मेरा 18वां बर्थड़े गिफ्ट पापा का लंड -2

Papa ne Beti ko choda story:- हैलो दोस्तों मै नीता, एक बार फिर से हाजिर हूँ, आपके लंड और चूत को तड़पाने के लिए। मेरी इस कहानी के पिछले भाग मे आपने पढ़ा कि कैसे मेरे पापा मेरे 18वें जन्मदिन पर मुझे चोदने का प्लान बनाए थे। और वो केक काटने के बहाने से मेरे साथ पूरे मज़े कर रहे थे। मै भी उनकी हरकतों का पूरा मज़ा ले रही थी। उन्होने केक काटने के बहाने कैसे अपना मूसल जैसा लंड मेरी कुवारी चूत पर लगा दिया था। अब पढ़िये आगे..

अगर आपने पहला भाग नहीं पढ़ा है तो यहाँ पढ़ें => मेरा 18वां बर्थड़े गिफ्ट पापा का लंड -1

मेरा मन किया जोर से चिल्लाऊँ और मम्मी को बुला लू। मगर मुंह से कुछ न निकला। मेरी तो हालत बिगड़ गई, मस्ती में मेरी चूत से पानी रिसने लगा। पापा ने उसी हालत में सारे कैंडल बुझा तो दिए पर मेरी कुवारी चूत में आग लगा दी।

पापा खड़े हो कर अपना कपडा ठीक कर बोले – केक काटो बेटा!

मैंने कांपते हुवे केक काटा। पापा ने मुझे एक टुकड़ा खिलाया तो मै भी उन्हें देने लगी तो पापा बोले..

पापा – ये क्या नीता मैं तुम्हे हमेशा अपनी गोद में बैठा कर खिलाया हूँ। तो अपनी गोद में ही बैठा कर खाऊंगा!!

और वो दूसरी और जाकर बेड पर पैरो को लटका कर बैठ गए। मै एक बड़ा सा टुकड़ा काट कर पापा के तरफ पलटी और जो मंजर देखा तो मस्त होकर सोचने लगी..

पापा – लगता है पापा आज ही मेरी चूत का उदघाटन कर देंगे।

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पापा ने अपना लंड मोड़कर अपनी दोनों जांघो के बीच दबा रखा था। जो कपडा अब तक पापा की कमर में लिपटा था उसे अब पापा ने अपनी जांघो पर डाल दिया था। मै समझ गई के पापा को जब लंड नंगा करना हो तो ज्यादा परेशानी न होगी। ये सही समय था उनके लंड के दर्शन का। मै मुस्कुराते हुवे पापा के सामने खड़ी हो कर जान बुझ कर बोली..

मै – उह पापा आप तो इस तरह बैठे है अब मै आप के गोद में कैसे बैठूगी?

तो पापा बोले – आओ बताता हूँ! और मेरे बगल में हाथ डाल कर उठाते हुवे बोले – मेरी प्यारी बिटिया मेरे सामने बैठेगी।

मै तो जान ही रही थी के पापा मुझे कैसे बैठाएंगे। पापा मुझे उठा कर अपने ऊपर लेने लगे तो मैने जान बूझकर पापा की जांघ पर पड़ा कपडा अपने एक पैर के अंगूठा में फंसा दिया। मै अपनी टांगों को पापा के कमर के साइड में फैलाई तो वो कपडा एकदम से अलग हो गया। अब पापा पूरे नंगे थे। मै तुरंत से अपने नंगे चूतड़ पापा की जांघो पर रख कर बैठ गई। पापा के मुंह से मादक आवाज़ निकली –

आआह!!!

मै अनजान बनकर बोली – क्या हुवा पापा? क्या मै बहुत भारी हूँ?

तो पापा मिनी स्कर्ट के अंदर मेरे चूतड़ पर हाथ रख कर मुझे अपनी ओर पूरा सटा कर बोले – तुम तो फूल से भी हलकी हो बिटिया! केक खिलाओ!!

मै उनको केक खिला रही थी पर मेरा पूरा ध्यान पापा के लंड पर था, जिसे पापा ने अपनी जांघो में छुपा रखा था। केक खाने के बाद पापा बोले..

पापा – नीता अब तुम कुछ ही दिनों की मेहमान हो इस घर में!!

मै बोली – वो कैसे पापा?

तो पापा बोले – तू अब जवान हो गई है कुछ दिनों के बाद तू शादी कर के अपने घर चली जाएगी!!

मै पापा से एक दम लिपट गई और रोने के अंदाज़ में बोली – ओह पापा मै आप को छोड़ कर कही नहीं जाउंगी!!

अरे बेटी वो तेरे साथ अपना घर बसाएगा!!

मै मचल कर बोली – मै किसी के साथ घर नहीं बसाउंगी।

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पापा ने मेरी टांगों को जो उनकी कमर में लिपटी थी, पकड़कर दोनों तरफ फैला दिया। मेरी चूत का मुँह थोड़ा खुल गया और अंदर का पानी टपक गया। उसके बाद पापा मेरा चेहरा सामने कर मेरी मदहोश आँखों में झाँकने लगे। अचानक पापा ने अपनी जांघों को एक झटके में फैलाया। मुझ पर तो जैसे बिजली गिर पड़ी। मेरी गीली चूत पर लंड ने ठोकर मारी “थप”और उसी पल पापा बोले..

पापा – तो किसके साथ घर बसाओगी नीता?

मै गनगना गई और इसी एहसास में उछल कर पापा से चिपक कर और चूत को सिकोड़ कर बोली..

मै – पापा आप के साथ!!

ये एक तरह से मैंने पापा को खुला निमंत्रण दे दिया। मै इतनी गरम हो गई की पापा को खुले शब्दों में कह दिया के मै आप के साथ घर बसाउंगी। पहले तो पापा कुछ देर तक चुप रहे फिर मेरी कमर में हाथ डाल कर अपनी जांघ पर पीछे सरकाया।

“आह मर गयी”

मेरी चूत लंड पर रगड़ मार कर गई। पापा के लंड का सुपाड़ा चूत के मुंह पर आ गया! पापा अपना हाथ मेरे पेट पर लेकर चूत की तरफ लाये। चिकनी चूत पाकर पापा खुश होकर बोले..

पापा – मेरी बिटिया तो सचमुच जवान हो गई है!!

और हाथ हटा कर मेरे चेहरे को अपने दोनों हाथो में लेकर बोले – हाँ इसी तरह साफ़ रखा करो। किसी चीज की जरुरत हो तो कहना। कैसे चिकना किया?

पापा अब खुल कर बोल रहे थे और मुझे भी उकसा रहे थे। मै फिर पापा से लिपटना चाही तो पापा रोक कर बोले..

पापा – इतना शर्माओगी तो घर कैसे बसाओगी? बोलो अपने चूत को कैसे चिकना बनाई।

पापा के मुँह से पहली बार चूत शब्द निकला।

वह मेरे होंठों पर ऊँगली फेर कर बोले -बोलो ना रानी?

अब वो मुझे रानी कहने लगे थे। मै आंखे बंद कर बोलना चाही तो गालों को थपथपा कर बोले..

पापा – आंख बंद कर लोगी तो मै चला जाऊंगा।

मै डर गई! मै तो पापा को एक पल के लिए भी छोड़ना नहीं चाहती थी।

मै – जी क्रीम से!

पापा बोले – कहा से ली थी?

मै नज़र नीचे कर बोली – आप का बचा था उसी से!

पापा बोले – ठीक किया!

और हाथो को गालों पर से नीचे चूचि के ऊपर ला कर कुछ टटोला और चौक कर बोले॥

पापा – अरे नीता ब्रा नहीं पहनी?

मैं बोली – जी नहीं!

पापा बोले – ठीक है कल ला दूंगा!

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जरा बटन को खोलो नाप ले लूंगा नहीं तो पैंटी की तरह छोटी हो जायगी। पापा नंगी चूचि पर हाथ लगाने को बेताब थे। मै अपना चूतड़ आगे करते हुवे चूत को लंड पर सरका कर “ओह पापा” बोलने लगी। पापा मेरी इस हरकत से समझ गए कि मै उनके लंड पर चूत रगड़ना चाहती हूँ। तो पापा मेरी कमर पकड़ कर मुझे फिर पीछे की तरफ कर दी और इस घिसाई का मज़ा मै फिर ना ले पाई।

पापा बोले – अरे खोलो ना! नहीं लेना क्या?

मै अपने हाथ बटन पर ले गयी। मुझे शर्म भी आ रही थी। एक एक कर जब सारा बटन खोल डाला तो पापा ने लंड को नीचे से ठुनका कर पूछा “खुला?”

मै – जी पापा!!

पापा अब एन्जॉय कर रहे थे।

पापा – सामने से कपडा हटाओ!!

रूम में एक मोमबत्ती जल रही थी इसलिए लाइट कम थी। इसलिए तो अपने कड़े नुकीले चूचियों को पापा के सामने करने की हिम्मत भी कर सकी। मैंने शर्ट के दोनों पल्लो को सामने से दरवाजे की तरह खोला। इतना तो लाइट था के नज़र तो आ ही रहा था लेकिन पापा मस्ती लेने के लिए बोले..

पापा – खोलो न रानी!!

मै भी चूचि पर हाथ रखवाने को बेताब थी।

पापा को देख कर बोली – खोला तो है पापा नापो ना!!

पापा दोनों हथेलियों को फैला कर मेरी बगलों में डाला और धीरे धीरे साइड से चूचियों पर ले जाकर पहले तो हर तरफ का जायजा लिया फिर हौले हौले पम्पिंग कर बोले।।

पापा – ऐसे पता नहीं चलेगा पूरा उतारो।

पापा अब मुझे पूरा नंगा करने का जुगाड़ लगा रहे थे। उन्होंने अपने हाथो से शर्ट उतार दिया और मिनी स्कर्ट के हुक पर हाथ ले जाकर वह बोले।

पापा – इसे भी अलग कर देता हूँ एक ही साथ पैंटी का भी नाप ले लूंगा।

और हुक खोल कर ऊपर से निकाल दिए।

मैं बोली – पापा पूरा क्यों खोल दिया? मुझे नंगा क्यों कर रहे है?

पापा ने पूरा बदन पर हाथ फेर कर जायजा किया फिर बोले।।

पापा – नीता रानी अँधेरा में कुछ पता नहीं चलता है फिर वो मुझे अपनी गोद से उतार कर बोले..

जरा जा कर बल्ब का स्विच तो ऑन कर दे।

पापा ने बेटी को चोदा हिन्दी सेक्स स्टोरी

मै उठना नहीं चाहती थी फिर भी आधे मन से स्विच के तरफ चल पड़ी, जो सामने दूसरे दीवाल पर था। जैसे ही स्विच ऑन हुआ पूरा कमरा चमक उठा, मेरी आंखे चौंधिया गई। ताज्जुब भी हुआ के पहले तो यहाँ पर इतना बड़ा बल्ब नहीं था। मै समझ गयी ओह तो ये पापा की चाल थी, मेरी जवानी को पूरी रोशनी मे देखने की। मै पापा के तरफ पलटी जो नज़ारा मैंने देखा, उसे देख कर मेरा जिस्म सिहर गया। पापा पूरे नंगे खड़े थे और उनका लंड टाइट हो कर खड़ा था। मैंने पहली बार खुली आँखों से नंगे जवान लंड को देखा था। मेरे कदम रुक गए, तो पापा अपनी बाहों को फैला कर बोले।

पापा – रुक क्यों गई नीता बेटी? आओ ना अपने पापा के पास। मै धीरे धीरे कदम बढ़ाने लगी और मै अपना एक हाथ चूचि पर और दूसरा चूत पर रखे थी। मै चार कदम दूर ही थी के पापा बोले..

पापा – जरा रुको!

तो मै ठिठक कर खड़ी हो गई तो पापा बोले – जरा हाथ को साइड में फैलाओ!!

मै शर्म से मरी जा रही थी। हाथो को फैला कर जो पापा को देखा तो पाया पापा लंड को सहला कर मुझे देख कर मुस्कुरा रहे थे। मै लाज सहन नहीं कर पाई और दौड़ कर पापा से चिपक गई। पापा मुझे बाहों में समेट कर बोले..

पापा – क्या हुवा रानी?

मै उनके सीने में मुंह छुपा कर बोली – हाय पापा शर्म आती है!! लाइट बंद करो न प्लीज!!

पापा बोले – धत पगली इसमें शर्माने की क्या बात है? तुम सिर्फ मज़ा लो! आओ मेरे पास और मेरा लंड देख! तू देखेगी तो मस्त हो जाएगी! तू डर मत मजा आएगा।

मैं उनके पास डरते डरते गयी। पापा ने मुझे जोर से भींच लिया और चूमने लगे। मेरा तो जैसे दम घुटने लगा मगर बदन से चिंगारी छूटने लगी। फिर पापा ने मेरा चूचि मुंह में ले लिया और चूसने लगे। कभी चूचि चूसते कभी दबाते। फिर हाथ पीछे ले जा कर मेरी चूतड़ दबाते। फिर मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरा नाभि चाटने लगे। हर बार ऐसा लगा जैसे की मेरा प्राण बाहर आ रहे है। मैं जोर जोर से आवाज़ निकालने लगी।

आआआआह पापा मुझे छोड़ दो अब बस करो ना बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

पापा बोले – अभी तो कुछ किया ही नहीं अभी तो असली खेल बाकी है।

कहते कहते उन्होंने मेरे चूत के ऊपर किस कर दिया। मैं बिस्तर से ऊपर उछल गयी।

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पापा बोल रहे थे – कितने दिनों बाद देख रहा हूँ ऐसी कुंवारी अनचुदी चूत। तू मुझे शादी की रात वाली तेरी माँ की याद दिला रही है। वो भी ऐसे ही चूत के बाल साफ़ करके आयी थी और उसकी चूत भी तेरे जैसी ही थी। मगर अभी बहुत छोटा छेद होगा तेरा। इसे थोड़ा चौड़ा करना पड़ेगा।

और पापा बिस्तर पर बैठ कर मेरी टांगें चौड़ी कर के मेरी चूत में उंगली डालने लगे। मैं वर्जिन थी, तो मेरी चूत मे दर्द होने लगा। पापा की उंगली मेरी चूत में आधी ही घुस रही थी और बड़ी टाइट चल रही थी। पापा मेरी चूत में उंगली डाल रहे थे और मुझे दर्द हो रहा था। फिर पापा ने अपनी उंगली निकाल ली और उसे चाटने लगे..

पापा बोले – नीता तेरी चूत का रस तो बड़ा मीठा है रे।

फिर उन्होंने अपना मुंह मेरे चूत पर रख दिया और चूत का होंठ चूसने लगे। मेरे मुंह से बार बार चीख निकल रही थी। अगर माँ ने नींद की गोली नहीं खा ली होती तो पैरालिसिस में भी दौड़ते हुए ऊपर चली आती। पापा मस्ती में मेरी चूत चाटने लगे। उन्हें मै मना कर रही थी, फिर भी पापा ने अपनी दो उंगली मेरी चूत में घुसा दी और और मै फिर चीख पड़ी। पापा मेरे होठ चूसने लगे और उंगलियां अंदर बाहर करने लगे। पापा की दो दो उंगली अंदर बाहर होने से मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा। अब पापा उठे और अलमारी से एक्स्ट्रा टाइम कंडोम का डिब्बा निकाल लाये और बोले..

पापा – आज रात को तुझे खूब चोदूँगा।

और पापा ने मेरी टांगें चौड़ी की और मेरी चूत पे तेल लगा दिया बोले..

पापा – इस से मेरा लंड तेरे चूत मैं थोड़ा आसानी से चला जायेगा।

मैं दर्द के डर से और कांपने लगी। इच्छा हुई की बिस्तर से उठ कर भाग जाऊ। मगर पापा ने मुझे अपने नीचे ही दबा रखा था। फिर उन्होंने अपने लंड पे भी तेल लगा लिया और अपना लंड मेरी चूत के मुंह पे रख दिया। फिर धीरे से मेरी चूत में धक्का दिया। लेकिन लंड अंदर नहीं गया, तो पापा ने मेरे होठ अपने मुँह में डाल लिए ताकि मेरी चीख न निकले। और एक जोर का धक्का मेरी चूत में मारा। मै चीख नहीं सकी और तड़प कर रह गयी। पापा का मोटा लंड 8 इंच लंबा और 3-4 इंच मोटा था जो अब मेरी कुंवारी अनचुदी चूत के अंदर था।।

अभी उनका दो इंच लंड अंदर जा चुका था। अब वो थोड़ा थोड़ा उसे हिलाने लगे। मेरा दर्द कुछ कम हुआ तो पापा ने जोर का धक्का मारा और लंड चूत को चीरता हुआ 5 इंच अंदर चला गया। मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं पापा को धक्का देने लगी और अपने ऊपर से हटाने के लिए मै तड़पने लगी तो पापा वैसे ही रुक गए। कुछ देर बाद में मेरा दर्द कम हुआ तो पापा मुझे चोदने लगे अब मुझे भी थोड़ा थोड़ा मजा आने लगा और मै जोर जोर से बोलने लगी

Oohohoohooooooooooohohohohohhhhhhhhh Papaaaaaaaaaaaaaaaaaaa धीरी ईए choooooooodoooooooooooooahahahahahahhahahah अहहहहहह Papaaaaaaa चोदो आह मरररररररर गईईईई आह ओहह धीरेररर maaaarrrrrrrrrrrrr gayiyiyiyiiiiiiiiiii”।

मैं चीखती रही और पापा मुझे चोदते रहे। थोड़ी देर में पापा उठे और मेरे चूतड़ के नीचे दो तकिये रख दिए जिस से मेरी चूत अब एकदम ऊपर आ गयी। और मेरे पैरो में अजीब सी बेल्ट बांध दी।

मैंने पूछा – ये क्या है?

तो पापा बोले – चुदाई के वक़्त काम आती है।

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कहते हुए मेरे ऊपर आ गए और अपना लंड मेरे चूत में एक ही धक्के में घुसा दिया। एक पल रुक कर जोर का धक्का मारा जिस से मेरी चूत में उनका 8 इंच का लंड पूरा का पूरा घुस गया। मैं पूरी ताक़त से चिल्लाई!!!

ऊई माँ मर gaayyiiiiiiiiiiiiii। पापा choooooooodoooooooooooooahahahahahahhahahah आहहहहहहह पपपपपपआ मुझे छोड़ दो।

उन्होंने एक न सुनी और अपना लंड अंदर ठेलते गए और लंड मेरी चूत में घुस गया और सीधे मेरे अंतिम छोर से जाकर टकराया और मै तड़प उठी।

आईईईईईईईईईईई मरररररर गइईईईईईई धीरेरेरेरर धीररेरेरे डालो आईईईईईई धीरेरेरेररररर!!!

पापा फिर एक हाथ से मेरी चूचि दबाने लगे। मेरी चूत से थोड़ा सा खून भी निकला। पापा ने मेरी टांगें उठा कर अपनी कमर पे रख ली और जोर जोर से धक्के देने लगे। और एकदम से मेरे पैरो की बेल्ट जो की पापा ने बांधी थी खींच दी, जिस से मेरी टांगें पापा की कमर पर बुरी तरह से कस गयी। अब पापा का लंड मेरी चूत से सिर्फ 2 इंच ही निकल रहा था और 6 इंच लंड अंदर बाहर हो रहा था। मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मजा भी आ रहा था।

मै सिसकते सिसकते बोली!! पापा बाहह्हह्हह्हर निकाल लो प्लीज!!

पापा बोले – नीता अभी तो मजा आने लगा है। कितने दिनों बाद एक कुंवारी अनचुदी चूत मिली है।

और वह जोर जोर से धक्के देने लगे। मै हर धक्के के साथ आहहहहहहहहहहह आहहहहहहहहहहह कर रही थी क्योंकि हर बार उनका लंड मेरे बच्चेदानी के अंतिम छोर से टकरा रहा था। पापा बहुत तेज तेज धक्के दे रहे थे। मै रहम की भीख मांग रही थी॥

आहहहहहहहह papappappppaaaaaaaaaaaaaaaaa धीरीईईइरेरेरेररेरेरेररेरेरे डालोलोलो ऊई माँ मर gaayiyiyiyiiiiiiiiiiiiiii ओहोहोहोहोहोह ओहोहोह हो ओहो हो आह हो pappapapapapappappppaaaaaaaaaaaaa। मेरा Chut फट गया है पाआआआआपआआआ आआआआअब chhooooooooood doooooooooooo।

पापा मेरी चूचियों को मसलते हुए धीरे धीरे अपने लंड को आगे पीछे करने लगे। मुझे थोड़ा आराम आया और अब मजा भी आ रहा था।

पापा बोले – रानी बेटी मजा आ रहा है की नहीं?

मैं बोली – पापा बहुत मजा आ रहा है जरा जोर से चोदिए मेरी चूत!!

फिर पापा ने और जोर जोर के झटके मारने शुरू कर दिए। अब पापा का हर झटका मुझको मजा दे रहा था। मैं सिसकियाँ ले रही थी और बोल रही थी!!

पापा आज तक मुझे क्यों नहीं चोदा क्यों मेरा चूत आज तक प्यासा रखा? चोदो पापा चोदो आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह फाड़ डालो सीईईईई uuuffffffffff मारो जोर से झटके सीई aaaaahhhhhhhhhh।

पापा ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी। नीचे से मैं अपने चुतड़ को हवा मैं उछाल रही थी की तभी मेरी चूत से कुछ निकलने को हुआ।

मैं पापा से बोली – पापा मेरी चूत से कुछ निकलने वाला है।

पापा बोले – नीता वह तुम्हारी चूत का चुत रस है। मैं भी झड़ने वाला हूँ।

अब मेरा पानी छूटने वाला था और पापा का भी क्योंकि पापा को चोदते हुए करीब 25 मिनट हो चुके थे और मैंने एक जोर की सिसकारी के साथ पानी छोड़ दिया और पापा भी झड़ गए। उस दिन पापा ने मुझे चार बार चोदा। इस तरह मना मेरा 18वां जन्मदिन। उस दिन के बाद से हम दोनों रोज़ चुदाई करते थे। मैं पापा के लंड की दीवानी हो गयी थी। हमने अपना मकान बेच दिया और बंगलोर शिफ्ट हो गए। पापा ने मुझे मंदिर ले जा कर मुझसे शादी कर ली और हम पति पत्नी की तरह रहने लगे। माँ को जब पता चला तो वो पहले बहुत रोई, फिर जब पापा ने कहा की अगर वो दूसरी शादी कर लेंगे और वो औरत माँ को अगर घर से निकाल दी तो।

ये सुन कर माँ भी भारी मन से मुझे अपनी सौतन मान ली। हम कई बार माँ के सामने भी चुदाई किया। माँ भी कभी कभी हमारे साथ चुदाई में मज़ा लेती। वो पापा का लंड मुंह में ले कर चूसती और मुझे प्यार करती। मैं भी माँ का चूत चुस्ती हूँ। इस तरह हम तीनों रहते हैं।

अगर आपको कहानी अच्छी लगे तो अपना कमेंट ज़रूर भेजना।

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