेटे के लंड पर सवार हो कर स्वर्ग का आनंद दे दो मुझे!

    मैं नीचे लेट गया और गिरजा बिना कुछ बोले मेरा लंड पकड़कर मेरी कमर पर सवार हो गयी और मेरे सुपाड़े पर अपनी चूत को रगडने लगी. अलोक ने ममता को पलंग के कोने तक खींच लिया और उसकी टांगों को अपने कंधे पर टिका लिया. ममता ने वासना के कारण अपनी आँखें बंद की हुई थी और सिसकारी भर रही थी. गिरजा की आँखों में वासना के लाल डोरे झलक रहे थे जब वो मेरा लंड अपनी चूत में घुसाने की कोशिश कर रही थी. मैंने माँ की कमर कस के पकड़ ली और अपनी कमर उठाकर लंड माँ की चूत में पेल दिया. मेरा लंड माँ की चूत में छपाक से घुस गया और वो सिसकारी भर उठी!

    मर गयी! मेरी माँ! उफ़ बेटा तुमने तो मुझे आनंद से ही मार दिया! निखिल अपने बेटे के लंड का मज़ा क्या होता है मुझे तो पता ही न था! हाय निखिल डाल दे पूरा मेरी चूत में! शाबाश बेटा चोद अपनी माँ को! तेरा बिज़नेस अच्छा है! चुदाई की चुदाई! कमाई की कमाई! वाह बेटा का लंड है मुझे पसंद है! अलोक भी अब मेरा यार है मुझे धन्य कर दिया मेरे बेटे अपनी माँ की चूचि चूस ले और चूत चोद ले!

    मैं भला अपनी माँ की आदेश की पालना क्यों न करता. आदेश भी इतना मज़ेदार था की मैंने गिरजा की मस्त चूचि को थाम लियाऔर उसके निप्पल चूसने लगा. माँ मेरे लंड पर उछलने लगी.

    ममता मौसी – अलोक मुझे भी जोर से चोद जैसे निखिल अपनी माँ को चोद रहा है. अगर तेरे अंदर भी मादरचोद बनने का शौक है तो अपनी माँ को चोद दे आज जी भर के! ओह्ह्ह!! हाँ! हाँ! जोर से कस के पेल मादरचोद… अलोक बेटा और जोर से!

    अलोक की रफ़्तार भी तूफानी हो चुकी थी

    आलोक – ओह्ह्ह्हह्ह माँ! ममता मेरी माँ! आज तक ऐसी चुदाई नहीं की है मैंने!…जब तुम मुझे बेटा कह कर पुकारती हो तो मेरे लंड की शक्ति दोगुणी हो जाती है…आह….मैं अब रुक न सकूंगा मेरी माँ!

    मुझे भी लग रहता मेरा लंड जल्द ही झड़ने वाला है. गिरजा भी अब अपनी गांड तेज़ी से ऊपर नीचे कर रही थी. कमरा चुदाई की सिसकारिओं से गूँज रहा था. लंड रस और चूत रस की महक कमरे में फ़ैल चुकी थी. मैं और आलोक तेज़ी से धक्के मारकर दोनों औरतों को चोद रहे थे. मेरे अंडकोष अब मेरा रस मेरे लंड की तरफ उठा रहे थे और तीखी कामुक चीख मारकर मैं झड़ने लगा। गिरजा का जिस्म ऐसे कांप रहा था जैसे उसको बहुत बुखार हो. वो पागलों की तरह चुदाई के आनन्द सागर में डूब रही थी. मेरी माँ की चूत से रस की धारा बहने लगी. Maa Beta Mausi ki chudai kahani

    उधर अलोक ताबड़तोड़ अपनी माँ को चोद रहा था. ममता की चूचि अलोक के हाथ मसल रहे थे और दोनों मस्ती के सागर में गोते लगा रहे थे!

    ममता मौसी – मैं झड़ गयी गयी! चोद मुझे मादरचोद! अपनी माँ चोद! अलोक मेरे लाल…मेरी चूत पानी छोड़ रही है! ऐसी चुदाई तो तेरे नपुंसक बाप ने भी नहीं की कभी…बेटा! चोद डाल अपनी चुदासी माँ को!

    उसी वक्त मेरे लंड का फौवारा छूट पड़ा और अलोक भी धक्के मारता हुआ खलास होने लगा. धीरे धीरे चुदाई का तूफ़ान शान्त होने लगा और हम दोनों अपनी अपनी माँ के ऊपर ढेर हो गए.

    फिर हम सब मिलकर ब्लू फिल्म बनाने लगे और हम रोज़ अलग अलग रोल मे चुदाई करते और फिल्म बनाते। आपको कहानी कैसी लगी कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कमैंट्स में जरूर!

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