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  • मै, अब्बू और भाई जान की रंडी बन गयी | Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani:- हेलो दोस्तों मेरा नाम खुशबू है। आज मै अपनी चुदाई की सच्ची कहानी लेकर आपके लिए हाजिर हुई हूँ। ये कहानी मेरे अब्बू और भाई से हुई चुदाई की है। आज मै अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच आपको बताने जा रहीं हूँ। तो अपने कमेंट ज़रूर कीजिएगा और बताइएगा क्या मैंने सही किया या गलत! तो चलिये अब अपनी कहानी शुरू करती हूँ।

    मै 22 साल की एक खूबसूरत लड़की हूँ। मै मुस्लिम फॅमिली से बिलोंग करती हूँ। मेरी हाइट 5 फ़ीट 4 इंच है। रंग एकदम दूध की तरह सफ़ेद है और मेरा शरीर बहुत ही जालिम है। मेरा मेज़रमेंट 36-32-38 है। आप लोग खुद ही अंदाज़ा लगा सकते हो की मै क्या चीज़ हूँ। मेरे अब्बू का नाम आसिफ है और मेरे भाईजान का नाम आलिम है। अम्मी का इंतकाल हो चूका है। हमारे घर में सिर्फ हम ही 3 लोग ही रहते है। मै कॉलेज में पढ़ती हूँ और अब्बू और भाईजान दुकान चलाते है। मेरे कॉलेज में मेरे कई दीवाने है जो मेरी छाती और गांड के दीवाने है। सब मुझपर ही नजर गड़ाए बैठे रहते है। मै भी अपनी खूबसूरती और शारीरिक बनावट पर बहुत इतराती हूँ। मै कॉलेज अक्सर जीन्स एंड टॉप ही पहन कर जाती हूँ। जीन्स टाइट ही हुआ करता है जिससे मेरी गांड एकदम शेप में दिखती है। मुझे ऐसे ही लड़को और प्रोफेसरो को ललचाने में मजा आने लगा।

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    इसी बीच मैंने एक अमीर शहज़ादे को अपने हुस्न के जाल में फंसा लिया। हम लगभग रोज कॉलेज बंक मार्कर कभी मॉल, तो कभी पार्क में जाते थे। वो मुझे वहां टच करता था और मै दिखावटी नाटक करके मना करती, पर मेरा भी मन करता था की वो मुझे टच करे। वो मेरे बूब्स दबाता, मुझे स्मूच करता, मेरी चूत को ऊपर से सहलाता पर हमने अभी तक सेक्स नहीं किया था। हम घंटो रात में फ़ोन पर बातें करते व्हाट्सप्प या फेसबुक पर। फ़ोन सेक्स भी करते इसी तरह बातें करते करते मै गरम हो जाती और अपनी चूत में ऊँगली करती। ऐसा कई दिनों तक चलता रहा। इधर मेरे घर में अम्मी के जाने के बाद अब्बू बिलकुल हताश से हो गए थे, मुझसे उनकी ऐसी हालत देखि नहीं जाती थी। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    एक दिन मै दिन में ही अपने बॉयफ्रेंड से सेक्स चैट कर रही थी। घर का मेन गेट खुला ही पड़ा था। मैंने ध्यान नहीं दिया था की अब्बू और भाईजान दुकान के जा चुके है। मै अपनी मस्ती में अपने बॉयफ्रेंड से सेक्सी बाते कर रही थी। मै पुरे मूड में थी और बाते करते करते मै बहुत गरम हो गई थी। मैंने अपना टॉप उतर दिया था और साथ ही साथ पैंटी को घुटनो तक कर दिया था। मैंने उस समय ब्लैक पैंटी एंड ब्लैक ब्रा पहनी थी। मै हमेशा G स्ट्रिंग पैंटी ही पहनती थी। मै अपने होश खोकर बेफिकर होकर चूत में ऊँगली और अपने बूब्स को ब्रा के ऊपर से दबा रही थी। मै एकदम होश में नहीं थी। तभी किसी कारण से अब्बू और भाईजान को दुकान बंद करनी पड़ी, शायद किसी सिक्योरिटी की रीज़न से। तो वो दोनों घर वापस आ गए। उन्होने देखा की घर का दरवाज़ा खुला है तो वो लोग बिना डोर बेल बजाये अंदर आ गए और मुझे पता ही नहीं चला। सबसे पहले मेरा रूम आता है, जिसे भी घर पर अपने रूम में जाना हो वो मेरे रूम के सामने से ही होकर जा सकता है।

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    मेरे रूम का दरवाज़ा खुला था और मै आह आहहह ऊहह कर रही थी और चूत और बूब्स दबा रही थी। अब्बू और भाई मेरी आवाज़ सुनकर वही रुक गए और मेरे रूम के दरवाज़े के पास पहुँच गए। मै इन सब से अनजान अपनी मस्ती में थी। मुझे इस तरह सेमि न्यूड हालत में देखकर दोनों चकरा गए और एक दूसरे को देखने लगे। वो दोनों धीरे से अंदर आ गए और मेरे करीब आकर खड़े हो गए। मै उस समय दूसरी तरफ मुँह किये हुए थी। कुछ देर बाद मैंने करवट बदली तो मै घबरा गई। ये क्या मैंने देखा अब्बू और भाई मेरे सामने खड़े है। उनको देखकर मैंने तुरंत अपनी जीन्स को जैसे तैसे ऊपर चढ़ाया और अपनी टॉप खोजने लगी। मेरी टॉप तो जमीन पर पड़ी है, शायद मैंने ही जोश में आकर फेंका होगा। मै सिर्फ ब्रा में रह गई। मै शर्म से नज़रे झुका के बैठी थी। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    अब्बू- ये क्या कर रही थी बेटा? बताओ न खुशबू?

    भाईजान अपना हाथ अपनी पैंट के ऊपर सहलाने लगा और मुझे देखकर हंसने लगा और बोला।।

    भाई – तभी मै सोचु की इसकी चूचि और गांड इतनी भारी क्यों है। ये रोज बाहर जाकर चुदवाती है साली छिनाल।

    मै – नहीं मै ऐसी नहीं हूँ मैंने कभी सेक्स नहीं किया! अब्बू प्लीज मेरा भरोसा करो।

    अब्बू – अच्छा ठीक है बेटी मुझे तुझपर यकीन है! अच्छा अभी तुम क्या कर रही थी बताओ न बेटा।

    मै – जी अब्बू मै अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी।

    अब्बू – कबसे चल रहा है ये सब बेटा?

    मै – पिछले 6 महीनो से, लेकिन अब्बू बस हमने बाते की है कोई गलत काम नहीं किया।

    अब्बू – कैसा गलत काम बेटी बताओ न खुल कर अपने अब्बू से क्या शरमाना।

    मै – जी अब्बू वो हमने सेक्स नहीं किया कभी।

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    इसी बीच भाई बोला – मै नहीं मानता की इसने सेक्स नहीं किया होगा! साली की गांड तो देखो अब्बू! लगता है कितने ही लौडो से एक साथ चुद चुकी है। ये तो साली पूरी रंडी हो गई है अब्बू आप इसकी बात मत मानो। ये सब झूट बोल रही है।

    मै – सच में अब्बू मै सच कह रही हूँ मैंने कभी सेक्स नहीं किया आप मेरा यकीन करो प्लीज।

    अब्बू – अच्छा ठीक है मुझे तुमपर यकीन है कि तुम कोई गलत काम नहीं की होगी! पर क्या तुम्हारा मन करता है ये सब करने का?

    अब मै भी थोड़ी थोड़ी खुल कर बोलने लगी थी।

    मै – अब्बू करता है बहुत मन करता है पर मै आपकी इज़्ज़त को उछालना नहीं चाहती! इसलिए मैंने कोई गलत काम कभी नहीं किया।

    अब्बू – बेटा ये गलत काम थोड़ी ना होता है ये तो जरुरत है।

    मै – अगर जरुरत है तो अब्बू आप कैसे पूरी करते ही अब तो अम्मी भी नहीं है।

    अब्बू – हाँ बेटा तेरी अम्मी के जाने के बाद मै तड़प गया हूँ! क्या तुम मेरे साथ करोगी और अपने भाई के साथ?

    मै – पर अब्बू ये गलत है मै आपकी बेटी और भाई की बहन हूँ। ये कैसे हो सकता है अगर किसी को पता चला तो हमारी बहुत बदनामी होगी।

    भाई – कुछ नहीं होगा रंडी बहना कौन बोलेगा। हम तीन ही तो घर पर है रोज मजे करेंगे क्यों अब्बू।

    अब्बू – हाँ बेटा सही कहा तुमने खुशबू ज्यादा मत सोचो ये सब तो करना ही चाहिए नहीं तो ज़िन्दगी में क्या मजा।

    मै – पर अब्बू और भाई मुझे बहुत शरम आ रही है, मै कैसे हाँ कहूँ।

    अब्बू – तुमने मना नहीं किया बेटी इसका मतलब तुम करना चाहती हो बस बोल नहीं पा रही हो! सही कहा ना मैंने?

    मै – हाँ अब्बू आपने सही कहा! हाँ अब मुझे दुनिया की कोई चिंता नहीं! मै बस मजा लेना चाहती हूँ आपसे और भाईजान से।

    अब्बू – शाबाश मेरी रंडी बेटी ये हुई ना बात!

    भाई – अब्बू अब तो अपने घर पर ही मजे हो गए इतने दिनों से इसपर ध्यान ही नहीं गया था हमारा।

    अब्बू – अब तो ये बाप और भाई की रंडी बनेगी।

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    अब्बू ने कहा और मेरे पास आकर दोनों बैठ गए। मै बीच में थी एक साइड अब्बू और दूसरी साइड भाई बैठा था। दोनों अपने अपने हाथ से मेरी जांघों को सहला रहे थे। उन लोगो ने मेरे हाथ को ले जाकर अपने अपने लंड पैंट के ऊपर से सहलाने को दिए। मै हल्का हल्का दोनों का लंड छू रही थी और दबा रही थी। फिर अब्बू ने अपना दूसरा हाथ मेरी पीठ पर ले जाकर मेरी ब्रा के हुक को खोल दिया। फिर अब्बू ने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर मेरी ब्रा के हुक को खोल दिया। जिससे मेरी ब्रा लूस हो गई और वो आगे से गिरने लगी। ये देख भाई ने मेरी ब्रा को जाकर पकड़ लिया और उसे मेरे बदन से अलग कर दिया और उसने वो ब्रा फेंकने के बजाये अपनी गर्दन में लपेट ली। अब मै ऊपर से पूरी नंगी थी ऐसा मेरे साथ बचपन के बाद आज पहली बार था की में अपने बाप और भाई के सामने अपनी चूचि लटकाये बेशरम रंडी की तरह उनके लंडों को एक एक हाथ से पैंट के ऊपर से सहला रही थी।

    फिर अब्बू ने अपनी पैंट की हुक खोल दी जिससे उनकी पैंट सरसरा कर ज़मीन पर गिर गयी। ये देख भाई ने भी अपनी जीन्स उतार दी। अब वो दोनों सिर्फ अंडरवियर में रह गए। फिर उन लोगो ने बिना देर किये अपने अंडरवियर को भी उतार दिया अब वो दोनों बिलकुल नंगे मेरे सामने खड़े थे। उन लोगो को जरा भी शर्म नहीं आ रही थी पर मुझे थोड़ी थोड़ी आ रही थी। उन लोगो के लंड देख कर मै डर गई। मैंने सिर्फ फिल्मो में ही लंड देखे थे असल ज़िन्दगी में ये पहला अनुभव था। फिर अब्बू ने मुझे अपना लंड पकड़ा दिया और भाई ने भी। मै उन दोनों के लंड के बीच में बैठी थी और उनको मुठिया रही थी। उनके लंड मेरे हाथ में फूलने लगे फिर अब्बू ने मुझे अपना लंड चूसने को बोला। मै भी लंड चूसना चाहती थी कितनी बार फिल्मो में देखा था मैंने, सो मैंने तुरंत अब्बू का लंड मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी। ये देख भाई ने भी अपना लंड चूसने को बोला। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    मैंने बारी बारी से दोनों के लंड चूसे। दोनों अपनी सीमा तक पहुँच गए थे उनका लंड पूरा लोहे की रोड की तरह टाइट हो गया था, उनके लंड की नसे भी पूरी उभर आई थी। फिर उन लोगो ने मुझे उठाया और मेरी जीन्स उतार दी। अब मै सिर्फ जी-स्ट्रिंग पैंटी में आ गई। मै हमेशा ऐसी ही पैंटी पहनती हूँ इसमें गांड पूरी खुली रहती है बस चूत के पास का हिस्सा ढका होता है। वो दोनों मेरी पैंटी देखकर बहुत खुश हो गए और अब्बू बोले।

    अब्बू और भाई ने सील तोड़ी

    अब्बू – वाह रे मेरी रंडी बेटी क्या पैंटी है तेरी एक दम मस्त रंडी लग रही है! जी नहीं चाहता की तेरे बदन पर से ये पैंटी उतारू पर तेरी चुदाई जो करनी है सो उतारना ही पड़ेगा! लेकिन इससे पहले तेरे इस अवतार को कैमरा में रिकॉर्ड कर लेता हूँ।

    ये कहकर अब्बू और भाई ने मेरी कुछ सेक्सी पिक्स ली। फिर उन लोगो ने मेरी पैंटी को भी उतार दिया और मुझे जन्मजात नंगी कर दिया। फिर मुझे बेड पर पटक दिया और पैरो को फैला दिया। जिससे मेरी चूत उनके सामने बेपर्दा हो गई और वो दोनों आँख फाड़ फाड़कर देखने लगे।

    अब्बू – वाह मेरी रंडी बेटी क्या चूत है तेरी! आज मै और तेरा भाई तेरी ओपनिंग करेंगे और लास्ट तक नॉट आउट रहेंगे। तू मेरी बेटी है पर आज मै तुझे तेरा भाई या बहन गिफ्ट करूंगा! क्यों सही है ना?

    भाई बोला – हाँ अब्बू इसकी खुजली मिटानी होगी कितनी बार अपना मुठ बर्बाद किया है बाथरूम में, जो इस रंडी के हक़ का था। आज मेरे लंड का एक एक बूँद इसकी चूत भरेगा।

    ये कहकर दोनों एक साथ मेरी चूत चाटने लगे। मै तड़प रही थी जैसे बिन पानी के मछ्ली।

    आह्ह्ह्हह आह्हह्ह्ह्ह आहह्ह्ह्हूँगा आहह्ह्हह्हू सीईईईईई और मै इसी तरह सिसकारियाँ भरने लगी और इसी के साथ मै झड़ गई।

    अब्बू और भाई ने मेरा एक भी बूँद बर्बाद नहीं जाने दिया और पूरा पी लिया और अपने हाथो को मेरो होठो से चटवाया। मैंने ज़िन्दगी में पहली बार अपने रस को टेस्ट किया। फिर आ गई वो घड़ी जिसका मुझे पिछले कई सालो से इंतज़ार था। मेरी चुदाई की बेला आ गई थी और मै अपनी पहली चुदाई के लिए बिलकुल तैयार हो रखी थी। और ये सुनहरा मौका मेरे अब्बू को ही मिलना चाइये आखिर उन्होने ने ही मुझे इस रंगीन दुनिआ में लाया है। फिर अब्बू ने अपना लंड मेरे चूत पर टिकाया और भाई ने मेरी टांगो को पकड़ लिया। फिर अब्बू ने एक हल्का सा धक्का दिया। मुझे मीठा मीठा दर्द हुआ और लंड का सुपाड़ा मेरी चूत में चला गया। मुझे हल्का सा दर्द हुआ फिर अब्बू ने भाई को मेरे मुँह में अपना लंड डालने को बोला। मै नहीं समझ पाई की ऐसा क्यों किया उन्होने पर मैंने लंड मुँह में ले लिया। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    अब्बू और भाई ने चोदा कहानी

    फिर अब्बू ने एक जोरदार धक्का मारा जिससे पूरा बेड हिल गया। मेरी चूत एक दम साइलेंस हो गई ऐसा लगा की किसी ने मेरे कान पर कोई बम फोड़ दिया हो। एक दम सन्नाटा। मेरी जोरदार चीख निकलती अगर भाई का लंड मेरे मुँह में ना होता। तो अब मुझे ये समझ आया की अब्बू ने भाई को अपना लंड मेरे मुँह में डालने को क्यों बोला था। अब्बू कुछ पल के लिए रुक गए फिर उन्होने धक्के मारने शुरू किये। मेरी चूत से खून निकल रहा था ये मेरे कुंआरेपन के टूटने का सबूत था। अब मै अपनी चुदाई को एन्जॉय कर रही थी। मै दो बार आलरेडी झड़ चुकी थी पर अब्बू अभी भी कायम थे और मुझे रंडी कुतिया की तरह चोद रहे थे। इधर भाई मेरे शरीर से खेल रहा था, कभी निप्पल चूसता, कभी दबाता। उसका लंड चूस चूस कर मैंने एकदम लाल कर दिया था। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    फिर वो वहां से उठने लगा तो मैंने पूछा आप कहाँ जा रहे हो? तो बोला पेशाब करने जा रहा हूँ मेरी जान! फिर अब्बू ने क्या इशारा किया भाई को मेंमै नहीं समझ पाई। लेकिन भाई ने जाना कैंसिल कर दिया और वापस अपना लंड मेरे मुँह के पास ले आया। मै फिर से चूसने लगी। इधर अब्बू मेरी ताबडतोड़ चुदाई जारी रखे थे उसी बीच भाई ने अपना पेशाब मेरे मुँह में करना शुरू कर दिया। मुझे ये बड़ा अजीब लगा पर मुझे मज़बूरी में सारा पेशाब पीना पड़ा। इसके चलते मेरे गले में बहुत जलन हो रही थी। पर मेरी किसी को परवाह नहीं थी इसी बीच मैंने देखा अब्बू का लंड अकड़ने लगा है। शायद वो झड़ने वाले थे और वो एक जोरदार चीख मारके झड़ गए और सारा माल मेरी बच्चेदानी में डाल दिया।

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    फिर वो मेरे ऊपर से उतर गए और अपना लंड निकाल लिया। मैंने देखा की मेरी चूत से बहुत सारा पानी बह रहा है जो शायद अब्बू और मेरे दोनों का ही होगा। फिर अब्बू वहां से हट गए और उनकी जगह मेरे भाई ने ले ली फिर उसने भी मेरी ऐसी ही जोरदार चुदाई करके अपना सारा पानी मेरी चूत में डाल दिया। फिर अब्बू नीचे लेट गए और मुझे अपने लंड पर बैठने को बोला। मुझे लगा की मेरी चूत मरेंगे लेकिन उन्होने अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया। मै अपने पूरे वेट से बैठी थी इसलिए पूरा लंड एकदम से मेरी गांड में समां गया। मै लगभग रो दी लेकिन आज कोई आराम नहीं था। अब्बू मेरी गांड मार रहे थे और भाई मेरी चूत में ऊँगली कर रहा था। इसी बीच ऊँगली करने से मै फिर से झड़ गई। फिर अब्बू ने भाई को कुछ इशारा किया और भाई मुझे हलका धक्का देकर खुद मेरे ऊपर चढ़ गया और अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। Abbu aur Bhai se Chudai ki Kahani

    मेरी दोनी तरफ से चुदाई होने लगी मै परम आनद को महसूस कर रही थी। और इसी तरह उन दोनों ने सारे दिन और सारी रात मेरी जमकर चुदाई की और मुझे एक बाजारू रंडी बना के रख दिया। मै बाज़ारू रंडी तब बनी जब अब्बू और भाई ने मुझे चोदने के बाद 1000 रूपए दिए। मुझे कुछ समझ नहीं आया ये पैसे किसलिए है पर मैंने रख लिए। शायद वो लोग खुश होकर दिए थे।

    अब वो लोग मेरी रोज बजाते है और मुझे प्रोफेशनल रंडी बना दिया है क्योकि उन लोगो ने अपने कई इम्पोर्टेन्ट क्लाइंट्स को भी मेरे पास भेजा है सेवा के लिए। ये सब बाद मै फिर कभी बताउंगी की कैसे मै एक प्रोफेशनल रंडी बनी।

    आपलोगो को मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताइयेगा।

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  • दोस्त की पत्नी को अपनी बीवी बनाया | Dost ki biwi ko choda story

    Dost ki biwi ko choda story:- हेलो दोस्तों मेरा नाम इरफ़ान शेख है. मै आज आपके सामने अपनी एक रियल कहानी बताने जा रहा हूँ. मै अपनी ख़ुशी आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ और आप सब मेरे और मेरे परिवार के लिए दुआ करना. मैं सेक्स कहानी पूरी शुरू से बताता हूँ कैसे सब हुआ. आज मै 31 साल का हूँ और ये कहानी 4 साल पहले स्टार्ट हुई थी.

    मै साँवले रंग का जवान लड़का हूँ. मेरी हाइट और बॉडी अच्छी है. मै ज़्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूँ और कॉलेज ड्रॉप आउट हूँ क्युकी मुझे पढ़ना अच्छा नहीं लगता था और मै नौकरी नहीं बल्कि खुद का कुछ करना चाहता था. मैंने पैसे के लिए अलग-अलग काम किये और फिर फाइनली लोन लेकर मैंने मुंबई में अपना एक क्लॉथ स्टोर खोल लिया. मेरा परिवार नार्मल सा मिडिल क्लास परिवार था और मुझे खुद अपने पैरो पे खड़ा होना था. तो मैंने सब कुछ अपने से किया. मै मुंबई से हूँ और मेरा मार्किट में खुद का एक क्लॉथ स्टोर है. शुरू-शुरू में मुझे बिज़नेस में काफी प्रॉब्लम होती थी. मेरे बगल में एक विजय शाह भैया का क्लॉथ स्टोर था. फिर उन्होंने मुझे बिज़नेस के लिए काफी कुछ समझाया. वो गुजराती थे तो उनको धंधे की काफी समझ थी.

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    विजय भैया की उम्र उस समय 39 थी और मेरी 26 थी. मै उन्हें विजय भाई कहता था और वो भी मुझे भाई ही बोलते थे. हम दोनों में काफी अच्छी दोस्ती हो गयी थी. विजय भाई की मदद से हम दोनों का स्टोर अच्छा चलता था. मै उनसे बिज़नेस में काफी कुछ सीखता था और उनकी मदद भी कर देता था. हम दोनों अच्छे दोस्त बन गए थे. मै उनकी काफी रेस्पेक्ट करता था क्युकी वो मुझसे उम्र में काफी बड़े थे. विजय भाई ईद के टाइम मुझसे शीर खोरमा भी मंगवाते थे. हम एक-दुसरे के फेस्टिवल को मस्ती से सेलिब्रेट करते थे. फिर एक दिन विजय भाई ने नवरात्री में मुझे अपने घर दावत दी. मै उनके घर गया तो काफी अच्छा घर था उनका. 2 बीएचके घर था उनका और घर में लोग सिर्फ 3 थे. विजय भाई खुद उनकी बूढ़ी माँ और उनकी पत्नी ही थे बस घर में. Dost ki biwi ko choda story

    मैंने माता जी को नमस्कार किया और भाभी को हेलो बोला. फिर मैंने नवरात्री के लड्डू खाये और खूब एन्जॉय किया. भाभी भी काफी फ्रैंक थी. हम सब ने मिल कर बाते की और फिर मै वापस अपने घर चला गया. विजय भाई की पत्नी मुझे बहुत प्यारी लगी. एक-दम सुन्दर चेहरा गोरा बदन मस्त फिगर था उनका और साड़ी में वो मस्त सुन्दर लग रही थी. दूसरे दिन मैंने विजय भाई को नवरात्री की दावत के लिए थैंक्स किया और हम कुछ बाते करने लगे.

    मै – विजय भाई कल की नवरात्री का खाना मस्त था, शुक्रिया दावत के लिए.

    विजय भाई – मोस्ट वेलकम इरफ़ान.

    मै: भाई आपके घर में बस इतने ही लोग रहते है?

    विजय भाई: हां इरफ़ान पापा का डेथ कुछ साल पहले ही हुई है और मै अकेला बच्चा हूँ अपने पेरेंट्स का. अब माँ है और मेरी नेहा(नेहा दीक्षित वाइफ ऑफ़ विजय भाई)।

    मै: बच्चे नहीं है आपके?

    विजय भाई: हां यार यही अफ़सोस है. शादी के 10 साल हो गए है और अब तक बच्चा नहीं हुआ. इसी वजह से माँ बार-बार नेहा को कोसती है जब की कमी मेरे में है.

    मै: कमी मतलब क्या? आपके स्पर्म काउंट में प्रॉब्लम है? मै एक हकीम को जानता हु उससे इलाज करवाएंगे तो शायद कुछ हो सकता है.

    विजय भाई: हां यार स्पर्म काउंट की ही प्रॉब्लम है और अब पूरा सामान भी टाइट नहीं होता. क्या सच में हकीम कुछ कर सकता है?

    मै: हां कोशिश करके देखते है.

    मै: अच्छा आपकी अरेंज मैरिज है क्या?

    विजय भाई: नहीं यार प्यार करके शादी की थी और बड़ी मुश्किल से शादी हुई थी. तुझे अरेंज्ड मैरिज क्यों लगा?

    मै: वो भाभी बहुत सुन्दर है ना हाहाहा.

    विजय भाई: अरे यार मै भी तो हैंडसम हूँ, बस अब थोड़ा मोटा हो गया हूँ. बड़े पापड बेलने पड़े यार इससे शादी करने के लिए.

    मै: मतलब क्या हुआ? थोड़ी अपनी लव स्टोरी बताये?

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    विजय भाई: ये उस वक़्त कॉलेज में पढ़ती थी और इसकी उम्र 20 होगी. मेरी उम्र 28 थी मगर मै काफी हैंडसम था. मै अपने पापा के साथ दुकान में बैठता था और ये मेरी दुकान में अपनी फ्रेंड्स के साथ कपडे लेने आती थी. विजय भाई: मेरा दिल इसपे आ गया था. ये बहुत मस्त थी शुरू में. पतली थी मगर सुन्दर थी. मै इसको अच्छा डिस्काउंट देता था और अच्छे से बाते करता था. शुरू-शुरू में ये नार्मल बाते करती और मुझे विश्वास नहीं होता था की मै इसको पटा सकता था क्युकी कॉलेज की लड़की एक काम करने वाले से कैसे पटती. ऊपर से मै उम्र में इससे कुछ 9 साल बड़ा था. मगर मै हमेशा इससे खुश होक अच्छी अच्छी बाते करता था. फिर इसके दिल में भी मेरे लिए कुछ हुआ. मै इसके कॉलेज में भी कुछ हेल्प करता था क्युकी मै भी उसी कॉलेज से पढ़ा था तो मेरी अच्छी पहचान थी. फिर मेरी इससे दोस्ती बनने लगी और फिर कब प्यार हो गया पता ही नहीं चला. फिर मैंने इसको प्रोपोज़ किया तो इसने टाइम माँगा. उसके बाद ये मान गयी मगर इसके फॅमिली वाले नहीं माने क्युकी नेहा मराठी ब्राह्मण है और हम गुजराती बनिए. हमने कोशिश भी की उन्हें समझाने की मगर नहीं माने. फिर हमने भाग के शादी कर ली. इससे नेहा की फॅमिली नाराज़ हो गयी और उन्होंने इससे रिश्ता ख़तम कर दिया. मगर मैंने नेहा को हमेशा खुश रखा और अब हम साथ खुश है. बस एक बच्चे की कमी है जो नेहा भी चाहती है. Dost ki biwi ko choda story

    मै: गज़ब लव स्टोरी है आपकी तो विजय भाई. मै आपको हकीम से मिलाता हूँ. उम्मीद है की ये ख़ुशी भी आप दोनों को मिले और हमेशा साथ रहे आप दोनों.

    विजय भाई और मेरे में अच्छी दोस्ती रही. हम दोनों एक-दुसरे के घर आते-जाते रहते थे. हम दोनों मिल कर भाइयो की तरह रहते थे. सब ठीक चल रहा था और मै हकीम से विजय भाई का इलाज भी करा रहा था. मगर एक इंसिडेंट ने सब बदल दिया. मेरी दुआ की विजय भाई और भाभी हमेशा साथ रहे ये मेरी गन्दी नज़र बन गयी. फिर एक दिन विजय भाई अपनी बाइक पे दुकान से घर जा रहे थे और उनका रात को ट्रक से एक्सीडेंट हो गया. विजय भाई मेहनती गुजराती आदमी थे. वो रात 11 बजे तक दुकान खोल कर रखते थे क्युकी उनकी दुकान काफी फेमस थी और मुंबई जैसी सिटी में लोग रात तक शॉपिंग करते है. मै उनसे अलग था. मै लाइफ को एन्जॉय करता था और जल्दी दुकान करीब 9 बजे तक बंद कर देता था और रात को दोस्तों के साथ घूमने चला जाता था.

    जब एक्सीडेंट हुआ तो नेहा भाभी का मुझे फ़ोन आया. वो बेचारी बहुत डरी हुई थी. मै भागता हुआ हॉस्पिटल गया. हमने बहुत कोशिश की मगर हम विजय भाई को बचा नहीं पाए. भाभी तो मानो रोने से खुद को रोक नहीं पा रही थी. नेहा भाभी बेचारी सिर्फ 30 की होगी और वो विधवा हो गयी. भाभी की तबियत खराब हो गयी थी और वो शॉक में थी. वो कुछ कह नहीं रही थी. फिर मैंने विजय भाई के दोस्तों के साथ मिल कर उनका क्रिया क्रम किया. मुझे बहुत दुःख हुआ था क्युकी ऐसे अचानक विजय भाई की डेथ हो गयी थी. भाभी तो मानो टूट सी गयी थी. मै भाभी के घर जाता और उन्हें समझाने की कोशिश करता. भाभी के घर वाले भी आये थे उन्हें वापस लेने मगर विजय भाई की माँ ने उन्हें गुस्से में भगा दिया. उन्होंने उनसे कहा-

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    विजय भाई की माँ: मेरे बेटे के डेथ पर तुम लोग आये भी नहीं तो अब क्या लेने आये हो. दफा हो जाओ यहाँ से.

    मै भाभी को समझाता था- मै: भाभी जो होना था वो हो गया अब आगे की सोचो. आप अपनी लाइफ ना खराब करे और अपनी सासु माँ का सोचे. अब आपके सिवा इनका कोई नहीं है. मुझे लगता है की अब आपको विजय भाई की दुकान चालानी चाहिए. Dost ki biwi ko choda story

    भाभी ने पहले जब मना कर दिया तो मैंने उन्हें समझाया-

    मै: फिर माँ का ख़याल कौन रखेगा? दुकान तो किसी को चलानी ही होगी तो आप ही चलाओ. आज-कल महिला पुरुष से कम नहीं है.

    भाभी अब समय के साथ ठीक हो रही थी. उन्हें भी मालूम था की जो चला गया अब उसपे रोने से वो वापस तो नहीं आएगा. और फिर भाभी दुकान चलाने के लिए मान गयी. विजय भाई का एक हेल्पर था और मैंने मिल कर भाभी को सब बिज़नेस समझा दिया. शुरू-शुरू में मै उनकी सब हेल्प करता था जिससे मेरे और भाभी में और दोस्ती बनने लगी. फिर समय के साथ सब ठीक होने लगा. अब विजय भाई की माँ भी भाभी की रेस्पेक्ट करती थी क्युकी दुकान वही चलाती थी और मैंने दुकान भी भाभी के नाम पे ही करा दी थी. इससे उनकी सासु माँ, भाभी को कुछ नहीं बोलती थी. अब मुझे दुकान में और मज़ा आता था क्युकी मेरे बगल की दुकान में भाभी बैठती थी. हम दोनों को विजय भाई का दुःख था और याद भी आते थे मगर सब कुछ धीरे-धीरे नार्मल हो रहा था.

    मै भाभी के और करीब होने लगा था और मुझे अब भाभी से बाते करना अच्छा लगता था. मै भी उनको हंसी-मज़ाक में बिजी रखता था क्युकी उनको विजय भाई के दुःख से दूर करना ज़रूरी था. आखिर कब तक वो विजय भाई की याद में रोती रहती. इससे उनका भी तबियत खराब होती और जो चला गया है उसके लिए अपनी लाइफ तो नहीं ख़तम कर सकते ना. इन्ही बातो पे भाभी से एक दिन मेरी बात हुई.

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    मै: भाभी आप कब तक ऐसे रहेगी? पहले आप चूड़ी और मंगल-सूत्र में कितनी अच्छी दिखती थी. अब नार्मल और बेरंग होके रहती हो. मेरे ख़याल से अब आपको विजय भाई के जाने से अपनी लाइफ नहीं खराब करनी चाहिए. जो हुआ उसको हम नहीं रोक सकते थे. मगर आप अभी सिर्फ 30 की है तो ऐसे जीना न छोड़ो. Dost ki biwi ko choda story

    भाभी: इरफ़ान जो कुछ हुआ वो सब भूलना इतना आसान नहीं है. और मुझे भी मालूम है की अब मै कुछ नहीं कर सकती. अब उनकी याद में ही जीना होगा मुझे.

    मै: भाभी ऐसा नहीं है. बहुत लेडीज इस उम्र में विधवा हुई है मगर उन्होंने जीना नहीं छोड़ा. आप भी जीना ना छोड़े. मेरे ख़याल से आपको बाहर की ठंडी हवा की ज़रुरत है. एक काम करते है आज दुकान जल्दी बंद करके जुहू-बीच चलते है. वहाँ पानी-पूरी और भी बहुत कुछ खाएंगे और मस्ती करेंगे. क्या बोलती हो भाभी.

    भाभी: हां सही कह रहे हो. ऐसे अकेले खाली दिमाग में वही सब पुरानी बाते याद आएँगी. बेहतर होगा की थोड़ा बाहर की ठंडी हवा खा आये. चलो चलते है आज.

    फिर हम बाहर घूमने गए. रात के 8 बजे थे और वहाँ काफी लोग थे. हम कुछ देर घूमे और फिर भाभी चली गयी क्युकी वो घर जा कर अपनी सासु माँ के लिए खाना बनाती थी. फिर हम हफ्ते में 2 दिन बाहर साथ में घुमते थे. भाभी के साथ रहने से मेरे दिल में उनके लिए प्यार बनने लगा और मुझे वो अच्छी लगने लगी. मुझे नहीं मालूम था की उनके दिल में मेरे लिए क्या था. हम जब घूमने जाते थे तो नार्मल फ्रेंड्स की तरह रहते थे. हम घुमते थे मगर एक-दुसरे के हाथ पकड़ कर नहीं घुमते थे जैसे कपल रहते है. मेरा दिल करता था की भाभी को कपल की तरह लेकर घूमू जिस तरह मै दुसरे कपल्स को घुमते हुए देखता था. भाभी सलवार या साड़ी में रहती थी और मै जीन्स और टी-शर्ट में. भाभी से मिलने के बाद से मै और बेहतर दिखने की कोशिश करता था। हम बाहर घूमने बीच साइड बैठते थे. तब बहुत से कपल हाथ में हाथ डाल कर चलते थे, मस्ती करते थे और कुछ तो किस भी करते थे. भाभी उनको देखती थी. मै भी उनको देखता था मगर कुछ कहता नहीं था. मेरे दिल में सच में भाभी के लिए प्यार आ गया था.

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    भाभी मुझसे नार्मल ही बिहेव करती थी मगर मुझसे रहा नहीं जा रहा था. फिर मैंने सोचा की अब कुछ भी हो जाए मै अपने दिल की बात उन्हें बता देता हूँ. उसके बाद जो होगा देख लेंगे. फिर एक दिन हम बीच साइड बैठे थे. Dost ki biwi ko choda story

    तभी मै बोला- मै: भाभी अब तो विजय भाई की डेथ को 1 साल हो गया है. अब भी आपको उनकी याद आती है?

    भाभी: हां याद तो आती है. मैंने कुछ खोया है तो याद तो आएगी ही. मगर हां अब याद थोड़ी कम हुई है पहले से. अब थोड़ा बाहर बिजी रहने से दिल थोड़ा खुश हो जाता है.

    मै: अच्छा भाभी आपकी तो उम्र अभी कम है तो क्या ऐसे ही रहेंगी? मतलब कुछ आगे का सोचा है आपने?

    भाभी: हां उम्र तो कम है मगर अब क्या कर सकती हूँ? अब तो ऐसे ही रहना होगा.

    मै: यहाँ देखो भाभी सब एक साथ कैसे खुश है. कुछ यंग कपल्स है तो कुछ 40 वाले भी है. मेरे ख़याल से प्यार की कोई उम्र नहीं होती है और प्यार हमेशा किया जा सकता है.

    भाभी: कहना क्या चाहते हो तुम?

    मै: भाभी एक दिल की बात कहना चाहता हूँ. अगर आपको अच्छा ना लगे तो बुरा मत मानना. मुझे आप से प्यार हो गया है.

    भाभी: क्या! मर्दो की यही प्रॉब्लम है. थोड़ा उनके साथ रहो तो वो प्यार करने लगते है. मेरे ख़याल से हमारा दोस्त ही रहना सही होगा.

    मै: इंसान जिसके साथ रहता है हंसी-मज़ाक करता है प्यार भी तो उसी से होता है. तो इसमें मेरी क्या गलती है? मै बस आपका व्यू पॉइंट जानना चाहता हूँ.

    भाभी: देखो मै तो तुम्हे सिर्फ दोस्त की तरह मान रही हूँ और वैसे भी हमारा आगे बढ़ना सही नहीं होगा. मै एक विधवा हूँ और तुम मेरे पति के दोस्त रहे हो. ऊपर से तुम्हारा धर्म भी अलग है. लोग बहुत कुछ कहेंगे.

    मै: लोगो को तो बस बोलना ही आता है. उनका छोड़ो और प्यार में धर्म नहीं आता. बस मेरे दिल में जो था मैंने कह दिया. बाकी आपकी मर्ज़ी. मैंने आपकी ख़ुशी के लिए कहा था क्युकी आपके पास बहुत ज़िन्दगी है अभी और ऐसे अकेले जीने का क्या फ़ायदा. प्यार उससे ही होता है जिसको आप अच्छे से जानते हो. और हम दोनों तो एक-दुसरे को अच्छे से जानते ही है. बाकी आपकी मर्ज़ी. Dost ki biwi ko choda story

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    भाभी: देखो मै तुम्हारी फीलिंग समझ सकती हूँ. ये नेचुरल है की लोग एक साथ रहने से प्यार डेवलप कर जाते है. मगर मेरे ख़याल से हमारा दोस्ती तक ही रहना सही होगा. वरना समाज बहुत गलत समझेगा.

    मै: समाज क्या सोचता है हमें उससे क्या. उनके ताने तो प्यार करके शादी में भी रहते है. मगर आप ने विजय भाई से प्यार किया ना. हमें कानून हक़ देता है की हम अपनी मर्ज़ी से प्यार कर सके. आप एक इंडिपेंडेंट लेडी है. आप समाज का ना सोचे और अपना फैंसला खुद ले. कोई जल्दी नहीं है आप सोच कर मुझे बताये.

    भाभी: बात सही है तुम्हारी मगर मेरे ख़याल से इस रास्ते में अगर हम चले तो बड़ी मुश्किल आएगी.

    मै: मुश्किल तो हर रास्ते में है. अच्छा क्या सच में आप हमेशा अकेले रहना चाहती है? क्या आपका दिल नहीं करता फिर से नए तरीके से ज़िन्दगी जीने का?

    भाभी: मन करना और उसको पूरा करने में फर्क है. मन तो हमें बहुत कुछ करने का होता है मगर कुछ चीज़े ना की जाए तो अच्छा होता है.

    मै: फिर आप समाज का सोच रही है. समाज तो हमें अपनी मर्ज़ी से कभी जीने नहीं देगा. विजय भाई को भी ख़ुशी मिलेगी की उनकी नेहा फिरसे वही पुरानी ख़ुशी वाली लाइफ जियेगी और ये भी की उनका दोस्त ही उनकी पत्नी का ख़याल रखता है. मेरे ख़याल से आपको इसपे सोच कर फैंसला लेना चाहिए.

    भाभी: कही तुम मेरी मदद और मेरा अब तक सहारा बनने का फ़ायदा तो नहीं ले रहे? तुम सोच रहे होंगे की इतनी मदद की है तो भाभी को तो मानना होगा?

    मै: नहीं भाभी ऐसा कुछ नहीं है. मैंने मदद इस कारण से नहीं की थी. प्यार तो अब हुआ है आपसे और आपके साथ थोड़ा टाइम बिताने पे हुआ है. प्यार नैचुरली होता है तो बस हो गया. मैंने अपने दिल की बात कह दी है बाकी आपकी मर्ज़ी है. आपका जो भी फैंसला होगा उसको मै मानूंगा और आपका साथ हमेशा दूंगा.

    भाभी: अच्छा अब तुम इमोशनल कर रहे हो. अब हमें चलना चाहिए चलो.

    मै: चलिए जैसी आपकी मर्ज़ी. बस इसपे सोचना और आपका जो भी फैंसला हो मुझे बता देना.

    फिर हम वहाँ से चले गए….अब अगले पार्ट में देखेंगे की भाभी का क्या फैंसला होता है. थैंक्स फॉर रीडिंग.

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  • दोस्त की बहन आफ़रीन की सील तोड़ी | Dost ki bahan ko choda story

    Dost ki bahan ko choda story:- हेलो दोस्तों! कैसे हो आप सब? आज मै आपके लिए एक और सेक्सी चुदाई की कहानी लेकर आया हूँ। ये स्टोरी मेरे दोस्त और उसकी बहन की चुदाई की है। आपको इस कहानी मे बताऊँगा कि कैसे मैंने अपने दोस्त की बहन की चुदाई की और उसकी सील तोड़कर उसको कली से फूल बनाया । तो दोस्तों चलो कहानी पर चलते है।

    ज़िंदगी मे क्या चाहिए अगर अच्छे दोस्त आपकी लाइफ मे है. ऐसे ही अच्छे फ्रेंड्स बन गए थे मेरी भी लाइफ मे। मेरी लाइफ सही जा रही थी, एक ऐसी जिंदगी जिससे मैं काफी हद तक सेटीस्फाइड था। मैं अपने दोस्तों और दोस्ती की बहुत कदर करता जिससे मेरे दोस्त मुझपे बहुत भरोसा करते. लेकिन अभी कुछ दिनों पहले ऐसा टाइम आया की मैं शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूँ आपसे सुझाव भी चाहता हूँ की क्या जो हुआ और जो हो रहा है उसे कंटिन्यू करू या मैं गलत कर रहा हूँ.

    मेरा एक खास दोस्त था उसका नाम था आसिफ! वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त था और हम दोनों के घर भी पास में थे, तो आना जाना लगा रहता था। जैसे जैसे टाइम निकला उसके घर वाले अच्छे से जानने लगे। अंकल, आंटी और उसकी सिस्टर भी। मै भी उसकी फॅमिली में एक फॅमिली मेंबर की तरह हो गया था. स्टोरी की शुरुआत हुई जुलाई 2015 से जब आसिफ को डेंगू हो गया था। मै हॉस्पिटल गया और पता चला उसकी प्लेटलेट्स बहुत कम हो गयी है, मेरा और उसका ब्लड ग्रुप और सेम है तो मैंने उसे प्लेटलेट्स डोनेट करी. तब अंकल बोले… Dost ki bahan ko choda story

    अंकल – बेटा कल आफरीन का एडमिशन होना है, मैं तो यहाँ हॉस्पिटल में आसिफ के पास रहूँगा, अगर तुम टाइम निकाल के इसका एडमिशन करने इसके साथ चले जाओ तो मेहरबानी होगी.

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    मैं – आप किसी बात कर रहे है अंकल इसमें महेरबानी की क्या बात है मैं चला जाऊंगा.

    नेक्स्ट डे सुबह मुझे आफरीन की कॉल आयी..

    आफरीन – हेलो.

    मैं – हेलो कौन?

    आफरीन – आफरीन बोल रही हूँ आप तैयार हो गए क्या?

    मैं – बस आधे घंटे में आ रहा हूँ.

    आफरीन – बाइक से चलोगे या स्कूटी से?

    मैं – स्कूटी से.

    1 घंटे के बाद मैं उसके पास उनके घर पर पहुंचा, दोनों बहने थी, बस क्या लग रही थी दोनों बहने, जबकि अभी तक मैंने उन्हें ऐसी नजरो से नहीं देखा था. आफरीन के बारे में आपको बता दूँ तो हाइट उसकी 5 फुट 2 इंच होगी, रंग बिलकुल गोरा, आँखे ब्रोनिश वाइट, राउंड फेस, बड़ी बड़ी आँखे पतले से होंठ, लेकिन थी वो पतली सी फिगर 32 यही रहा होगा मेरे अंदाजे से..

    आफरीन – जल्दी आ गए.

    मैं – थोड़ा लेट हो गया, शाहीन अकेली रहेगी घर?

    शाहीन – नहीं मुमानी आ रही है.

    मैं – ओके.

    फिर हम कॉलेज के लिए निकल गए स्कूटी पर थे, मै शांत था तो उसने पूछा.

    आफरीन – अच्छा आप बताओ कॉलेज लाइफ अच्छी होती है या स्कूल?

    मैं – स्कूल लाइफ, तुमने एन्जॉय की स्कूल लाइफ?

    आफरीन – कहाँ बस स्कूल से घर और घर से स्कूल.

    मैं – मस्ती तो स्कूल में होती है, तुम्हे कहा करनी थी.

    आफरीन – कभी बंक भी नहीं किया फ्रेंड्स के साथ मन होता था बहार घूमने का.

    मैं – चलो कोई ना, ये तो अब भी कर लोगी.

    आफरीन – वैसे आप कैसी मस्ती करते थे?

    मैं – बहुत मस्ती की हमने तुम्हे नहीं बता सकता.

    आफरीन – ऐसा क्या किया था?

    मैं – छोडो रहने दो.

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    फिर हम शांत हो गए! कॉलेज पहुँच के एडमिशन कराया। मुझे उसके साथ चलते हुए अजीब सा लग रहा था। बाकि कॉलेज में आये लोग हमे कपल की तरह देख रहे थे. लगभग शाम हो गयी थी उसके एडमिशन का प्रोसेस पूरा करते करते और भूख बहुत जोर से लगी थी. Dost ki bahan ko choda story

    मैं – भूख लगी है?

    आफरीन – हाँ बहुत भूख लगी है.

    मैं – चलो खाना खाते है.

    इस बार वो पूरी तरह कम्फर्टेबल होकर स्कूटी पर बैठी थी मेरे बैक को पकड़ के। लेकिन मैंने उसके पीछे बैठे होने का कोई फायदा नहीं उठाया.

    आफरीन – अच्छा एक सवाल पूछूं? बुरा ना मानो तो?

    मैं – हाँ बिलकुल!!!

    आफरीन – आपकी गर्लफ्रेंड है कोई?

    मै – नहीं.

    वो थोड़ा आगे की तरफ हो गयी थी जिससे उसके शरीर के अंग मेरी कमर को छू रहे थे.

    आफरीन – झूट बोल रहे हो आप.

    मैं – मैं क्यों झूठ बोलूंगा बताओ?

    आफरीन – आसिफ भाई की है कोई?

    मैं – नहीं उसकी भी नहीं है.

    आफरीन – ओके.

    मैं – ऐसे सवाल एक दम से कैसे उठे तुम्हारे दिमाग में?

    आफरीन – आप कैसे कह सकते हो की एक दम से आये, ऐसा भी तो हो सकता है काफी टाइम से हो पूछने का टाइम आज मिला तो आज पूछ लिया.

    मैं – हाँ ये तो है.

    इतने में हम रेस्टोरेंट पहुँच गए और वहाँ खाना खाया और मैंने घर के लिए चलने को कहा तो वो बोली..

    आफरीन – थोड़ा टाइम रुक नहीं सकते?

    मै – हाँ क्यों नहीं. थोड़ी देर ऐसे ही बात करते हुए फिर वो बोली..

    आफरीन – मैं कुछ कहु तुम बुरा तो नहीं मानोगे न?

    मैं – कहो जो कहना है फ्री होके.

    आफरीन – काफी टाइम से कहना चाहती हूँ लेकिन मौका नहीं मिला.

    मैं – ऐसा क्या कहना है तुम्हे?

    आफरीन – तुम डरा रहे हो मुझे.

    मैं – अच्छा कहो जो कहना है मैं कुछ नहीं कहूंगा तुम्हे.

    आफरीन – वो मैं अम्मम्म..

    मैं – हम्म्म..

    आफरीन – मैं तुम्हे पसंद करती हूँ.

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    मेरे पास बोलने को कुछ नहीं था, मैंने इतना सोचा नहीं था की ऐसा भी हो सकता है ऊपर से दोस्त की बहन थी। मैं वैसे बुरी नजर से उसे देख नहीं सकता था। ऐसा नहीं के मैं दूध का धुला हूँ। कई बार मैंने उसे वैसी नजरो से देखा लेकिन दोस्ती आड़े आयी हमेशा, तो ज्यादा सोचा नहीं और ना चाहते हुए भी मुझे उसे ना बोलना था। अच्छी लड़की हाथ में आकर निकल रही थी. Dost ki bahan ko choda story

    मैं – देखो तुम मेरे दोस्त की बहन हो तो भी तुम्हे अपनी..

    आफरीन – प्लीज आगे कुछ मत बोलना आपको नहीं करना तो ठीक है लेकिन मुझे अपनी बहन तो मत बोलना। कम से कम इतना तो कर ही सकते हो मेरे लिए.

    इतना सब उसने रियूड होकर कहा था। उसकी आवाज में नाराजगी साफ़ समझ आ रही थी.

    मैं – आफरीन देखो ऐसा नहीं की तुम मुझे पसंद नहीं हो, तुम्हारे जैसी लड़की को कौन होगा जो अपनी गर्लफ्रेंड नहीं बनाना चाहेगा। मेरी तो किस्मत ही ख़राब है की तुम मेरे दोस्त की बहन हो नहीं तो शायद मेरी गर्लफ्रेंड होती.

    आफरीन – घर पर किसी को पता नहीं चलेगा.

    मैं – मैं अपने दोस्त को धोखा नहीं दे सकता यार समझ.

    आफरीन – ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी.

    फिर मैंने उसे घर छोड़ दिया और रात भर सो नहीं सका ये सोच कर। फिर मेरी और मेरे दोस्त की फॅमिली के ऊपर दुखो का पहाड़ टूटा, मेरा दोस्त जो मेरे लिए बहुत कुछ था दुनिया छोड़ के चला गया था। इतनी सी उम्र में. डेंगू में हुई मौत में उसका नाम भी जुड़ गया था कुछ दिन ऐसे ही बीत गए। मैं सदमे से निकला उसके घर जाना भी चूत गया था. इस साल मार्च में आफरीन मिली.

    आफरीन – भाई क्या गए आपने तो घर आना ही छोड़ दिया। चलो घर चलो अम्मी अब्बू कितना याद करते है तुम्हे अपने बेटे से ज्यादा तुम्हे याद करते है.

    मैं – ठीक है आऊंगा टाइम निकाल के.

    आफरीन – टाइम निकाल के नहीं अभी के अभी चलो.

    वो मानी नहीं मुझे जिद करके घर ले गयी.

    आफरीन के पापा – बेटा तुम तो भूल ही गए हमे.

    मैं – नहीं अंकल ऐसी बात नहीं है बस कॉलेज में बिजी हूँ काफी.

    आफरीन के पापा – बेटा 10-15 मिनट के लिए ही आ जाया कर.

    आफरीन – अब्बू इनसे बोलो हर वीक यहाँ आया करेंगे.

    अंकल – हाँ बेटा.

    मैं – कोशिश करूँगा की हर वीक आ सकू.

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    उसके बाद वहाँ मैंने पर वीक जाना शुरू किया और कई बार वीक में दो बार भी चला जाता था. अंकल कम मिलते घर पर। एक बार सिर्फ आफरीन और आंटी ही घर पर थी। आफरीन मेरे साथ बात करते हुए एक दम उदास हो गयी..

    मैं – क्या हुआ?

    आफरीन – कुछ नहीं.

    मैं – उदास क्यों हो मुझसे तो शेयर कर सकती हो.

    आफरीन – चाहती तो थी की सब टाइम शेयर करू लेकिन तुमने ही मना कर दिया.

    मैं – अब तो कोई मिल गया होगा.

    आफरीन – नहीं.

    मैं – उदास ना हो.

    आफरीन – इस उदासी की वजह आप हो.

    यहाँ उसने मुझे इतना इमोशनल कर दिया की मुझे ना चाहते हुए भी हाँ बोलना पड़ा.

    मैं – ठीक है जैसा तुम चाहती हो मै तैयार हूँ.

    किस चीज के लिए तैयार हो? ये आवाज आंटी की थी, मै बिलकुल घबरा गया था.

    मैं – कुछ नहीं आंटी बस स्कूटी सिखाने को बोल रही थी.

    आंटी – मैं सब जानती हूँ बेटा. मेरे पास कहने को कुछ नहीं था.

    आंटी – काफी टाइम से आफरीन उदास थी, कभी खाना ठीक से नहीं खाती। कभी किसी से बात नहीं करती। कल जब मैंने जोर देकर पूछा तब इसने पूरी बात बताई। मैं थोड़ी ओपन माइंडेड हूँ इसलिए कुछ नहीं कहूँगी। इस उम्र मे ही ऐसा होता है, अगर इसके अब्बू को ये पता चला तो सब कुछ खत्म समझो. Dost ki bahan ko choda story

    मैं – आंटी मैं नहीं चाहता की ऐसा हो, मैंने काफी समझाया इसको लेकिन ये समझने को तैयार ही नहीं है.

    आंटी – जो करना है करो मै इन सब से अनजान रहना चाहती हूँ। बस मुझे पता नहीं चलना चाहिए जो भी तुम करोगे.

    इतना कह कर आंटी चली गयी और आफरीन मुझसे गले लग के रोने लगी। मै अब बेहद लाचार था कुछ भी समझ के परे था। आफरीन को चुप कराया.

    मैं – बताओ तुम क्या चाहती हो?

    आफरीन – आपको पता है.

    मैं – ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी.

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    अब हमरा रिलेशन शुरू हुआ इस बीच मैं उनके घर भी जाता, खूब हंसी मजाक चलता. जब हम मिलते तो सब कुछ चलता, जैसे गालो को किस करना, थोड़ा बहुत इधर उधर टच करना. एक दिन मैं उसके घर गया तो वो अकेली थी घर पर! मैंने पूछा बाकि कहा है. तो वो बोली अम्मी की तबियत ख़राब है दूसरे रूम में लेटी है और बाकी अपने काम पर.

    मैं – देखु तो सही आंटी कैसी है.

    आफरीन – नहीं रात भर से सोई नहीं अभी 1 घंटा हुआ होगा सोये हुए.

    मैं – ओके मतलब तुम और मैं और तन्हाई..

    आफरीन – चुप करो.

    आफरीन खड़ी हुई थी तो मै मैंने उसको पकड़ के दीवार से सटा लिया और एक पल उसे देखा और उसकी गर्दन को किस करनी शुरू की और कभी उसके क्लीवेज को किस करता तो कभी गर्दन की दूसरी तरफ। फिर हट के उसे देखा तो वो भी गर्म हो गयी थी। उसके आँखे बता रही थी। मैंने जैसे ही उसे किस करने आगे बढ़ा उसने आँखे बंद कर ली। फिर हमारे होंठ एक दूसरे से इस कदर मिले जैसे के बरसो के प्यासे हो। जैसे मानो बंजर धरती पर कई बरसो बाद बरसात हुई हो। ये किस करीब 8-10 मिनट चली. 10 मिनट किसी को किस करना मुश्किल होता है होंठ दर्द करने लगते है। जैसे ही मैंने उसका टॉप उतारने की कोशिश करि तो उसने मेरा हाथ पकड़ा और मेरी तरफ देखने लगी। उसकी आँखे जैसे मुझे पूछ रही हो की क्या ये सही है।

    मैंने सिर्फ गर्दन हिलाई और उसने अपने हाथ को नीचे कर लिया. अगले पल मैंने उसका टॉप उतार दिया उसका पेट क्या गोरा था एक तो पहले से ही वो गोरी और ऊपर से पेट और ज्यादा गोरा। उसने लाइट ब्लू कलर की ब्रा पहनी हुई थी जिसमे उसके खड़े हुए बूब्स मुझे कण्ट्रोल से बाहर कर रहे थे। वैसे भी अब कण्ट्रोल तो करना ही नहीं था. जैसे ही मैंने उसके बूब्स को हाथ मे लिया उसके मुँह से सिसकारी निकली आह्ह्हआआ। उसकी सांसे तेज़ हो रही थी और आँखे बंद थी। मै उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबा रहा था। उस पल मै आनंद के सागर मे गोते लगा रहा था। हर गुज़रता पल असीम सुख की अनुभूति करा रहा था और आने वाले पल मे मज़ा दुगना होने वाला था. फिर मैंने उसकी ब्रा उतार दी। क़यामत मानो साक्षात मेरे सामने थी। उफ्फ्फ क्या बूब्स थे, ऐसा लगता ही नहीं था उसे देख कर के इतने मस्त बूब्स होंगे उसके। वो पतली सी थी और उसके निप्पल का कलर भी लाइट पिंक था और बाकि पूरे सफ़ेद. Dost ki bahan ko choda story

    मैंने उसके बूब्स को डायरेक्ट मुँह मे ले लिया जैसे ही मैंने बूब्स को मुँह मे लिया, अगले ही पल उसने अपने दोनों हाथो में मेरे सर को जोर से पकड़ लिया था। उसकी कही बात के मुताबित, पहली बार था उसके लिए ये सब करना। उसके साथ मुझे भी ऐसा ही लग रहा था मानो जैसे मैं पहली बार सेक्स कर रहा हूँ। वही पहले वाला मजा. मैंने उसके बूब्स खूब दबाये और चूसे बारी बारी कर के। उसके बूब्स बिलकुल लाल हो गए थे लकिन फिर भी मन नहीं भरा था। हमारे पास जयादा टाइम नहीं था तो आगे बढ़ना पड़ा। अब मै किस करते हुए नीचे की तरफ बढ़ा। उसकी सिसकिरिया चालू थी। उसकी सिसकिरिया मेरा जोश दुगना कर रही थी जैसे आग मे पेट्रोल. मैं उसके लोअर तक पहुँच गया था। वो मचल रही थी। फिर मैंने एक दम से लोवर को झटके से नीचे कर दिया तो उसने एक दम से लोवर पकड़ लिया और ऊपर खींच लिया.

    मै – क्या हुआ.

    आफ़रीन – प्लीज आहिस्ता आहिस्ता करो फर्स्ट टाइम है मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा. अजीब सा फील ही रहा है.

    उसकी आवाज मे चढ़ा वासना का नशा साफ़ महसूस किया जा सकता था।

    मै – बेबी सब के साथ होता है थोड़ा कोऑपरेट करो.

    आफरीन – और कितना करू.

    सही बात थी उसकी भी काफी हद तक कोऑपरेट कर रही थी. खैर मै आगे बढ़ा और उसका लोवर भी उतार दिया उसकी पतली पतली सी टांगे गोरी थी काफी। मुझे अब इस बात का डर था की वो मेरा ले भी पायेगी या नहीं। सच मे उसका ये पहली बार था क्यूंकि उसने मेरा लंड नहीं पकड़ा था अभी तक. मैंने अपना शॉर्ट्स नीचे किया और जो मेरा नाग था काफी देर से अंदर मचल रहा था, मैंने बाहर निकाल लिया और उसका हाथ पकड़ के अपने लंड पर रखा तो उसने तुरत पीछे खींच लिया। जैसे उसे करंट मार दिया हो मेरे लंड ने। मेरा लंड देखकर वह घबरा गयी.

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    आफरीन- इतना बड़ा!

    मै – कुछ नहीं होगा मेरी जान सहलाओ इसे.

    आफरीन – मर जाउंगी मै मेरी इत्ती सी ऊँगली चूत मे नहीं जाती तो ये इत्ता बड़ा कैसे जायेगा.

    मैं – भरोसा करती हो मुझपे.

    आफरीन- आप पर है लकिन इस पर नहीं है.

    मैं – मेरा ही है ये भी.

    आफरीन- मुझे डर लग रहा.

    मैं – डरो मत मै हूँ ना अब सहलाओ इसे। पकड़ के ऊपर नीचे करो.

    खैर उसने मेरा लंड सहलाना शुरू किया बड़ा मजा आ रहा था.

    मैं – अब मुँह में लो इसे.

    आफरीन – मुँह मे जायेगा ही नहीं इत्ता बड़ा है.

    मैं – ट्राई करो पूरा अंदर भी चला जायेगा.

    उसने लंड के आगे वाले पार्ट को किस करि उफ्फ्फ उसके नरम होंटो के स्पर्श ने तो मुझे अंदर तक हिला दिया। धीरे धीरे मैंने लंड को अंदर डाला वो ठीक से चूस नहीं कर पा रही थी फर्स्ट टाइम होने की वजह से। फिर भी मजा अपने चरम सीमा पर था. लेकिन ये मजा ज्यादा देर नहीं चला और उसका दाँत मेरे लंड के नीचे और पीछे वाले हिस्से मे लगा। आह्हः सारा मजा किरकिरा हो गया. Dost ki bahan ko choda story

    अब बारी थी चुदाई की मैंने उसे बेड पे डॉगी पोजीशन मे खड़ा किया। इतने मै आफरीन बोली..

    आफरीन – कंडोम यूस नहीं करोगे क्या?

    मैं – नहीं.

    आफरीन – कुछ हुआ तो.

    मैं – डोंट वरी बेबी आई गिव यू आई पिल.

    आफरीन – ठीक है जैसा आप चाहो आराम से करना.

    मैं – ओके.

    मैंने फिर उसे डॉगी पोजीशन मे खड़ा किया और लंड को सेट किया चूत पे। उसकी चूत हद से ज्यादा टाइट थी, तो मैंने ऊँगली को थूक लगाया और एक दम से उसकी चूत मे घुसा दी..

    आफरीन – आह ऊई माँ मर गयी प्लीज इसे बहार निकालो.

    मैं – बहुत टाइट है इसे थोड़ा खोल तो लू. आफरीन जान थोड़ा तो सहना होगा.

    फिर मैंने उसकी एक न सुनी और ऊँगली एक एक बाद एक 3 घुसेड़ दी। जब तक चूत थोड़ी ढीली नहीं हुई निकाली ही नहीं। फिर अपना लंड सेट किया और धक्का मारा लेकिन लंड फिसल गया. मैंने फिर लंड सेट किया, उसकी कमर को पकड़ा और फिर जोर का धक्का मारा। अबकी बार लंड 4-5 इंच अंदर तक उसकी चूत मे घुस गया। उसने जोर की चीख मारी…

    अल्लाह ऊई मै मर गयी।

    मैंने तुरंत उसका मुँह पकड़ के उसे चुप किया और शांत रहने को कहा। थोड़ी देर रुकने के बाद मै बोला थोड़ा दर्द सहन नहीं कर सकती हो क्या.

    आफरीन – मै मर जाउंगी प्लीज इसे निकाल लो.

    मैं – अभी मजा आना बाकि है बेबी बस थोड़ा सबर करो अभी आधा लंड अंदर गया है.

    आफरीन – आधा प्लीज इतने से कर लो और मत घुसाना बहुत दर्द हो रहा है मर जाउंगी.

    मैंने फिर हलके हलके झटके मारने शुरू करे। हर झटके से उसके मुँह से दर्द भरी आअह्ह्ह निकलती। अब मै हलके हलके लंड को और अंदर घुसाता गया। मेरे लंड मे भी जलन होने लगी थी क्यूंकी उसकी चूत बहुत टाइट थी. खैर दर्द को अब वो सहन कर रही थी। मै उसे चोदता रहा। अब ये मेरे ऊपर डिपेंड कर रहा था कि मै कितनी देर मे झाड़ू, क्यूंकि सुबह मै मुठ मार चुका था.

    आफरीन – कितनी देर और करोगे?

    मैं – थोड़ी देर और.

    आफरीन- मुझसे बर्दाश नहीं हो रहा अब.

    मैं – कोशिश करता हूँ स्पीड तेज कर रहा हूँ संभाल लेना.

    मैंने स्पीड तेज कर दी 1 मिनट मे ही चुदाई ने फुल स्पीड पकड़ ली लेकिन ये मेरे लिए ज्यादा दर्द भरा था। लंड जोर से जलन कर रहा था खासकर वहाँ जहा उसका दाँत लगा था। फिर भी मै धक्के मारता रहा और उसकी दर्द भरी सिसकिरिया निकलती रही और थोड़ी देर बाद मैंने लंड निकल के उसके बूब्स पर झाड़ दिया. लंड अब भी उसके खून मे थोड़ा सा सना हुआ बहार आया और मेरे पानी मे भी मिक्स हो गया था. फिर उसने खुद को साफ़ किया और कपडे पहने। मैंने टाइम देखा तो लगभग 2 घंटे बीत गए थे.

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  • अब्बू से चुदने का ख्वाब सच हुआ | Abbu se chudai ki kahani

    Abbu se chudai ki kahani:- दोस्तों मेरा नाम जीशान खान है! आज जो स्टोरी मै आपके लिए लेकर आया हूँ वो एक जबर्दस्त सेक्सी इनसेस्ट सेक्स स्टोरी है। ये स्टोरी एक बाप और बेटी की एक दूसरे के लिए कामुक भावनाओं को लेकर है। ये बाप बेटी की चुदाई कहानी कई पार्ट मे होगी इसलिए हमारे साथ जुड़े रहें और पूरी कहानी का मज़ा लें। तो चलिये कहानी स्टार्ट करते है।

    Abbu se chudai ke khwab ki kahani

    यूसुफ़ का ये ख्वाब पीछा नहीं छोड़ रहा था. बड़ा सा कमरा है. यूसुफ़ एक कमरे से दूसरे कमरे में कुछ तलाश कर रहा है. तभी एक कमरे में से कुछ आवाज़ सुनाई देती है. वो कमरे की तरफ बढ़ता है. दरवाज़े पर एक सफ़ेद पर्दा है जो की कुछ हटा हुआ है. यूसुफ़ का दिल धक धक करने लगता है जब उसकी नज़र कमरे में पड़ती है. कमरे में पलंग पर एक नंगी औरत लेटी हुई है. गोरी चिट्टी, बड़े बड़े चूचे, फैली हुई जांघें, बिना बालों के चमकती हुई चूत, चेहरा काले बालों से ढका हुआ. उस औरत का एक हाथ उसकी चूत से खेल रहा था और उसके हाथ की दो उँगलियाँ उसकी चूत में घुसी हुई थी और वो अपनी चूत को उंगलिओं से ज़ोर ज़ोर से चोद रही थी जैसे की उसकी चुदाई कई सदियों से ना हुई हो। युसुफ का लंड ये देखकर खड़ा हो जाता है जैसे की उसकी आज सुहागरात हो. Abbu se chudai ki kahani

    वो आगे बढ़ता है और अपनी चूत को अपनी उँगलियों चोद रही औरत की जांघों पर हाथ रख देता है. वह औरत कुछ बुदबुदा रही है. अचानक वो अपने आप को झटका देती है और उसके काले बाल उसके चेहरे से हट जाते हैं.

    “ओह्ह्ह्ह अब्बा आप? आप यहाँ क्या कर रहे हैं?”

    वो औरत और कोई नहीं सायरा निकली, युसुफ की अपनी बेटी सायरा. तभी यूसुफ़ की आँख खुल जाती है. उसका जिस्म पसीने पसीने हो चूका है. लंड किसी खम्बे के माफिक खड़ा है. तभी उसको ख्वाब में सायरा के बड बड़ाने के शब्द याद आ जाते हैं. ख्वाब में वो बोल रही थी! “अब्बा अब डाल दो अपना लंड अपनी बेटी की चूत में. आज मुझे चोदकर मुझे अपनी बीवी बनो लो अब्बू! मुझे अम्मी की जगह दे दो अब्बू!!!!”

    Abbu ne choda hindi kahani

    युसुफ(मन मे सोचते हुए) – या अल्लाह ये क्या हो रहा है मेरे साथ? अल्लाह क्यों मुझे ऐसे ख्वाब दिखा रहा है? क्यों मुझे शैतानी ख्वाब दिखा रहा है क्यों दोज़ख मे धकेल रहा है अल्लाह?

    लेकिन वो चाहे जितनी भी कोशिश क्यों न करे उसका लंड बैठने का नाम नहीं ले रहा था. उसने लंड को पकड़ रखा था और सोच रहा था की क्या किया जाये. तभी उसकी बीवी नसीम जाग उठी और अपने खाविंद का तना हुआ लंड देख कर मुस्कुरायी.

    नसीम – ये क्या जी अब आप आधी रात को भी मुझे सोने नहीं दोगे क्या? इस उम्र में तो संभल जाओ. अब तो सायरा की भी शादी हो चुकी है और आप अभी जवान लड़के बने हुए हैं. चलो अब लंड महाराज खड़े हो ही गए हैं तो इनका कोई इलाज तो करना ही पड़ेगा. लाओ इसको मेरे हाथ में दे दो. मैं जानती हूँ की ये लंड क्या मांगता है इस वक्त।

    नसीम ने लंड पकड़ कर उस पर हाथ फेरा और फिर चूम लिया. यूसुफ़ और नसीम की उम्र 45 और 41 साल की थी और नसीम उसके चाचा की बेटी थी जिस से उसका निकाह आज से 22 साल पहले हुआ था. नसीम निकाह से पहले यूसुफ़ को “भाईजान” कह कर बुलाती थी और आज भी अगर वो ज़्यादा चुदासी हो जाती तो उसको “भाईजान” कह कर ही बुलाती.

    युसुफ – तो फिर एक राउंड हो जाये बहना. मेरे लंड की भी अकड़न मिट जायेगी और मेरी बहना की चूत की खुजली मिट जाएगी. चल उतार अपनी सलवार और कर ले टाँगें चौड़ी और खोल दे अपनी चूत के दरवाज़े। Abbu se chudai ki kahani

    नसीम तो पहले ही नाडा खोल चुकी थी. यूसुफ़ ने लंड को नसीम की चूत पर रखा और गांड उछाल दी और यूसुफ़ अपनी बीवी पर चढ़कर धक्के पे धक्का मारने लगा.

    नसीम चिल्लाई आराम से चोदो अपनी बहना को. मार ही डालोगे क्या बहनचोद?

    Abbu se chudai ki hindi story

    लेकिन यूसुफ़ को महसूस हो रहा था की उसके नीचे नसीम नहीं बलकी उसकी बेटी सायरा पड़ी हो और वो उससे कह रही हो.. अब्बू चोद डालो अपनी बेटी को. चोदो अपनी प्यारी बेटी को मेरे प्यारे अब्बू!!! यूसुफ़ का लंड इतना तन चूका था जितना कभी जवानी में तन जाता था. वो अपनी बीवी को बेरहमी से चोदने लगा. नसीम जो की चौड़ी गांड वाली भरी चूचि वाली गोरी औरत थी नीचे से चूतड़ उठा कर जवाब देती हुई बोली..

    नसीम – भाई जान आज आप को क्या हो गया है? आपने क्या खाया है जो किसी जानवर की तरह चोद रहे हो. किस रंडी का ख्वाब देख कर इतना जोश आया हुआ है भाईजान? जो अपनी बहन की चूत का कचूमर निकाल रहे हो? हाय मेरी चूत झड़ने वाली है!! मार डाला आपने मुझे हाय!! अल्लाहहहहहहहहहहहहहहहहहहहह…उफ़्फ़फफफफफफफफफ, मर गयी मैं तो!!

    लेकिन यूसुफ़ ने तो ऑंखें बंद की हुई थी और वो मन ही मन अपनी बेटी सायरा को चोद रहा था लो मेरा लंड बेटी ले लो अब्बू का लंड मेरी बेटी. तेरा अब्बू भी झड़ने वाला है बेटी. चोद ले अपने अब्बू को!!

    यूसुफ़ ने हाँफते हुए कहा और वो नसीम की चूत में झड़ गया. पहले तो नसीम ने कोई ध्यान नहीं दिया लेकिन झड़ने के बाद बोली”

    नसीम – ये क्या बक रहे थे “बेटी”? ये बेटी कौन है? लगता है तुम चढ़े मुझ पर हुए थे लेकिन चोद किसी और को रहे थे!!

    यूसुफ़ एक दम सकते में आ गया और बोला..

    युसुफ – बेग़ुम कुछ नहीं. तुम चोदते वक्त मुझे भाईजान बोलती हो तो मैंने सोचा क्यों न अपनी बेगम को बेटी कह कर पुकारूँ. लेकिन क्या चोदती हो तुम जब मैं तुझे बेटी कहता हूँ।

    नसीम अजीब नज़रों से अपने शौहर को देख कर बोली..

    नसीम – कोई तो बात है पहले तो मुझे बहना बुलाते थे आज बेटी बुला रहे हो. चलो कोई बात नहीं चोदते तो मुझे ही हो ना।

    अब्बू ने बेटी को चोदा हिन्दी कहानी

    यूसुफ़ चुप हो गया. पूरी चुदाई के बाद भी उसका लंड बैठ नहीं रहा था. सायरा का नंगा जिस्म उसकी आँखों के सामने था. साथ वाले कमरे में सायरा का भी कुछ यही हाल था. जिस वक्त यूसुफ़ ख्वाब देख रहा था उसी वक्त सायरा अपने बिस्तर में सो रही थी. उसका पति साजिद जो की उसके अब्बू के घर में ही रहता था अपने अब्बू अम्मी के घर गया हुआ था और सायरा अकेली थी. लंड न होने की वजह से सायरा अकेली ही कपडे उतार कर बिस्तर में सो रही थी. तभी उसने एक ख्वाब देखा की वो एक सुनसान हवेली में अकेली है बिलकुल नंगी है और उसके हाथ बिस्तर से किसी रस्सी से बंधे हुए हैं. कमरे में अँधेरा है. तभी दरवाज़ा खुलता है और कोई मर्द कमरे में दाखिल होता है. मर्द हट्टा कट्टा है और नंगा है. उसकी पीठ दरवाज़े की तरफ और चेहरा सायरा की तरफ है लेकिन रौशनी कम होने की वजह से चेहरा साफ़ दिखाई नहीं पड़ रहा था। Abbu se chudai ki kahani

    वो मर्द नज़दीक आ कर उसकी जांघों से खेलने लगता है. उसकी चूत को सहलाने लगता है. लेकिन डरने की बजाये सायरा उत्तेजित होने लगती है और उसकी चूत पानी छोडने लगती है. वो आदमी झुक कर अपना मुँह सायरा की चूत पर रख देता है और सायरा हैरान हो जाती है क्यों की उस मर्द की शकल उसके अब्बा से मिलती है.

    ओह्ह्ह अब्बू आप? आप यहाँ क्या कर रहे हैं? जानते नहीं मैं नंगी हूँ? आप अम्मी के पास जाएँ. अपनी बेटी के साथ कोई ऐसा करता है क्या? आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह…अब्बू नहीं……..ऊऊओह्ह्ह्हह…अब्बू!!!!”

    वो मर्द सायरा की चूत पर ज़ुबान फेरता हुआ बोला॥ बेटी तू ही तो मेरा प्यार है. तेरी अम्मी से निकाह तो मैंने इसलिए किया था की तुझे पैदा कर सकूँ. बेटी तेरे साथ तो मैंने ज़िन्दगी बितानी है तुझे अपनी बीवी बना के रखना है. तेरी ये रेशमी चूत मेरे लिए ही तो बनी है. तेरा ये मखमली बदन मेरे लिए ही तो है. तेरी चूत का ये अमृत मेरे लिए ही तो है बेटीईईईईईई।

    “नहींईईईईईईईईईईईईईईईईईई….अब्बू ये गुनाह है…………………..आप जाईये अब्बू!!”

    सायरा चिल्लाई और उसकी आँख खुल गयी. उसका जवान जिस्म पसीने से नहाया हुआ था और उसकी चूत से पानी टपक रहा था. उसने जब हाथ लगा कर देखा तो चूत पानी से पूरी भीगी हुई थी जैसे कोई उसकी चूत को चाट कर गया हो. सायरा के जिस्म में एक सिरहन उठी और चूत में एक जवाला.

    अब्बू जान से बेटी चुद गयी

    सायरा – ओह्ह्ह्ह ये कैसा ख्वाब था? मेरे अब्बा? ओह्ह्ह मेरी आग शांत कर दो मुझे अब्बू जैसा लंड मेरी चूत में पिलवा दो!”

    वो उठी और पानी पीने जाने लगी. अब्बू के रूम से आवाज़ें सुन कर रुक गयी. लो मेरा लंड बेटी ले लो अब्बू का लंड मेरी बेटी. तेरा अब्बू भी झड़ने वाला है बेटी. चोद ले अपने अब्बू को। सायरा आवाज़ सुन कर पागल हो गयी. लेकिन असल में अब्बू अम्मी की बात सुन कर और भी परेशान हुई. Abbu se chudai ki kahani

    क्या अब्बू सच में अम्मी को “बेटी” मज़ाक से कह रहे थे?

    लेकिन कुछ भी हो जब से सायरा ने अब्बू का लंड अम्मी की चूत में जाता हुआ देखा तो सायरा की चूत की आग और भी भड़क गयी. उस रात उसने ऊँगली से काम चलाना चाहा, लेकिन सायरा की आँखों के सामने तो अब्बू का लंड घूम रहा था। पूरी रात उसने छटपटा कर काटी. और सुबह से ही स्कीम बनाने लगी की किस तरह वो अम्मी की सौतन बन सके और अब्बू की बीवी.

    आगे की कहानी अगले पार्ट मे। कहानी कैसी लगी, कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कमैंट्स में जरूर लिखे ताकि हम आपके लिए ऐसी ही मज़ेदार सेक्सी कहानियाँ ला सकें।

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  • नरम बेड पर गरम मामी की चुदाई | Mami ke sath sex story

    Mami ke sath sex story:- हैलो दोस्तों! कैसे हो आप सब? उम्मीद है दबाकर घपाघप कर रहे होंगे। आज मै आपके लिए एक मस्त इनसेस्ट सेक्स स्टोरी लेकर आया हूँ। ये कहानी मेरी मामी की चुदाई की है। तो दोस्तो आपका ज्यादा वेट ना करवाते हुए मै सीधा अपनी स्टोरी पर चलता हूँ।

    Sexy Hot mami ki chudai kahani

    मेरा नान नबील है. हम और मेरे मामू एक ही मोहल्ले मे रहते हैं और हमारा घर साथ साथ है। इसलिए उनके घर मेरा आना जाना लगा ही रहता है. मेरे मामू की शादी को 6 साल हो गए हैं लेकिन उनकी एक ही बेटी है. मैं अपनी मामी साथ बहुत फ्रैंक हूँ और उनका दीवाना भी. मामी की उम्र 28-29 साल है और हाइट 5 फ़ीट 3 इंच. मामी का रंग दूध की तरह सफेद है। मामी का जिस्म स्लिम और कमर पतली और करवी है. अब उस चीज़ की बात करते हैं जिसका मैं दीवाना हूँ मतलब उनकी गांड और बूब्स. मामी की गांड राउंड शेप की है बाकि बॉडी की से कम्पेर मे मोटी है और बड़े बड़े बूब्स हमेशा ब्रा के अंदर कसे हुए रहते है. मैं हमेशा ही हसरत से मामी को देखता और दिल ही दिल मे मामी के गोरे गोरे गोल बूब्स चाटने का सोचता. अक्सर मै बाइक पे मामी को बाजार ले के जाता तो उनके मोटे मोटे बूब्स को अपनी कमर पे टच होता महसूस करता. और सोचता के काश कभी यह बूब्स मुझे नंगे मिल जाएं तो सारी प्यास बुझा लू और इनको काट काट के लाल कर दूँ.

    Mami ke sath sex kiya

    मामू का ज़्यादा टाइम ऑफिस मे गुज़रता था और उनकी बेटी का स्कूल मे. मैं अक्सर उनके घर जाता तो मामी अकेली घर होती तो मैं मामी की गांड और बूब्स को टच करने का सोचता. मामी शर्मीली है किसी को नहीं बताएँगी. लेकिन मैं अपने ऊपर कण्ट्रोल रख लेता. मामी मेरे साथ काफी फ्रैंक थी और हम एक दूसरे से काफी मज़ाक भी करते थे. लेकिन मैंने कभी उनको ऐसा नहीं लगने दिया के मैं उनके नरम जिसम का मज़ा लेना चाहता हूँ. एक दिन मैं मामी के घर गया तो मामी अकेली थी और किचन में काम कर रही थी. उन्होने टाइट शलवार-कमीज पहनी थी और दुपट्टा नहीं लिया था. जिससे उनके मम्मे बड़े साफ़ दिख रहे थे. जैसे ही वो सामान उठाने के लिए हिलती तो उनकी गोल गोल गांड भी हिलने लग जाती. जिसको देख के मेरा दिल मचल पड़ा. और मैंने फैसला कर लिया के आज मामी की गांड मे अपना लंड पेल की ही रहूँगा चाहे जो मर्ज़ी हो जाये. Mami ke sath sex story

    थोड़ी देर बाद मामी किचन से फारिग हो के आई तो मैंने उनको लूडो खेलने का कहा और मामी मान गई. हम 30-40 मिनट तक खेलते रहे मैं मौके की तलाश मैं था के कब मामी कोई मस्ती करे और मुझे उनकी नरम गांड को टच करने का मौका मिले. मैंने जान बूझके लूडो मे घपला किया. मामी ने उसका विरोध किया और बहस करने लगी क्यूंकी इस तरह वो हार रही थी. 2-3 मिनट की बहस के बाद मामी ने पास पड़ा हुवा तकिया उठाया और मज़ाक से मुझे मार दिया. मैं इसी मौके की तलाश मे था मैंने भी तकिया उठाया और मामी को मारा. अब हम दोनों एक दूसरे को तकिया से मारने लगे. तकिया मारते हुए मामी के बूब्स उछल रहे थे और मेरी नज़र बार बार उनके मोटे मम्मों पे जा रही थी. जिसकी वजह से मेरा लंड फूल के टाइट हो गया. मामी का तकिया नीचे गिर गया और अब उन्होने मेरा तकिया छीन लिया. मैं अपना तकिया वापिस छीनने की कोशिश करने लगा. लेकिन मामी उस तकिये के ऊपर उल्टा लेट गई. मामी की नरम गांड मेरे सामने थी लेकिन अफ़सोस अभी वो नंगी नहीं थी.

    Sexy mami ke sath sex story

    मैं तकिया वापिस लेने की एक्टिंग करते हुए मामी के ऊपर आ गया और मामी को कस के पकड़ लिया. जैसे ही मैंने मामी को पकड़ा मेरा लंड मामी की नरम गांड के बीच जा लगा. मामी जो पहले हंस रही थी अब थोड़ी सीरियस हो गई और खुद को छुड़ाने लगी. मेरा लंड मामी की गांड मे लगने से और टाइट हो गया और मेरा कॉन्फिडेंस भी आसमान पे पहुँच गया. मैंने दोबारा लंड मामी की गांड के अंदर घुसा दिया और मामी को और ज़ोर से कस लिया. 8 इंच का लंड अपनी गांड मे महसूस कर के मामी बेचैन हो गई और खुद को छुड़ाने की कोशिश लगी. मामी समझ चुकी थी के यह जान बोझ के लंड अंदर घुसा रहा है. Mami ke sath sex story

    मामी बोली नबील क्या कर रहा है? मैं तेरी मामी हूँ.

    मैं उस टाइम मामी की गांड के नशे मे बोला मामी जी भांजे का भी कुछ हक़ है ना.

    यह कहते ही मैंने एक हाथ से ज़िप खोली और लंड बाहर निकाल के मामी की गांड मे तेज़ तेज़ रगड़ने लगा. अब मेरा मिशन मामी की शलवार उतारना था. मैंने मामी को चूमना शुरू कर दिया जिस की वजह से मामी थोड़ी मस्त हो गई और एन्जॉय करने लगी. मैंने मामी के नरम होंठों मे अपने होंठ डाल के उनके होंठ चूसने शुरू कर दिए। अब मामी भी मेरा साथ देने लगी. 5 मिनट तक होंठों का मज़ा लेने के बाद मैंने मामी की शलवार पकड़ कर नीचे की तरफ खींची.

    लेकिन मामी बोली जो करना है शलवार के ऊपर से ही कर.

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    मैं किसी मजबूर की तरह मामी से मिन्नतें (रिक्वेस्ट) करने लगा के 5 मिनट के लिए गांड नंगी कर दो बस लंड का टोपा गांड मे रगडूंगा. मामी इस शर्त पे मान गई के मैं उनके अंदर नहीं डालूँगा. मैंने जल्दी से वह्शी दरिंदे की तरह मामी की शलवार पकड़ी और उतार दी. बस क्या बताऊँ दोस्तों मामी की फुल गोरी और नरम गांड मेरे सामने थी. मुझे यक़ीन नहीं आ रहा था के मामी ने अपनी सेक्सी गांड मेरे लिए नंगी कर दी है. मैंने लंड पे थूक लगाई और मामी की गांड मे अपना मोटा लंड रगड़ना शुरू कर दिया. मामी की गोरी गांड मे अपना काला लंड देखने का मेरा सपना पूरा हो रहा था. मेरा लंड रगड़ता हुवा कभी गांड के अंदर गुम हो जाता और कभी बाहर आ जाता. मामी सिसकियाँ लेने लगी ऐसा लग रहा था जैसे उनको मज़ा आ रहा है. मामी ऊपर उठी और मेरा लंड पकड़ के मसलने लगी. Mami ke sath sex story

    मैंने कभी सोचा भी नहीं था के मेरा लंड कभी मामी के गोरे हाथों मे होगा. 5 मिनट ऐसा करने के बाद मामी ने दराज़ से एक कंडोम निकाल लिया और मेरे लंड पे चढ़ा लिया. मैं समझ गया के अब मामी मेरा लंड अपनी चूत मे लेने वाली है. कंडोम लंड पे चढ़ा के मामी ने मुझे बेड के ऊपर वाले हिस्से के साथ टेक लगा के टांगें सीधी करने का कहा. और अपनी शलवार उतार के मेरी गोद मे आ के मेरे होंठ चूसने लगी. नीचे से लंड बार बार मामी की नंगी चूत को टच हो रहा था और चूत के अंदर अंदर घुसने के लिए बिलकुल तैयार था. मैंने मामी को कहा कमीज उतार के अपना जलवा दिखाओ ना.

    मामी ने हँसते हुए अपनी कमीज भी उतार दी. अब वो बस एक ब्रा मे थी. मामी के मोटे मोटे मम्मे ब्रा मे फुल टाइट थे. ऐसा लग रहा था जैसे वो किसी जेल मे कैद हों और बाहर निकलने के लिए बेचैन हों.

    मैंने मामी की ब्रा के ऊपर से मम्मों पे हाथ फेरते हुए कहा के मामी इनको आज़ाद कर दो ना इनको, इनहोने आपका क्या बिगाड़ा है.

    यह सुनते ही मामी थोड़ी शरमाई और बोली के तुझे इनका बहुत एहसास है खुद ही आज़ाद कर दे न.

    बस यह बात सुनते ही मैंने मामी की ब्रा के पीछे हाथ डाला और ब्रा खोल के बेड से नीचे फेंक दी. वह 2 गोल नरम मोटे और गोरे मम्मे मेरे सामने चमकने लगे. जिनको देख के मेरा खुद पे कण्ट्रोल ख़तम हो रहा था. मामी ने शरमा के दोनों हाथ मम्मों पे रख के अपने मस्त बूब्स छुपा लिए. लेकिन मैंने जल्दी से उनके दोनों हाथों को पकड़ा और हटा दिया. मामी ने शरमा के मुँह राइट साइड पे कर लिया. मामी की यह अदा देख के मैं फुल नशे मे आ गया और मामी के बूब्स पे टूट पड़ा. कभी राइट मम्मा मुँह मे ले के चूसता कभी लेफ्ट.

    मामी बोली कमीने इनको आज़ाद कर के अपने कब्ज़े मे ले रहा है.

    Desi mami ki chudai ki kahani

    मैंने कहा मामी जी ऐसी चीज़ों को आज़ाद तो नहीं छोड़ सकते न.

    मामी फुल मस्त हो चुकी थी और हाथ छुड़ा के नीचे से मेरा लंड पकड़ के अपनी चूत पे सेट कर के ऊपर बैठने लगी. लेकिन इस से पहले के वो लंड अंदर लेती मैंने ज़ोर से ऊपर की तरफ झटका मारा और मोटा टोपा मामी की नरम चूत के अंदर घुस गया. चूत बहुत टाइट थी और टोपा अंदर जाते ही मामी की दर्द से चीख निकल आयी. और वह लंड बाहर निकालने के लिए ऊपर उठने लगी. लेकिन मैंने जल्दी से उनकी हिरन जैसी पतली कमर को जकड़ लिया. और एक और झटका मारा जिससे पूरा लंड मामी की टाइट चूत मे घुस गया. मामी पूरा लंड अंदर जाते ही ज़ोर से चीखी. Mami ke sath sex story

    और बोली कमीने छोड़ मुझे और लंड बाहर निकाल तेरा लंड बहुत मोटा है जल्दी निकाल.

    यह कहते हुए मामी ने हिरन की तरह ज़ोर लगा के अपनी पतली कमर छुड़ाना शुरू कर दी. कभी एक हाथ से ज़ोर लगाती और कभी दूसरे से. लेकिन मैं भूखे शेर की तरह मामी को कस के पकड़ के उनकी टाइट चूत मार रहा था. मामी की यह हालत देख के मैं बहुत मज़े ले रहा था. मैंने तो खवाबों मे ही मामी को फुल नंगा कर के उनकी चूत मारने का सोचा था. लेकिन आज वो सच मे मेरा लंड अंदर ले के तड़प रही थी. उनकी हालत देख के मुझे और जोश आ गया और मैंने कमर की ग्रिप और ज़्यादा कस ली और ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा. मामी बेचारी मेरे सामने अपनी चूत नंगी कर के पछता रही थी. क्यूंकी उनकी चूत मेरा मोटा लंड सह नहीं पा रही थी और वो आहह आहह आह्ह्ह्हह कर रही थी. और उनकी आवाज़ें सुनके लंड और ज़्यादा लोहा बन रहा था.

    मैंने जटके और तेज़ कर दिए और मामी की आह्ह्ह्ह आह्ह्ह भी तेज़ हो गई. लंड कभी उनकी चूत से बाहर आता और कभी चूत को चीरता हुवा बच्चेदानी के अंदर घुस जाता. जैसे जैसे मामी को झटके लगते उनके मम्मे हवा मे उछल रहे थे. यह देख के मुझसे रहा नहीं गया और मैंने दोबारा बूब्स पे हमला कर दिया. और वहशी कुत्ते की तरह कभी उनको चूसता और कभी चाटता. नीचे से लंड चूत का ग़ज़ब खेल भी जारी था. जिसमे लंड जीत रहा था और चूत बुरी तरह से चुद रही थी.

    20 मिनट तक मस्त चुदाई करवाने के बाद मामी बोली के छोड़ दे कमीने देख मेरी क्या हालत हो गई है कमर भी दर्द हो रही है.

    मैंने कहा मामी जी आपकी चूत लंड बाहर नहीं आने दे रही.

    मामी के साथ सेक्स की स्टोरी हिन्दी

    यह कहते ही मैंने आराम आराम से चुदाई करना स्टार्ट कर दी. मामी को अब मज़ा आ रहा था. लंड प्यार के साथ चूत के अंदर जाता और मामी चूत की ग्रिप कस के लंड का मज़ा लेती. मैं आहिस्ता से लंड बाहर निकालता और फिर इस तरह अंदर घुसता. 5 मिनट तक यही मस्ती चलती रही. अब मैं थक चुका था लेकिन न ही मेरा लंड थका था और न ही मामी की चूत. मैंने मामी की कमर छोड़ी तो वो मेरी गोद से उठ के बेड पे उल्टा लेट गई. मामी की कमर रेड हो चुकी थी और चूत सूज के लाल हो चुकी थी. मैंने मामी की गांड के नीचे 2 तकिये रख के चूत को लंड के बराबर कर लिया. और ज़ोर से झटका मार के पूरा लंड चूत के अंदर घुसा दिया और मामी के ऊपर लेट गया. Mami ke sath sex story

    मामी बोली अब ज़ोर से चोद ना कमीने आज मौका मिला है तो फाड़ दे इसे.

    यह सुनते ही मेरा जोश वापिस आ गया और मैं गांड उछाल उछाल के चूत मारने लगा. कमरे से फ़च फ़च की आवाज़ें आना शुरू हो गयीं और मामी भी आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह करने लगी और अपनी चूत कस के लंड को जकड़ लिया. मैं ऊपर उठा और मामी की गोरी चूत मे अपना काला लंड अंदर बाहर होने का नज़ारा देखने लगा. वाह क्या नज़ारा था. पतली कमर, गोरी गांड और टाइट चूत के अंदर लोहे जैसा 8 इंच का लंड कभी अंदर जाता और कभी बाहर निकल आता. मैंने दोनों हाथों से गांड को पकड़ा और इस नज़ारे को देखते ही देखते अंदर ही झड़ गया. कंडोम डालने की वजह से मामी को भी मेरे अंदर झड़ने से कोई प्रॉब्लम नहीं थी. और उन्होने अपनी चूत पूरी तरह कस के लंड का एक एक कतरा निकाल दिया. झड़ने के बाद मै 5 मिनट तक मामी के ऊपर लेटा रहा और फिर लंड बाहर निकाल के कंडोम उतार के उसी रूम की बास्केट मे डाल के पैंट पहन ली. और आखरी बार मामी की आँखों मे देखा. तो मामी ने शरमा के मुँह पे तकिया रख लिया और मैं भी हंस के वहां से निकल आया.

    तो दोस्तों कहानी कैसी लगी एक बार ज़रूर बताना।

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  • टैटू बनाने वाले ने दीदी को जबर्दस्ती चोदा | Nisha Didi ki chudai story

    Nisha Didi ki chudai story:- हेलो दोस्तों मेरा नाम राज है और आज मै आप सबको एक मस्त सेक्सी कहानी सुनाने वाला हूँ जिसे पढ़कर लड़कियां अपनी चूत मे लंड लेने के लिए तड़प उठेंगी और लड़के अपना लंड छेद मे डालने के लिए तडपेंगे। तो चलिये कहानी शुरू करते है।

    Nisha didi ki chudai dekhi story

    तो दोस्तों यह कहानी है मेरी बहन की चुदाई की. मेरी फॅमिली में पापा मम्मी और एक बहन है और हम एक सिटी में रहते हैं. मेरी बड़ी बहन जिसका नाम निशा है, जो 26 साल की है और मै उससे एक साल छोटा हूँ. निशा मॉडर्न लड़की है दिखने में स्मार्ट और बढ़िया फिगर वाली जो एकदम पटाखा बन कर रहती है. और आप सबके मन में उसका फिगर ही घूम रहा होगा. तो बता देता हूँ की उसके बूब्स का साइज है 36 और कमर है 30 और उसके हिप्स हैं 38 साइज के. तो अब आप सब खुद सोच लो की क्या माल लगती होगी वह. और ऐसे में जब वह मॉडर्न ड्रेसेस पहने तो गज़ब हो जाता है. वह शार्ट टॉप और मिनी स्कर्ट जब पहनती है तो मै तो बस उसकी पैंटी की एक झलक देखकर ही मुठ मार लेता हु. पापा बाहर दूसरी सिटी में जॉब करते हैं तो उनका घर पर कम ही आना होता है. कभी कभी अपने साथ मम्मी को ले जाते हैं तो उन्हें भी कोई परेशानी है नहीं इसके मॉडर्न ड्रेसेस से. सब ऐसे ही चल रहा था और मै बस देसि सेक्स स्टोरीस डॉट फन पर सेक्सी रिश्तो मे चुदाई की कहानियाँ पढ़ कर सोचता रहता था की शायद कभी मुझे भी निशा की चूत चोदने को मिल जाए.

    कुछ महीनो बाद एक दिन दीदी मेरे पास आयी और पूछने लगी की तू किसी टैटू आर्टिस्ट को जानता है क्या?

    मै – क्यों तुम्हे क्या करना है?

    निशा – अरे यार मैंने बहुत हीरोइन और लोगो को देखा है इंग्लिश मूवीज में भी वह टैटू बनवाकर एकदम कूल लगते हैं।

    मै – यहाँ कोई कूल नहीं लगता ऐसे!

    निशा – तू जानता है तो बता क्युकी इंटरनेट पर दिखा नहीं रहा यहाँ कोइ?

    मै – चलो पता करके बता दूंगा।

    फिर ऐसे ही जैसे मेरा डेली रूटीन था शाम को घूमना दोस्तों के साथ बियर वगैरह पीना तो उसी मे टाइम निकल गया। फिर मेरा एक दोस्त था ख़ास जिसका नाम असीम है तो मैंने उससे पुछा की यार कोई अपने यहाँ टैटू वगैरह बनाता हैं क्या? Nisha Didi ki chudai story

    असीम – तुझे बनवाना है क्या?

    मै – अरे नहीं पर हो तो बता।

    असीम अपने हाथ पर टैटू दिखाता है और शोल्डर पर जो मैंने कभी नोटिस भी नहीं किये।

    मै – अरे ये कहाँ से बनवाए?

    असीम – ये हाथ वाला मैंने खुद बनाया है और शोल्डर का वह बनवाया था बाहर जहां से मैंने टैटू बनाना सीख़ा।

    मै – तूने कब सीखा?

    असीम – अरे बस एक महीने को सीखने गया था खाली था जब, और तू बता तू क्यू पूछ रहा है ये सब?

    मै – अरे वह दीदी को बनवाना था टैटू।

    असीम – अरे तो में बना दूंगा।

    मै – पक्का?

    असीम – हाँ यार पक्का!

    मै – चल में दीदी को बता दूंगा।

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    फिर मैंने आकर दीदी को बता दिया तो उसने कल ही असीम को बुलाने को कह दिया क्यूंकी मम्मी घर पर नहीं थी, वह पापा के साथ गयी थी. तो मैंने असीम को कॉल करके कल आने को कह दिया. अगले दिन असीम सुबह आ गया एक बैग मे सामान ले कर और फिर उसे दीदी से मिलवाया एंड उसने सब सामान निकालना शुरू किया टैटू का.

    असीम – तो कैसा टैटू बनवाना है।

    निशा – डिज़ाइन नहीं हैं तुम्हारे पास?

    असीम – बहुत सारे हैं लो देखो।

    फिर दीदी डिज़ाइन चूस करने लहटी हैं और फिर कुछ डिज़ाइन उन्हें पसंद आते हैं।

    निशा दीदी – ये डिज़ाइन मुझे पसंद है।

    असीम- तो बता दो कौनसा टैटू किस जगह बनाना है।

    निशा – तुम सजेस्ट कर दो कि कौनसा कहाँ ठीक रहेगा? क्यूंकी तुम्हे ज्यादा नॉलेज होगी इसमे।

    असीम- आजकल हाथ का ट्रेंड तो है नहीं क्यूकी सब मॉडर्न और फैशनेबल हो गए हैं तो मोस्टली या तो पेट पर या शोल्डर पर या ब्रैस्ट से ऊपर और पीछे हिप्स पर और आगे थाइस या पेल्विक एरिया में जैसे नुशरत एक्ट्रेस के है. Nisha Didi ki chudai story

    निशा – हाँ देखा है मैंने।

    असीम – तो तुम बता दो कहाँ बनवाना है तुम्हे?

    निशा – यहाँ बना दो ब्रैस्ट से ऊपर फ्रंट पर।

    असीम – कौनसा डिज़ाइन?

    निशा – ये बटरफ्लाई ड्रैगन वाला।

    असीम – ठीक है तो तुम यह टॉप निकाल दो और ये कपड़ा डाल देता हूँ और बनाता हूँ।

    निशा – मेरे रूम में ही बना दो एंड राज तू कुछ कर ले जो करना है जब तक मै टैटू बनवा लेती हूँ।

    फिर वो दोनों रूम में चले गए पर अब मेरे अंदर निशा को बिना टॉप के बूब्स देखने की आग थी तो मै गेट से साइड में वेंटीलेटर से झाँकने लगा, तो देखा की निशा बस रेड ब्रा में थी.

    असीम – यह ब्रा भी निकालनी होगी तुम्हे।

    निशा – क्या कह रहे हो तुम पागल हो क्या?

    असीम – कहीं और किसी से भी बनवा लो या इंटरनेट पर वीडियो देख लो पहले, यह कोई ऐसा वैसा काम नहीं है बहुत बारीकी का काम है।

    फिर निशा वीडियोस देखने लग गयी और फिर शांत हो गयी वीडियोस देखकर ऑनलाइन.

    असीम – क्यू अब यकीन हो गया ना?

    निशा – पर ऐसे तुम्हारे सामने कैसे?

    असीम – एक आर्टिस्ट के लिए सब न्यूड ही होता है एंड हम अपने टैटू पर फोकस्ड रहते हैं नहीं तो बनेगा कैसे? और तुम्हारे जैसी कितनी गर्ल्स पूरी पूरी न्यूड होती हैं जब नीचे बनवाती हैं तो.

    निशा – हम्म ओके पर इसमें वीडियोस में तो वह ब्रैस्ट पर कुछ लगा रखा है।

    असीम – वह सिलिकॉन टेप होते हैं निप्पल हाईड करने के लिए पर उनसे फायदा क्या है जब पूरे बूब्स सामने है और बस निप्पल हाईड करने है.

    फिर दोनों हंसने लग जाते हैं और निशा अब अपनी ब्रा निकाल देती है. उसके 36 के गोरे बूब्स असीम देखता रह जाता है और मै भी। फिर वह सोफे पर पीछे होकर लेट जाती है. तो उसके थाइस भी असीम आराम से देख रहा था.

    निशा – यार बड़ा अजीब लग रहा है ऐसे किसी के सामने बिना ब्रा के.

    असीम – अरे एक टैटू बनवाकर तुम्हे आदत हो जाएगी एंड तुम जैसी मॉडर्न गर्ल ऐसे सोचोगी तो कैसे चलेगा और सोचो तुम नीचे पैंटी एरिया में बनवाती तो क्या होता तुम्हारा?

    और फिर दोनों हंसने लगते हैं.

    असीम – अब हिलना मत।

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    फिर वह पहले टैटू का स्टीकर चिपकाता है और फिर जब डिज़ाइन छप जाता है. तो फिर अपना वह टैटू वाला पेन स्टार्ट करने करने लगता है और बीच बीच में जानबूझ कर बूब्स पर हाथ रखते जा रहा था. मै समझ गया की उसने दीदी के बूब्स का पूरा मज़ा लिया है और फिर आधे घंटे लगभग में टैटू बन गया. Nisha Didi ki chudai story

    असीम – देखो। फिर दीदी टैटू देखती हैं जो बहुत कूल लग रहा था जिसे देखकर दीदी बहुत खुश हो जाती है.

    असीम – निशा इफ यू डोंट माइंड मै अपने हर बनाये टैटू का फोटो लेता हूँ तो मै ले लूँ?

    निशा – अरे नहीं ऐसे कैसे मै अपनी ऐसी फोटो लेने दू!

    असीम – अरे तुमने गलत समझ लिया तुम्हारा नहीं बस टैटू का सिर्फ टैटू का वह भी बस प्रोफेशनल वर्क के लिए क्यूंकी हमे दिखाना होता है की हमारा रियल वर्क कैसा है और उसमे ना तुम्हारा फेस होगा ना ही कुछ और।

    निशा – ओह्ह अच्छा चलो ठीक है।

    मै ऊपर से देखता हूँ तो असीम दीदी के बूब्स के और उनके पूरे फोटो लेता है और एक टैटू का लेता है और दिखाता है की देखो बस यह लिया है और दीदी सोचती है ठीक है बस टैटू का लिया है और फिर दीदी कपड़े पहन लेती है.

    निशा -कितने रुपये हुए?

    असीम – अरे आप राज की बहन हो रहने दो।

    निशा – नहीं तुम्हारा प्रोफेशन है यह बताओ कितना बना?

    असीम – अच्छा फिर 500 रुपये दे दो।

    निशा – बस?

    असीम – हाँ अब डिस्काउंट तो देना पड़ेगा तुम्हें।

    और फिर हँसते हुए दीदी उसे पैसे दे देती है।

    असीम – तुमने इतने सब डिज़ाइन पसंद किये तो मुझे लगा ज्यादा टैटू बनवाने है पर तुमने एक ही बनवाया।

    निशा – हाँ पर और बनवाऊंगी तो मम्मी को दिख जाएगा और ठीक नहीं बनवाना।

    असीम – वैसे तुम मॉडर्न भी हो एंड एक बूब्स पर बनवा चुकी हो तो एक पेट के नीचे बनवा लेती एकदम स्टाइल आता और तुम्हारी मम्मी को भी नहीं दिखता।

    निशा- पेट पर तो दिख जाएगा।

    असीम -अरे नुशरत वाला टाइप, वह कैसे दिखेगा आंटी को?

    निशा – तो वहाँ कोई फायदा भी तो नहीं है जब दिखेगा ही नही!

    असीम – अरे सबसे ज्यादा ट्रेंड में तो वही वाला है एंड दिखेगा बिलकुल जब कभी बीच पर जाओगी या वैसी ड्रेस पहनोगी तो दिखेगा।

    निशा – हाँ यह भी है तो दिखाओ डिज़ाइन।

    असीम – लो देखो।

    निशा – ये वाला ठीक है?

    असीम – हाँ यह ठीक रहेगा।

    निशा – कैसे बनेगा यह बताओ?

    असीम – हाँ यह स्कर्ट निकालो तो।

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    फिर दीदी अपनी स्कर्ट निकाल देती है तो तभी असीम कहता है की पैंटी भी निकालनी होगी तो दीदी उसकी तरफ देखती है पर फिर निकाल देती हैं टांग चिपका कर और फिर वह नज़ारा देख कर असीम और मेरी हालात खराब हो रही थी. Nisha Didi ki chudai story

    असीम- (डिज़ाइन दिखाते हुए) यह ऐसे आएगा।

    निशा – हाँ ऐसे ठीक रहेगा पर अभी नहीं शाम में बना देना।

    असीम – अभी बन भी नहीं सकता क्यूंकी तुम्हे शेव करनी होगी नीचे एकदम क्लीन।

    फिर दीदी उसकी ये बात सुनकर थोड़ा ओकवर्ड फील करती हैं।

    निशा – हाँ ठीक है।

    असीम – तो मै आज शाम मे ही आऊं क्या?

    निशा – हाँ शाम में आ जाना।

    फिर मै भी जल्दी से दूसरे रूम में जाता हूँ और वह चला जाता है। फिर दीदी ऊपर से मुझे टैटू दिखाती है और कहती है कि एक और बनवाना है तो तू जल्दी खाना खा लेना, फिर में टैटू बनवाऊंगी। तो मैंने कहा ठीक है. फिर मैंने रूम में आकर असीम को कॉल की और जल्दी मिलने बुलाया और फिर मिलकर उसे पकड़ा।

    मै – हरामी तूने दीदी के फोटोज लिए.

    असीम – और तू चुपके क्या देख रहा था फिर निशा यार है ही इतनी हॉट।

    मै – मेरी बहन है वह भोसडीके।

    असीम – अरे तो तू क्या लंड देख रहा था मेरा तना हुआ बहनचोद और अब यह क्या भाव दिखा रहा है जानता हूँ साले तुझे और ज्यादा बोल मत तुझे भी दिलवा दूंगा मज़ा तेरी बहन का।

    मै – वह कैसे?

    असीम – अब वह मुझपर छोड़ दे, बस आज पहले मै चोद लू निशा को।

    मै – भोसडीके कितना हरामी हो रहा है, ऐसे ही चोद लेगा?

    असीम – तू आज भी देखना और फिर बताना।

    मै – तो साले मेरा काम कब होगा? तू तो बस अपने मजे का सोच रहा है।

    असीम – अरे लंड के टोपे जब में चोद लूंगा तभी तो काबू में आएगी चिड़िया और फिर तू भी मजे लेना।

    मै – चल ठीक है देखता हूँ और तूने अगर मेरा काम नहीं करवाया तो फिर तू भी देख लेना।

    असीम – हाँ हाँ चोद लेना भोसडीके लोंड़िया मत बन।

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    फिर मै घर आ जाता हूँ और रात के 8 बज जाते हैं पर असीम आता नहीं है अभी तो दीदी उसे कॉल करती है तो वह बताता है की एक इमरजेंसी टैटू आ गया था इसलिए थोड़ा लेट हो गया और बस आ ही रहा हूँ. फिर 9 बजे के बाद असीम आता है और दीदी कहती है इतना लेट क्यू कर दिया। तो मैंने कहा कल आ जाता. Nisha Didi ki chudai story

    असीम – अरे तेरी बहन को आज ही बनवाना है इसलिए वरना मै तो कल ही आता।

    निशा – तू चाहे तो सो जा राज मै गेट बंद कर दूंगी असीम के जाने के बाद।

    मै – ठीक है।

    फिर वह दोनों रूम में चले जाते हैं और मै भी देखने की जगह ले लेता हूँ.

    असीम – शेविंग कर ली?

    निशा – हाँ कर ली।

    असीम – अच्छा तो निकालो फिर पहले मै चेक कर लूँ क्यूंकी एकदम क्लीन शेविंग होनी चाहिए टैटू के लिए।

    फिर दीदी अपनी स्कर्ट और पैंटी निकाल देती है और असीम दीदी को लेटने को कहता है और फिर दीदी की चिकनी चूत पर टच करता है हाथ फेर कर मजा लेता है चेक करने के बहाने.

    असीम – चलो मै स्टार्ट करता हूँ फिर। और फिर वह डिज़ाइन छाप देता है।

    निशा – तुम्हारे तो मजे है।

    असीम – मतलब?

    निशा – ऐसे कितनी गर्ल न्यूड होती होंगी तुम्हारे सामने।

    असीम – कोई मजे नहीं है।

    निशा – क्यूँ?

    असीम – हमारा सोचो कितनी मेहनत लगती है हाथ अकड़ जाते हैं और न्यूड होते हैं तो हम कैसे कण्ट्रोल करते हैं ये सोचो।

    निशा – हाँ यह तो है।

    असीम – और क्या अब अगर न्यूड होते हैं और कुछ बेनिफिट हो तभी तो मजे हैं एंड इतनी मेहनत में पैसे के साथ कुछ टिप मिलती तब मजे होते।

    निशा – हाँ सही बात है यह तो।

    असीम – अच्छा तुम सपोर्ट करती हो तो तुम्ही स्टार्ट कर दो कुछ बेनिफिट करके मेरा।

    निशा – अच्छा जी मै ही क्यु?

    असीम – क्यूंकि तुमने ही यह डिसकस किया एंड हमारी प्रोब्लम को समझा है और तुम सपोर्ट भी तो करती हो।

    निशा – हाँ पर ऐसे ठीक भी तो नहीं है।

    असीम – लो अब तुम तो पलट गयी बात से।

    निशा – नहीं यार।

    असीम – तो कुछ टिप मिलेगी क्या?

    ये कहते हुए असीम दीदी की चूत की लाइन को टच कर देता है.

    निशा – नहीं और तुम टैटू पर ध्यान दो।

    असीम – मैडम टैटू पर ध्यान नहीं देता तो टैटू कैसे बनाता दिन मे?

    निशा – हाँ तो अच्छा सा टैटू अब भी बनाओ।

    असीम – मै तो अपना काम पर्फेक्ट्ली कर रहा हूँ पर तुम सपोर्ट करने की बात कहकर पलट गयी।

    निशा – नहीं यार ऐसी कोई बात नहीं है.

    असीम – तो मतलब टिप मिल सकती है मुझे?

    निशा – अभी तुम टैटू बनाओ वक़्त बहुत हो ग़या।

    असीम – अरे ये तो बन ही जाएगा पर तुम टिप का तो बताओ?

    निशा – अगर यह रूल बन जाएगा तब ले लेना मुझसे।

    असीम – लो तुम सपोर्ट करके ही अपनी बात से पलट गयी, लो बन गया तुम्हारा टैटू।

    निशा – वाओ कितना स्टाइलिश बनाया है। और फिर असीम अपने बैग में सब सामान रख लेता है।

    निशा – अरे तुम्हे क्या हुआ?

    असीम – कुछ नहीं?

    निशा – अरे तुम यार बुरा नहीं मानो! अच्छा बताओ कितने पैसे हुए? मै एक्स्ट्रा दूँगी!

    असीम – अब देखो तुमने पैसे की बात कही थी क्या टिप में?

    निशा – वह तो मैंने ऐसे ही पूछ लिया था!

    असीम – हाँ और सोचो इतनी रात में तुम जैसी हॉट गर्ल को देख कर क्या हालत हो रही होगी मेरि?

    निशा – अच्छा बताओ कितने पैसे हुए?

    असीम – नहीं मुझे कुछ नहीं चाहिए अब मै जा रहा हूँ।

    निशा – अरे यार तुम ऐसे बुरा नहीं मानो एंड अब रात हो गयी है मै कल कुछ सोचकर बताती हूँ कि क्या टिप दूँ!

    असीम – अरे तो आधी रात हो ही गयी अब मै जा भी नहीं पाऊंगा तो अभी ही सोच लो आराम से।

    निशा – तुमसे हद्द है यार अच्छा मै कैसे बता सकती हूँ यार क्यूंकी कण्ट्रोल तुम करते हो और तुम्हारी फील्ड है।

    असीम – हाँ यह सही कहा तुमने यह एक्सपीरियंस करके देखो और तुम को क्या लगता है उस वक़्त वह बता देना और टिप दे देना।

    निशा – मै कैसे और मुझे टैटू बनाना नहीं आता।

    असीम – अरे तुम्हे बस उस सिचुएशन में आना है एंड टैटू की जगह पेन से कुछ भी बनाओ और एक्सपीरियंस करो।

    निशा – अरे नहीं यार।

    असीम – लो पहले खुद टिप देने को सपोर्ट करती हो और फिर कहती भी हो और अब मैंने सही आईडिया बता दिया तो इसमें भी दिक्कत है। तुम तो हर बात से पलट रही हो।

    निशा – अच्छा ठीक है।

    असीम – चलो तो पेन ले लो।

    और फिर असीम अपनी पैंट और अंडरवियर निकाल देता है और उसका लंड बहुत मोटा और लम्बा था जो 7 इंच से बड़ा लग रहा था जिसे दीदी देखती रह जाती है.

    निशा – अरे तुमने तो अपने इसमें भी डिज़ाइन बनवा रखा है।

    असीम – अरे ऐसा ही होता है यह बचपन से है।

    निशा – अच्छा।

    असीम – हाँ चलो बनाओ पेंटिंग।

    अब दीदी उसके लंड के पास ऐसे ही पेन से कुछ बना रही थी और असीम जानबूझ कर अपने लंड में हरकत करके बार बार बीच में ला रहा था.

    निशा – अरे यार इसने बढ़ी दिक्कत कर रखी है।

    असीम – हैंडल करो अब तुम ही।

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    फिर दीदी उसे हाथ से पकड़ कर रोकना चाहती है और दीदी के लंड पकड़ते ही असीम की आँखे बंद हो जाती है और उसके मुंह से आह्ह्ह्ह कि आवाज़ निकाल जाती है.

    निशा – अरे क्या हुआ?

    असीम – वह तुमने पकड़ा तो कुछ कुछ होने लगा।

    निशा – ज्यादा फील लेने की जरूरत नहीं है।

    असीम – अब इतनी सूंदर और हॉट लड़की ऐसे पकड़ ले तो कौन बेवकूफ होगा जो फील नहीं लेगा।

    निशा – इतनी भी तारीफ नहीं करो।

    असीम – नहीं सच में तुम तारीफ के क़ाबिल हो।

    निशा – अच्छा जी।

    असीम – अब जब टिप देने का सोच ही रहे हो तो स्कर्ट और टॉप निकाल कर सोच लो।

    निशा – अरे क्यु?

    असीम – अपने टैटू भी देख पाउँगा ना।

    निशा – अच्छा और फिर निशा बस ब्रा पैंटी में आ जाती है और तब तक असीम भी टीशर्ट निकाल देता है और अब वह पूरा नंगा होता है.

    निशा – ओह्ह हो बॉडी बहुत अच्छी बना रखी है।

    असीम – और तुमने भी तो बना रखी है ऐसे मेन्टेन करके।

    निशा – तुम तारीफ करने का कोई मौका नहीं छोड़ते।

    असीम – मौके तो कितने छोड़ रहा हूँ देखो इस आधी रात में हम दोनों न्यूड एक कमरे में अकेले।

    निशा – तुम बहुत बोलते हो।

    असीम – अच्छा दोनों एक्सपीरियंस साथ में करते हैं ना जैसे तुमने मेरे इसे पकड़ रखा हुआ है मै तुम्हारे को टच करता हूँ उससे शायद पता चले जाए तुम्हे टिप के बारे मे।

    निशा – नहीं ये नही।

    असीम – अब चलो भी यार सारे आईडिया दे रहा हूँ फिर भी ऐसे नखरे कर रही हों।

    निशा फिर पैंटी निकाल देती है और अब असीम दीदी की चूत पर हाथ रखकर सहलाने लगता है जिससे दीदी की सिसकी निकल जाती है।

    असीम – अब तुम्हे क्या हुआ?

    निशा – अब इतना हॉट लड़का हाथ लगाएगा तो कुछ तो होगा ही।

    असीम – अच्छा जी फिर टिप तुम दोगी या मै ले लूँ?

    निशा – क्या टिप लोगे?

    असीम – तुम परमिशन तो दो।

    निशा – ठीक है।

    और बस यह सुनते ही असीम खड़ा होता है और दीदी को गले लगाकर होंठ पर होंठ टिका देता है और किस करने लगता है. एक हाथ से दीदी की चूत सहलाता रहता है जिससे दीदी गरम रहे और फिर ब्रा के हुक्स खोल कर ब्रा निकाल देता है. अब दोनों नंगे होते है एकदम और फिर असीम दीदी के बूब्स दबाने लगता है. फिर एक बूब्स के निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगता है और होंठो से काटने लगता है जिससे दीदी की आह्हः निकल रही थी. Nisha Didi ki chudai story

    निशा – बस अब बहुत हो गया और यह कहकर दीदी उससे दूर हट जाती है।

    असीम – क्यों क्या हुआ निशा अच्छा नहीं लगा क्या?

    निशा – इसमें अच्छा लगने की क्या बात है तुम बस एक टैटू आर्टिस्ट हो और मैंने एक्स्ट्रा टिप भी दे दी है।

    असीम – तो इस वक़्त मै जा भी नहीं सकता तो थोड़ी टिप और दे दो।

    निशा – नहीं बस काफी है।

    इतने में असीम दीदी को अपनी तरफ खींच लेता है और एकदम उनकी चूत को मसलने लगता है और दीदी मना करती है.

    असीम – राज उठ जाएगा और फिर वह क्या सोचेगा?

    निशा – मै कहूंगी तुम जबरदस्ती कर रहे हो।

    असीम – अच्छा तो मेरे लंड के पास जो पेन से तुमने टैटू बनाया है वह भी जबरदस्ती बन गया?

    निशा – यह तो कोई बात नहीं है।

    असीम – अरे तुम इतनी हॉट हो तुम्हे दिक्कत क्या है?

    निशा – नहीं बस छोड़ो।

    फिर इतने मे असीम एक ऊँगली दीदी की चूत में डाल देता है और घुमाने लगता है जिससे दीदी गरम होने लगती है।

    असीम – चूत तो गीली हो रखी है और बस ऐसे ही मना कर रही हो।

    निशा – प्लीज असीम रहने दो।

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    फिर असीम दीदी को नीचे बिठा देता है और अपना लंड उनके होंठ पर रखता है. और फिर दीदी भी उसे किस करते हुए चूसने लगती है. असीम थोड़ा घूमता है तो मै देखता हूँ उसने अपने बैग से लगा कर अपना मोबाइल रखा हुआ है जिसमे सब रिकॉर्ड हो रहा है. अब दीदी उसका लंड चूस रही है तो सब साफ़ रिकॉर्ड हो रहा है. फिर लंड चुसवा कर वह दीदी को बेड पर लिटा देता है. Nisha Didi ki chudai story

    निशा – बस अब तो बहुत हो ग़या।

    असीम – टिप कम्पलीट कैसे हो सकती है बिना मेरे लंड और तुम्हारी चूत के मिलन के।

    फिर वह अपना लंड दीदी की चूत पर रब करने लगता है जिससे दीदी और गरम हो जाती हैं और अपनी गांड उठा कर लंड लेने की कोशिश करती है.

    निशा – अब करो भी।

    असीम – तेज़ से बोलो साफ़ साफ़ क्या करूँ?

    निशा – फ़क मी असीम!

    फिर असीम अपना लंड दीदी की चूत में उतार देता है और चुदाई शुरू करता है और फिर वह कभी ऊपर तो कभी दीदी को ऊपर बिठा कर चोदता है और साथ में बूब्स दबा कर मजे लेता है और फिर झड़ने वाला होता है तो दीदी के बूब्स पर सारा माल निकाल देता है और दोनों लेट जाते हैं. कुछ देर बाद उन्हें होश आता है. Nisha Didi ki chudai story

    निशा – अब तुम जल्दी से बाहर सोफे पर जाकर सो जाओ।

    असीम – अरे क्या हुआ?

    निशा – अरे राज आ गया तो वह हमे एक रूम में देख लेगा।

    असीम – ठीक है मै जाता हूँ।

    निशा – एंड यह बात अब किसी को पता नहीं चले बस जो हो गया वह फर्स्ट और लास्ट टाइम था।

    असीम – नहीं यार ऐसे कैसे?

    निशा – अब कुछ नहीं बस!

    असीम – जब कहूंगा तब चुदवाना पढ़ेगा तुम्हें।

    निशा – क्या पागल हो गए हो?

    असीम – तुम्हे मजा नहीं आया क्या?

    निशा – तो तुम्हारी रंडी बन जाऊँ क्या?

    असीम – अरे यार हम सीक्रेट रखेंगे ना।

    निशा – नहीं अब कुछ नही।

    असीम – तुम खुद बुलाओगी की आओ चोदो।

    निशा – तुम जाओ यहाँ से।

    और फिर वह बाहर आ जाता है और मैउसे अपने रूम में ले जाता हूँ क्युकी दीदी लेट जाती है। अब हम रूम में आ जाते हैं।

    मै – ला वीडियो सेंड कर।

    असीम – करता हूँ ले।

    मै – यार तेरे मजे आ गये।

    असीम – हाँ सही में यार तेरी बहन गज़ब माल है जो चोद ले फैन हो जाए।

    मै – पर मेरा नंबर कैसे लगेगा?

    असीम – ये बता तेरी मम्मी कब आएगी?

    मै – उन्हें तो 8-10 दिन लगेंगे।

    असीम – तो फिर आज रात तू चोदना उसके बाद जब तक तेरी मम्मी नहीं आती मै चोदूँगा।

    मै – मुझे बस एक बार दिला दो।

    असीम – अरे और भी मौके दे दूंगा पर हाँ जैसे ही मै तुझे इशारा करू तू रात को रूम में आ जाना और कुछ भी बोलना मत।

    मै – ठीक है।

    सुबह फिर दीदी उठकर आती हैं तब तक हम बाहर बैठे होते है।

    असीम – अच्छा निशा मै चलता हूँ और अगर कहीं और टैटू बनवाना हो तो कॉल कर देना।

    निशा – नहीं अब नहीं बनवाना।

    असीम – ओके फिर मै चलता हूँ।

    मै भी दीदी को कॉलेज का कहकर निकल जाता हूँ और असीम के घर पहुँचता हूँ। वह दीदी को उनकी वीडियो सेंड करता है और तभी दीदी की कॉल आती है जो मै भी सुनता हूँ. इसके आगे भी चुदाई कहानी आगे बढ़ती जाएगी जिसमे आप सबको बहुत मज़ा आएगा. तो दीदी की कॉल से शुरू होगा इस कहानी का दूसरा भाग.

    ये कहानी कैसी लगी कमेंट करके ज़रूर बताइएगा।

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  • अब्बू के लंड की चाहत | Baap ne beti ko choda sex story

    Baap ne beti ko choda sex story:- हेलो दोस्तो! मै आपकी दोस्त फातिमा एक बार फिर से हाजिर हूँ आपके लिए एक बेहद सेक्सी देसी सेक्स स्टोरी लेकर। तो सभी लंडधारी अपने लंड को मुठियाने के लिए हाथों मे थाम लीजिये और चूत की रानियाँ अपनी चूत मे खीरा मूली बैंगन डालने के लिए तैयार हो जाओ। आज जो कहानी मै आपके लिए लेकर आई हूँ उस कहानी को पढ़कर आपको मज़ा ना आए तो मेरी चूत आपके लिए खुली है। तो चलिये अब सीधे कहानी स्टार्ट करते है।

    Baap ne beti ko choda kahani

    अनस और ज़ोया आज बहुत खुश थे क्योंकि 2 दिन पहले ही उनकी बेटी नज़मा की शादी हुई थी, और आज नज़मा अपने पति के साथ अपने अम्मी अब्बू के घर आने वाली थी.

    अनस – सब कुछ तैयार कर लिया है ना वो कभी भी आते ही होंगे.

    ज़ोया – अरे हाँ सब कुछ तैयार है…

    अनस ज़ोया के करीब आकर उसको पीछे से पकड़ लेता है और अपने कुर्ते को उठा कर पाजामे में से अपना लंड पकड़ कर ज़ोया की गांड पे लगा के धक्के मारने चालु कर देता है.

    अनस – और मेरा लौड़ा भी तैयार है.

    ज़ोया – अरे नज़मा आती ही होगी तुम जरा अपने हथियार को शांत रखो अभी जरा.

    अनस – अरे तुझे तो पता ही है मुझसे ये घर और तेरा पेट खाली देखा नहीं जाता.

    ज़ोया – लेकिन अभी वो आते ही होंगे अभी तो जरा अपने लौड़े को शांत करो.

    अनस – तो कर न शांत सुबह से 2 बार मुठ मार चुका तेरी कच्छी सूंघ सूंघ के..

    ज़ोया – अच्छा आज कौनसी कच्छी पे इतना प्यार आ गया तुम्हे.

    अनस – अरे वो तेरी लाल वाली कच्छी जिसपे गुलाब का फूल बना था वो देखते ही खड़ा हो गया था मेरा.

    ज़ोया – या अल्लाह! वो मेरी कच्छी नहीं थी नज़मा की थी उसपे फूल बनवाया था उसने पहली रात में पहनने के लिए.

    अनस – तो यहाँ क्यों छोड़ गयी वो?

    ज़ोया – अरे भूल गयी थी, वही लेने तो आ रही है, इसी चक्कर मे उसने अपनी पहली रात नहीं मनाई.

    अनस – अजीब पागल लड़की है.

    ज़ोया – इसलिए सुबह सुबह धोयी थी लेकिन तुमने गन्दी कर दी.

    Baap ne beti ko choda xxx story

    उसके बाद ज़ोया अनस से अलग होके बाथरूम में जाके वो कच्छी अच्छे से धोके के सूखने के लिए तार पे टांग देती है. तभी नज़मा और उसका शौहर भी आ जाते. जिसे देख कर अनस गाडी के पास जाता है और दोनों का वेलकम करता है और उनका सामान उठा कर अंदर ले आता है. Baap ne beti ko choda sex story

    नज़मा – अब्बू अम्मी कहा है..?

    अनस – वो छत पे है कपडे सुखा रही है.

    नज़मा वहाँ से उठ कर छत पे चली जाती है.

    नज़मा का पति – और सुनाइए कैसे हैं आप..?

    अनस – बस बेटा सब ठीक है तुम बताओ तुम्हारे अब्बू अम्मी सब ठीक…

    नज़मा का पति – हाँ.. हाँ सब ठीक ही है.

    छत पर पहुंच कर नज़मा ज़ोया को पीछे से पकड़ कर लेती है और ज़ोर से गले लग जाती है.

    नज़मा – किसके कपडे सूखा रही हो?

    ज़ोया – अरे वो बस कच्छी धोयी थी वही सुखा रही थी.

    नज़मा – मेरे जाते ही मेरे भाई-बहिन की तैयारी भी करने लगे.

    ज़ोया – चुप साली वो तेरे अब्बू ने मेरी कच्छी समझ के तेरी कच्छी पे अपना प्यार निकाल दिया बस वही धो रही थी.

    नज़मा – अरे अब तो मौका भी है और तुम दोनों अकेले भी तो आराम से खुल्लम खुल्ला किया करो.

    ज़ोया – तू थोड़ी और देर से आती ना तो पक्का मै बिस्तर पे तेरे अब्बू की कुतिया बनी होती.

    नज़मा – वैसे अम्मी मेरी कच्छी अब्बू को गलती से मिली या…?

    ज़ोया – बकवास कम कर और चल नीचे.

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    बस फिर दोनों हँसते खिलखिलाते हुए नीचे आ जाते है और किचन से चाय बना कर उन दोनों के सामने रख कर वही बैठ कर बाते वाते होने लगती है. कुछ यहाँ की तो कुछ इधर उधर की तो कभी हंसी मज़ाक से जुड़ा… यही करते करते शाम हो गयी. खाना बनाने के बहाने नज़मा ने ज़ोया को किचन में बुलाया। Baap ne beti ko choda sex story

    नज़मा – वैसे अम्मी हम यहाँ अपनी पहली रात मनाने आये है आपको कोई दिक्कत तो नहीं है न?

    ज़ोया – अरे मुझे कोई दिक्कत नहीं.. हैं अगर तेरे पति का लौड़ा ज्यादा ही मोटा और लंबा हो तो मुझे जरूर बताइयो.

    नज़मा – क्यों नहीं थ्रीसम का मजा भी मैं आपको दिलवा दूंगी.

    ज़ोया – या अल्लाह! कितने दिंनो बाद थ्रीसम का मज़ा फिरसे लुंगी.

    नज़मा – फिरसे मतलब..?!

    मेरी अम्मी भी अपनी जवानी में खिलाडी रह चुकी है बताओ कुछ थोड़ा टिप्स दो न…

    ज़ोया – ये पहली बार है तेरा..?

    नज़मा – हाँ अब्बू पे ट्राई कर तो रही थी तूने करने ही नहीं दिया.

    ज़ोया – तेरी गांड फाड़ देता वो और तू थी भी छोटी थी जब..

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    दोनों आपस में बाते करते करते डिनर तैयार कर देते है. उसके बाद नज़मा नहाने चली जाती और पहली रात मनाने के लिए अपने आप को तैयार करने लगती है. लेकिन तभी उनके गली का ट्रांसफार्मर ख़राब हो गया जिसके कारण उनके मोहल्ले की बत्ती ही गुल हो गयी और पुरे मोहल्ले में अंधेरा छा गया. चारों तरफ अंधेरा होने से नज़मा जल्दी जल्दी नहा कर कमरे से बाहर निकल कर जैसे ही किसी को आवाज़ लगाने के लिए मुँह खोलती है. तभी कोई उसके मुँह पे हाँथ रख कर वहाँ से उसको उठा कर वापस कमरे में घुस जाता है. और उसकी (नज़मा) की गांड पे अपना लंड रगड़ने लगता है. जिससे नज़मा सहम सी जाती जाती है और अपने पति का सोच के शांत सी हो जाती है तभी..

    अनस – सुबह से मौका ढूंढ रहा हूँ और देखो अल्लाह ने बत्ती गुल करके मौका दे दिया.

    (नज़मा उसकी आवाज़ सुन कर ये तो पता लगा लेती है की ये उसकी पति नहीं और बल्कि अनस उसका अब्बू है. लेकिन नज़मा फिर भी कुछ नहीं बोलती और बस अपने अब्बू का साथ में साथ देने लग जाती है.)

    अनस – बहुत मुठ मार लिया आज तेरी मारूँगा वो भी बहुत दिंनो के बाद.

    नज़मा (मन में) – इसी पल का तो मुझे इंतज़ार था..

    अनस नज़मा के बूब्स पे हाथ रख कर जोर जोर से दबाने लगता है और दूसरे हाथ उसकी टांगों के बीच में ले जाकर उसके पजामी में हाथ डाल कर उसकी पैंटी के ऊपर से ही चूत में ऊँगली घुसाने लगता है. नज़मा भी अब्बू की ऐसी हरकतों से बिलकुल आउट ऑफ़ कण्ट्रोल सी हो जाती है. और अपने होंठो को दांतो से दबा के बस कामुक सुख का मज़ाक लेने लग जाती है. अनस नज़मा का सूट उतारकर उसकी पीठ को चूमते हुए मुँह से नज़मा की ब्रा का हुक खोल कर उसके गिरते बूब्स को अनस अपने हाथ की मदद से पकड़ लेता है. और अपने हाथो से पकडे पकड़े उनको दबाने लग जाता है. नज़मा के मुँह से निकलती कामुक सांसे जो ये बता रही थी कि नज़मा गरम होने लग गयी है. अनस भी ये समझते हुए नज़मा की पजामी का नाडा खोल देता है. जिससे नज़मा की पजामी झट से गिर जाती है. अनस नज़मा को कमर से पकड़ उठा कर बिस्तर पे पटक कर उसको उल्टा कर गर्दन को चूमते हुए पीठ के रास्ते कमर से होते हुए उसकी गांड को अपने हांथो में लेकर उसे दबाने लगता है. Baap ne beti ko choda sex story

    बाप ने बेटी को चोदा हिन्दी कहानी

    लेकिन जैसे ही अपना लंड नज़मा की गांड के छेद में डालने जाता है बीच में उसकी फूल वाली कच्छी आ जाती है. अनस और नज़मा की कामुकता उस कच्छी के रास्ते मे आने से भी नहीं रुकने वाली थी. अनस कच्छी को उतार कर अपने मुँह के पास ले आकर उसे सूंघकर मदहोश सा हो जाता है. जिससे मदहोशी में अनस उस कच्छी को नज़मा के मुँह में डाल कर उसका मुँह बंद कर देता है. ताकि उसकी आवाज़ ज्यादा बाहर न निकले. फिर अपना लंड हाथ में लिए नज़मा की कमर को पकड़ उठा कर उसकी चूत के दरवाजे पे रख कर अचानक से एक झटका लगाता है. अनस को ज़ोया की फुद्दी कुछ टाइट मालूम पड़ी लेकिन उसने सोचा कि शादी कि वजह से इतने दिनो से चुदाई ना होने की वजह से ज़ोया की फुद्दी टाइट हो गयी होगी। अनस के लंड के जोरदार धक्के से नज़मा की चूत की सील एक ही झटके मे टूट कर बिखर गयी। जिससे नज़मा के मुंह से जोरदार चीख की आवाज़ निकली लेकिन मुंह मे पैंटी घुसी होने की वजह से बाहर नही निकल नहीं पायी.

    उसके बाद तो फिर अनस धक्के पे धक्का लगाता गया जैसे मानो कितने सालो से बस इसी पल के लिए वेट कर रहा हो. नज़मा दर्द के मारे मारी जा रही थी लेकिन वह कुछ बोल भी नहीं सकती थी। अब्बू के लंड को लेने की उसकी तमन्ना जो पूरी हो रही थी। कुछ देर के बाद नज़मा भी अब्बू के धक्को का मजा लेने में गुम सी हो गयी. अनस पूरी रफ्तार से धक्के लगाए जा रहा था। नज़मा को अब पूरा मज़ा आने लगा था और वह भी अनस के धक्को का अपने चूतर उठा उठा कर जवाब दे रही थी। दोनों पसीने से लथ पथ हो गए थे. कुछ देर चोदने के बाद अनस ने नज़मा को अपने ऊपर ले लिया और खुद बेड के तकिये के सहारे पीछे की तरफ बैठ गया और नज़मा को अपनी बाहों मे जकड़ लिया। बेड के एक कोने में अनस बैठा था और नज़मा उसकी बाहों में लिपटी उसके लौड़े पे कूदती जा रही थी. नज़मा ने अनस को बिलकुल अपनी बाहो में जकड लिया था. तो वही अनस भी नज़मा की कमर पकड़ कर अपने लौड़े पे ऊपर नीचे करवाए जा रहा था. Baap ne beti ko choda sex story

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    तभी न जाने कहा से अंधेरे को चीरते हुए चारो तरफ उजाला हो जाता है. लेकिन अनस और नज़मा अपने चुदाई की मदहोशी में मदहोश थे उन्हे इससे कोई लेना देना नहीं था. ठीक उनके सामने सोफे पे ज़ोया जो अपनी नज़मा के पति के लंड पे बैठ कर लौड़े को सवारी कर रही थी. उन दोनों की नज़र अनस और नज़मा पे जब पड़ी. तब अपनी चुदाई छोड़ उनकी चुदाई देख कर मजा लेने लगे. लेकिन उजाले की चुभन से अनस ने आंखे खोली तो उसकी आंखे उजाले से तो नही. लेकिन अपने सामने के नज़ारे को देखने के बाद उसकी आँखें जरूर फट गयी थी. ज़ोया को और किसी दूसरे के लौड़े की सवारी करते देख ये समझ नहीं आया की उसके लौड़े की सवारी कौन कर रहा है. तभी नज़मा मदहोशी में चूर अपने मुँह से आवाज़ निकालती है…

    नज़मा – आहहए अब्बू क्या खूब चोदते हो आप. मुझे पता था इसलिए तो पहले से ही मै आपके लौड़े की दीवानी थी. लेकिन अम्मी साली रांड ने अपने फायदे के लिए मुझे मौका नहीं दिया. पर देखो आज मेरी पहली रात की आपके लौड़े से शुरुवात की है आहहह आहहह अह्ह्ह्ह अब्बू और जोर से आआह्ह्हह्हह्ह अहहहहहहहहहहह..

    ये सुन कर अकेले अनस की ही नही ज़ोया और नज़मा के पति की भी फट के चार हो गयी. और तभी अनस ने नज़मा के अंदर जोरदार पिचकारी मारी और नज़मा की चूत को अपने माल से भर दिया। नज़मा की चूत पिचकारी की धार से आउट ऑफ़ फ्लो होने लगी. जिसके बाद नज़मा भी धीरे धीरे शांत हुई और आंखे खोल कर देखा तो चारों तरफ उजाला था. फिर अनस के लोडे पे से उठी तो देखा अनस का फेस शॉक के मारे होश में नहीं था. लेकिन जब पीछे मुड़ कर अपनी अम्मी (ज़ोया) और अपने पति दोनों की पोजीशन को देखा तो उसका फेस भी अनस के फेस जैसा बन गया था. Baap ne beti ko choda sex story

    चारो एक दूसरे को देखे जा रहे थे और बस एक दूसरे को देख कर यही सोच रहे थे की पहले शुरुवात किसने भी की लेकिन इस चुप्पी को तोड़ने की शुरुवात कौन करे. क्योंकि होश तो चारो के ही उड़े हुए थे.

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  • अम्मी से अनोखा प्यार पहुंचा चुदाई तक | Ammi ko choda sex story

    Ammi ko choda sex story:- दोस्तों मै फातिमा आपके लिए एक और माँ बेटे की चुदाई की कहानी लेकर आयी हूँ। ये मेरी एक रीडर की स्टोरी है और उम्मीद है आपको पसंद आएगी. तो चलिये स्टार्ट करते है अपनी कहानी।

    हाय मेरा नाम सानिया है और जो कहानी मै आपको सुनाने जा रही हूँ, शायद कुछ लोगो को झूठ लगे लेकिन ये मेरी लाइफ की एक सच्ची कहानी है। जो की मेरे और मेरे बेटे के बीच हुई चुदाई की है. मै अपने बारे में आपको बता दू! मै एक टिपिकल मुस्लिम औरत हूँ। मेरा फिगर 36-32-38 है और मेरी उम्र 44 साल है. मेरा एक बेटा है जिसका नाम शाहिद है और वो 23 साल का है। मेरे शौहर का नाम वसीम है जिनकी एक सिलाई की दुकान है और वो कपडे सिलाई का काम करते हैं। उनकी उम्र 53 साल हैं. मेरे बेटे ने अभी अभी स्टडी कम्पलीट की और उसकी जॉब बैंगलोर में लग गयी है और वो गाँव से अब शहर रहने जा रहा है. मेरा बेटा मेरे बहुत ही क्लोज था, हर वक़्त बस अम्मी अम्मी करता रहता था. शहर जा कर भी वो मुझसे फ़ोन में ढेर सारी बाते किया करता था.

    Ammi ko choda kahani

    एक दिन अचानक उसने फ़ोन पर बताया की उसकी तबियत बहुत खराब है और उधर उसकी देखभाल के लिए भी कोई नहीं था. तो मै और मेरे शौहर घबरा गए, हमे जल्द से जल्द उसके पास जाना था लेकिन इसके अब्बू को जल्द से जल्द कुछ लोगो के कपडे सिलकर देने थे तो वो नहीं जा सकते थे। तो मुझे अकेले ही जाना पड़ा. मै शहर के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानती थी पर अपने बेटे के लिए बिना सोचे अकेले चली गयी. जैसे ही शहर पहुंची तो मै वहाँ का भीड़ भड़ाका देख कर घबरा गयी. वहाँ औरते भी छोटे छोटे कपड़ो में घूम रही थी, जो मै पहली बार देख रही थी. शहर पहुँचकर मैंने अपने बेटे को कॉल किया. Ammi ko choda sex story

    अम्मी – बेटा अपना एड्रेस भेज दे मै टैक्सी कर के आ जाऊँगी.

    बेटा – अम्मी आप शहर के बारे में ज्यादा नहीं जानते आप वही रुको मै आपको लेने आता हूँ.

    अम्मी – बेटा लेकिन तेरी तो बहुत तबियत ख़राब थी.

    बेटा – अरे अम्मी वो सब छोड़ो मै आता हूँ.

    मै थोड़ी देर वहाँ बैठकर अपने बेटे का वेट करती रही। थोड़ी देर में मेरा बेटा वहाँ पहुंचा.

    अम्मी – बेटा तूने तो बोला था तेरी तबियत बहुत ख़राब है.

    बेटा – अरे अम्मी ऐसे नहीं बोलता तो आप वही गाँव में रहती और मेरे साथ शहर घूमने कभी नहीं आती तो एक झूठ तो चलता है.

    अम्मी – बेटा ऐसा भी कोई झूठ बोलता है? तुजे पता भी है हम कितना घबरा गए थे.

    बेटा – अरे अम्मी वो सब छोड़ो चलो अब आपको अभी शहर घुमाता हूँ.

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    इसका मतलब ये था की मेरे बेटे ने मुझे अपने पास बुलाने के लिए झूठ बोला था। खैर जो भी हो मुझे शहर आके अच्छा लग रहा था। मेरे बेटे ने उस दिन मुझे बहुत जगह घुमाया। हमने बहुत सारी फोटोज क्लिक की और रात को हम उसके कमरे में चले गये। Ammi ko choda sex story

    अम्मी – बेटा आज तो मुझे बहुत मजा आया घूमने में.

    बेटा – अम्मी इसीलिए तो आपको अपने पास बुलाया मैंने. अब आप कुछ दिन यही मेरे साथ रहोगी. आपको नहीं पता मैंने आपको यहाँ कितना मिस किया.

    अम्मी – हाँ बेटा मैंने भी तुझे बहुत मिस किया.

    मैंने अपने बेटे को हग कर दिया. फिर रात को हमने खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे। उसके रूम में एक छोटा सा बेड था तो दोनों उसी बेड पर लेट गए.

    अम्मी – बेटा तेरी वजह से मैं चेंज करने को कोई कपड़े भी नहीं लायी और इसी में आ गयी.

    बेटा – कोई बात नहीं अम्मी कल ऑफिस से आते हुए आपके लिए लेकर आ जाऊंगा.

    फिर हम सोने लगे बेड छोटा होने से मेरा बेटा मुझसे चिपक के सो रहा है। उसने हाथ मेरी कमर में रखा हुआ था और मेरी मोटी गांड मेरे बेटे से टच हो रही थी और फिर हम ऐसे ही सो गए. अगली सुबह हम उठे मैंने उसे नाश्ता दिया और वो ऑफिस के लिए चला गया. दिन भर मै घर में अकेले बोर हो रही थी। शाम को वो घर आया और मेरे लिए कुछ कपड़े लेकर आया.

    बेटा – अम्मी ये कुछ आपके घूमने के लिए और ये इसमें आपके रात को सोने वाले कपडे है.

    अम्मी – ठीक है बेटा मै चेंज कर के आती हूँ. मै चेंज करने जाती हूँ तो देखती हूँ कि मेरा बेटा एक छोटी सी नाइटी लाया था.

    अम्मी – बेटा ये तो बहुत छोटी ड्रेस है ऐसे कपड़े मै नहीं पहनती.

    बेटा – अम्मी छोटा नहीं है यहाँ शहर में सारी लेडीज यही पहनती है और वैसे भी घर में हम ही दोनों तो हैं.

    अम्मी – बेटा लेकिन मुझे आदत नहीं है.

    बेटा – अम्मी धीरे धीरे आपको शहर की आदत पड़ जाएगी.

    फिर मै वो छोटी सी नाइटी पहन के आती हूँ जिसमे मेरे मोटे मोटे बूब्स साफ़ नज़र आ रहे थे और उसमे मेरी गांड भी काफी बाहर के तरफ नज़र आ रही थी। मै शर्माते हुए बहार आती हूँ. Ammi ko choda sex story

    Ammi ki chudai ki sex story

    बेटा – देखा अम्मी!!! आप इसमें कितनी सुन्दर लग रही हो चलो आपकी फोटोज क्लिक करता हूँ.

    अम्मी – नही बेटा मै मोटी लग रही हूँ.

    बेटा – अरे अम्मी आप ऐसे ही रुको.

    और मेरा बेटा मेरी बहुत सी फोटोज क्लिक करने लगता है। फिर रात को हम खाना खा कर सोने लगते हैं बेड में जाकर मै बोलती हूँ.

    अम्मी – बेटा तुझे पता है दिन भर मै कितनी बोर हुई.

    बेटा – अम्मी तो लैपटॉप में मूवीज देख लेती न.

    अम्मी – अरे बाबा मुझे खोलना ही कहा आता है.

    बेटा – रुको अभी आपको सिखाता हूँ.

    फिर रात को वो मुझे लैपटॉप चलाना सिखाता है और हम सोने लगते है. तो वो मुझसे चिपक के सोने लगता है और मुझसे चिपक जाता है। मुझे पीछे से मेरी गांड में उसका खड़ा लंड फील होने लगता है और उसका हाथ मेरे पेट पर रखा होता है। मेरे बेटे का अपनी अम्मी से चिपक कर लंड खड़ा हो रहा था, जिससे मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था. लेकिन मुझे लगा वो सो गया है नींद में ऐसा हो गया होगा.

    अम्मी को चोदा सेक्स स्टोरी हिन्दी

    नेक्स्ट डे वो ऑफिस गया तो मै उसका लैपटॉप चलाने लगी. मुझे कोई मूवीज समझ नहीं आ रही थी, तो मै ऐसे ही सरे फ़ोल्डर्स चेक करने लगी। उसमे एक फोल्डर मिला जो की होम स्क्रीन पर ही था, और जिसमे लिखा था माय लव. मुझे लगा मेरे बेटे की कोई गर्लफ्रेंड है जो इसने हमसे छुपा रखी है। जैसे ही मैंने फोल्डर खोला तो उसमे सारी मेरी फोटोज थी बहुत सारी. मुझे खुशी हुई की मेरा बेटा मुझसे कितना प्यार करता है। धीरे धीरे मैंने और फोटोज देखि तो मेरी आँखे फटी की फटी रह गयी. उसमे मेरी अजीब अजीब फोटोज थी जो मेरे बेटे ने चुपके से क्लिक की थी. मेरे कपड़े चेंज करते हुए चुपके से क्लिक की हुई फोटोज जिसमे मै सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी. ये सब देख कर मैंने और चेक किया तो उसमे एक फोल्डर था माय ड्रीम. Ammi ko choda sex story

    वो खोलते ही देख कर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी. उसमे मेरे बेटे ने नंगी फोटोज में मेरा चेहरा लगा रखा था. जिसमे मोटी मोटी औरतें अपनी नंगी चूत खोल कर लेटी हैं और उसमे इसने मेरा चेहरा लगा रखा था. एक फोटो तो ऐसी थी जिसमे एक लड़के का लंड लड़की की चूत में था और उसमे चेहरा मेरा और मेरे बेटे का लगा था एडिट करके. मै सोच में पड़ गयी की मेरा बेटा मेरे बारे में ये सब सोचता है. फिर मैंने वीडियोस देखि जिसमे माँ बेटे की चुदाई की वीडियोस थी। एक लड़का अपनी माँ की चुदाई कर रहा था। ये सब देख कर मै हैरान रह गयी. दिन भर इसी सोच में बीत गया, रात को मेरा बेटा मेरे लिए गिफ्ट्स लेकर आया और बोला-

    बेटा – अम्मी देखो मै आपके लिए क्या लेकर आया हूँ.

    अम्मी – (मै उसी सोच में थी) क्या?

    बेटा – चलो आप आँख बंद करो पहले और यहाँ पर बैठो (उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बेड में बिठाया और मेरे पैरो में पायल पहना दी)।

    देखो अम्मी है न सुन्दर.

    वो पायल सच में बहुत सुंदर थी, मै बोली. अम्मी – हाँ बेटा सच में बहुत सुंदर है लेकिन इसकी क्या जरूरत थी.

    बेटा – अपनी अम्मी को खुस देखने के लिए मै कुछ भी कर सकता हूँ. ऐसे ही फिर कुछ देर बाद हमने खाना खाया और हम बेड में लेट गए. मेरे अंदर वही बात चल रही थी की कैसे अपने बेटे से बात करू की ये सब क्या है तो अँधेरे में थोड़ा हिम्मत करके मैंने बात करने की सोची. Ammi ko choda sex story

    अम्मी – बेटा आज मैंने तेरे लैपटॉप में कुछ देखा.

    बेटा – क्या अम्मी?

    अम्मी – बेटा वो. ,बेटा देख मै तेरी अम्मी हूँ और जो तूने किया है वो बहुत गलत है.

    बेटा -पेट में हाथ फेरते हुए – क्या हुआ अम्मी साफ़ साफ़ बोलो न.

    अम्मी – बेटा तूने मेरी गन्दी गन्दी फोटोज क्यों रखी है?

    बेटा – अम्मी जब आपको मिस करता हूँ तो रात भर उन्ही फोटोज को देखता हूँ.

    अम्मी – बेटा और सब ठीक है लेकिन तूने मेरी चुपके से कपड़े चेंज वाली फोटोज क्यों खींची.

    बेटा – अम्मी क्युकी आप बहुत सुन्दर हो और मुझे वैसे में आप और भी ज्यादा खूबसूरत लगती हो.

    थोड़ी देर हम दोनों चुप हो गए रूम में सन्नाटा था.

    अम्मी – बेटा तूने नंगी फोटोज में मेरा चेहरा क्यों लगाया है?

    बेटा – अम्मी क्युकी मुझे पता है आप भी उतनी ही सुन्दर दिखती होगी.

    अम्मी – बेटा लेकिन ये सब गलत है.

    अम्मी की चुदाई की कहानी

    बेटा – अम्मी मै बचपन से आज तक बस आपको ही देखता आया हूँ,, मुझे आपको देखना बहुत अच्छा लगता है.

    धीरे धीरे मेरा बेटा मेरे पेट में हाथ फेरने लगा और फिर उसने मेरे बूब्स दबाने सुरु कर दिए.

    अम्मी – आह्ह्ह बेटा ये क्या कर रहा है.

    मैंने उसका हाथ हटा कर फेस उसकी तरफ कर दिया जब तक मै कुछ और बोलती वो मेरे होंठ चूसने लगा. वो पागलो की तरह मेरे होंठ चूमे जा रहा था.

    अम्मी – बेटा मै तेरी अम्मी हूँ ये गलत है.

    बेटा – अम्मी दरवाजे की कुण्डी लगने के बाद आप एक खूबसूरत औरत हो बस जिससे मै सच्चा प्यार करता हूँ.

    अम्मी – बेटा तेरे अब्बू को धोखा नहीं दे सकते हम.

    बेटा – अम्मी आप इतनी हसीं हो अब्बू तो बूढ़े हो गए हैं और आप अभी भी जवान हो, और वैसे भी अब्बू की हर चीज में बेटे का हक़ होता है. और मेरा बेटा मुझसे चिपक गया और मेरे मोटे मोटे बूब्स जोरो से निचोड़ने लगा. Ammi ko choda sex story

    बेटा – आह्ह्ह्हह अम्मी क्या बूब्स हैं आपके कितना तरसा हूँ इनको ऐसे निचोड़ने के लिए.

    अम्मी – आह्ह्ह्ह बेटा धीरे कर दर्द हो रहा है.

    बेटा – अम्मी इतने मोटे मोटे दूध हैं आपके आह्ह्ह कितने मुलायम हैं अम्मीईईईईई…

    फिर मेरा बेटा मेरे ऊपर आ गया और मेरे बूब्स चूसने लगा और मेरे निप्पल काटने लगा.

    अम्मी – आह्ह्ह्ह बेटा आह्ह्ह्ह काट मत दर्द हो रहा है.

    पर वो कहा मेरी सुनने वाला था उसने जल्दी जल्दी में मेरी नाइटी उतार कर फेंक दी और अपने कपड़े भी उतार दिए और मुझसे लिपट गया।

    बेटा – अम्मी आप बहुत प्यारी हो आप से सुन्दर कोई नहीं है दुनिया में.

    अम्मी – बेटा मैंने कभी सोचा भी नहीं था मै अपने बेटे के साथ कभी नंगी सोऊँगी.

    बेटा – अम्मी मै हर रात आपको नंगा करने के ख्वाब देखता था. आप मेरे ख्वाब से भी ज्यादा हसीं हो.

    और मेरा बेटा मेरी मोटी मोटी टाँगे खोल कर मेरी चूत में मुँह लगा देता है और मेरी चूत चाटने लगता है.

    अम्मी – आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह मममम बेटा आआह्ह्ह्हह..

    बेटा – अम्मी अह्ह्ह्ह कितनी टेस्टी चूत है अम्मीई आपकी आआह्ह्ह्ह..

    अम्मी – आअह्ह्ह्ह बेटा अह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्हह मममममम…

    बेटा – आपकी मोटी मोटी टांगो के बीच कितनी प्यारी सी फुद्दी है अम्मी आपकी..

    मेरा बेटा मेरी चूत पागलो के तरह चाट रहा था। मै भी बिस्तर में मछली के जैसे तड़प रही थी. फिर मेरा बेटा मेरे ऊपर आया और मेरे बूब्स चूसने लगा और उसने अपनी 2 ऊँगली मेरी चूत में डाल दी और तेज़ तेज़ अंदर बहार करने लगा.

    अम्मी – आअह्ह्ह आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह बेटा धीरी आअह्ह्ह बेटा..

    बेटा – अम्मी कितनी टाइट चूत है ये! आह्ह्ह्ह लंड डालने से पहले इसको सही से खोल देता हूँ.

    अम्मी – आअह्हह्ह्ह्ह बेटा आअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्हह एआईईईए..

    बेटा – अम्मी प्लीज अपने बेटे का लंड चुसो ना.. फिर मैंने अपने हाथ से अपने बेटे का लंड पकड़ा और मुँह में डाल के प्यार से चूसने लगी.

    बेटा – आअह्ह्ह्ह अम्मी आअह्ह्ह्हह्हह मजा आरा है कितना मस्त चूस रही हो आपपप आअह्ह्ह्ह..

    फिर मैंने बेटे ने मुझे जोर से धक्का दिया मै बेड में गिर गयी और वो मेरे ऊपर चढ़ गया. और मेरी टाँगे खोलने लगा और लंड मेरी चूत से रगड़ने लगा.

    बेटा – अम्मी जिस चीज के लिए आपको बुलाया यहाँ वो अब सच हो रहा है! अम्मी आअह्ह्ह अम्म्मीईई ये मेरा सपना था।

    अम्मी – आअह्ह्ह बेटा तू पागल है आअह्ह्ह्ह..

    बेटा – आह अम्मी आपकी इस चूत के लिए मै बहुत पागल हूँ.

    फिर धीरे धीर मेरे बेटे ने अपना लंड मेरी चूत में एडजस्ट किया और एक झटके में अंदर डाल के मुझसे चिपक गया.

    अम्मी – आअह्ह्ह्ह बेटा ये गलत कर रहे हैं हम.

    बेटा – आअह्ह्ह्हह अम्म्मीईई कितनी मस्त चूत है ये आपकी आअह्ह्ह्हह अंदर डालते ही मजा आ गया.

    फिर मेरे बेटे ने मेरी जोरदार चुदाई सुरु कर दी। वो अब तेज़ तेज़ धक्के मारने लगा.

    अम्मी – आह्ह्ह्हह आआआहहहहह बेटाआआ आअह्हह्ह्ह्ह अम्म्मम्म…

    बेटा – अम्मी मजा आ रहा है? अम्मी आअह्ह्ह्हह कितनी मस्त चूत है आपकी!

    अम्मी – आआअह्ह्ह्ह बेटा आराम से कर आअह्हह्ह्ह्ह…

    बेटा – आअह्हह्ह्ह्ह अम्म्मीईई ये चूत तो तेज़ पेलने के लिए है उममममममम आह्ह्ह्हह..

    अम्मी – बेटा आअह्हह्ह्ह्ह आईईए आआह्ह्ह्हह बेटा धीरे..

    बेटा – अम्म्मीईई इतना मजा कभी नहीं आया जितना आपकी चूत में आ रहा है आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अम्म्म..

    अम्मी – बेटा तेरी अम्मी हूँ रंडी नहीं प्यार से कर बेटे आह्ह्ह्हह्ह…

    बेटा – अम्मी रंडी भी इतना मजा नहीं देगी जितना आप दे रही हो आह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्ह..

    पुरे रूम में हमारी चुदाई की आवाज गूंज रही थी.

    बेटा – अम्मी उलटी होके घोड़ी बन जाओ अपनी मोटी गांड ऊपर करो.

    मै घोड़ी बन जाती हूँ मेरा बेटा पीछे से लंड मेरी चूत में डालता है और मेरे बाल खींचकर धक्के मारना सुरु कर देता है.

    अम्मी – आआह्ह्ह्ह बेटा आआह्ह्ह्ह दर्द हो रहा है धीरे कर अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह..

    बेटा – आह्ह्ह्हह क्या मोटी गांड है अम्मी!! हाय ऐसी गांड तो मैंने सपने में भी नहीं सोची थी.

    अम्मी – बेटा आह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह जल्दी कर मै थक गयी हूँ बेटा…

    बेटा – अम्मी अब तो रोज आपको ऐसे ही पेलूगा रात भर आह्ह्ह्हह्ह अम्मी क्या मस्त टाइट चूत है आपकी.

    अम्मी – बेटा तू इसी चूत से बहार आया है आआह्ह्ह्हह…

    बेटा – हाँ अम्मी तभी तो इसको इतना चोद रहा हूँ.. अम्मी अब आप मेरे ऊपर आ जाओ.

    मै मेरे बेटे के ऊपर आयी और लंड को चूत में डाला.

    बेटा – आह्ह्ह्ह अम्मी कितना मस्त चुदवाती हो आप आअह्ह्ह मेरे ख्वाबो से भी ज्यादा मजा दे रही हो आप!! आअह्ह्ह अम्मी आह्ह्ह्हह अम्मी निकलने वाला है अम्मी..

    अम्मी – आआह्ह्ह्ह बेटा ममममम निकाल दे अंदर ही आअह्ह्ह्हह..

    बेटा – अम्मी अहहहहह उमममममी अम्म्मीईई अम्म्मीईई आह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अम्म्मीईई…

    मेरे बेटे ने कस के मुझे पकड़ लिया और फिर वो मेरी चूत मे अपना माल गिराने लगा। फिर ऐसे ही हम नंगे सो गए एक दूसरे से चिपक कर. अगली सुबह फ़ोन बजता है इसके अब्बू का फ़ोन होता है. Ammi ko choda sex story

    अब्बू – बेटा कैसा है तू अब ठीक है तबियत?

    बेटा – हाँ अब्बू अब अम्मी ने आते ही मेरी तबियत ठीक कर दी पूरी.

    अब्बू – चलो अच्छा है बात करा तो अपनी अम्मी से.

    अम्मी – जी.

    अब्बू – सानिया तू घर कब आ रही है?

    अम्मी – अभी ये बोल रहा है की एक महीने रुक जाओ फिर साथ में घर चलते हैं.

    अब्बू – ठीक है आराम से आना. और फ़ोन कट कर देते हैं. हम दोनों नंगे बिस्तर में होते हैं अब उजाले में मुझे शर्म आ रही होती है, मै फेस अंदर करती हूँ.

    बेटा – अम्मी रात को इतना मजा दे के अब शर्मा रही हो. और फिरसे वो लंड मेरी चूत में डालने लगता है और सुबह सुबह भी मेरी चुदाई करता है

    दोस्तों कैसी लगी आपको मेरी ये कहानी कमेंट ककर ज़रूर बताओ

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  • मामा की लड़की की कुँवारी चूत का मज़ा लिया | Mama ki ladki ko choda story

    Mama ki ladki ko choda story:- हेलो दोस्तों! आप सभी लंडधारियों और चूत की रानियों को मेरा सलाम। आज मै आपको एक रियल स्टोरी बताने वाला हूँ जो मेरे और मेरे मामा की लड़की शीतल के बीच हुई चुदाई की है. पहले मै आप सबको अपने बारे मे बता दूँ। मेरा नाम विजय है और मै राजकोट में रहता हूँ और वहाँ पर जॉब करता हूँ. मै थोड़ा पतला और थोड़ा काला हूँ। मेरी लंबाई 5 फुट 6 इंच है और मेरे लंड का साइज 6 इंच और पूरा काला नाग जैसा है. शीतल के बारे मे बताता हूँ आपको. शीतल की लंबाई 5 फुट 5 इंच की है. उसका रंग एक दम गोरा है, उसके बूब्स का साइज तो कम है लेकिन उसकी गांड बाहर को निकली हुई है और वो थोड़ी मोटी भी है। लेकिन देखने मे बहुत क्यूट लगती है. उसको देखके किसी का भी उसकी चूत में लंड डालने का मन करेगा.

    Mama ki ladki ko choda sex story

    अब स्टोरी पे आता हूँ। बात अभी दिवाली के बाद की है भाइ दूज की. 6 साल हो गए थे मेरे को मामा की घर जाये हुवे.

    उसका फ़ोन आया मुझे दिवाली के टाइम पर कि भाई आप भाइदूज पर घर पर जरूर आना।

    मैंने पहले तो मना किया क्योंकी मुझे थोड़ा काम था. बाद में उसका शाम को वापस फ़ोन आया और तब मैंने उसको हाँ कर दी. अगली सुबह मै बाइक लेके उसके घर पर जाने के लिए निकल गया. एक घंटे में मामा के घर पहुँच गया. 6 साल बाद गया था तो सबने मेरा अच्छे से स्वागत किया. पहले तो मामा से हाथ जोड़कर नमस्ते किया बाद में मामी को और बाद में शीतल की तरफ बढ़ा तो वो मेरे गले लग गई थी. मैंने भी उसको जोर से हग कर लिया. मुझे तब कोई फीलिंग नहीं थी उसके बारे मे उसको चोदने के बारे में. लेकिन जब हम सब बात कर रहे थे सोफे पे बैठ कर तो वो मुझे बड़े ध्यान से देख रही थी और सेक्सी वाली स्माइल दे रही थी। मैंने थोड़ा नोटिस किया. सुबह के टाइम वो नाईट ड्रेस में थी. उसकी वजह से उसका फिगर साफ दिख रहा था. तो मैंने भी सब देख लिया उसके बूब्स बड़े नहीं थे. उसकी गांड उभर कर बाहर निकल आई थी. उसका फिगर करीब करीब 30-28-36 है.

    Mama ki ladki ko choda kahani

    मामा और मामी से थोड़ी देर बात करने के बाद वो अपने अपने काम में लग गए और शीतल मेरे पास आके बैठ गई और मुझसे बात करने लगी. शीतल राजकोट में एमएससी केमिस्ट्री की पढ़ाई कर रही है. सेम सिटी जहां मै जॉब करता हूँ. हमने थोड़ी कॉलेज की बाते की और बाद में उसने मुझे उसके रूम में बुलाया. मै चला गया उसके रूम में. और वहाँ पर हमने थोड़ी बाते की. तब तक दोपहर का खाना रेडी हो गया, तो हम सबने साथ में ही खाया. खाना खाने के बाद मै मोबाइल लेके बैठ गया और मैंने इंस्टा ओपन करके रखा था. उसमे एक दो लड़की की फोटो शीतल ने देख ली और मुझे इशारे में पूछ रही थी कौन है? गर्लफ्रेंड है क्या? मैंने कोई नहीं बोल के बात को ख़तम कर दी. शीतल के रूम में टीवी था तो उसमे उसने मूवी लगाई और मुझे देखने के लिए बुलाया. मै चला गया. अब शुरू होती है असली कहानी, कि कैसे उसकी चूत में मेरा लंड चला गया. Mama ki ladki ko choda story

    मै बेड पे जाके तकिया लेके आराम से बैठ गया. तभी वो मेरे पास आके मेरे बगल में मेरे हाथ के ऊपर सर रख के टीवी देखने लगी. जब हम टीवी देख रहे थे तब उसने टॉप और जीन्स पहना था. टॉप थोड़ा खुला था तो मै मूवी देखने के बजाये उसके टॉप के अंदर बूब्स और ब्रा को देख रहा था। उसका बदन एक दम गोरा था और बूब्स छोटे छोटे थे. मेरा लंड एक दम टाइट हो गया और जीन्स की वजह वो एक दम उठा हुआ दिख रहा था. वो शायद शीतल ने देख लिया. उसने मेरी तरफ मुँह किया और एक सेक्सी स्माइल दी. और वापस टीवी देखने लगी. उसने मुझे पूछा..

    मामा की लड़की शीतल को चोदा

    शीतल – आपकी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?

    मै – सच में कोई नहीं है.

    शीतल – झूठ क्यों बोल रहे हो, मै किसी को भी नहीं बताउंगी.

    मै – सच में कोई नहीं है.

    शीतल – वो थोड़ रुक के बोली तो मुझे ही बना लो.

    मै – थोड़ा शरारत करते हुए बोला बना तो लूंगा, लेकिन जो गर्लफ्रेंड के साथ करूँगा वो तू करने देगी क्या?

    वो थोड़ी देर स्माइल दी और टीवी देखने लगी.

    शीतल – हाँ चलो कर लेना जो आप करना चाहो.

    मै – सोच लो बाद में मना मत करना और गुस्सा भी नहीं.

    शीतल – मुझे मालूम है आप क्या बोल रहे हो! शाम को करना जो करना है, तब आपके मामा मामी दूसरे रूम में सो रहे होंगे.

    Mama ki ladki sheetal ko choda

    अब तो मै बस नाईट की राह देख रहा था की कब नाईट हो और शीतल की चूत मिल जाये. शाम को हमने खाना खाया और थोड़ी देर सब बैठ के बाते करने लगे। मामा मामी के साथ 11 बजे तक बात की। बाद मे मामा मामी सोने चले गए. मेरा बिस्तर बाहर अलग रूम में लगाया था. पर मैंने मेरा वाला रूम बंद किया और मै शीतल के रूम में चला गया. उसके रूम में जाके मै उसके बेड पे जाके बैठ गया. Mama ki ladki ko choda story

    वो बोली मै फ्रेश होके आती हूँ तुम रेडी रहना.

    मैंने दिन मे ही मेडिकल में जाके एक कंडोम का पैकेट और एक वियाग्रा ले रखी थी. वो बाथरूम में गई और मैंने वियाग्रा ले ली और रूम की डोर और विंडो को अच्छी बंद कर दिया. शीतल नहाकर के बहार आयी तो मै देखता ही रह गया. वो सिर्फ बिकिनी में बहार आयी और बाल खुले थे. मुझे उसको देखते ही डबल नशा हो गया, एक वियाग्रा की वजह से मेरा लंड जीन्स में समा नहीं रहा था, ऊपर से वो बिकिनी में बहार आ गयी. मै बेड पर था और वो धीरे धीरे मेरे पास आ गयी और वह अपने बालो को मेरे चहेरे पर लगा रही थी. उसके बालो की खुशबू मुझे और ज्यादा मदहोश कर रही थी. उसने बालो को ऊपर किया और मै उसको किस करने लगा. 15 मिनट उसको किस की और साथ में उसको पूरी नंगी कर दिया. साथ में उसके छोटे बूब्स को भी दबा रहा था. थोड़ी देर बाद मैंने उसको बूब्स का चूसना शुरू किया और उसके मुँह में मैंने दो उंगली डाल दी. जस्ट लाइक पोर्न स्टार.

    Mama ki ladki sheetal ki chudai kahani

    थोड़ी देर बाद मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और उसकी टांगों को फैलाके मैं अपना मुँह उसकी चूत में लगाके सकिंग करने लगा. जब मै उसकी चूत को चाट रहा था तब उसकी चूत के छोटे छोटे हेयर मेरे मुझ में आने लगे साथ में उसने थोड़ा पानी भी छोड़ दिया, जो मै पूरा पी गया. मैंने चूस चुसके उसकी चूत एक दम लाल कर दी. वो आहहहह उम्म्म्म करने लगी और मदहोश हो गई. थोड़ी देर चूत चाटने के बाद उसने मुझे बेड पे सुला दिया और मैंने अपने कपडे निकाल दिए। वो मेरे लंड को चूसने लगी. उसका लंड मुँह में लेने का तरीका बहुत मस्त था. हम दोनों ने पोजीशन चेंज की और 69 में आ गये. मै उसकी चूत चाट रहा था और वो मेरा लंड. 15-20 मिनट बाद मैंने उसको नीचे किया और टाँगे फैलाके उसकी चूत में थोड़ा तेल लगाया और मेरे लंड पर कंडोम और उसके ऊपर तेल. Mama ki ladki ko choda story

    और फिर लंड को उसकी चूत के ऊपर रखा और घुसाने लगा. एक दो बार ट्राई की लेकिन घुसा नहीं बाद में मै नीचे लेट गया और उसको मेरे लंड पर चूत रख कर बैठने को बोला और जैसे ही वो बैठी उसकी चूत फाड़कर मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया और उसकी चूत मे से खून निकल आया. उसको बहुत तेज़ दर्द हुआ तो वो थोड़ा रुक गई. मै भी रुक गया और नीचे से थोड़ा थोड़ा हिलने लगा। 5 मिनट बाद उसका दर्द कम हुआ तो वो लंड के ऊपर उछलने लगी और फुल मज़े ले रही थी. 30 मिनट ऐसे ही चोदकर मैंने उसको नीचे सुलाया और फिर से उसकी टांगे फैलाकर उसकी चूत में लंड घुसाया और ऐसे ही मैंने उसको जोर जोर से चोदा.

    शीतल ने उस रात मेरे साथ दो बार चुदाई की वो भी अलग अलग स्टाइल में, हमने खूब चुदाई की और फूल मजे लिए. तो दोस्तो आपको ये कहानी कैसी लगी कमेंट करके ज़रूर बताना।

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  • पापा ने मौसी को जबर्दस्ती चोदा | Papa ne mausi ki chut mari kahani

    Papa ne mausi ki chut mari kahani-: हेलो फ्रेंड्स! कैसे हो सब लोग? मै अमित एक बार फिर से हाज़िर हूँ एक और सच्ची चुदाई की कहानी लेकर. मेरे घर में मेरे मम्मी पापा, मै और मेरे बड़े भाई बहन रहते है. मेरे पापा की उम्र 42 साल है मेरे पापा सरकारी स्कूल मे टीचर है। मेरे पापा का नाम महेंद्र है. मेरी माँ की उम्र 38 साल है वो हाउसवाइफ है और माँ का नाम चंदादेवी है. छोटी उम्र में मम्मी पापा की शादी हो गयी थी. मेरे से बड़ी बहन पूजा है उनकी उम्र 22 साल है और भाई सतीश की 20 साल. चलो अब कहानी पर आते है.

    Mausi ki chudai ki kahani

    बात गर्मियों की है. जब मम्मी बीमार चल रही थी उनकी पित्त की थैली में पथरी थी तो उनका ऑपरेशन करवाना पड़ा. इससे दीदी पर सारी जिम्मेदारी आ गयी। उनको पढ़ने का भी टाइम नहीं मिल पा रहा था. तो हमने डिसाइड किया की मम्मी की देखभाल और घर के काम के लिए मौसी को बुला ले. मेरी मम्मी की 2 छोटी बहन और है. तो डिसाइड हुआ की बड़ी मौसी को बुलाएँगे. ये सुन कर पापा के चेहरे पर अलग सी मुस्कान आ गयी. पापा ने बड़ी मौसी को कॉल किया पापा खिलखिला कर मौसी से बात कर रहे थे. लेकिन फिर अचानक पापा का मुँह उतर गया.

    मम्मी – क्या हुआ माया (बड़ी मौसी का नाम) आ रही?

    पापा – नहीं वह विदेश घूमने गए है.

    माया मौसी के पति और हमारे मौसाजी विदेश में काम करते और साल में एक बार ही आते जब भी आते उन्हें कही घुमाने ले जाते.

    मम्मी – चलो कोई नहीं फिर मंजू (छोटी मौसी) को पूछ लो वो आ जाएगी.

    पापा ने मंजू मौसी को कॉल किया और उनसे बात की लेकिन पापा के चेहरे पर वो स्माइल नहीं थी जो माया मौसी से बात करते वक़्त थी. पापा ने फ़ोन कट कर दिया.

    मम्मी – क्या बोला मंजू ने?

    पापा – हां मंजू आ रही है कल सुबह ही पहुंच जाएगी.

    ये सुनके हम खुश हो गए क्यूंकि मंजू मौसी हमे बहुत प्यार करती थी। जब भी मिलते हमे अपने से लगा के रखती और अच्छे अच्छे गिफ्ट देती. मंजू मौसी की उम्र 32 साल है उनकी शादी को लगभग 13 साल हो गए. उनके भी 3 बच्चे है सबसे बड़ी बेटी स्नेहा 12 साल की, ध्रुव 10 साल का और साक्षी 9 साल की. मौसी जब भी आती उन्हें साथ लेकर आती. Papa ne mausi ki chut mari kahani

    Sexy mausi ki chut mari

    नेक्स्ट डे मॉर्निंग में मौसी आ गयी. लेकिन इस बार वो अकेले ही आयी थी. फिर हमने साथ में बैठ कर बातें की और खाना खाया. शाम को मै मौसी को लेकर बाजार चला गया और हम सामान ले आये. फिर रात को भी सभी जल्दी सो गए. नेक्स्ट मॉर्निंग हम उठे भाई कोचिंग को निकल गया और मै कॉलेज को. घर पर अब सिर्फ मम्मी, पापा, दीदी और मौसी थे. मम्मी बीमार थी इसलिए पापा ने छुट्टी ले रखी थी और बहन भी घर पर ही थी माँ की देख भल के लिए. मै कॉलेज गया फिर पता चला की हमारे एक टीचर की डैथ हो गयी है तो 2 मिनट्स का मौन रखा और सबकी छुट्टी कर दी. मै भी घर आ गया. घर का मेन डोर बंद था और उसकी एक चाभी पास में पायदान के नीचे रहती थी तो मैंने सोचा डिस्टर्ब न करू और मैंने गेट खोल के चाभी वही रख दी. मैं दरवाजा खोल के अंदर घुसा और शूज निकाल के पानी पीने रसोई में जाने लगा तो देखा मौसी किचन में खाना बना रही है और पापा किसी न किसी बहाने से मौसी की कमर को छूने लगते. थोड़ी देर बाद पापा ने मौसी को पीछे से कस के पकड़ लिया। मै ये देख के चौंक गया और मौसी भी छूटने के लिए कोशिश करने लगी.

    मौसी – हटो जीजा जी छोड़ो भी मुझे..

    पापा – छोड़ने के लिए थोड़ी पकड़ा.

    मौसी – आप क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे..

    पापा – मै कहाँ कुछ कर रहा, ये तो काफी टाइम से किया नहीं तो मेरे अंदर की आग करवा रही.

    मौसी – नहीं जीजा ये गलत है.

    पापा – नहीं कुछ गलत नहीं है साली तो आधी घरवाली होती है.

    फिर पापा मौसी की गर्दन पर किस करने लगे.

    मौसी – नहीं नहीं इस पर बस आपके साढ़ू का हक़ है..

    पापा – तुम्हारे ही नखरे है, माया (बड़ी मौसी) तो एक बार में ही मान गयी थी। वैसे भी तुम्हारी दीदी बीमार है तबसे कुछ किया नहीं है करने दो न.

    ये सुनकर मै हैरान रह गया पापा कितने बड़े चुदक्कड़ है. मम्मी ने मुझे बताया था की जब भी आते है उन्हें छोड़ कर जाते है और अभी पता चला वो माया मौसी को भी अपने लंड का स्वाद दे चुके और अब मंजू मौसी की बारी है. Papa ne mausi ki chut mari kahani

    Sexy Mausi ki chudai ki kahani

    मौसी – नहीं नहीं जीजा ये सही नहीं है.

    पापा – क्या सही नहीं है, बस थोड़ा सा प्यार करने दो.

    और पापा ने मौसी को सीधा करके मौसी की सलवार का नाडा खोल दिया और उनके होठों को किस करने लगे.

    मौसी – अभी ठीक नहीं है कोई देख लेगा.

    पापा – कौन देख लेगा सतीश और अमित तो कॉलेज गए है.

    मौसी – पूजा आ जाएगी वो तो यही है.

    पापा फिर भी नहीं रुके वो मौसी को चूमते जा रहे थे.

    मौसी – अच्छा जीजा जी सुनो अभी ठीक नहीं है हम रात को करते फिर.

    पापा राजी हो गए और एक किस करके रसोई से बाहर आ गए. किचन से बाहर आने से पहले मै बाहर हॉल में जाके बैठ गया. मुझे देख के पापा थोड़ा शोक हो गए.

    पापा – आज कॉलेज नहीं गया था क्या?

    मै – नहीं पापा गया था न.

    पापा – फिर आज इस टाइम पर??

    मै – हां पापा वो हमारे एक टीचर की डैथ हो गयी तो उसी के कारण आज छुट्टी कर दी.

    पापा – अच्छा ड्रेस तो चेंज कर आ.

    मै – हाँ पापा वो जस्ट अभी आया ही था अभी चेंज करने ही जा रहा.

    फिर मैंने ड्रेस चेंज की और अपने कमरे का दरवाजा बंद करके पोर्न देखने लेगा. मेरे दिमाग में यही चल रहा था की आज पापा मौसी को चोदेंगे. फिर दोपहर हो गयी हम सबने खाना खाया मौसी और दीदी मम्मी के पास सो गए। पापा मम्मी की दवाई लेने चले गए और भैया लाइब्रेरी. मैं आज पापा और मौसी की गतिविधियों को ध्यान से देख रहा था. आज पापा थोड़े खुश दिख रहे थे। उन्होंने मुझे रूपए दिए और बाहर से सबके लिए आइस क्रीम लेने को भेज दिया। मै आइसक्रीम ले आया और सबने खायी. कब 7 बज गए पता ही नहीं चला। मौसी फिर खाना बनाने चली गयी साथ में उनके दीदी भी चली गयी. थोड़ी देर बाद हम सबने खाना खाया और पढ़ने बैठ गए. थोड़ी देर बाद हम सब सोने चले गए. वैसे तो हमारे घर में 2 रूम और 1 बैठक और 1 किचन और बड़ा सा हॉल है। लेकिन कलर एक ही होने के कारण हम सब गर्मियों में हॉल में सोते. दरवाजे पर कलर लगा देते. फिर पहले चारपाई पर दीदी और मौसी, फिर उससे आगे की चारपाई पर मम्मी, फिर मै और मेरा भाई और लास्ट वाली चारपाई पर मेरे पापा. Papa ne mausi ki chut mari kahani

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    सब सो गए लेकिन मै बस पापा और मौसी की चुदाई के बारे में सोच रहा था और सोचते सोचते मुझे भी पता नहीं चला कब नींद आ गयी. थोड़ी देर बाद खुसुर फुसुर से मेरी आंख खुल गयी. तो मैंने देखा मेरे सामने वाली चारपाई पर जिसपे पापा सोते है उसपे मौसी भी थी. पापा बनियान और अंडरवियर पहन के सोते तौलिया साइड में रख देते उतार के. मैंने देखा पापा एक दम नंगे थे और मौसी की सलवार उनसे अलग दोनों ने कूल्हों पर तौलिया लगा रखा था और मौसी की चूत चोद रहे थे. मौसी टेढ़ी सो रही थी और उनका एक पैर थोड़ा हवा में था और उनके मुँह से आवाज निकल रही थी..

    आआह्ह्हह्ह्ह्ह उहह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हह ममाँआहहह थोड़ाआ धीरे आआह्ह्ह छोड़ओऊओ आअह्ह्ह जीजाजी…

    पापा ने तौलिया हटा दिया ऊपर से मुझे अभी चूत में घुसा लंड साफ़ दिखाई दे रहा था. मौसी की चूत काली थी और चूत पर झांट भी थी काफी टाइम से बाल साफ़ नहीं किये हुए लगता.

    मौसी – ये क्या किया ऊपर से हटा क्यों दिया…?

    पापा – यार मै भी पागल हूँ भूल गया था.

    मौसी – क्या भूल गए?

    पापा – अरे कोई नहीं उठने वाला तो शर्म कैसी.

    बोलके एक खींच के धक्का मार दिया मौसी की चीख निकल गयी.

    मौसी – धीरे करो जीजाजी थोड़ा मै कही भागी थोड़े जा रही हूँ और कोई क्यों नहीं उठेगा..

    पापा – वो मैंने तुम्हारी दीदी की नींद की गोली सबको खिला दी दूध में मिला कर.

    पापा ने मौसी को चोदा

    तभी मेरा दिमाग खनका आज पाप सबको दूध क्यों दे रहे थे हमेशा तो मम्मी देती थी. तब मुझे लगा था पापा ने सोचा मेरी मम्मी बीमार है तो दिया होगा. लेकिन मुझे अभी समझ में आया माजरा क्या है. लेकिन पापा को नहीं पता मैंने दूध पिया ही नहीं था। उसमे मक्खी पड़ गयी तो मैंने उसको बाहर नाली में गिरा दिया था. इसे किस्मत बोले या क्या की मैंने दूध नहीं पिया. इधर मैंने देखा पापा खड़े हो गए और लाइट ऑन कर दी. Papa ne mausi ki chut mari kahani

    पापा – आज तो मेरी जान को उजाले में चोदूँगा, अंधेरे से ज्यादा उजाले में ज्यादा मजा आता.

    मौसी – (पापा के गालों की पापी लेते हुए) – अच्छा जीजा जी.

    पापा – मुझे जीजा जी नहीं बोलो अब तुम मेरी पत्नी हो मुझे जान बोलो.

    मौसी – अच्छा जी जो हुकुम आपका जानु.. और मौसी हंस दी.

    मौसी की चूत की चुदाई की हिन्दी कहानी

    पापा ने मौसी के सूट को उतार दिया. पहले मौसी के दूध को सूट के अंदर से ही बाहर किया हुआ था. अब मौसी पूरी नंगी थी। मौसी ने ब्रा नहीं पहन रखी थी। मौसी का दूध उनके नंगे बदन पर झूल रहा था. पापा ने अपना लंड आगे करके मौसी के हाथों में रख दिया और मौसी को बैठने को कहा. मौसी बैठ गयी.

    पापा – जरा इसको अपने मुँह की सैर तो करवाओ.

    मौसी – छी नहीं जीजा जी मुँह में नहीं..

    पापा – अरे मजा आएगा चाट के देखो.

    मौसी – नहीं मुझे अच्छा नहीं लगता.

    पापा – अरे मेरी रानी एक बार लेके तो देखो.

    मौसी – नहीं तो नहीं मैंने कभी नहीं लिया ये मुँह में.

    लेकिन पापा ने जबरदस्ती मौसी का मुँह खोला और अपना लंड उनके मुँह में देके अंदर बाहर करने लगे. मेरे पापा ने इतनी जोर से मौसी का मुंह पकड़ा था की मौसी दर्द के मारे रोने लगी.

    पापा – मेरी जान रो क्यों रही हो??

    मौसी – आप बहुत गंदे हो.

    पापा – गन्दा क्या मै तो प्यार कर रहा.

    मौसी – ऐसे क्या जबरदस्ती दिखा के प्यार होता.

    फिर पापा ने अपने लंड को मौसी मुंह से निकाला और उनके चेहरे पर किस करके करके उन्हें मनाने लगे. थोड़ी देर बाद मौसी भी नार्मल हो गयी और पापा का साथ देने लगी. पापा ने फिर मौसी को चारपाई पर चित लेटाया और उनके चूत की फाँकों पर अपना मुँह टिका लिया. Papa ne mausi ki chut mari kahani

    मौसी – छी जीजाजी आप क्या कर रहे हो.

    पापा – तुम्हारे चूत के अमृत को चख रहा हूँ.

    मौसी – हटो आओ यहाँ से वो (मेरे मौसा जी) भी कभी नहीं किये ऐसा.

    पापा – बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद.

    Chhoti mausi ki chudai ki kahani

    और हँसकर मौसी की चूत को लपड लपड चाटने लगे. मौसी एक दम मदहोश हो चुकी थी। वो पापा के बालों में हाथ फेर रही थी। 5 मिनट्स की चटाई में मौसी की चूत ने पानी छोड़ दिया और पापा उसे पी गए. फिर पापा मौसी के ऊपर आये और धुआँधार किस करने लगे और फिर उनके दूध को अपने मुँह में ले लिए।

    मौसी – और कितना तड़पाओगे अब अंदर डाल भी दो..

    पापा – रुको मेरी जान अभी अच्छे से मजे तो लेने दो.

    लगभग 10 मिनट तक पापा ने मौसी के शरीर पर जगह जगह अपने दांतों के निशान छोड़ दिया। मौसी को दर्द हो रहा था लेकिन पापा को फरक नहीं पड़ रहा था. फिर पापा मौसी के ऊपर से हटे और मौसी को अपनी बाँहों में उठा के उनकी चूत में लंड डाल दिया। थोड़ी देर बाद पापा ने मौसी को डोगी स्टाइल में चोदा. लगभग 20 मिनट्स तक पापा मौसी को अलग अलग पोजीशन में चोदते रहे और फिर झड़ गए और अलग हो गए. Papa ne mausi ki chut mari kahani

    मौसी – आज आपने मुझे खुश कर दिया.

    पापा – अच्छा जान.

    मौसी – हाँ इतना मजा तो वो भी नहीं दिए कभी जितना आप दिये हो.

    पापा – अब तो रोज ही दूंगा मजे जब तक यहाँ हो.

    फिर दोनों किस करने लगे थोड़ी देर बाद पापा का फिर खड़ा हो गया और पापा ने एक राउंड और मौसी की जबरदस्त चुदाई की. फिर दोनों उठके बाथरूम गए और कपडे पहन कर अपनी अपनी जगह सो गए.

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