मेरी रंडी माँ की पूल मे चुदाई

Maa bete ki chudai kahani:- हैलो दोस्तो! कैसे हो आप सब लोग? मुझे उम्मीद है कि सब लड़के और मर्द अपने अपने लंड को हिलाकर और अपनी माँ, बहन, भाभी, मौसी को चोदकर मज़े ले रहे होंगे और गर्ल्स भी अपनी गांड और रस भरी चूत मे खूब उँगलियाँ और लौड़े डलवा रही होंगी। ये कहानी मेरे और मेरी माँ की चुदाई के बारे मे है।

सबसे पहले मैं आप सब को अपने बारे मे बता दूँ के मैं एक रिच फैमिली से बिलोंग करता हूँ। मेरा नाम विक्की है और मेरी उम्र 19 साल है। मेरी बॉडी बहुत अच्छी है और मेरे लौड़े का साइज 8 इंच है और मेरा लंड काफी मोटा भी है जो किसी भी आंटी या लड़की की चूत मे आग लगा सकता है। मेरे डैड एक बहुत बड़े बिजनेसमैन है और अक्सर घर से बाहर बिज़नेस ट्रिप्स मे ही बिजी रहती है। मैं और माँ बस हम अपने बड़े से फार्महाउस मे अकेले रहते है जोकि सिटी से काफी बाहर है।

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तो दोस्तों आप सब को बोर ना करते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ। ये कहानी मेरे साथ कुछ ही टाइम पहले हुई एक घटना पर आधारित है जिसके बाद मैं रंडियों की दुनिया से परिचित हो पाया। उसके बाद से अब तक, मैं कई सारी रांड आंटियों और लडकियो को चोद चुका हूँ। ये कहानी किसी और की नहीं बल्कि मेरी और मेरी रांड माँ की चुदाई की है जो किसी पोर्न स्टार से कम नहीं है। मेरी माँ का नाम गीता(नाम बदला हुआ) है और उनकी उम्र 39 है और उनका नशीला फिगर (36-30-42) है। माँ की बड़ी गांड को देख कर तो सोया हुआ लौडा भी कडक खड़ा हो जाता है।

माँ जब शॉपिंग के लिए जाती तो मैं नोटिस करता के माँ अपनी बड़ी और बाहर निकली गांड को और मटका मटका के चलती!! जिससे देखने वालो की हालत ख़राब हो जाया करती थी। माँ रोज़ मॉर्निंग मे योग करती है, इसी वजह से वो अभी तक बहुत फिट और टाइट बॉडी की मालकिन है। माँ अक्सर घर मे टी-शर्ट्स एंड शॉर्ट्स पहनती है और जब बाहर जाती है तो जीन्स और कभी कभी साड़ी भी डाल लेती है। माँ को किटी पार्टीज मे जाने का बहुत शौक है वो हर नाईट अपनी फ्रेंड्स के साथ किटी पार्टीज मे जाया करती थी। मैं माँ से बहुत प्यार करता था और हमारी काफी अंडरस्टैंडिंग भी थी क्योंकि हम दोनों घर पर अकेले ही होते थे। माँ मुझ से हर टॉपिक पर बात करती थी इवन चुदाई पर भी!!

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हम ओपन माइंडेड थे। लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने माँ के बारे में मेरे सारे ख्याल ही बदल डाले। एक दिन मैं कॉलेज से जल्दी घर आ गया और सीधा अपने रूम की तरफ जाने लगा। जैसे ही मैं हॉल मे पहुंचा तो मैंने कुछ आवाज़ें सुनी!! ये आवाज़ें माँ ही की थी जो बहुत चिल्ला रही थी और कह रही थी।

आअह्ह्ह्ह… यस यस आआह्ह्ह… और तेज करो आअह्ह्ह… ओहह्ह्ह।। यस यस यस आआह्ह्ह्ह।

मैं चौंक गया और माँ के बैडरूम की और बढ़ने लगा!! माँ के बैडरूम का डोर थोड़ा सा खुला था। जैसे ही मैंने अंदर झाँका तो मेरी ऑंखें खुली की खुली रह गयी। माँ बेड पर पूरी नंगी पड़ी थी और एक मोटे और लंबे लौड़े वाला आदमी माँ की चूत की दमदार चुदाई कर रहा था। माँ की ऑंखें बंद थी और माँ सिसकारियां भरे जा रही थी। मैं हैरान था कि माँ भी बाहर से अपनी गांड और चूत को शांत करती है। वो आदमी जो माँ को दना दन चोद रहा था वो माँ की बेस्ट फ्रेंड ममता आंटी का हस्बैंड था। थोड़ी देर बाद उसने माँ को घोड़ी बनाया और पीछे से माँ की चूत पेलने लगा। माँ पूरे मज़े से अपनी गांड को उठा कर उसका लौडा अपनी गरम चूत मे ले रही थी और मैं दूर से अंदर का सब कुछ देख रहा था। मेरी तो हालत पतली हुई जा रही थी और कुछ ही देर मे वो आदमी और माँ दोनों शांत हो गए और उसने अपना सारा माल माँ की बड़ी सी गांड पर डाल दिया।

मैं सीधा अपने रूम मे आ गया और इस सबके बारे मे सोचने लगा। मेरा लौडा पैंट मे टेंट बना हुआ। मैंने रूम लॉक किया और पैंट उतार के साइड मे रख दी। मेरे माइंड मे बस उन दोनों की चुदाई गूँज रही थी मैंने काफी सारी पोर्न मूवीज देख रखी थी पर असल चुदाई आज पहली बार देखी थी। उस आदमी के जाने के बाद माँ कुछ देर बाद मेरे रूम मे आयी और पूछा।

माँ – अरे विक्की तुम कब आए।

मैं – बस माँ अभी अभी आया हूँ।

माँ – तू थक गया होगा फ्रेश हो जा मै तेरे लिए खाना लगाती हूँ!

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और फिर वो चली गयी। मेरे दिमाग़ मे तो जैसे आग लगी हुई थी मैं फ़ौरन बाथरूम मे गया और माँ के नाम की मुठ मार डाली। ये मेरा फर्स्ट टाइम था। उस दिन के बाद से मेरी नज़र माँ पे बदल गयी थी और मैं उनको एक माँ की नज़र से नहीं बल्कि एक लौड़े की प्यासी चूत वाली रंडी की नज़र से देखता था। माँ जब भी कपड़े बदलती तो मै उनको ज़रूर देखता और उनके गोल मटोल बड़े से बूब्स और मस्ती से भरी हुई गांड के नज़ारे लेता। मैं हर वक़्त माँ की गांड और बूब्स को घूरता रहता था और शायद ये बात माँ नोटिस कर चुकी थी। रोज की तरह माँ आज भी सज धज के किटी पार्टी में जाने की तैयारी कर रही थी और मेकअप करने में बिजी थी। तभी माँ के फोन पे कॉल आयी ये कॉल ममता आंटी की थी जो मुझे बाद में पता चला। मैं माँ के रूम में कुछ काम से गया तो माँ ने सेल स्पीकर पे लगाया हुआ था और आंटी से बातें कर रही थी।

माँ – हाँ हाँ मेरी रानी मै बस तैयार हो के निकल रही हूँ तुम लोग बस लौड़े गरम करो आज तो जवान लंड लेने का मज़ा ही आ जायेगा।

आंटी – आजा मेरी छिनाल जब तक तू नहीं आ जाती लौडा खड़ा ही नहीं होगा।

माँ – हट रंडी कहीं की! तू भी तो मस्त लौडा ले कर चुदवाती है मुंह में।

आंटी – सही कह रही है तू गीता!! अच्छा ये बता उस दिन मेरे पति का लौडा कैसा लगा? तेरी तो चूत की सारी खुजली मिट गयी होगी।

माँ – साली कमीनी क्या मस्त लौडा है तेरे राजा का!! मेरी तो बच्चेदानी को टच कर रहा था। चूत का भरता कर दिया उस लौड़े ने!! बहुत मज़ा आया मुझे।

आंटी – मेरे बेटे का लौडा इस से भी बड़ा है, जब गांड मे जाता है तो मेरी तो चीख निकल जाती है।

माँ – क्या तू अपने बेटे से भी चुदवाती है?

आंटी – हाँ तो इसमें बुरा किया है मेरा बेटा रोज़ मेरी चूत और गांड को अपने माल से भरता है और सच में जो सुख बेटे से चूत चुदवाने में आता है वो पति से भी नहीं आता।

माँ – बहुत बड़ी रांड है तू।

आंटी – तू भी अपने बेटे से अपनी चूत का बाजा बजवा ले, फिर देखना कितना मज़ा आएगा।

माँ – नहीं नहीं वो तो मेरा बेटा है मै उसके बारे में ऐसा कैसे सोच सकती हूँ।

आंटी – अरे मेरी रंडी इसमें क्या बुरा है जिस चूत से वो लौडा निकला है उसी चूत में ही तो घुसना है बस। और घर का लौडा अगर घर में ही रहे तो तेरी ज़रूरत भी पूरी होती रहेगी और तुझे जवान लौडा भी मिल जायेगा। आखिर तेरे बेटे को भी तो अब चूत की ज़रूरत महसूस होती होगी।

माँ – बात तो तेरी ठीक है पर मै अपने बेटे को कैसे अपनी चूत मारने के लिए राजी करूँ।

आंटी – बहुत ही भोली है तू!! अरे रंडी कहीं की उसे अपनी गांड और चूत के दर्शन करवा दे खुद ही पिघल जाएगा।

माँ – सोचती हूँ कुछ!! चल अब फ़ोन रख मै निकलती हूँ बाक़ी बातें तेरे घर पर करेंगे।

आंटी – आजा मेरी रानी कब से तेरी चूत चाटने को तरस रही हूँ मै।

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और आंटी ने कॉल डिसकनेक्ट कर दी। मैं बहुत हैरान था की माँ की फ्रेंड्स भी अपने बेटो से चुदवाती है और मेरी रंडी माँ भी अब मुझ पे वार करने का सोच रही है। अब तो मुझे खुद ही किसी अच्छे मौके का वेट करना था कि मै अपनी रंडी माँ को अपने ही घर में दिन रात चोद सकू और उसकी चूत में अपना गरम लावा भर दूँ। और आखिर वो दिन आ ही गया जिसने मुझे इतना कुछ दिया कि मै आज भी चूत से खेलता हूँ जब दिल करे। मेरे पेपर्स के बाद अब छुट्टियाँ स्टार्ट हो गयी थी। इसलिए अब मेरे पास फुल टाइम था माँ को चोदने के लिए।

हुआ यूँ के एक दिन जब मै सो के उठा तो देखा कि माँ पूल में है। मुझे आईडिया आया कि क्यूँ ना माँ को पूल में गरम कर के उनकी चूत का बैंड बजाया जाए। मैंने जल्दी से शार्ट पहना और माँ के पास चला गया। माँ मुझे देख कर खुश थी और बोली।।

माँ – उठ गया मेरा बेटा?

मैंने कहा – हाँ माँ!!

माँ ने रेड कलर की ब्रा और पैंटी पहन रखी थी जो माँ के वाइट कलर और हॉटनेस को और बढ़ावा दे रही थी। मैं लगातार माँ की 36 के बूब्स ही देखता जा रहा था। माँ की ब्रा की डोरी सिर्फ उनके निप्पल्स को ही ढक रही थी। बाक़ी सारा का सारा बूब विज़िबल था। मेरा डंडा भी शार्ट में टेंट बन गया था और माँ इस सब को देख रही थी। माँ ने ख़ामोशी तोड़ी और कहा।

माँ – क्या देख रहा है विक्की?

मैं – कुछ नहीं माँ!!!

माँ – सब जानती हूँ मै!! तू मेरे बूब्स को घूर रहा है काफी दिनों से।

मैं शोक्ड हो गया फिर सोचा के मौक़ा अच्छा है और माँ भी ग्रीन सिग्नल दे रही है चौका लगा ही देना चाहिए।

मैं – हाँ माँ आपके बूब्स सच में बहुत सेक्सी और हॉट है।

माँ – चल बेशरम कहीं का!! आजा पूल में अगर नहाना है तो!!

मेरी तो मानो लाटरी लग गयी थी बिना मेहनत के ही सब कुछ मिलने वाला था। मै जल्दी से पूल में उतर गया और माँ के क़रीब चला गया पर मेरी नज़र अभी भी माँ के तने हुए बूब्स पर ही थी। आखिर माँ ने तंग आ कर मेरा हाथ पकड़ा और अपने राइट बूब पर रखते हुए कहा!!

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माँ – ये ले कब से तू इनको घूर रहा है ले अब पकड़ ले इनको और जो करना है कर ले इन के साथ।

मेरी तो सांस खुश्क हो गयी थी, माँ की बातो से!! पर मैंने दोनों हाथ माँ के बूब्स पर रखी और हल्का सा दबा दिया जिस से माँ की सिसकारी आआह्ह निकल गयी। मैं तो मज़े में था क्योंकि माँ को चोदने का प्लान अब मुझे कामयाब होता हुआ नज़र आ रहा था। मैंने माँ की बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया!! अब माँ की सिसकारियां बढ़ती जा रही थी

आआह्ह्ह।। ओहह्ह्ह… आआअह्ह… और ज़ोर से दबाओ ऐसे कह रही थी माँ।

मैंने अपने होंठ माँ के गुलाबी होंठों पर रख दिये और किस करने लगा। मै बहुत खुश था माँ ज़रा भी विरोध नहीं कर रही थी बल्कि मुझे किस कर रही थी। माँ ने अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी जिसे मैंने काफी देर तक चूसा। अब मैंने माँ की ब्रा की डोरियाँ खोल दी और वो पानी में तैरने लगी। माँ के बूब्स मेरे सामने बिलकुल नंगे थी और बेहद सेक्सी लग रहे थे। मै किसी भूखे शेर की तरह माँ के बूब्स पे टूट पड़ा और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा!!

माँ लगातार सिसकारियां भर रही थी और अब माँ ने भी एक हाथ से मेरा तना हुआ लौडा पकड़ लिया था और उसे दबाने लगा। मै माँ के बूब्स पर काट रहा था जिससे उनको और भी मज़ा आ रहा था। मै अपना हाथ माँ की चूत पर ले गया जो ठंडे पानी में भी गरम महसूस हो रही थी। माँ से अब रहा नहीं जा रहा था और मेरी बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी। माँ ने कहा।

माँ – विक्की अब और बर्दाश्त नहीं होता मेरे राजा चलो अब बैडरूम में चलते है!! आज तो मेरा बेटा मुझे चोद के शांत करेगा इस चूत की गर्मी को। मैंने माँ को गोद में उठाया और पूल से बाहर ले आया। माँ को बैडरूम में ले जा कर मैंने माँ को बेड पर गिरा दिया और खुद माँ के ऊपर टूट पड़ा। मैंने माँ को फिर से किस करना शुरू कर दिया और माँ की पैंटी भी उतार दी अब माँ बिलकुल नंगी थी। जो किसी पोर्न स्टार से कम नहीं लग रही थी। माँ ने भी मेरा लौडा पकड़ा हुआ था और उसे दबा रही थी। मैंने माँ के सारे बॉडी को किस किया और खूब बूब्स चूसी अब मै नीचे आ गया और माँ की क्रीमी चूत को चाटने लगा। माँ सिसकारियां ले रही थी जिससे मेरा जोश और बढ़ा रहा था। मैंने अपनी जीभ माँ की गीली चूत पर रख दी और माँ ने एक बड़ी सिसकारी ली!!!

आआह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्हह… माँ ने मेरा सर पकड़ा और चूत पर ज़ोर से दबा दिया और बोली आअह्ह्ह मेरे राजा खा जा इस चूत को बना ले मुझे अपनी रंडी आअह्ह्ह… आआह्ह्ह… आआह्ह्ह… मैं तेरी रांड हूँ मेरे राजा खा जाओ इस प्यासी चूत को आहह… आआह्ह्ह…

और मै बस लगातार माँ की चूत को चाट रहा था। कुछ देर बाद माँ ने मेरे सर को और ज़ोर से दबा दिया और कुछ ही पल में माँ की चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ा जिसमें से कुछ मैंने भी चखा जो कुछ खास अच्छा नहीं लगा मुझे! क्यूंकी मेरा फर्स्ट टाइम था। अब माँ बोली।।

माँ – मेरे राजा 69 में आ जाओ अब मुझे भी तुम्हारा लौडा चूसने दो!!

मैंने वैसा ही किया और अपना गरम लौडा माँ के मुंह में दे दिया। माँ किसी लोलिपोप की तरह चूसने लगी! अब हम दोनों मज़े में थे। माँ अब तक 3 बार झड़ चुकी थी और अब मेरा भी होने वाला था तो मैंने माँ से कहा।।

मै – माँ मेरा होने वाला है

तो माँ ने कहा – मेरे राजा मेरे मुंह में ही डाल दो मैं अपने बेटे का रस पीना चाहती हूँ इस का स्वाद कैसा है पता तो चले।

कुछ ही स्ट्रोक्स के बाद मैंने ढेर सारा माल माँ के मुंह मे डाल दिया। माँ सारा माल पी गयी और एक बूँद भी नीचे नहीं गिरने दी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने माँ को फिर से किस करना शुरू कर दिया और माँ भी अब फिर से मेरे लौड़े को दबा रही थी। कुछ ही देर में मेरा लौडा तन गया

तो माँ ने कहा – आजा मेरे राजा घुसा दे इस चूत में अपना डंडा और बना ले मुझे अपनी रंडी अब और सहा नहीं जाता।

मैंने देर न करते हुए माँ को बेड पे लिटा दिया और माँ की टांगें उठा के अपने शोल्डर्स पर सेट कर ली। अब बारी थी असल मज़ा लेने की जिसके लिए मै काफी दिनों से तड़प रहा था। मैंने माँ की चूत जो पहले से ही गीली थी पर अपना लौडा रख के एक ज़ोरदार शॉट मारा जिससे माँ की बहुत बड़ी सिसकारी निकली आअह्ह्ह… अह्ह्ह्हह… और मेरा आधा से ज्यादा लौडा माँ की गरम चूत में था। अब दूसरे ही झटके में मेरा पूरा लौडा माँ की चूत में था और मैंने माँ को दमदार तरीके से चोदना शुरू कर दिया। माँ मेरे हर स्ट्रोक का जवाब अपनी सिसकारी से दे रही थी और बोल रही थी।

आआह्ह्ह… आआ… आह्हः… यस मेरे राजा आआ… आआह्ह… और तेज़ आह्हः… और तेज़ चोदो मुझे आआह्ह्ह… मर गयी आहह… आआह्ह… सच में अपने बेटे का लौडा लेने का अपना ही मज़ा है आआह्ह्ह्ह… ओहह्ह्ह… लगे रहो मेरे राजा, पेलते रहो आअह्ह्ह आआह्ह्ह…

मैं दना दन बस माँ की चूत को पेले जा रहा था 10 मिनट बाद माँ ने मुझे अपनी लेग्स में जकड़ लिया और फुल स्पीड से चोदने को कहा। मै अपनी पूरी जान लगा के माँ को चोद रहा था और कुछ ही स्ट्रोक्स के बाद माँ झड़ गयी और मेरा अभी दूर तक झड़ने का कोई प्लान नहीं था। मैंने माँ को डोगी स्टाइल में किया और पीछे से माँ की चूत में लौडा घुसा के चोदने लगा। माँ की सिसकारियों से पूरा रूम गूँज रहा था और फच फच फच की आवाज़ें मुझे और भी मदहोश कर रही थी।

माँ बोली– माँ – सच में बेटा आअह्ह्ह्ह… तुम्हारे लौड़े में जादू है आअह्ह्ह… ओहह्ह्ह… आआअह्ह… आअह्ह्ह्ह… अब तो बस तुम से ही चुदवाउंगी!!! आअह्ह्ह!! बहुत मस्त लौडा है मेरे बेटे का!! आअह्ह्ह… आआह्ह्ह…

मैं – हाँ मेरी रांड अब तो तुझे रोज़ चोदूँगा!! दिन रात जब भी दिल किया तेरी चूत और गांड की खुजली मिटा दूंगा। ले इस गरम लौड़े को अपनी मस्त चूत में और ले।

माँ – आअह्ह्ह… आआह्ह्ह… मेरे राजा जब जी चाहे मुझे चोद लेना आअह्ह्ह… आअह्ह्ह… ओहह… आअह्ह्ह… बहुत अच्छी चुदाई कर रहे हो तुम!!

और मैंने माँ को कोई एक घंटे तक डिफरेंट पोजीशन्स में चोदा। अब मेरा होने वाला था, मैंने माँ से पूछा के माँ कहाँ निकालूँ?

तो माँ बोली – मेरी चूत मैं ही झड़ जाओ मेरे राजा अपना सारा जूस इस प्यासी रांड की चूत को पिला दो!!

और कुछ स्ट्रोक्स के बाद मै माँ की चूत में ही झड़ गया। हम दोनों पसीने में भीगे हुए थे और हांफ भी रहे थे। माँ ने मुझे किस किया और बोली।

माँ – थैंक यू विक्की!! तुमने आज मुझे इतना सुख दिया है जितना मुझे पहले कभी नहीं मिला।

मैं – माँ आप भी तो मस्त चुदाई कराती हो मुझे भी बहुत मज़ा आया!!

तब मैंने माँ के बूब्स पर फिर से किस किया और माँ से कहा के माँ अब मुझे आपकी गांड मारनी है जिसपे माँ ने कहा!

माँ – ये चूत ये गांड सब तुम्हारी है मेरे राजा जब जी चाहे इसको अपने लौड़े से माला माल कर देना।

मैं बहुत खुश था के माँ ने मुझे गांड मारने की भी परमिशन दी दी थी।

नेक्स्ट स्टोरी में आपको बताऊंगा के कैसे मैंने माँ की गांड की मस्त चुदाई की और माँ की गांड का छेद खोल दिया तब तक आप इस कहानी के बारे मे अपने कमेंट ज़रूर लिखें!

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