पड़ोसन की मदद से बहू को चोदा -5

Padosan ne bahu ko chudwaya:- हैलो दोस्तों उम्मीद है मेरी कहानी आपको पसंद आ रही होगी। इस sasur bahu sex story के पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मेरी बहू धीरे धीरे मेरे कब्जे मे आ रही थी। साथ मे नेहा ने आग मे घी का काम किया और बहू को उकसाया कि वो मेरे से चुदाई करे। फिर जब नेहा चली गयी तो बहू मेरे कमरे मे आई और मैंने मौके का फायदा उठाते हुए बहू कि साड़ी को उतार दिया अब आगे पढ़िए..

Part 4=> पड़ोसन की मदद से बहू को चोदा -4

Padosan ne bahu ko chudwaya

साड़ी अलग होते ही मैंने बहु का पेटीकोट निकाल दिया. अब बहु मेरे सामने पैंटी और ब्लाउज में खड़ी थी.

मै – बहु अपना ब्लाउज भी निकाल दो.

बहु – पापा अब जब सब आपने उतार ही दिया है तो ये भी आप ही उतार दीजिये.

मेरी बहु आज बिलकुल खुल के मुझसे बाते कर रही थी, जैसे मै उसका पति हूँ। मैंने बहु का ब्लाउज ऊपर से पकड़ा और उसे जोर से खींच दिया. बहु के ब्लाउज के सारे हुक टूट गए. और काली ब्रा में कैद बहु के दूध दिखने लगे.

बहु – पापा आपने मेरा ब्लाउज क्यों फाड़ दिया.

मै – बहु इसीलिए मैंने तुम्हे खोलने के लिए कहा था. वैसे तुम्हारा ब्लाउज फाड़के मुझे ज्यादा मज़ा आया.

मैंने बहु के हाथ पने पाजामे पर रख दिए और बहु ने मेरा पजामा निकाल दिया और पाजामे के नीचे मैंने कुछ नहीं पहना था. मेरा लंड बाहर आके खड़ा हो गया. बहु ने मेरा लंड पकड़ लिया और मैंने उसके बाल पकड़ के पने होंठ उसके होंठों में लगा दिए. मै बहु के रसीले होंठों को चूस रहा था. बहु मेरा लंड सहला रही थी और वो भी मेरे होंठों को चूस रही थी. मै पने हाथ पीछे ले गया ताकि बहु की ब्रा निकाल दू. मगर मुझे हुक नहीं मिल रहा था.

बहु – आराम से पापा ये ब्रा मत फाड़ देना, ये आपके बेटे ने मुझे दी है, इसका हुक आगे होता है.

बहु ने अपनी ब्रा का हुक खोल दिया और मैंने उसकी ब्रा निकाल के फेक दी. बहु के दूध जोर जोर से दबाने लगा बहु के मुँह से आह्हः आउच की आवाज निकल गयी.

बहु – पापा आराम से कीजिये, दर्द हो रहा है, कही इस पर निशान पड़ गए तो मै आपके बेटे को क्या कहूँगी.

मै – कह देना बहु की तुम्हारे पापा ने वो काम कर दिया है जो तुम नहीं कर पाए। काश तुम मेरी बीवी होती तो मै तुम्हे हमेशा नंगा ही रखता.

बहु – बीवी नहीं हूं तो ये हाल किया है बीवी होती तो शायद आप चलने लायक भी नहीं रहने देते.

मैंने बहु की पैंटी निकाल दी और मैंने देखा बहु ने चूत एक दम चिकनी कर ली थी. मैंने बहु को बेड पर लिटा दिया, जहा मेरा पोता सोया हुआ था.

बहु – पापा यहाँ नहीं ऋतिक (पोते का नाम) उठ जायेगा, आपके कमरे में चलते है.

मैंने बहु को गोदी में उठाया और हम दोनों नंगे ही मेरे कमरे में जाने लगे. मेरे कमरे में मैंने बहु को बेड पर लिटा दिया. मगर मेरी बहु ने मुझे भी बेड पर खींच लिया.

बहु – पापा आपने मुझे 2 बार खुशी दी है अब मुझे भी आपको थोड़ा खुश करने दीजिये.

बहु मेरे लंड के पास बैठ गयी और मेरा लंड चूसने लगी. बहु का थूक निकलकर मेरे लंड पर लगने लगा और वो उसे बार बार चाटने लगी. वो बार बार मेरे लंड का टोपा खोल के उस पर अपनी जीभ फिरा देती. मैंने अपनी बहु को ऊपर खींच लिया. मेरी बहु मुझसे बिलकुल चिपक कर लेट गयी. मेरी बहु के बड़े दूध मेरी छाती में दब रहे थे.

मै – बहु आज तो तुम बिलकुल बेशर्म होके मेरे साथ मज़ा कर रही हो. कहा थी इतने दिन से मेरी ये बहु.

बहु – सारी शर्म तो आपने मेरी उतार ही दी पापा! मैंने भी सोचा जब मेरे पापा ही शर्म नहीं कर रहे है तो मैं क्यों शर्म करू. वैसे भी जब से आपने मेरी चूत चाटी है. मै उसे भूल नहीं पा रही हूँ.

मै – बहु मै तो तुम्हारी चूत रोज चाटना चाहता हूँ ताकि तुम्हे उस बैगन की जरुरत न पड़े. वैसे भी तुमने तो अपनी चूत को चिकना बना लिया है, क्या ये मेरे लिए किया?

बहु – पापा आपका जब भी मन करे आप मेरी चूत चाट सकते है. आपकी जैसे चूत तो आपका बेटा भी नहीं चाट पाता है. वैसे ये बाल मैंने सिर्फ आपके लिए साफ़ किये है. मेरे पापा ने मुझे 2 बार जन्नत की सैर कराई तो क्या मै उन्हें इतनी भी खुशी नहीं दे सकती.

मै – सच में बहु तुम्हारी चूत बहुत अच्छी लग रही है.

मेरी बहु ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी और मैंने अपनी जीभ बहु की चूत के अंदर डाल दी. बहु हलके हलके अपनी कमर चलाने लगी और मेरे मुँह पर चूत रगड़ने लगी. कुछ देर चूत रगड़ने के बाद बहु बेड पर लेट गयी और मै अपना लंड बहु की चूत पर रगड़ने लगा. मेरा लंड बहु के निकलते पानी से गीला हो रहा था.

बहु – पापा कंडोम तो लगा लीजिये, कही मै पेट से न हो जाऊ.

मै – बेटा कंडोम तो रंडी के लिए होता है, तू तो मेरी बेटी है, जिसे मै बिना कंडोम के ही चोदूँगा.

बहु हसने लगी और मैंने अपना लंड बहु की चूत में डाल दिया. बहु की चूत अभी भी ज्यादा ढीली नहीं हुई थी. मै धक्के लगाने लगा और बहु ने अपनी बाहे मेरी गर्दन में डाल दी. मैंने पने हाथ बेड पर टिकाये और धक्के लगाने लगा. कमरे में थप थप की आवाज आने लगी. और बहु के मुँह से आह्हः उम्म्म आउच की आवाज आने लगी. मै अपनी बहु से ऐसे चिपक गया जैसे वो मेरी ही बीवी हो. हम दोनों के जिस्म एक दूसरे से रगड़ खा रहे थे. ऐसा लग ही नहीं रहा था की मै अपनी बहु को चोद रहा हूँ.

मेरी बहु भी मुझे चोदने के लिए उकसा रही थी. मैंने बहु को चोदते चोदते उठा लिया और अब मै नीचे और मेरी बहु मेरे ऊपर आ गयी. मेरा लंड अभी भी अंदर ही था. मेरी बहु मेरे लंड पर ऊपर नीचे होने लगी.

मै – बहु तुम अपनी गांड थोड़ी ऊपर उठा लो, मै नीचे से धक्के लगाता हूँ.

मेरी बहु ने अपनी गांड उठा ली और मै नीचे से धक्के लगाने लगा. बहु के लटके हुए दूध मेरे मुँह पर लग रहे थे. जिसे मैंने आपने मुँह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा. बहु के निप्पल पर काटने लगा. थोड़े देर धक्के लगाते लगाते मेरा लंड निकल गया. मैंने बहु को उठा दिया और मेरी बहु मेरे सामने घोड़ी बन गयी.

मै – बहु ये घोड़ी बनके तो सब चोदते है मेरे पास आओ में तुम्हे कुछ नए तरीके से चोदूँगा.

मैंने बहु को बेड के नीचे उतार दिया और उसे बेड का कोना पकड़ने के लिए कहा. फिर उसकी एक टांग पने हाथो में पकड़ ली. अब नीचे से बहु की चूत बिलकुल खुल गयी.

बहु – पापा ये कैसे कर रहे है आप? मै गिर जाउंगी.

मै – बहु ये नया तरीका है, इससे करके देखो मज़ा आएगा.

मैंने अपना लंड नीचे से डाल दिया और मेरा लंड सीधा अंदर जड़ तक चला गया. बहु के मुँह से जोर की आह्हह्ह्ह्ह निकल गयी.

बहु – पापा आराम से कीजिये, अंदर लग रहा है.

मगर मै कहा रुकने वाला था. मैंने अपने धक्के तेज़ कर दिए और बहु के मुँह से आह्हः आह्हः निकलने लगी. कुछ ही देर में मेरी बहु का शरीर ढीला पड़ गया और मैंने धक्के लगाना बंद कर दिए. मै बहु की गर्दन को चूमने लगा. मैंने बहु को बेड के कोने पर लिटा दिया और उसकी टाँगे पने कंधे पर रख ली. मेरी बहु चर्म सुख का आनद ले रही थी और मैंने अपना लंड फिर से उसकी चूत में डाल दिया. मेरे हर धक्के में बहु के दूध हिल रहे थे. अब मेरा भी पानी निकलने वाला था. मै भी बेड पर आ गया और जोर जोर से बहु को चोदने लगा. कुछ ही देर में मेरा पानी निकल गया.

बहु ने मुझे कस के पकड़ लिया और सारा पानी बहु की चूत के अंदर निकल गया. जब मैंने अपना लंड निकाला. तब कुछ पानी बाहर निकलने लगा. मै और बहु हम दोनों नंगे बेड पर लेटे हुए थे. बहु ने अपना सर मेरी छाती पर रख दिया और मैंने उसे बाहो में भर लिया.

मै – बहु जब से तुमने मेरे पोते को पैदा किया है, तबसे तुम बहुत गदरा गयी हो और मै भी तभी से तुमको चोदना चाहता था. आज जाके मेरा सपना पूरा हुआ है.

बहु – अच्छा पापा मुझे चोदना आपका सपना था.

मै – हाँ बहु और सबसे ज्यादा शुक्रिया मेरे बेटे का जिसकी वजह से मेरी बहु मेरे लंड के नीचे आ गयी.

बहु – शुक्रिया तो आपका पापा, आपने मेरे अंदर की जलती आग को शांत कर दिया. मैंने कभी नहीं सोचा था की मै पने पापा से अपनी चूत की गर्मी शांत करवा लुंगी.

मै – बेटा गर्मी तो हम दोनों में है और अब तो में रोज तुम्हारी गर्मी निकाल दूंगा.

बहु – पापा रोज रोज मेरी चुदाई करेंगे, तो आपकी सेहत ख़राब हो जाएगी.

मै – बहु रोज रोज तो मै तुम्हारी चूत चाटूँगा. मगर बीचे बीच में चुदाई भी करूँगा.

बहु – पापा चूत तो मै भी आपसे रोज चटवाउंगी. अगर आपका बेटा नहीं तो आप ही सही.

मै – बहु मै शाम को तुम्हे गोली लाके दूंगा, वो खा तुम खा लेना. मेरा सारा पानी अंदर ही निकल गया है.

बहु – पापा आप उसकी चिंता मत कीजिये, मै एक काढ़ा पी लुंगी. मेरी माँ ने बताया है. उससे बच्चा नहीं बनेगा.

मै – वाह समधन जी तो काफी तजुर्बे वाली लगती है.

बहु – पापा अगर वो मुझे वो काढ़ा नहीं बताती. तो हमारे घर में अब तक 3 बच्चे खेल रहे होते.

बहु और मै वही सो गए. शाम को बहु ने मुझे उठाया. वो मेरे लिए चाय लेके आयी थी. हम दोनों ने चाय पी और बहु उसके बाद काम करने लगी. काम से फ्री होते ही बहु नहाने जाने लगी. तो मै भी उसके पीछे बाथरूम में चला गया. हम दोनों नहाने लगे और वहाँ भी मस्ती करने लगे.

रात को बेटा आ गया. खाना खाके अपने अपने कमरे में चले गए. ठीक 12:30 बजे मेरी बहु अपने कमरे से बाहर आयी. मै किचन में खड़ा उसका इंतज़ार कर रहा था.

बहु – (हलकी आवाज में) – पापा आप भी न मुझे मरवा दोगे! आपका बेटा सोया हुआ है और आपका तो मन ही नहीं भरता है.

मै – बहु पागल तो मेरा बेटा है, अप्सरा जैसे बीवी के होते हुए उसे बिना चोदे सो रहा है.

बहु – पापा जो करना है, जल्दी से कर लो. वैसे भी आपका तो लंड खड़ा ही रहता है.

मै – अब क्या करू मेरी बहु काम की देवी है तो मेरे लंड का क्या कसूर है.

बहु – पापा वैसे मन तो मेरा भी हो रहा था, आप वैसे ही चुदाई करना जैसे मेरी टांग उठा के की थी.

मेरी बहु ने अपनी मैक्सी ऊपर कर ली और टांग मेरी हाथ में पकड़वा दी और खुद मेरा लंड पकड़ के चूत में डाल लिया. मै भी धक्के लगाने लगा और 10 मिनट में हम दोनों ठन्डे हो गए. अब बहु और मै रोज अब नयी नयी मस्ती करने लगे. मै रोज बहु की चूत को चाटने लगा और उसने नेहा को भी सारी बाते बता दी.

नेहा हमारी चुदाई की बाते सुनके बहुत खुश हुई और बहु और मेरा चक्कर चलता रहा. तो कैसे लगी आपको ये कहानी मुझे कमेंट करना न भूले.

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