मम्मी के एक्सीडेंट से चुदाई तक का सफर – 1
Mummy ki chudai ki sex story:- हैलो दोस्तों, मै आपकी अपनी मस्त कामिनी! ये कहानी मेरे एक रीडर ने भेजी है और उसके कहने के अनुसार ये उसकी रियल स्टोरी है। तो चलिए कहानी को पढ़ते है और मज़ा लेते है। तो आगे से ये hindi sex story मेरे उसी पाठक की जुबानी होगी। तो चलिए शुरू करते है।
जब मैं 18 साल का था तो मेरी जिंदगी मे ऐसा दिन आया की उससे मेरी जिंदगी बदल गयी. मैं अपनी मम्मी और बहन के साथ रहता था. मेरी बहन स्कूल मे पढ़ती और वो मुझसे 1 साल बड़ी थी और वो बाहर पढ़ती थी. मेरी मम्मी की उम्र 43 साल थी और वो बहुत सुन्दर थी. उन्होंने अपने शरीर का अच्छा ख्याल रखा था.. हमारा घर बहुत बड़ा था और घर मे ही स्विमिंग पूल था. धीरे धीरे मैं और माँ पास आने लगे और अच्छे दोस्त बन गए. हम काफी करीब आ गए थे. मैं उन्हें मसाज भी कर देता था और इस बहाने से मैं उनके चूचे देखता था. वैसे तो वो घर मे पूरे कपडे डालती थी लेकिन जब भी वो ब्लाउज और पेटीकोट मे नहाकर बाहर आती तो मेरी हालत ख़राब हो जाती और मेरा लंड खड़ा हो जाता था उनके मोटे मोटे चूतड़ और चूचि देख कर. वो गर्मी के दिन थे, करीब जुलाई का महीना, ऑफिस जाते वक़्त उनका स्कूटी से एक्सीडेंट हो गया.
Mummy ki chudai ki sex story hindi
एक्सीडेंट की वजह से उनके हाथ और पैर पर चोट आयी. डॉक्टर ने उन्हें 10 दिन आराम करने को कहा और बेड रेस्ट दे दिया. डॉक्टर की दवाई के कारण उन्हें खूब नींद आती थी. अब घर का सारा काम मुझे ही करना पड़ता था, क्यूंकि मेरी बहन बाहर थी और उसे हमने मम्मी के एक्सीडेंट के बारे मे नहीं बताया था. चोट के कारण डॉक्टर ने मम्मी को लूस कपडे जैसे नाइटी डालने के लिए बोला था. मैं मम्मी को घर ले आया। मम्मी को बाथरूम तक ले कर गया।
मैंने कहा- मैं आपके कपडे बदल दूँ?
तो उन्होंने मना कर दिया. उन्हें बहुत दर्द हो रहा था पर फिर भी उन्होंने मुझे बाहर जाने को बोला. लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने मुझे आवाज़ लगाई. मैं धीरे से अंदर गया दिल जोर से धड़क रहा था क्यूंकि मुझे आज बहुत कुछ दिखने वाला था. मै अंदर गया तो माँ टॉयलेट की सीट पर बैठी थी.
उन्होंने मुझसे कहा बेटा मुझे दर्द हो रहा है और मै हाथ नहीं उठा पा रही. तो क्या तुम…..
माँ ये बोलकर चुप हो गयी.
मैंने बोला- क्या माँ??
वो बोली- बेटा!! ये सब तेरे और मेरे बीच मे रहना चाहिए किसी और को और तेरी बहन को नहीं पता चलना चाहिए.
मैंने कहा- माँ मैं दीदी को एक्सीडेंट के बारे मे नहीं बताऊंगा.
मैं जान कर मासूम बन रहा था.
वो बोली – मैं एक्सीडेंट की नहीं जो तुम अब अगले कुछ दिन मेरी हेल्प करोगे मुझे कपडे बदलने और बाकि सब काम मे जब तक मैं ठीक नहीं होती वो।
मैंने कहा- “हाँ माँ मैं समझता हूँ पर ये सब तो जरूरी है आप चिंता मत करो मैं किसी को नहीं बताऊंगा”.
फिर मैं आगे गया और माँ की शर्ट के बटन खोल दिए. वो थोड़ा हिचक रही थी.
मैंने बोला- माँ आप चिंता मत करो मैं किसी को कुछ नहीं बोलूंगा.
फिर मैंने उनकी शर्ट उतार दी और उन्होंने नीचे ब्रा डाला थी.
मैं बोला- मम्मी मैं ये धो दूंगा!
Mummy ki chudai ki sex kahani
फिर मैं अपना हाथ नीचे ले कर गया और उनकी सलवार का नाडा खोल दिया सलवार नीचे गिर पड़ी और माँ पिंक कलर की पैंटी मे बहुत ही सुन्दर लग रही थी. मैं ये सब देख कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया. माँ ने भी ये नोटिस कर लिया था पर वो कुछ बोली नहीं.. Mummy ki chudai ki sex story
वो बोली- बेटा मेरी टांग मे दर्द हो रहा है..
मैंने मम्मी को बोला-”आप टॉयलेट सीट पर बैठ जाओ”!
फिर मैं अपना हाथ उनके पीछे ले जा रहा था ब्रा का हुक खोलने के लिए। मै उसे उतारने लगा तो माँ ने बोला।
बेटा इसको उतारने की क्या जरूरत है? मतलब मेरे हाथ और टांग पर चोट है तुम्हे मेरी ब्रा उतारने की कोई जरूरत नहीं.
मैंने गर्दन नीचे कर ली और सोचने लगा की मै ये क्या कर रहा था.
मैंने बोला-”सॉरी मम्मी”
और मैं चुप हो गया.
वो बोली कोई बात नहीं बेटा.. शायद तुम ठीक थे नाइटी डाल लूंगी, तो ब्रा की जरूरत नहीं वैसे भी इसमें टाइट फील होता है..!! चलो मेरी ब्रा उतार दो.
मैं ये सुन कर बहुत खुश हुआ और हाथ पीछे ले जा कर ब्रा का हुक खोल दिया. वो शर्म से लाल पड़ गयी थी.
वो बोली- पहले मेरी ब्रा उतार कर मुझे अच्छे साफ़ करो फिर मेरी पैंटी उतार देना. मुझे माफ़ करना बेटा मुझे तुमसे ये कब करवाना पड़ रहा है.
मैं दिल ही दिल अपनी माँ को नंगी कर खुश हो रहा था. मैंने उनकी ब्रा उतार दी. उनके निप्पल एक दम टाइट थे. मैंने उन्हें रूम से एक चेयर ला कर उस पर बैठा दिया और गीला कपडा ले कर उनके बदन को पोछने लगा और उनके मोटे मोटे बूब्स को मसलने लगा. वो रोने लगी जैसे ही मैंने उनकी चूचि को रगड़ना शुरू किया..
मैंने कहा- “माँ आप रोये नहीं मैं आपका पूरा ख्याल रखूंगा आप आंखे बंद कर लो मैं आपको अभी साफ़ कर देता हूँ।
माँ बोली- “बेटा मुझे बेड पर लेटाकर साफ़ कर दो ऐसे साफ़ करने से अच्छा होगा वो और तुम्हे आसानी होगी।
मैं माँ को उठा कर बेड पर ले गया. फिर मैंने माँ को अच्छे से साफ़ कर दिया.
फिर मैंने कहा- माँ मैं आपकी चोट पर दवाई लगा देता हूँ आपका थोड़ा आराम मिलेगा.
मैंने फिर अपने हाथ मे लोशन लिया और माँ की बॉडी को धीरे धीरे मसाज करने लगा. उन्होंने एक हाथ अपनी चूचि पर रख लिया पर मैंने उसे हटा दिया. ऐसा करने पर उन्होंने कुछ नहीं कहा और फिर मैं अपनी ऊँगली से उनके दोनों निप्पल्स पर गोल गोल आकार मे ऊँगली फिराने लगा. कभी कभी मैं दोनों हाथ से उनके बूब्स दबा भी देता था ऐसा करने पर उनके मुंह से आह्हह्ह्ह्ह की हलकी सी आवाज़ निकल जाती थी. और मैं अपना हाथ हटा देता जब भी वो ऐसा करती. मेरा लंड बिलकुल टाइट हो चुका था और ऐसा लग रहा था कि मैं अपने लंड का पानी कभी भी छोड़ सकता हूँ. फिर मैं अपना हाथ उनके पेट पर ले गया और उनकी नाभि से खेलने लगा ऐसा करने पर माँ को गुदगुदी होती तो वो हंस पड़ती और कहती-
माँ- बेटा गुदगुदी मत कर दर्द होती है बॉडी मे..
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मै फिर से मालिश करने लग गया. मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था और मैं माँ की चूत देखना चाहता था। इसलिए मैंने माँ से बिना पूछे अपना हाथ उनकी पैंटी मे डाल दिया.. पैंटी मे से माँ की चूत गोल गप्पे जैसी दिख रही थी. मैं उनकी पैंटी नीचे करने लगा तो मेरा हाथ माँ की चूत से रगड़ खाया.
तो माँ बोली- माँ – बेटा तुम्हारा हाथ मेरी…. ये बोलकर वो रुक गयी।
मैं आगे सुनना चाहता था पर वो कुछ नहीं बोली ..
मैंने कहा – माँ मुझे आपकी पैंटी उतारनी थी ताकि मैं मालिश कर सकूँ इसलिए मैंने हाथ डाला था.
वो बोली – ठीक है पर थोड़ा आराम से..
फिर मैंने धीरे -2 कर उनकी पैंटी उतार दी. अब मैं अपना हाथ माँ की चूत पर फिरा रहा था। वहां खूब सारे बाल थे। ऐसा लगता था माँ ने काफी महीने से बाल साफ़ नहीं किया हो. मैं उनकी थाई की मालिश करते वक़्त अपनी छोटी ऊँगली उनकी चूत के छेद पर टच कर रहा था. फिर मैंने अपना एक हाथ माँ की थाई पर इस तरह से रखा की मेरी बीच वाली ऊँगली उनकी चूत मे थोड़ी सी घुस जाये और दूसरे हाथ से मालिश करने लगा ताकि मैं अनजान बना रहू और माँ को शक न हो.
पर माँ बोली बेटा तुम्हारी ऊँगली मेरे अंदर है शायद इसे बाहर निकाल लो वहां से….
सॉरी माँ!
मैं एक दम से शॉक रह गया क्यूंकि मुझे उम्मीद नहीं थी कि माँ इसके लिए बोल देगी.
मैंने कहा ”सॉरी माँ वो थोड़ा हाथ थक गया था तो मुझे ध्यान नहीं रहा”
और मैं थोड़ा शर्मा गया..
माँ बोली- बेटा मुझे पिशाब करना.. क्या तुम मुझे टॉयलेट तक ले जा सकते हो?
मैं माँ को उठा कर टॉयलेट लेकर गया. मैंने माँ को अपने हाथो में लिया ऐसा करने उनके मोटे मोटे चूतड़ मेरे हाथ से दब रहे थे. मैंने उन्हें टॉयलेट सीट पर ले जा कर बैठा दिया और माँ को पिशाब करते हुए देखने लग गया। उनका पिशाब उनके बड़े बड़े चूत के बाल से निकल रहा था. मेरा लंड एक दम टाइट था और माँ ने अपना सर नीचे कर रखा था. तभी मुझे लगा की ये मैं क्या कर रहा हूँ. और मैं टॉयलेट से बाहर आ गया. पर जैसे ही मैं बाहर गया माँ ने मुझे आवाज़ लगा दी और बोली. बेटा मुझे एक टिश्यू पेपर देना। मैंने उन्हें टिश्यू दिया और माँ ने अपने हाथ से टिश्यू पेपर से अपने चूत की सफाइ करि. जब मैं बाहर गया था तो मैंने अपना लंड अंडरवियर मैं एडजस्ट कर लिया था ताकि माँ उसे न देख पाए. फिर मैं माँ को उठा कर वापिस बेड पर ले गया और उन्हें वहां लेटा दिया. माँ एक दम नंगी थी उस टाइम. Mummy ki chudai ki sex story
माँ बोली- बेटा मुझे सलवार सूट पहना दे मैं एक दम नंगी हूँ.
तो मैं बोला- माँ डॉक्टर ने आपको लूस कपडे डालने के लिए बोला है पर मैं आपको कपडे पहना देता और आपको फिर से मालिश और टॉयलेट जाना होगा तो मुझे सारे कपडे फिर उतारने पड़ेंगे। तो क्या मैं आपको..
माँ बीच मे ही बोल पड़ी “कोई नहीं मैं आज बिना कपड़ो के ही सो जाऊँगी मुझे तुम्हे ज्यादा परेशान नहीं करना.. और वैसे भी तुम मेरे पास हो तो मुझे डर नहीं लगेगा।
मैंने सोचा- “मैं ही माँ को बुरी नज़र से देख रहा हूँ …और माँ ऐसा सोच रही है..
माँ बोली- “बेटा काफी लेट हो रहा है तुम मेरी टांग पर मेडिसिन लगा दो..
मैं भूल गया था मैंने उनकी टांग पर दवाई नहीं लगाई है. माँ का एक हाथ उनकी चूत के काफी करीब था. मैंने माँ की टाँगो को थोडा खोल दिया. ऐसा करने पर उनकी चूत का छेद साफ़ दिखाई दे रहा था. मैं मालिश तो टांग की कर रहा था पर मेरी नज़र माँ की चूत पर थी. मेरा लंड जो अभी तक ठीक से बैठा नहीं था वो फिर से खड़ा हो गया.
माँ बोली- बेटा ऐसे मेरी सुसु को मत देखो..
मैं बोला- माँ मैं……बस…… कुछ नहीं….!!
मैंने जल्दी से दवाई लगा दी और माँ की टेबलेट लेने दूसरे कमरे मे चला गया। माँ की वो सारी टेबलेट नींद की थी क्यूंकि ऐसे मे आराम करना ही सबसे अच्छी दवा है. मैंने माँ को दवाई दी और मैंने कहा माँ मैं नहाने जा रहा हूँ. मैंने बाथरूम मे जाकर अपने कपडे उतारे तो देखा मेरा अंडरवियर काफी गीला था. मैंने वहां माँ को याद कर मुठ मारी और नहा कर सिर्फ टॉवल लपेट कर माँ के रूम मे आ गया. माँ ने मुझे अपने साथ सोने को कहा था. माँ उस टाइम जग रही थी.
उन्होंने कहा क्या तुम ऐसे सोने वाले हो मेरे साथ अपने शॉर्ट्स डाल कर?
मैंने कहा- माँ मैं मार्किट से कुछ सामान ले कर आ रहा हूँ बस थोड़ी देर मैं आ जाऊँगा..
फिर मैं वहां से चला गया.. जब मैं वापिस आया तो माँ सो चुकी थी.. मैंने सोचा माँ सो चुकी है तो मैं भी सो जाता हो.. मैंने अपने कपडे उतार दिए और कम्बल ले कर बेड पर आ गया. मैंने एक कम्बल लिया और माँ को उढ़ाने लगा तो देखा माँ का एक हाथ माँ की चूत मैं था. ये देख मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.. मैंने माँ को एक दो आवाज़ लगाई और थोड़ा सा हिलाया भी.. पर उन्होंने कुछ जवाब नहीं दिया.. मैंने उन्हें ऊपर से नीचे तक देखा और अपने माउथ उनके बूब्स पर ले गया और उनका एक निप्पल धीरे से चूसने लगा और अपने लंड को धीरे धीरे सहलाने लगा.. तभी मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया। मैंने तुरंत एक टिश्यू पेपर से उनकी थाइस साफ़ की और बेड पर लेट गया.. उस वक़्त 12 बज रहे थे रात के और मुझे नींद नहीं आ रही थी..
मैं अपने दिमाग मे सोच रहा था की क्या ये सही है? क्या माँ के साथ ये सब करना गलत तो नहीं….??? फिर लगता वो भी तो एक औरत है और पिछले 5 साल से उन्होंने सेक्स नहीं किया है क्यूंकि पापा बाहर रहते थे और इतने टाइम से वो आ नहीं पाए थे.. ये सवाल मुझे परेशान कर रहे थे.. काफी देर बाद मैंने माँ को फिर देखा वो पहले की तरह सो रही थी.. मुझे उन्हें देख कर लगा की ये सब सही है.. मैंने उनके लिप्स को चूमा और उनकी बूब्स दबाने लगा हलके हाथ से ताकि वो जाग नहीं जाये..
मैं उनके बिलकुल ऊपर था ऐसा की मेरा लंड उनकी चूत से रगड़ खा रहा था थोड़ी देर बाद मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा पानी छूटने वाला है तो मैं हट गया। मैं थोड़ी देर और खेलना चाहता था.. मै धीरे से अपना मुंह माँ की चूत के पास ले गया और अपनी जीब को माँ की चूत पर टच करने लगा.. मुझे माँ की चूत की सुगंध पागल बना रही थी। तभी माँ थोड़ा हिली और मैं तुरंत ही उनके साथ जा कर लेट गया और ऐसा शो करने लगा की जैसे मैं सो रहा हूँ. वो दवाई के नशे मे थी.
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उन्होंने मुझसे कहा” मुझे टॉयलेट जाना है…”
मुझे लगा जैसे की माँ को पता चल गया हो पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था..
मैंने कहा अच्छा..
फिर मैं बेड से माँ को उठाने के लिए उठा तो मैं भूल गया था की मैं नंगा हूँ. मुझे देख कर माँ की आंखे पूरी तरह से खुल गयी.
वो बोली “बेटा तुम तो …तुम्हारे कपडे कहाँ है??”
मैंने कहा- सॉरी माँ पर मैं अपने कमरे मे हमेशा बिना कपड़ो के सोता हूँ कपडे डाल कर मुझे नींद नहीं आती है और यहाँ काफी गर्मी भी है..
पर शायद वो दवाई के नशे मे कुछ जायदा ही थी तो उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा और खुद ही बेड से उतरने लगी। ऐसा करने मे वो गिर पड़ी तो मैंने उन्हें संभाल लिया पर ऐसा करने मे मेरा लंड उनकी चूत से रगड़ खाने लगा था.. मैं उन्हे लेकर बाथरूम मे गया। मेरा लंड एकदम खड़ा था शायद माँ ने सोचा होगा ये नार्मल है इसलिए वो कुछ नहीं बोली ऐसा मुझे लगता है.. मैं उन्हें टॉयलेट सीट पर बैठा कर अपनी शार्ट डालने कमरे मे आ गया.. उसके बाद मैंने उन्हें वापिस बेड पर लेटा दिया.. वो टॉइलेट में अपनी चूत को साफ़ करना भूल गयी थी.. थोड़ी देर बाद वो सो गयी तो मैंने अपनी ऊँगली से उनकी पिशाब को साफ़ कर दिया, पर अब मैं उन्हें चोदना चाहता था. तो मैं उनके ऊपर गया और अपने लंड को उनकी चूत पर रख दिया..
मुझे छेद का ठीक से अंदाज़ नहीं था क्यूंकि मैंने आज तक कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था, बस ब्लू फिल्म का ज्ञान था। दो चार कोशिश करने पर मेरा लंड हमेशा नीचे निकल जाता था. पर थोड़ी देर बाद वो सही जगह जा कर लगा और अभी वो थोड़ा सा ही अन्दर गया था और मैंने पानी छोड़ दिया। मुझे लगा ये मैंने क्या किया क्यूंकि अभी तो सब सही हुआ था.. और मैंने अपना लंड जल्दी से बाहर निकाल लिया और माँ के साथ ही लेट गया और मुझे याद नहीं मैं कब सो गया..
जब अगली सुबह मैं उठा तो माँ जग चुकी थी. उन्हें अपने चूत के बाल पर कुछ टाइट सा लगा क्यूंकि सुबह तक मेरा पानी सूख चुका था.. उन्हें बाल पर टाइट सा लग रहा था” उन्होंने शायद ये सोचा की क्या उनके बेटे ने रात को उनके साथ कुछ किया था। क्यूंकि मैं उनके साथ नंगा सो रहा था। पर वही वो सोच मे भी थी, वो मुझसे ये बात कैसे पोचेगी की मैंने रात को उनके साथ सेक्स किया था?? जब मैंने अपनी आंख खोली तो माँ अपनी चूत पर हाथ लगा कर देख रही थी और स्मेल करने की कोशिश कर रही थी। तभी वो रो पड़ी..? और मेरी तरफ देखा. मैने ऐसा एक्टिंग की जैसे मैं अभी उठा हूँ।
मैंने पूछा- क्या हुआ माँ???
तभी मैंने बोला- माँ मैं आपको कुछ बताना चाहता हूँ.
वो थोड़ा घबरा गयी और मेरी तरफ देखने लगी.
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मैंने बोला- माँ जब रात को आप टॉयलेट गए थे आपके पैर पर जो लोशन लगा था वो छूट गया था, तो मैं दुबारा लोशन लगा रहा था तो बोतल से थोड़ा लोशन आपकी…..हम्म्म.. पुस.. मेरा मतलब आपके ऊपर गिर गया था वहां। फिर मैंने उसे पोछने की कोशिश की थी..
माँ बोली- तो तुमने मेरी इस पर हाथ लगाया था…??
मैंने कहा- माँ मैं बस साफ़ करना चाहता था ताकि आपको रात को कोई डिस्टर्बेंस न हो।
और थोड़ा सा आवाज़ नीचे कर ली.. उन्होंने मेरी आँखों मैं देखा और मुझे सर पर चूम लिया और कहा..
माँ – बेटा मैंने तुम्हे कितना गलत समझा तुम तो मेरे बेटे हो और मैं समझ सकती हूँ, तुम मुझे जल्दी ठीक करने के लिए कितनी मेहनत कर रहे हो। पर बेटा दोबारा कभी मुझे यहाँ टच मत करना जब मैं सो रही हूँ मैं कुछ गलत नहीं सोच रही हूँ।
फिर उन्होंने मुझे गले लगा लिया, बिना ये सोचे की वो एक दम नंगी है और मैं भी बिना कपड़ो के हूँ। ऐसा करने मे उनकी चूत मेरे लंड से टकरा गयी और वो एक दम से पीछे हट गयी।
बेटा ये…
मैं बोला- माँ सुबह सुबह ऐसा हो जाता है। और फिर मैंने स्माइल कर दी.
वो भी मुझे देख हंस पड़ी। आज वो थोड़ा अच्छा फील कर रही थी.. माँ अभी भी नंगी थी. पर वो बिना किसी सहारे के चल फिर नहीं सकती थी. पर फिर भी वो धीरे धीरे दीवार का सहारा ले कर बाथरूम की तरफ जा रही थी और मैं पीछे से उनके मोटे मोटे चूतड़ों को देख रहा था. वो दो तीन कदम चलने पर रुक गयी, मैं समझ गया की माँ को दर्द हो रहा है. मैं तुरन्त बेड पर से उठा और माँ को बाथरूम तक ले गया.. फिर वो फ्रेश हो गयी और मैं उन्हें वापिस कमरे मे ले आया. उसके बाद मैंने उन्हें ब्रेकफास्ट कराया और माँ को दवाई दे दी.. और बेड पर लेटा दिया और फिर मैं घर का सारा काम करने लगा.. एक दो दिन सब नार्मल रहा और मैने भी ज्यादा कुछ नहीं किया। मुझे डर था कहीं माँ को शक न हो जाये और जो मैं माँ को सारा दिन नंगी देखता हूँ वो बंद न हो जाये. पर अपने आप पर कण्ट्रोल रखना काफी मुश्किल था.
तीसरी रात माँ को नींद आ गयी थी क्यूंकि वो सारा दिन सो नहीं पायी थी। क्यूंकि उनके ऑफिस के लोग मिलने आ रहे थे. मैंने उन्हें रात को दवाई दे दी. जैसा की माँ थोड़ा ठीक थी तो दवाई भी कम असर कर रही थी. तो मैंने उस रात माँ के दूध मे दो नींद की गोली डाल दी. जिससे वो सो गयी. मैं करीब हाफ ऑवर बाद उनके रूम मे गया और थोड़ा डिस्टर्बेंस करने लगा। पर माँ नहीं जागी तो मैं समझ गया कि गोली अपना काम कर रही है. मैं माँ के पास गया और माँ के लिप्स पर किस कर दिया. फिर अपनी ऊँगली से माँ के निप्पल्स को दबाना स्टार्ट कर दिया और कभी हलके हाथ से उनकी चूचि को गोल गोल रगड़ भी रहा था. करीब दस मिनट तक मैं ये सब करता रहा. मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था और अंडरवियर से बाहर आने को बेताब था।
मैंने अपने सारे कपडे उतार दिए और माँ की टांगों को थोड़ा खोल लिया. फिर अपने हाथ से माँ की चूत के बाल हटा कर माँ की चूत के छेद को देखने लगा. मैंने धीरे से अपनी छोटी ऊँगली माँ के अंदर डाल दी. माँ की चूत थोड़ी सी गीली थी. मैं अपना मुंह थोड़ा डरते हुए माँ की चूत के पास ले गया और अपनी जीब से माँ की चूत चाटने लगा. माँ की चूत चाटने मे बड़ा मजा आ रहा था कोई 5 मिनट बाद मुझसे कंट्रोल नही हो रहा था। मैंने अपना लंड माँ की चूत पर रख दिया और धीरे धीरे अंदर डालने लगा। मैं लंड पूरा नहीं डाल रहा था ताकि माँ उठ न जाये दो चार बार अंदर बाहर करने के बाद मेरा पानी निकल गया और माँ की चूत पर सारा पानी छोड़ दिया.
उसके बाद मैं सो गया बिना किसी चिंता के की कल क्या होगा. जब अगले दिन सो कर उठा तो माँ मेरे साथ नहीं थी वो जल्दी उठ गयी थी. मुझे नहीं पता था आज मेरे साथ क्या होगा. जब मैं उठा तो मॉम ब्रेकफ़ास्ट बना रही थी और वो आज काफी ठीक लग रही थी. मैं उनके पास गया और नार्मल बीहेव करने लगा.
माँ ने मुझसे बोला “बेटा कल तुमने फिर से दवाई गिरा दी थी क्या? और वो थोड़ा शर्मा गयी..
वो बोली- तुम मेरा बहुत ख्याल रख रहे और तुम्हे बहुत परेशानी भी हो रही है और तुम आराम नहीं कर पाते.
मैंने मन मैं सोचा- माँ को कुछ नहीं पता चला.
पर तभी फ़ोन की घंटी बजी और ये फ़ोन मेरी मामी का था जिनकी 1 साल पहले शादी हुई थी. उनके यहाँ बेबी हुआ था. माँ ने बात की फ़ोन पर और मुझे ये खबर सुनाई. मैं खुश हो गया पर तभी मुझे याद आया की मैंने माँ के साथ सेक्स किया और वो बिना कंडोम के! कहीं माँ …??? फिर मुझे लगा की अभी बता देना चाहिए अगर कुछ होगा तो माँ संभाल लेगी. मैं एक दम से चुप हो गया.
माँ ने मुझसे पूछा क्या हुआ???
मैं थोड़ा घबराते हुए बोला- माँ… ..वो..रात… को आप पर… कोई दवाई नहीं गिरी थी… वो तो मेरा… मैं आपको देख कर कण्ट्रोल नहीं कर पाया और ….।
माँ एक दम से गुस्सा हो गयी।
वो बोली- क्या तुमने मेरे साथ सेक्स किया था???
नहीं… मैं झूठ बोलना चाह रहा था, माँ का गुस्सा देख कर..
माँ ने कहा- सही से बोल क्या किया तूने.. सेक्स किया था मेरे साथ?
और उनकी आंख से आंसू गिर पड़े..
वो बोली-मैं मानती हूँ ये तुम्हारे उम्र मे ऐसा हो जाता है और मुझे सारा दिन घर मे नंगी देख कर तुम्हारे ऊपर क्या गुजरती होगी. पर तुमने मेरे साथ!
मैंने बोला- सॉरी माँ…मुझसे …!
तभी माँ बीच मे बोल पड़ी, मुझे पूरा बताओ तुमने क्या क्या किया था.
मैं बोला- माँ अब जो हो चुका वो हो चुका छोड़ो उसे..
माँ बोली- मुझे बताओ अभी…मैं कुछ नहीं कहूंगी.. इट्स माय प्रॉमिस..!!
मैं बोला- माँ मैं आपको देख कर कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था तो मैंने अपना पेनिस निकाल कर आपके यहाँ थोड़ा सा रगड़ा था..
माँ बोली- क्या तुमने अपने लंड का पानी मेरे अंदर छोड़ा था..??
माँ शायद गुस्से मे थी इसलिए उन्हें याद नहीं रहा वो क्या बोल गयी..
मैं बोला- हाँ मॉम….बिलकुल बाहर पर।
वो बोली- बाहर…???
मै-मतलब माँ आपकी पुसी के बिलकुल बाहर वाले पार्ट पर जहाँ बाल है।
माँ थोड़ा शांत हो गयी थी.
मैं माँ के पास गया और रोने लगा और बोला- माँ मुझे डर लग रहा है कहीं आप प्रेग्नेंट न हो जाओ।
नहीं बेटा मैं नहीं हूंगी.. मुझे पता है प्रेगनेंसी कब होती है..
वो अब बिलकुल नार्मल हो गयी थी शायद! इसलिए वो इतना प्यार से बोल रही थी.
मैंने माँ से पूछा- पर माँ प्रेगनेंसी तो एक बार से हो सकती है?
माँ बोली- नहीं होगी न सब कुछ ठीक है अभी मुझे पीरियड्स नहीं है इसलिए।
मैंने बोला- माँ क्या अब हम एक दूसरे से कुछ नहीं छुपाने का प्रॉमिस कर सकते है।
माँ बोली- हाँ पर तुम इस से क्या कहना चाहते हो?
मैंने कहा- माँ मतलब की अब हम एक दूसरे से सारे सीक्रेट शेयर करेंगे और कैजुअल रहेंगे जैसे …दो प्यार करने वाले रहते हैं।
माँ बोली- क्या ..नहीं ..मुझे नहीं लगता हम ऐसा कर सकते है..ऐसा करने पर….
मैं बीच मे बोल पड़ा- माँ हम कोशिश तो कर सकते हैं आज हम ऐसे ही रहेंगे!
मैं जानता था माँ नहीं मानेगी पर मुझे कोशिश तो करनी पड़ेगी। उसके बाद हमने ब्रेकफास्ट किया. उसके बाद माँ और मैं सोफे पर बैठ गए और मूवी देखने लगे. मूवी मे किस सीन आया..
मैंने माँ से बोला- माँ आप मुझे किस करना सिखा सकते हो?
माँ- तुम मुझसे ये क्यों पूछ रहे हो?
मैंने कहा- माँ मुझे किस करना नहीं आता इसलिए..
वो बोली – ये नार्मल है, जब तुम्हें कोई गर्लफ्रेंड मिल जाएगी तो अपने आप आ जायेगा.
मैंने कहा- माँ अगर मैं उसे अच्छे से किस नहीं कर पाया तो? आप मुझे सीखा सकते हो प्लीज..
माँ ने कहा – ठीक है पर ये बात किसी को मत बताना की तुमने मुझे किस किया था।
मैंने कहा- ओके!
मम्मी की चुदाई की सेक्स स्टोरी
फिर माँ ने कहा- अपने लिप्स को लड़की के लिप्स के पास ले जाओ और उसके लिप्स को थोड़ा हलके से चूसने लगो और जीभ को उसके लिप्स पर टच करना और एक हाथ उसके सर के पीछे रखना सहारा देने के लिए। मैं तुरंत ही माँ के पास आ गया और जैसे माँ ने कहा था मैंने उनके सर के पीछे हाथ लगाया और उनके लिप्स चूसने लगा. 10-20 सेकंड तो माँ ने कुछ नहीं किया पर फिर उन्होंने अपने लिप्स थोड़े खोल दिए और मैं उनके ऊपर के लिप्स तो कभी नीचे के लिप्स चूसने लगा और एक दो बार अपनी जेभ उनके मुंह मे डाली। माँ भी मुझे सपोर्ट कर रही थी और हल्की सी आवाज़ भी निकाल रही थी। हम्म्म्म…ओह्ह्ह्ह … मैंने उन्हें अपने आप से सटा लिया था और उनके बूब्स मेरे चेस्ट पर टच कर रहे थे.
मैने कहा- माँ आई लव यू..
माँ भी थोड़ा रिलैक्स हो चुकी थी उन्होंने सिर्फ कहा – हाँ मैं भी..बेटा।
माँ इसके बाद मुझसे बोली- बेटा तुम कभी भी मुझसे कुछ भी पूछ लेना.
मैंने कहा- कुछ भी ..माँ?
माँ बोली “हाँ!”
फिर हम दो मिनट तक एक दूसरे के गले लगे रहे.
मैंने माँ को बोला- माँ क्या मैं आपको नहला दूँ तीन दिन हो गए आपको नहाये हुए?
माँ बोली- नहाना साथ…पर..
मैं बोला- आप ही ने कहा था की आज के बाद हमारे बीच कोई सीक्रेट नहीं रहेगा.. हम कुछ नहीं करेंगे सिर्फ एक दूसरे को हर काम मे हेल्प करेंगे।
माँ- सिर्फ नहाना है?
मै- हाँ अगर आपको शर्म लगती है तो मैं शावर से धो दूंगा आपको।
माँ थोड़ा शर्मा गयी और थोड़ा सा शर्माने के बाद उन्होंने हां कर दी. हम बाथरूम मे गए और मैंने वहाँ माँ को किस कर दिया. मैंने माँ की नाइटी उतार दी और अपने भी कपडे उतार दिए और अंडरवियर मे रह गया था. मैं माँ को देख कर एक्ससाइटेड हो रहा था. माँ समझ गयी थी मेरा लंड खड़ा हो गया है इसलिए मै अंडर वियर नहीं उतार रहा हूँ. मैं शावर चला कर माँ पर पानी डालने लगा. मैं थोड़ा दूर था माँ से और अपनी एक टांग से दूसरी टांग को दबाने की कोशिश कर रहा था ताकि मेरा खड़ा लंड माँ को न दिखे. माँ समझ गयी।
और वो बोली – कोई बात नहीं बेटा टाँगो के बीच में इसे मत दबाओ ज्यादा अपना अंडरवियर उतार लो..ये तो नार्मल चीज़ है।
बेटे ने माँ को चोदा कहानी
मैंने अपना अंडरवियर उतार लिया और मेरा लंड एक दम सीधा था.. मैंने शावर बंद किया और साबुन लेकर माँ के थोड़ा करीब आ गया. मेरा लंड माँ की चूत के बाल से रगड़ खा रहा था. पर माँ ने कुछ नहीं कहा. मैंने सबसे पहले साबुन माँ के फेस पर लगा दी उन्होंने थोड़ा सा स्माइल की और आंख बंद कर ली. मुझे लग रहा था माँ ये सब मेरे लिए कर रही है. मैंने साबुन ले कर माँ के बूब्स पर लगा दिया और उनके निप्पल्स को थोड़ा रगड़ने लगा अपनी ऊँगली से. मेरा लंड माँ से रगड़ खाये जा रहा था और मै अपना काम कर रहा था. मैं माँ के और करीब आ गया और आगे से अपने हाथ को पीछे ले जाकर माँ के बैक पर साबुन लगाने लगा। ऐसा करने पर माँ के बूब्स मेरे चेस्ट से बिलकुल टच हो गए और मेरा लंड उनकी दोनों टाँगो के बीच मे घुस गया था. माँ ने अपनी टांगे हलकी सी खोली तो मेरा लंड जैसे ही उनकी टैंगो के बीच से उनकी चूत से रगड़ खाता निकला।
तो माँ के मुंह से “आहहहहह…उमम्म” की आवाज़ निकल गयी और मेरे लंड की खाल भी बिलकुल पीछे हो गयी. मैंने फिर उसी पोजीशन मे माँ के मोठे मोटे चूतड़ों पर साबुन लगाई और अपने हाथ को वहां पर गोल गोल घुमाया और एक दो बार बीच मे भी डाल दिया. माँ थोड़ा छटपटा रही थी पर ज्यादा विरोध नहीं कर रही थी। शायद उन्हें भी अच्छा लग रहा हो. पर तभी माँ ने मुझे थोड़ा पीछे कर दिया और मेरा लंड माँ की टांगों से बाहर आ गया. फिर माँ ने हाथ से मेरे लंड को बिलकुल ऊपर कर दिया और कहा “अब लगाओ साबुन”। मेरा लंड माँ के पेट को छू रहा था और माँ ने उसे अपने हाथ से हलके से पकड़ रखा था. जैसे मैं थोड़ा बहुत हिलता तो माँ के हाथ से लंड रगड़ खा रहा था. तभी मैंने अपना पानी माँ के हाथ पर छोड़ दिया और थोड़ा उनके पेट पर गिर गया। वो एक दम से पीछे हट गयी पर तब तक लेट हो गया था। Maa ki chudai ki sex story
माँ बोली – ये तुमने क्या किया? मैं तुम्हारी माँ हूँ तुम मुझ पर ऐसे नहीं कर सकते. तुमने बोला था हम कुछ नहीं करेंगे. तुम्हे पता है ये सब गलत है सबकी नज़रो मे.
वो रो रही थी.
मैंने कहा माँ- मुझे बाकि सबकी कोई चिंता नहीं है मैं आपसे प्यार करता हूँ और जब आप रात को सो रही थे, तब मैंने आपके साथ सेक्स किया था और मैं सिर्फ इसलिए चुप था क्यूंकि मैं इसमें आपकी हाँ चाहता था. माँ कोई हमारी हेल्प नहीं करेगा पापा के जाने के बाद कोई हमसे मिलने तक नहीं आता.
माँ रो रही थी और वो इस बात को जानती थी इसलिए वो मेरे करीब आ गयी और उन्होंने अपना सर मेरे कंधे पर रख दिया. मेरा लंड अब बिलकुल उनकी चूत को टच कर रहा था. वो रोती रही इसलिए मैंने आगे बिना कुछ किए पानी डाला और माँ को साफ़ कर दिया. माँ फिर जल्दी से बाहर चली गयी और अपने कमरे मे जा कर डोर बंद कर लिया.
इसके आगे की कहानी आपके लिए जल्दी ही लेकर आऊँगा। अगर आपको यहाँ तक की स्टोरी पसंद आई है तो कमेंट ज़रूर करना।
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